<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ आदिवासी समाज]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/aadivaasii-smaaj</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/aadivaasii-smaaj" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 26 Jun 2023 12:53:08 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[शहडोल के बगीचे में पीएम चखेंगे मिलेट्स का स्वाद ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-to-visit-shahdol-in-madhya-pradesh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OJpFUMASAqZVRbBQ8uCl.jpg"><p>"<em>कभी हम मजदूरी करते थे. गांव में भी कोई अलग से नहीं पहचानता था. जब से समूह बनाया और इसमें जुड़े, स्वयं सहायता समूह ने हमारी आर्थिक दशा ही बदल दी. और अब तो जब से सुना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे समूह के हाथों से बना भोजन का स्वाद लेंगे, जब से गांव में और अधिक लोग सम्मान की नज़र से देखने लगे.इससे बड़ा सम्मान कुछ नहीं. हम मोटे अनाज (Millets) से भोजन बनाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी को हमारे हाथ का बना भोजन बहुत पसंद आएगा.</em>"  शहडोल जिले के स्वयं सहायता समूह की सदस्य रेखा वर्मा ने बहुत ख़ुशी से ये बात कही.</p>
<p><strong>मध्यप्रदेश</strong> (Madhya Pradesh) के <strong>शहडोल</strong> (Shahdol) में इन दिनों <strong>आजीविका समूह</strong> की सदस्यों में जबरदस्त उत्साह है. <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-welcomed-pm-modi-in-madhya-pradesh"> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शहडोल जिले में </a>आम पेड़ के नीचे बैठ कर भोजन करेंगे. पीएम की इच्छानुसार ये <strong>भोजन केवल स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) की महिला सदस्य बनाएंगी.</strong> खास बात यह है कि <strong>मिलेट्स (Millets) से तैयार भोजन</strong> को खास अंदाज़ में परोसा जाएगा. इसमें <strong>कोदो-कुटकी, ज्वार,बाजरा जैसे मोटे अनाज का उपयोग</strong> किया जाएगा. इस पहल से जहां <strong>महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन</strong> मिलेगा, वहीं <strong>यूएन का मिशन 'मिलेट्स 2023' वर्ष (International Year of Millets 2023) </strong>को और मजबूती मिलेगी. इस पूरे कुकिंग प्रोसेस में पीएमओ के कुक्स को दूर रखा गया है. <strong>27 जून को शहडोल के लालपुर हवाई पट्टी</strong> से पीएम मोदी पकरिया गांव पंचायत जाएंगे. जहां यह चौपाल जमेगी. </p>
<p><img alt="PM Modi to visit Shahdol MP" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/rXfO4WE0BOBfxCLkTZyH.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>सीएम शिवराज सिंह पीएम मोदी के दौरे के पहले पहुंचे, फल विक्रेता महिला से खरीदे जामुन, देखी दूसरी व्यवस्था (फोटो क्रेडिट : अरविंद पांडेय, शहडोल)</em></span></p>
<h3>39 समूह और 442 दीदियां </h3>
<p><strong>शहडोल जिले </strong>के <strong>पकरिया पंचायत</strong> में स्वयं सहायता समूह (SHG) के <strong>39 समूहों में 442 महिलाएं आत्मनिर्भर है</strong>. आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक विष्णुकांत विश्वकर्मा कहते हैं -"<em>यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कई तरह के रोजगार से जुड़ीं हैं. इनमें इस पंचायत की ही 200 महिला सदस्य तो लखपति की श्रेणी में है. पीएम मोदी की विजिट का सुनकर ही समूह की दीदियां बहुत खुश हैं. इनमें से छह दीदियां पीएम से सीधे बात कर सकेंगी. भोजन के लिए भी खास सदस्यों ने तैयारी की है. इस विजिट के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास और बढ़ेगा."</em></p>
<p>इस बातचीत में शामिल होने वाली समूह की मीरा यादव कहती हैं -"<em> मैंने तो कभी सोचा भी नहीं था कि पीएम मोदी से बात कर पाऊंगी. आजीविका मिशन (Ajeevika Mission) ने हमें आर्थिक मजबूत बना दिया. पीएम जो जानना चाहेंगे,उसका जवाब अच्छे से दूंगी.</em>"</p>
<p>जिले में लगभग साढ़े <strong>12 हजार समूह (SHG)</strong> में महिलाएं रोजगार से जुड़ीं हैं.</p>
<h3>पत्तल-दोने और बाजरे का सूप</h3>
<p>पीएम मोदी के लिए भोजन की खास तैयारी की है. पूरी तरह से <strong>ट्रेडिशनल कल्चर</strong> का सीन तैयार किया गया.<strong> जिला प्रशासन</strong> ने पीएम के लिए <strong>चौपाल की तैयारी</strong> की. यहां तखत पर बैठ कर <strong>पीएम बात करेंगे</strong>. <strong>पत्तल-दोने में भोजन परोसा जाएगा</strong>. कुक टीम में शामिल रेखा वर्मा कहती हैं -"<em>हम टीम में अलग-अलग समूह की 24 महिलाएं शामिल हैं. मोटे अनाज (Millets) से बाजरे का सूप,कोदो भात जैसे स्वादिष्ट भोजन परोसे जाएंगे.पीएम के साथ लगभग 200 दूसरे मेहमानों का भी इसी तरह स्वागत किया जाएगा. हमारी पूरी तैयारी है."</em>  प्रशासन ने पत्तल-दोने तैयार करवाए हैं. जिला<strong> कलेक्टर वंदना वैद्य</strong> ने पूरे आयोजन की <strong>व्यवस्थाओं को चेक किया</strong>. उन्होंने स्वयं सहायता समूह की उन सदस्यों से बात की जो खासतौर पर पीएम के लिए भोजन बनाएंगी.वैद्य ने निर्देश दिए कि बाहर से आ रहे मेहमानों को को किसी प्रकार कि परेशानी न हो. आयोजन स्थल पर सीईओ जिला पंचायत हिमांशु चंद्र ने भी निरीक्षण कर आजीविका मिशन के अधिकारियों से बात स्वयं सहायता समूह सदस्यों की अपडेट ली.      </p>
<p><img alt="PM Modi shahdol MP visit" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/DOAP3u4L9YjqIX13t9oS.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>पीएम दौरे के पहले पकरिया गांव में जिला प्रशासन और दूसरे अधिकारी तैयारी में जुटे (फोटो क्रेडिट : अरविंद पांडेय, शहडोल)</em></span></p>
<h3>महिला ताकत की मिसाल पकरिया !  </h3>
<p>शासन ने <strong>शहडोल के बुढ़ार जनपद के आदिवासी इलाके पकरिया गांव</strong> को खास वजह से चुना. यहां कई बरसों से महिला ताकत ही मिसाल बनी हुई है. महिला सशक्तिकरण में जहां स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने अलग पहचान बनाई वहीं इस गांव की पंचायत की कमान भी महिलाओं के हाथों में है. लगभग पांच हजार आबादी की इस पंचायत की सरपंच गेंदबाई बैगा कहती हैं -"<em> पिछली बार भी पांच साल सरपंच रही. इस बार भी मुझे मौका मिला. 20 वार्ड में से 13 वार्ड में महिला ही पंच हैं. इनमें कई निर्विरोध चुनी गईं. मुझे ख़ुशी है कि पीएम हमारे गांव आ रहे. पंचायत में और विकास होगा." इसी पंचायत में उपसरपंच रेखा दीपक चौधरी का भी यह दूसरा टर्म है. रेखा भी निर्विरोध चुनी गई. रेखा कहती है -" गांव में कोई विवाद नहीं. सभी लोग महिलाओं का सम्मान करते हैं. हमारी पूरी टीम उत्साह से पीएम का स्वागत करेगी." </em></p>
<p><img alt="PM Modi shahdol MP visit" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/PLRV3UH7H3Ejgi3hRhWH.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>गेंदबाई बैगा, सरपंच, पकरिया (फोटो क्रेडिट : अरविंद पांडेय, शहडोल)</em></span></p>
<h3>बगीचे में तीन तखत और 200 खाट </h3>
<p>पकरिया को खास तरह से सजाया गया. यहां ट्राइबल कल्चर को खास फोकस किया. <strong>बगीचे की ज़मीन को गोबर से लीपा गया</strong>. पीएम मोदी के लिए D लाइन में सागौन के तीन तखत लगाए जाएंगे. सामने <strong>200 परंपरागत खाट लगाए जाएंगे.</strong> यहां मोदी <strong>स्वयं सहायता समूह</strong> की सौ से ज्यादा सदस्यों से मिलेंगे. यहीं <strong>आदिवासी समाज</strong> के मुखिया, कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों से भी बात करेंगे. पीएम के स्वागत के लिए खासतौर पर आदिम जाति विभाग ने बैगा जैकेट तैयार करवाया, जो मोदी को गिफ्ट में दिया जाएगा. इसके अलावा महिलाओं द्वारा वीरन माला भी बनाई गई जो मोदी को दी जाएगी. मोदी पहले लालपुर हवाई पट्टी पर आएंगे. यहां लगभग एक घंटे रुक कर पकरिया आएंगे. यहां वीरांगना रानी दुर्गावती यात्रा भी पहुंचेगी. मोदी यहां <strong>सिकलसेल 2047 मिशन</strong> (Sicklecell Mission 2047) को हरी झंडी भी दिखाएंगे. उम्मीद की जा रही है कि मोदी का यह प्रदेश में यह दौरा स्वयं सहायता समूह  (Self help group) की लाखों महिलाओं के सशक्तिकरण,आत्मविश्वास के साथ परंपरागत खेती मोटा अनाज (Millets) को भी बढ़ावा देगा.      </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Mon, 26 Jun 2023 12:53:08 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-to-visit-shahdol-in-madhya-pradesh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OJpFUMASAqZVRbBQ8uCl.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OJpFUMASAqZVRbBQ8uCl.jpg"/></item><item><title><![CDATA[टंट्या भील 90.8 FM का माइक संभालती आदिवासी महिलाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/aadhi-aabadi/adivasi-women-give-message-of-social-change-from-radio-tantya-bhil-908-fm</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tFOU1iKWcxzEVLxJrzWX.jpg"><p>रेडियो हमेशा से ही न केवल मनोरंजन का, पर अपने विचारों को साझा कर समाज में बदलाव की पहल करने का साधन रहा है. वैसे तो रेडियो की जगह अब इंटरनेट ने ली है, पर कुछ जगहों पर आज भी ये अपने विचारों और भावों को व्यक्त करने का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला साधन बना हुआ है. झाबुआ की महिलाओं ने भी रेडियो को अपनी बात समाज तक पहुंचाने का साधन बनाया. रेडियो स्टेशन टंट्या भील 90.8 एफएम ने झाबुआ में सामाजिक मुद्दों और सामुदायिक विकास के मुद्दों पर बात करने की लिए महिलाओं को विशेष अवसर दिया.</p><p>हाल ही में, जिले के विभिन्न हिस्सों से महिलाएं आदिवासी समाज में दहेज प्रथा, शराब और डीजे प्रथाओं सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर बोलने के लिए एक साथ आईं. इन प्रथाओं को उन्होने आदिवासी समाज के पिछड़ेपन और क़र्ज़ में डूबने की बहुत बड़ी वजह बताई. परिवार अक्सर कर्ज में डूबे रहते हैं और इसकी वजह से उन्हें पलायन करना पड़ता है. इससे स्वास्थ्य समस्याओं, शिक्षा की कमी और स्थानीय नौकरियों की कमी सहित कई समस्याएं पैदा हुई और कई प्रकार की घटनाएं, उत्पीड़न और अपराधों में भी बढ़ोतरी दिखी.</p><p>नवापाड़ा, झरनिया, हत्यादेली और मुंदत गांव की में संगठन की महिलाएं अपने गांवों में इन बुराइयों को खत्म करने के लिए जागरूकता पैदा करने का काम कर रही हैं. वे अपने गांव में इन मुद्दों पर जिला प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैयार हैं. जत्थे से सेवली परमार का कहना है कि जिला कलेक्टर, सरपंच, पटेल और गांवों के सभी मुखियाओं के साथ मिलकर नियम तय करना होगा. रेडियो स्टेशन के ज़रिये महिलाओं ने प्रशासन से सहयोग मांगा.</p><p>महिलाओं ने समुदाय और प्रशासन के लिए संदेश भी रिकॉर्ड किये जो रेडियो टंट्या भील 90.8 एफएम पर प्रसारित किये जायेंगे. ये इसीलिए संभव हो सका क्योंकि इन महिलाओं ने संगठित होकर ग़लत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने की और स्थिति को ख़ुद बदलने की हिम्मत की.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Fri, 14 Apr 2023 15:43:28 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/aadhi-aabadi/adivasi-women-give-message-of-social-change-from-radio-tantya-bhil-908-fm]]></guid><category><![CDATA[आधी आबादी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tFOU1iKWcxzEVLxJrzWX.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tFOU1iKWcxzEVLxJrzWX.jpg"/></item></channel></rss>