<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ आयुर्वेद]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/aayurved</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/aayurved" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 09 May 2023 17:26:51 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[बैम्बू राइस बना आर्थिक आज़ादी का ज़रिया ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/rare-bamboo-rice-returns-to-odisha-helping-women-shgs-in-balasore</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BLWyx08xF0ewIrXo2QXX.png"><p>भारत चावल का एक बड़ा उत्पादक और निर्यातक है. यहां चावल की 6 हज़ार से ज़्यादा किस्मों की खेती की जाती है, जो न सिर्फ भारत में, पर विदेश में भी काफी पसंद की जाती है. इन्हीं किस्मों में शामिल है ओडिशा का बांस का चावल या बैम्बू राइस (Bamboo Rice). ये चावल की विशेष किस्म है जो सूखते हुए बांस में उगता है. बांस के पेड़ में फूल आने का मतलब होता है कि वो पेड़ मरने वाला है. बैम्बू राइस या बांस का चावल मरते बांस  की आख़िरी निशानी है. यह असल में बैंबू का बीज होता है जो चावल जैसा दीखता है, जिसे कई जनजातियों में खाया जाता है. </p>
<p>बालासोर (Balasore) सहित ओडिशा (Orissa) के कई हिस्सों में इस फ़सल से कई आदिवासियों का रोज़गार जुड़ा है. बालासोर के बरुनसिंह पंचायत के मालगांव में एक महिला स्वयं सहायता समूह (Self Help groups-SHG) ने बांस के चावल की कटाई की कला में महारत हासिल कर ली. इस अनोखे चावल को बाज़ार में बेचकर ये महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला रही हैं. यह चावल आसानी से नहीं मिलता है क्योंकि आमतौर पर बांस के पेड़ में 50-60 साल बाद फूल निकलते हैं. ये कहना ग़लत नहीं होगा कि 100 साल में 1-2 बार ही बांस के चावल उगते हैं. साफ़-सुथरा बांस का चावल इकट्ठा करने के लिए काफी मेहनत और समय लगता है, जिससे यह दुर्लभ और बाद में महंगा हो जाता है. </p>
<p>आयुर्वेद में इसका प्रयोग फैट कम करने, पॉइजनिंग खत्म करने और वॉर्म इन्फेस्टेशन ठीक करने में किया जाता है. इसका स्वाद हल्का मीठा और कसैला होता है. बैम्बू राइस स्ट्रेंथ और इम्यूनिटी को बढ़ाने में फायदेमंद है. बैम्बू राइस को बेच स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आमदनी को बढ़ाने के साथ इस पौष्टिक चावल के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही हैं.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Tue, 09 May 2023 17:26:51 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/rare-bamboo-rice-returns-to-odisha-helping-women-shgs-in-balasore]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BLWyx08xF0ewIrXo2QXX.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BLWyx08xF0ewIrXo2QXX.png"/></item><item><title><![CDATA['आयुष' के साथ SHG महिलाएं सीखेंगी नए कौशल ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-will-learn-new-skills-with-ayush-ministry</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/XEfYHnA1eK3MKWTGxirN.jpeg"><p dir="ltr">आज तक SHG महिलाओं के बारे में जितना पढ़ा, उसमे हमेशा उनके अंदर का जोश और जज़्बा साफ़ दिखा. SHG से जुड़ी किसी भी महिला की कहानी से ये ही समझ आएगा कि उन्होंने अपना हक़ पाने के लिए और जीवन सुधारने के लिए हर मुमकिन काम किया. लेकिन शायद एक कमी जो लगभग हर ग्रामीण महिला की ज़िन्दगी में रह गयी, वो है पढ़ाई लिखाई.    </p>
<p dir="ltr">गांव की महिलाओं को उनके घर में ही इतना दबा छुपा के रखा गया कि उन्हें कभी पढ़ने-लिखने की ज़रूरत ही महसूस नहीं हुई. लेकिन जैसा हम जानते हैं बीज को मिट्टी में दबाया ही इसलिए जाता है ताकि वो अपनी जड़ो को मज़बूत कर पूरी ताकत के साथ बाहर निकले और हरियाली फैलाएं.</p>
<p dir="ltr">भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय ने साथ मिलकर कुछ ऐसा ही करने की ठानी. गुरुवार को दोनों मंत्रालयों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये जो गरीब महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वरोज़गार, और कौशल विकास को बढ़ावा देगा. इन महिलाओं को ऐसे बहुत से विषयों के बारे में पढ़ाया जाएगा जो कि इन्हे आत्मनिर्भर बनाएंगे. </p>
<p dir="ltr">इस समझौते को समझने से पहले, इन दोनों मंत्रालयों के बारे मे थोड़ी जानकारी ले लेते हैं. 'आयुष (Ayush) मंत्रालय' मोदी सरकार के कार्यकाल में 2014, नवंबर 9 को बनाया गया. यह मंत्रालय 5 चिकित्सा तकनीकों को मिला के बना, जो है आयुर्वेद, योग और नेचरोपैथी, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी. इस मंत्रालय का काम सभी चिकित्सा तकनीकों के बारे में पढ़ना और रिसर्च करना है. ग्रामीण विकास मंत्रालय हमारे देश के गावों में विकास का काम करता है. भारत के जितने भी गांव हैं, उनमें सामाजिक और आर्थिक सुधार के सारे काम यही मंत्रालय देखता है.</p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/UXIKZjpjY9H5jT05iA6o.jpeg" alt="SHG women will learn new skills with 'AYUSH'"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Google Images</em></span></p>
<p dir="ltr">देश की गरीब महिलाओं और युवाओं जिनको अलग-अलग कारणों से कभी पढ़ाई करने की आज़ादी नहीं मिली या वो किसी कारण से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए उनके सुनहरे भविष्य के लिए ही ये समझौताकिया गया. इन्हें आयुष मंत्रालय की मदद से बहुत से विषयों पर ट्रेनिंग दी जाएगी जैसे आयुर्वेदिक पद्धति ,पंचकर्म, कपिंग थेरेपी, क्षरा कर्मा आदि.   </p>
<p dir="ltr">इस समझौते पर परिवहन भवन में केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय पंचायत मंत्री गिरिराज सिंह के सामने आयुष मंत्रालय के सलाहकार मनोज नसारी और ग्रामीण विकास मंत्रालय के जॉइंट सेक्रेटरी कर्मा जिम्पा भूटिया ने हस्ताक्षर किये. अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान की निदेशक डॉ तनूजा मनोज नेसरी ने कहा कि इन दोनों मंत्रालयों के बीच का सहयोग भारत में आयुर्वेद के भविष्य को बहुत बढ़ावा देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट बजट वेबिनार में कहा भी था - "भारतीय आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग पूरी दुनिया में ज़ोरो-शोरो से बढ़ रही है." </p>
<p dir="ltr">इस तरह के प्रयास जो कि हमारी सरकार ने SHG की महिलाओं के लिए किये, यह आगे जा कर बहुत बड़े-बड़े अवसर बनायेंगे और हमारी महिलाएं देश का नाम रोशन करेंगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 17 Mar 2023 17:47:36 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-will-learn-new-skills-with-ayush-ministry]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/XEfYHnA1eK3MKWTGxirN.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/XEfYHnA1eK3MKWTGxirN.jpeg"/></item></channel></rss>