<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ आंगनवाड़ी]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/aangnvaaddii</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/aangnvaaddii" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 29 Apr 2023 14:08:00 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA["ग्रीन ग्वालियर, क्लीन ग्वालियर" ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/green-gwalior-clean-gwalior-planning-by-gwalior-officials</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/c0eg2GuvJHsdnaHeMLnI.png"><p dir="ltr">2014 में जब से प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छ भारत अभियान' की शुरुआत की, तब से देश की जनता में सफाई की प्रति एक नए जोश देखने को मिला. इंदौर इस दौड़ में 6 साल से सबसे आगे है. 'ग्रीन ग्वालियर क्लीन ग्वालियर' के नारे के साथ ग्वालियर भी इस मुहीम में आगे आने के प्रयास में लगा हुआ है.</p><p dir="ltr">ग्वालियर संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने बुधवार को बाल भवन में आयोजित पौधा रोपण प्लानिंग की बैठक में कहा- "शहर व उसके आस-पास वृक्षारोपण करने व सभी पौधों का संरक्षण करने के लिए सभी को मिलकर साथ आना होगा. सभी विभाग, संस्थायें एवं सामाजिक कार्यकर्ता पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और इस अभियान को घर-घर पहुँचाएं, जिससे जिले का प्रत्येक घर पौधा रोपण अभियान में जुड़ सके. जिसके यहां जगह है वह अपने आंगन अथवा भवन परिसर में और जिसके यहां जगह नहीं है वह गमलों में पौधा रोपण कर इस अभियान में सहभागी बनें." बैठक में कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा- "यदि हमारा ग्वालियर हरा भरा होगा तो स्वच्छ भी होगा और शहरवासी स्वस्थ रहेंगे. इसलिए सभी लोग मिलकर जिम्मेदारी के साथ अधिक से अधिक पौधा रोपण करें और पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लें."</p><p dir="ltr">नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह ने कहा- "नगर निगम ग्वालियर द्वारा आगामी पौधा रोपण को लेकर योजना तैयार की है जिसमें हम शहर के लगभग 110 अर्धविकशित पार्कों में प्लांटेशन करेगें तथा नये रोड पर डिवाइडर व अन्य स्थानों पर जगह चिन्हित कर पौधा रोपण की योजना तैयार कर ली है." सीईओ जिला पंचायत विवेक कुमार ने कहा- "जिला पंचायत द्वारा मनरेगा के प्रोजेक्ट में तथा अन्य नई लोकेशन चिन्हित करने के साथ ही घाटीगांव के आस-पास पौधा रोपण किया जाएगा. इसके साथ ही अमृत सरोवर योजना तथा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल व आंगनवाडी क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाएगा."</p><p dir="ltr">पूर्व संभागीय आयुक्त बीएम शर्मा ने कहा- "इस बार मौसम विभाग द्वारा इस क्षेत्र में कम बारिश की संभावना व्यक्त की है इसलिए हमें कम पानी वाले पौधों का चयन करें. इसके साथ ही डिवाइडर इत्यादि पर पौधे लगाते समय उसकी जिम्मेदारी समिति को दें तथा समिति को प्रशिक्षित भी करें. शहरवासियों में पर्यावरण के लिए निजी प्रयासों के आधार पर सबसे अच्छे गार्डन, टैरिफ गार्डन के बारे में सबको बताएं और उन्हें पुरुस्कार भी दें." ग्वालियर शहर की तरफ से लिया गया यह कदम एक बहुत बड़ी पहल है. देश के हर जिले में इस सोच की बहुत ज़रूरत है. जिस तरह गर्मी का स्तर बढ़ रहा है, देश में ऐसी पहल की बहुत ज़रूरत है. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी इस योजना को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. भविष्य की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना सिर्फ सरकार के लिए ही नहीं बल्कि हर व्यक्ति के लिए ज़रूरी है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 29 Apr 2023 14:08:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/green-gwalior-clean-gwalior-planning-by-gwalior-officials]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/c0eg2GuvJHsdnaHeMLnI.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/c0eg2GuvJHsdnaHeMLnI.png"/></item><item><title><![CDATA[मीरा बनी मर्दानी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/meera-with-200-shg-women-destroyed-liquor-distillery</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/aH1Iohb8fmtoZe599JYn.jpg"><p>अबला समझ कर महिला को आज तक बहुत दबाया गया है. उनके साथ ज़ोर ज़बरदस्ती से ना जाने कितने गलत काम भी किये गए. और इन सब अनहोनियों का सबसे बड़ा कारण कहीं न कहीं शराब बनी हैं. देश दुनिया में महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार और ज़ुल्म में शराब भी एक कारण है. भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत से कानून बनते रहे हैं. शराब के मामले में भी सरकार आए दिन कुछ न कुछ नया करती रहती हैं. भारत में गुजरात के बाद बिहार को 'ड्राई स्टेट' बना दिया गया . </p>
<p>भले ही बिहार और गुजरात में शराब खुलेआम नहीं बिक रही हो, लेकिन ये बात किसी से छुपी नहीं हैं की शराब का कला धंधा दोनों ही राज्यों में दिन दुगना रात चौगुना बढ़ रहा हैं. काला बाज़ारी के बढ़ते हुए इस जंजाल में ना जाने कितने मासूम लोग फास जाते हैं. शुरुआत किसी एक से होती हैं, और शिकार उससे जुड़ा हर व्यक्ति हो जाता हैं. जहरीली शराब इस शराबबंदी का खतरनाक पक्ष हैं. इन 'सो कॉल्ड ड्राई स्टेट्स' में जहरीली शराब कई मौतों का कारण बनी हैं.</p>
<p>महिलाओं ने बहुत सहन करा, लेकिन जब बात हद से आगे बढ़ जाए, तो लड़की हो या औरत, तो उसे महिषासुर मर्दिनी का रूप लेना पड़ता है. मीरा ने बिहार में भी यहीं रूप लिया, उसने यह बात साबित कर दी की आज महिलाएं किसी से कम या कमज़ोर नहीं है. ग्रामीण महिलाओं को एकजुट कर जब मीरा सड़क पर उतरी तो देखते ही देखते उन्होनें अवैध शराब की दर्जनों भट्टियां तबाह कर दीं. </p>
<p>अपने इलाके में पूर्ण शराब बंदी लागू होने से पहले ही मीरा ने गांव की महिलाओं को इकठ्ठा करके 200 से ज़्यादा SHG तैयार किये,  जो अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ़ आवाज़ उठा रहे थे. बात सिर्फ़ भट्टियां तबाह करने तक ही सीमित नहीं है. जो लोग इन अवैध भट्टियों को चला रहे थे, उनकी भी अच्छी खासी खबर ली गई. मीरा का डर इस कदर लोगों में मन में बैठ गया की बहुत से लोगो ने तो शराब को हाथ तक लगाना बंद कर दिया. </p>
<p>वर्ष 1996 से वर्ष 2002 तक नेट्रोडेम जमालपुर से फील्ड वर्कर के रूप में जुड़कर मीरा ने अलग-अलग गांव में 200 से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया. अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण समिति के जिला स्तरीय कमेटी के सदस्य के रूप में कार्य कर चुकी मीरा फिलहाल आंगनवाड़ी सेविका हैं. भले ही अब वे सेविका के रूप में दुनिया के सामने हैं , लेकिन उन्होनें आज तक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम बंद नहीं किया. कोसी त्रासदी के दौरान मीरा ने सहरसा जाकर कैंप में रह रही महिलाओं को बांस से बनने वाली चीज़ों के बारे में बताया और स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया. </p>
<p>मीरा के सामाजिक कार्य को देखते हुए बिहार वैलेंट्री एसोसिएशन पटना ने उन्हें वर्ष 2008 में सम्मानित भी किया. वहीं वर्ष 2006 में दिल्ली में आयोजित महिला उनमुखी कार्यशाला में बिहार का एकमात्र महिला प्रतिनिधि प्रतिनिधि के रूप में भाग लेने का अवसर मिला. मीरा ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की समस्या को प्रमुखता से सामने रखा और इसके लिए मीरा ने गांव में महिलाओं के हित के लिए अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ खुलकर आगे आईं. आंगनवाड़ी सेविका के रूप में कार्य कर रही मीरा हमेशा महिलाओं के हित की रक्षा को लेकर आज भी अपनी आवाज को बुलंद कर रही है. </p>
<p>वर्ष 2003 से 2007 तक कैथलिक चर्च बरियारपुर से जुड़कर मीरा ने क्षेत्र में 250 स्वयं सहायता समूह बना कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा. वहीं गंगा दियारा क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिविर का आयोजन कराया जिसमें महिलाओं को सत्तू, बेसन, मसाला, अगरबत्ती, पापड़ आदि बनाने का प्रशिक्षण दिलाकर काम से जोड़ा.</p>
<p>मीरा देवी ने बिहार में ऐसे कितने ही स्वयं सहायता समूह शुरू करवाए जिनमें आज महिलाएं अपनी रोज़ी रोटी कमा रही है और अपने परिवार को मदद भी कर रही है. मीरा देवी ने जो काम किया उसकी जितनी सरहाना की जाए कम है. सिर्फ़ बिहार में ही क्यों, अगर पुरे देश की महिलाएं अपने स्वयं सहायता समूह तैयार करे और ऐसे गैरकानूनी धंधो को बंद करवा दे, तो देश को सुधरने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 04 Apr 2023 16:29:55 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/meera-with-200-shg-women-destroyed-liquor-distillery]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/aH1Iohb8fmtoZe599JYn.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/aH1Iohb8fmtoZe599JYn.jpg"/></item></channel></rss>