<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ Adivasi]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/adivasi</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/adivasi" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 03 Jul 2023 11:21:11 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[शहडोल में PM मोदी की खाट पंचायत ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-met-shg-adivasi-leaders-football-players-during-khaat-panchayat-in-shahdol-mp</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg"><p><strong>सिकल सेल एनीमिया</strong> (<span>Sickle Cell Anemia</span>) से निपटने की मुहिम को गति देने के लिए <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/pm-narendra-modi-launches-sickle-cell-anaemia-elimination-mission-in-shahdol-mp"><strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहडोल</strong> में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए</a>. <strong>सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन</strong> (<span>Sickle Cell Anemia Elimination Mission</span>) लॉन्च करने के बाद <strong>पकरिया गांव</strong> (Pakariya Village) में <strong>खाट पंचायत </strong>(Shahdol Khaat Panchayat) को संबोधित किया. <strong>आम के बगीचे में</strong> देसी अंदाज की इस <strong>चौपाल</strong> में <strong>प्रधानमंत्री</strong>, <strong>स्वयंसहायता समूहों</strong> (Self Help Groups) की महिलाओं, <strong>जनजातीय समुदाय</strong> के लोगों, <strong>लखपति दीदीयों</strong>, <strong>आदिवासियों,  PESA समितियों</strong> के नेताओं और युवा <strong>फुटबॉल खिलाड़ियों </strong>(Football players) से मिले.  </p>
<p><img alt="PM in shahdol" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/GquZY2e8GpNPL74B4hKA.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: @narendramodi/Twitter</em></span></p>
<p><strong>पीएम मोदी</strong> (PM Modi) से बात के दौरान, <strong>स्वयं सहायता समूह</strong> (SHG) से जुड़ी <strong>दीदी </strong>ने बताय कि वह <strong>सब्जी उगाती है, खेती का काम संभालती है, और जिला पंचायत की उपाध्यक्ष भी है</strong>. दीदी की यह बात सुनकर <strong>पीएम ने कहा </strong>कि वे खुद भी <strong>इतने सारे काम नहीं कर सकते हैं</strong>. प्रधानमंत्री ने बच्चों और महिलाओं से बात की. </p>
<p><img alt="PM in shahdol" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/HJIInwOsjwe2me8ZJPH0.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: @narendramodi/Twitter</em></span></p>
<p>समूह की दीदियों ने SHG और <strong>आजीविका मिशन </strong>(Ajeevika Mission) से <strong>आर्थिक सशक्तिकरण </strong>(financial empowerment) की अपनी यात्रा के बारे में भी बताया. <strong>प्रधानमंत्री मोदी </strong>ने <strong>आदिवासी</strong> (Adivasi) महिलाओं को अपनी आय के एक हिस्से को<strong> बैंक में एफडी </strong>(Fixed Deposit) करने की सलाह दी. 2 साल की योजना वाली एफडी (FD) कराये जिससे <strong>अतिरिक्त ब्याज मिल सके </strong>और उनका <strong>भविष्य सुरक्षित हो सके</strong>. <strong>आदिवासी समुदाय</strong> द्वारा <strong>पारंपरिक नृत्य </strong>प्रस्तुत किया गया जिसमें पीएम <strong>मोदी ने भी हिस्सा लिया</strong>. </p>
<p><img alt="PM in shahdol" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Nvf6eQQu9BFp0emWErsL.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: @narendramodi/Twitter</em></span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Mon, 03 Jul 2023 11:21:11 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-met-shg-adivasi-leaders-football-players-during-khaat-panchayat-in-shahdol-mp]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg"/></item><item><title><![CDATA[शहडोल में PM मोदी ने सिकल सेल अभियान को बढ़ाया आगे ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-narendra-modi-launches-sickle-cell-anaemia-elimination-mission-in-shahdol-mp</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/K152bmRGyzqkctIh0jMF.JPG"><p>भारत में करीब 21% लोग<strong> सिकल सेल</strong> (sickle cell) बीमारी से जूझ रहे हैं. ये बीमारी, सही इलाज न मिलने पर मां से बच्चे में फैल रही है. इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार लगातार ज़रूरी कदम उठा रही है. सिकल सेल बीमारी से निपटने की मुहिम को गति देने के लिए <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> (PM Narendra Modi) <strong>शहडोल </strong>(Shahdol) में एक <strong>सार्वजनिक कार्यक्रम</strong> में शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने वहां <strong>राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन</strong> (Sickle Cell Anaemia Elimination Mission) का शुभारंभ किया. इवेंट के दौरान लाभार्थियों को<strong> सिकल सेल जेनेटिक स्टेटस कार्ड </strong>(Sickle cell genetic status) भी वितरित किये गए.</p>
<p><img alt="Sickle Cell Anaemia Elimination Mission in Shahdol MP" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/9KI8fk8uHsXu47vmU2Me.JPG"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Twitter</em></span></p>
<p>मिशन का लक्ष्य <strong>आदिवासी</strong> (Adivasi) आबादी के बीच सिकल सेल रोग से होने वाली <strong>गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों </strong>को दूर करना है. इससे <strong>भारत को 2047 </strong>तक <strong>सिकल सेल फ्री </strong>बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी. <strong>सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या </strong>के रूप में सिकल सेल रोग को खत्म करने के सरकार के चल रहे प्रयासों में एक ज़रूरी कदम साबित होगा. <strong>राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिश</strong>न की घोषणा केंद्रीय बजट 2023 में की गई थी. इसे देश के 1<strong>7 हाई फोकस्ड राज्यों </strong>के <strong>278 जिलों </strong>में लागू किया जाएगा जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, उत्तर प्रदेश, केरल, बिहार और उत्तराखंड शामिल हैं.</p>
<p>प्रधानमंत्री ने <strong>रानी दुर्गावती</strong> (Durgavati) को सम्मानित किया जो 16वीं सदी में <strong>गोंडवाना </strong>(Gondwana) की शासक रही थीं. उन्हें एक बहादुर, निडर और साहसी योद्धा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने मुगलों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी थी. <strong>मध्य प्रदेश</strong> (Madhya Pradesh) के <strong>मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान</strong> (CM Shivraj Singh Chauhan) ने आज के दिन को <em>"न सिर्फ मध्य प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के लिए अहम बताया." </em></p>
<p><strong>प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश</strong> में लगभग <strong>3.57 करोड़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना</strong> (AB-PMJAY)<strong> कार्डों</strong> के वितरण की भी शुरुआत होगी. <strong>आयुष्मान कार्ड </strong>वितरण समारोह का आयोजन प्रदेश भर के नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और विकासखण्डों में किया जा रहा है. आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) वितरण अभियान कल्याणकारी योजनाओं को हर लाभार्थी तक पहुंचाने के प्रधान मंत्री के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 01 Jul 2023 17:37:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-narendra-modi-launches-sickle-cell-anaemia-elimination-mission-in-shahdol-mp]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/K152bmRGyzqkctIh0jMF.JPG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/K152bmRGyzqkctIh0jMF.JPG"/></item><item><title><![CDATA[ट्राइबल कनेक्ट: आदिवासी राइट्स एक्टिविस्ट के बढ़ते कदम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/tribal-connect-ngo-of-ananya-dodmani-helps-adivasi-people</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/F1HDdMBOdtQ31AHAdgYt.JPG"><p>बचपन से ही अनन्या पॉल डोडमानी (<span>Ananya Paul Dodmani </span>) का ज़्यादातर समय आदिवासी (Adivasi) लोककथाएं सुनने में गुज़रता. उनकी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में आने वाली चुनौतियों के बारे में जानती तो उनकी मदद करने की कोशिश करती. असम (Assam) के एक छोटे से आदिवासी शहर लुमडिंग में, जब अनन्या आठवीं कक्षा में थी, उन्होंने देखा कि उनकी केयरटेकर के साथ दुकानदार धोखा-धड़ी कर रहा था क्योंकि उन्हें 10 और 20 रुपये के नोटों के बीच अंतर नहीं पता था. यह देख, उन्होंने युवा आदिवासी बच्चों को तीन बुनियादी बातें सिखाना शुरू की - अपना नाम कैसे लिखें, भारतीय मुद्रा की पहचान, और स्टेशनों/सड़कों पर लटके संकेतों और बिलबोर्ड का मतलब. यहीं से शुरू हुई आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता बनने की यात्रा. </p>
<p>आदिवासी समुदाय से न होने के बावजूद, अनन्या उनकी परेशानियों के लिए संवेदनशील थी, क्योकि उन्होंने करीब से आदिवासी समुदाय को जूझते देखा. भोजन, पानी, घर जैसी प्राथमिक ज़रूरतें तक पूरी नहीं हो पाती. हाई स्कूल के दौरान, अनन्या को एहसास हुआ कि शिक्षा ही एक ऐसा तरीका है जो उन्हें सशक्त बना सकता है. इस सोच के साथ, उन्होंने पड़ोस के बच्चों और महिलाओं को पढ़ाना शुरू कर दिया. कॉलेज के छात्र संगठनों के सहयोग से एक्सचेंज प्रोग्राम और मासिक धर्म समाधान जागरूकता (Menstrual Hygiene Awareness) जैसे कई जीवन कौशल (life skill) से जुड़ी कार्यशालाएं (workshops) मुफ्त में आयोजित करना शुरू की. </p>
<p><img alt="tribal connect ananya dodmani" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/ClEtexFw07pDw8SzKgLw.JPG"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image credits: hatkestory</em></span></p>
<p>अनन्या ने ऐसे गांवों और बस्तियों में काम शुरू किया जहां शिक्षण केंद्र (study centers), सामुदायिक हॉल, शौचालय, बिजली, कुछ भी नहीं था. कई बार वो थक कर मदद मांगना चाहती, सिर्फ समुदाय के लिए नहीं, पर अपने लिए भी. लोगों को समझाना, संसाधन जुटा पाना काफी मुश्किल था. उन्होंने हार न मानते हुए, छोटे-छोटे कदम उठाना शुरू किये. लगातार काम करते रहने से ग्रामीणों ने उनकी बातों पर ध्यान देना शुरू किया. स्थानीय युवा मदद के लिए आगे आने लगे. युवाओं ने जागरूकता की ज़रुरत को समझा और समुदाय के हित के लिए स्वेच्छा से काम संभाला. कुछ ही समय में एक बड़ी टीम बन गई.</p>
<p><img alt="tribal connect ananya dodmani" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/BoSvTbR1GLWsyMMKIJvk.jpg"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image credits: hatkestory</em></span></p>
<p>अपनी टीम के सहयोग से, गांवों में शिक्षण केंद्र, सामुदायिक केंद्र और शौचालय ब्लॉक बनाने का काम शुरू किया. इन कामों के लिए उन्होंने खुद की जमा धनराशि का इस्तेमाल किया. अनन्या कहती हैं, " मैं लगातार सीख रही हूं, ऊंचे लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में हूं. मैं जानती हूं कि मुझे इस क्षेत्र की समस्याओं को दूर करना ही होगा. " </p>
<p><img alt="tribal connect ananya dodmani" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/FhvEokCcnV6rr9HrPnHF.JPG"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image credits: hatkestory</em></span></p>
<p>अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे बढ़ाते हुए, अनन्या पॉल ने 2019 में ट्राइबल कनेक्ट (Tribal connect) नाम से अपने एनजीओ (NGO) की शुरुआत की. प्रोजेक्ट अन्नपूर्णा, प्रोजेक्ट लल्ली, प्रोजेक्ट ज्ञान, प्रोजेक्ट हैप्पी फूड बॉक्स, प्रोजेक्ट वॉर्मथ, प्रोजेक्ट विंग्स, प्रोजेक्ट राहत, रूरल लाइवलीहुड सस्टेनेबल मिशन, द मॉनसून फ्रेंडशिप प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट चिरायु जैसे प्रोजेक्ट्स जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का काम कर रहे हैं. सतत मासिक धर्म कार्यक्रम के साथ पूरे भारत में 80 हज़ार से ज़्यादा महिलाओं तक पहुंचे और उन्हें मुफ्त में बायोडिग्रेडेबल पैड तैयार करना सिखाया ताकि इन संकटग्रस्त आदिवासी महिलाओं को आमदनी का ज़रिया मिल सके. अनन्या ने अकेले ही पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के कई पिछड़े हुए गांवों में 146 शिक्षण केंद्र (Learning Centers) शुरू किए.</p>
<p>करमवीर चक्र पुरस्कार विजेता, 2019 (<span>Karamveer Chakra awardee, 2019</span>), का कहना है, "मैं  ग्रामीण समुदायों (rural communities) में बदलाव की लहर जारी रखना और उन्हें बेहतर जीवन पाने में मदद करना चाहती हूं जिसके वे हकदार हैं." </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Fri, 23 Jun 2023 12:55:10 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/tribal-connect-ngo-of-ananya-dodmani-helps-adivasi-people]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/F1HDdMBOdtQ31AHAdgYt.JPG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/F1HDdMBOdtQ31AHAdgYt.JPG"/></item><item><title><![CDATA[गौरव दिवस: आज की अहिल्या बाई होल्कर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/harshika-singh-works-for-elderly-literacy-and-plastic-ban</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/hDqMGDtRTjmzhpho8w4N.jpg"><p>होल्कर (Holkar) रियासत की शासक देवी अहिल्या बाई होलकर के सामने बड़ी चुनौतियां थीं. कम उम्र में विधवा हो जाना और फिर पहले बेटे मालेराव के निधन ने उन्हें तोड़ दिया. इस दुख से उबर पाती इससे पहले ही दामाद यशवंत राव  की मौत और फिर साथ में बेटी मुक्ता बाई के सती होने की घटना ने अहिल्या बाई (Ahilya Bai) को बिल्कुल अंदर से अकेला कर दिया. दुःख के पहाड़ टूटे पर उन्होंने धैर्यता नहीं खोई. नर्मदा किनारे बसे महेश्वर नगर को राजधानी बनाया. पूरा जीवन शिव उपासना और प्रजा के हित में काम करने में बिताया. प्रजा के लिए उनके निर्णय और धार्मिक कामकाजों ने ही उन्हें अमर बना दिया. </p>
<p>दौर बदल गया. रियासतें जुड़ कर स्वतंत्र देश बन गया. लेकिन महिलाओं की भूमिका और बढ़ी. समय के साथ महिलाओं ने वो काम किए जो मिसाल बन रहे. प्रशासनिक क्षेत्र में भी महिलाओं अफसरों ने कई ऐसे काम किए जो उदाहरण बन गए. रविवार विचार ऐसी ही कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के कामकाजों को समाज में पहुंचाने के प्रयास कर रहा.अपनी-अपनी चुनौतियों के सामना करते हुए ये अधिकारी जनहित के लिए समर्पित हैं.</p>
<p>रविवार विचार के इस मिशन में हम मिलवा रहे, वर्तमान में जो आज की अहिल्या के रूप हैं. कई जिलों में  कलेक्टर रही और फ़िलहाल देश के सबसे स्वच्छ महानगर इंदौर की कमिश्नर आईएएस हर्षिका सिंह से....</p>
<p>  <img style="width: 328px; height: 348px;" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Dt5oDgQLeqpRejF1dgOp.jpg" alt="Harshika Singh"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>हर्षिका सिंह (फोटो क्रेडिट : जन संपर्क, नगर निगम इंदौर)</em></span></p>
<p>हर्षिका सिंह (Harshika singh) का व्यक्तित्व बाहर जितना सख्त है,जरूरतमंदों के लिए उतनी भावुक. इंदौर में जहां क्लीन सिटी को और अधिक पहचान देने के लिए जुटी हैं वहीं पर्यावरण संतुलन और सुगम यातायात के मिशन में व्यस्त हैं. "आज की अहिल्या " हर्षिका सिंह उस वक़्त देश में चर्चा में आईं जब वे मंडला कलेक्टर थीं.जूनून ऐसा कि नक्सल और बीहड़ इलाकों में खुद हर्षिका ने गांव गोद लिए और जिले की तस्वीर बदल दी.</p>
<h3>जूनून और ज़िद से स्लेट पर बने अक्षर   </h3>
<p>" मु....न्नी बाई " ये ढाई शब्द लिखने में शायद उस महिला को पांच मिनिट तो लगे होंगें. उस महिला की उम्र लगभग 82 साल थी. उंगलियां कांप रही थी. पर जैसे ही मुझसे नज़र मिली उसके झुर्रीदार चहरे पर मुस्कुराहट बिखर गई. उसने मुझे गले लगा लिया.बस इतना बोली - 'मैं पास हो गई.अब अंगूठा नहीं लगाउंगी.' उस बुज़ुर्ग महिला के चेहरा मेरे मन में बस गया. मंडला में साक्षरता दर और संवाद में कमी ने मुझे अंदर तक सोचने पर मजबूर कर दिया. बस यही मेरा मिशन बना. तय किया कोई निरक्षर नहीं रहेगा. कोई योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा. यही नहीं आदिवासी अंचल में प्रिग्नेंट महिलाओं की घर पर ही डिलीवरी प्रथा,स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति बेखबर जैसे मुद्दों ने मुझे अंदर तक हिला कर रख दिया. " इंदौर नगर निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह ये बात बताते हुए भावुक हो गईं.</p>
<p>नक्सल प्रभावित यह मंडला जिला आदिवासी (Adivasi) बहुल तो है,लेकिन घने जंगलों के बीच बसे छोटे-छोटे गांव में ग्रामीण लोग मजदूरी कर अपना जीवन चला रहे. बीहड़ इलाकों में तेज़ी से सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन के लिए  बहुत बड़ी चुनौती थी. दूसरी दिक्क्त गांव के लोगों का जिले मुख्यालय पर अधिकारियों से मिलने आना. हर्षिका सिंह आगे बताती हैं - " जिले में लिट्रेसी प्रॉब्लम सबसे बड़ी थी. ट्राइबल फंड का फ्लो था,लेकिन भोले-भाले लोगों की अज्ञानता से वो इस योजना और राशि का उपयोग तक नहीं समझ पाता. मैंने ठान लिया और बीहड़ इलाकों में निकल पड़ी. धीरे-धीरे टीम बनाई. 'ज्ञान दान' मुहिम चलाई. स्लेट और चॉक की व्यवस्था हो गई. ज्ञानोलय में किताबें इकट्ठी हुईं. गांव-गांव आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता,पड़ी लिखी लड़कियां इस मिशन में जुड़ गई. 30 हजार लोग वालेंटियर जुड़ गए. देखते ही देखते हर घर नया उजाला उम्मीदों का नज़र आने लगा. पांच सौ से ज्यादा महिलाएं और युवा इस काम में जुटे रहे. नतीजा हमारे सर्वे में साक्षरता दर 56 % से 95 % हो गया. अब किसी भी घर में निरक्षर मुन्नी बाई न रही. सच लगा कि अक्षर सिर्फ लिखावट नहीं. उन निरक्षरों के लिए अहसास थे, जिन्होंने कभी जिया ही नहीं. अब वे सब समझने लगे हैं. यह मेरे जीवन की उपलब्धि है. " </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/zX3Woyn1GsAiLS5mX4fF.jpg" alt="Harshika Singh"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>मंडला में साक्षरता मिशन के दौरान पूर्व डीएम हर्षिका सिंह (फोटो क्रेडिट : जन संपर्क, नगर निगम इंदौर)</em></span></p>
<p>हर्षिका सिंह मंडला के अलावा बालाघाट, जबलपुर, भोपाल, टीकमगढ़ जैसे जिलों में भी अपनी सेवाएं दे चुकीं हैं.इंदौर में क्लीन सिटी की प्रतिष्ठा और पहचान बनाए रखने के लिए वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रोजेक्ट में जुटी हुईं हैं. साथ ही कचरा निष्पादन के साथ व्यवसायिक जगह पर कचरा पड़े रहने पर सख्त एक्शन लिए. स्पॉट फाइन पर कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए. शहर के मुख्य इलाकों के अलावा वे खुद रेंडमली किसी भी वार्ड और कॉलोनी में पहुंच कर सफाई व्यवस्था को ग्राउंड कि रियलिटी चेक कर रहीं हैं. उनको दुःख है कि सामान्य व्यक्ति सिंगल यूज़ प्लास्टिक (single use plastic) को लेकर ज्यादा साथ दे देता है. अधिक गैरजवाबदार लोग समझाने के बाद भी इसके उपयोग करने से बाज नहीं आते. कमिश्नर इनके खिलाफ और सख्त कदम उठाने की बात कर रहीं हैं. हर्षिका सिंह के मानना है -" इंदौर के लोग जुनूनी हैं. यहां किसी भी प्रोजेक्ट में लोगों की जनभागीदारी देखी जा सकती है. यह जनभागीदारी ही प्रशासन की सबसे बड़ी ताकत है. लोग जब तक सहयोग नहीं करेंगे ,कोई भी प्रोजेक्ट सफल नहीं हो सकता.आज भी यहां अहिल्या बाई होल्कर के संस्कार लोगों में दिखाई देते हैं।उनका सेवा-समर्पण का फार्मूला ही है "  </p>
<h3> ऊर्जा से भरा इंदौर    </h3>
<p>केवल डेढ़ महीने पहले इंदौर नगर निगम में कमिश्नर पद पर ज्वाइन करने वाली हर्षिका सिंह स्वच्छता मिशन को और बढ़ाने के लिए खुद ने साइकल चला कर संदेश दिया. उनके पति आईएएस रोहित सिंह भी फ़िलहाल एमएसएमई विभाग में एमडी हैं. जरूरतमंदों की मदद कर रहीं हर्षिका सिंह को उनका प्रोत्साहन लगातार मिलता है. हर्षिका सिंह कहती हैं - " चुनौती हर काम में होगी. निजी परेशानियां जीवन का हिस्सा है,लेकिन सामजिक जीवन और मानवीयता ही सर्वोपरि होना चाहिए.परिवार को समय देना और तालमेल बैठाना ही खुशहाल जीवन का रहस्य  है. हर व्यक्ति को सामाज और देश के लिए सार्थक भूमिका निभाना चाहिए. "</p>
<p><img style="width: 526px; height: 348px;" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/905TdK9qUf9FA0ZIHiQR.jpg" alt="Harshika Singh"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em> स्वछता मिशन जागरूकता रैली में साइकल चलाती हर्षिका सिंह (फोटो क्रेडिट : जन संपर्क, नगर निगम इंदौर)</em></span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Tue, 30 May 2023 17:26:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/harshika-singh-works-for-elderly-literacy-and-plastic-ban]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/hDqMGDtRTjmzhpho8w4N.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/hDqMGDtRTjmzhpho8w4N.jpg"/></item><item><title><![CDATA[आदिवासी महिला विकास के खुले रास्ते ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/being-a-woman-or-a-tribal-not-a-disadvantage-says-president-murmu-while-adressing-shg-conference</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/JDQSlcJlCcLQJDFNaGoU.jpg"><p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने अपने आदिवासी गौरव का परिचय देते हुए कहा कि उनके समाज में कन्या का जन्म कभी भी सकारात्मक विकास के रास्ते में बाधा नहीं बना. झारखंड के खूंटी में आयोजित स्वयं सहायता समूह सम्मेलन (conference of self-help groups) में राष्ट्रपति मुर्मू ने शिरकत की. उन्होंने जोर देकर कहा कि आदिवासी महिलाएं युगों से अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने याद दिलाया कि कैसे उनकी दादी, जो झारखंड (Jharkhand) की महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा माझी (Jharkhand’s Women and Child Development Minister Joba Majhi’) के गांव से थीं, उन्हें घर में अनाज न होने पर 'महुआ' (Millet) पकाना पड़ता था. और आज महुआ उत्पादों की हर जगह काफी मांग है.</p>
<p>एक महिला होना या एक आदिवासी (Adivasi) समाज में पैदा होना कोई नुकसान की बात नहीं है, राष्ट्रपति ने साझा किया कि हमारे देश में महिलाओं के योगदान के अनगिनत प्रेरक उदाहरण हैं. महिलाओं ने सामाजिक सुधार, राजनीति, अर्थव्यवस्था, शिक्षा में अमूल्य योगदान दिया है. विज्ञान और अनुसंधान, व्यवसाय, खेल और सैन्य बल और कई अन्य क्षेत्रों में उनकी भागीदारी देखी गई है. </p>
<p>केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा (Union Tribal Affairs Minister Arjun Munda) ने राष्ट्रपति को आदिवासियों द्वारा बनाए गए उत्पादों से बना हैम्पर भेंट किया जिसकी मार्केटिंग ट्राइब्स इंडिया और वन धन विकास केंद्रों ने की है. सम्मेलन का आयोजन उनके मंत्रालय द्वारा किया गया था. राष्ट्रपति ने इस अवसर पर लगाए गए जनजातीय उत्पादों के विभिन्न स्टालों का दौरा किया.</p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें और दूसरों के पैमाने पर खुद की तुलना न करे. उन्होंने महिलाओं से अपने भीतर छिपी अनंत शक्ति को जगाने का आग्रह किया और कहा कि महिला सशक्तिकरण (women empowerment) के सामाजिक और आर्थिक दोनों पहलू समान रूप से ज़रूरी हैं. </p>
<p>महिलाओं की सभा को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा, “यह खुशी की बात है कि लाखों परिवार स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़े हुए हैं. हजारों महिलाएं झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था (rural economy) को मजबूती देने में लगी हैं. यह सही समय है कि अधिकतम संख्या में महिलाओं को SHG से जोड़ा जाए, उचित ट्रेनिंग देकर उनके कौशल को तेज किया जाए और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जाए.</p>
<p>राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में झारखंड के आदिवासियों का भी विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कमाया है. इन लोगों में स्वतंत्रता सेनानी फूलो-झानो, पद्म पुरस्कार विजेता जमुना टुडू, अकली टुडू, छुटनी महतो, हॉकी खिलाड़ी ब्यूटी डुंगडुंग, प्रमोदिनी लकड़ा, महिमा टेटे, दीपिका सोरेंग, निक्की प्रधान, सलीमा टेटे और तीरंदाज दीपिका कुमारी जैस नाम शामिल हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में कई और नाम जुड़ेंगे. राष्ट्रपति ने महिलाओं से भी बातचीत की.</p>
<p>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) ने अपने संबोधन में इस अवसर का सदुपयोग करते हुए राष्ट्रपति से सरना कोड बिल (Sarna Code Bill) को जल्द से जल्द स्वीकृत करने का आग्रह किया, जिसकी मांग हाल के दिनों में तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि 22 लाख महिलाएं अब राज्य भर में 225 SHG से जुड़ी हुई हैं और उनकी सरकार पलाश मार्ट और सिद्धो कान्हो फेडरेशन की स्थापना करके वन उत्पादों की मार्केटिंग (marketing) में बीचवानों की भूमिका को कम करने की पूरी कोशिश कर रही है.</p>
<p>मुर्मू ने विकसित आदिवासियों से अपनी व्यक्तिगत सामाजिक जिम्मेदारी निभाने को कहा. उन्होंने अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने या कुछ हासिल करने के बाद अपनी परंपरा, संस्कृति और समाज पर ध्यान देने को कहा. और इन लोगों को सुझाव दिया कि वे अपने समाज में उन लोगों की देखभाल करें जो उनके पीछे हैं. 'जो आगे बढ़ते हैं उन्हें पीछे देखना चाहिए. धन से नहीं तो मन या तन से सहायता करनी चाहिए,” उन्होंने कहा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 26 May 2023 15:45:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/being-a-woman-or-a-tribal-not-a-disadvantage-says-president-murmu-while-adressing-shg-conference]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/JDQSlcJlCcLQJDFNaGoU.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/JDQSlcJlCcLQJDFNaGoU.jpg"/></item></channel></rss>