<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ बद्रीनाथ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/bdriinaath</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/bdriinaath" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 10 Jun 2023 15:34:40 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[पहाड़ी SHGs लहराएंगे परचम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/governer-lt-general-gurmeet-singh-on-his-2nd-tour-of-janpad-appreciates-shg-women</link><description><![CDATA[<img src=""><p dir="ltr"><strong>भारत सरकार </strong>महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए हमेशा प्रयास करती रहती है. देश हो या राज्य, हर जगह <strong>महिला सशक्तिकरण</strong> पर बात होती है. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए <strong>उत्तराखंड के राज्यपाल</strong> लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के <strong>जनपद भ्रमण</strong> के दूसरे दिन को <strong>मुनस्यारी</strong> पहुंचे. इस दौरान राज्यपाल <strong>स्वयं सहायता समूह</strong> (SHG) की महिलाओं से मिले. उन्होंने समूह की महिलाओं से उनकी आय के बारे में जानकारी ली, महिलाओं की आय बढ़ाने के निर्देश दिए और उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा. <strong>Self help group</strong> की महिलाओं ने राज्यपाल को स्थानीय खाद्य उत्पादों सहित <strong>अंगूरा खरगोश के ऊन से बनी पश्मीना शॉल</strong>, नारायण आश्रम का काष्ठ कला मॉडल और कालीन भेंट की. </p>
<p dir="ltr">राज्यपाल ने कहा- "<em>जनपद में आध्यात्मिक, साहसिक और प्रकृति पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. जिला प्रशासन एक साथ काम कर के जनपद में पर्यटन को विकसित करें. पर्यटक को आकर्षित करने का प्लान बनाएं.</em>" उन्होंने DM रीना जोशी से <strong>वाइब्रेंट विलेज</strong>, कैलाश, लिपुलेख क्षेत्र के विकास में किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली. राज्यपाल ने केदारनाथ और बदरीनाथ के मॉडल का अध्ययन कर आदि कैलाश क्षेत्र के विकास का मास्टर प्लान बनाने को भी कहा. राज्यपाल ने <strong>इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस गेस्ट हाउस</strong> (ITBP) में जवानों से भेंट की और अपने सेवाकाल के अनुभव एवं घटनाएं जवानों के साथ साझा की. राजयपाल ने जिस तरह से इन महिलाओं का हौसला बढ़ाया है, वह एक बहुत ही सराहनीय बात है. <strong>उत्तराखंड के SHG</strong> की महिलाएं अब तेज़ी और उमंग के साथ काम करेंगी और अपने जीवन को खुशहाल बनाएंगी. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 10 Jun 2023 15:34:40 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/governer-lt-general-gurmeet-singh-on-his-2nd-tour-of-janpad-appreciates-shg-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category></item><item><title><![CDATA[दीदियों के हाथ का चारधाम प्रसाद ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-making-chaar-dham-yatra-prasad-for-pilgrims</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0Q1uRHEx23vebv58xK2S.jpg"><p dir="ltr">भारतीय संस्कृति में चार धाम यात्रा की जितना महत्व है उतना शायद ही किसी और धर्मिक यात्रा एक होगा. हर साल पुरे देश से लाखों की संख्या में श्रद्धालओं की भीड़ इस यात्रा को करने के लिए 'देवभुमि' उत्तराखंड आतें है और अपनी इस पवित्र यात्रा को समाप्त करने के लिए कड़ी यात्रा करते है. उत्तराखंड में रहने वाली स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को इन श्रद्धालुओं से अपनी आजीविका तैयार करने में बहुत मदद मितली है. केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री समेत चारों धाम में बिकने वाला प्रसाद महिला self helps groups तैयार कर रही हैं. भारत के प्रथम गांव माणा में भी स्थानीय उत्पादों की खूब मांग है. समूह केदारनाथ मंदिर वाले सोवेनियर बनाकर भी बेच रहे हैं. यात्रा रूट पर करीब 20 SHGs काम कर रहे हैं. साथ ही समूह मोटे अनाज और पहाड़ी उत्पाद हिलांस बिक्री केंद्र और अपने स्टॉल लगाकर बेच रहे हैं. पयर्टकों के लिए GMVN Gaurikund के गेस्ट हाऊस में जूट के बैग में लोकल उत्पाद रखे गए हैं.</p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Kx2Zodkf38mxJsDXum1o.jpg" alt="Chaar dham yatra  prasad"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Amar Ujala</em></span></p>
<p dir="ltr">सुरकंडा आजीविका समूह सुरकंडा मंदिर के लिए प्रसाद बनाने का भी काम करता है. यमुनोत्री धाम में भी प्रसाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किया जाता है. बदरीनाथ धाम में प्रसाद स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार किया जा रहा है. कपाट खुलने के साथ ही भारत के प्रथम गांव माणा में भी स्थानीय उत्पादों का कारोबार तेज हो गया है. यात्री यहां पहुंच ग्रामीणों के द्वारा बनाये गए वस्त्र, कार्पेट, मफलर, टोपी, जड़ी बूटियां, भोज पत्र पत्तों की माला, वाल हैंगिग के सोवेनियर खरीद रहे हैं. Self Help Group की महिलाएं चार धाम की यात्रा से एक अच्छी आजीविका कमाकर अपने परिवार को आसानी से चला पा रहीं है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Wed, 17 May 2023 17:55:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-making-chaar-dham-yatra-prasad-for-pilgrims]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0Q1uRHEx23vebv58xK2S.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0Q1uRHEx23vebv58xK2S.jpg"/></item><item><title><![CDATA[बद्रीनाथ की आरती अब भोजपत्र पर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/uttarakhand-shg-learning-calligraphy-on-bhojpatra</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yIiaGMKpgS6Gv3oO8zpd.jpg"><p dir="ltr">बद्रीनाथ, भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे पावन भूमि में से एक है. इस देव भूमि पर यहाँ आने वाले लोगों को एक अलग ही आनंद मिलता है, तो सोचिये जो लोग यहाँ बसे है उनके जीवन कितनी शान्ति से भरे होंगे. </p>
<p dir="ltr">पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बद्रीनाथ गए, तब वहां के जोशीमठ आदिवासी समुदाय ने उन्हें भोज पत्र पर धर्म ग्रंथों और बद्रीनाथ के महात्म्य का सुंदर चित्रण भेंट किया. हाल में सीमांत क्षेत्र मलारी में आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को ग्रामीणों ने स्वागत में जब भोज पत्र की माला पहनाई. भोजपत्र की इस प्रथा को SHG महिलाओं की अगुवाई में किया जाता है. स्वयं सहायता समूहों के इन सभी प्रयासों की बहुत सरहाना की गयी. यहां आने वाले भक्तों को भी आदि काल से महत्वपूर्ण भोज पत्र पर अब भगवान बदरी विशाल की आरती, बद्रीनाथ और धार्मिक जगत के प्राचीन ग्रंथों के श्लोक, दिव्य और पवित्र श्रृंगार के लिए भोज पत्रों की माला उपलब्ध कराए जाने की बात भी चल रहीं है.</p>
<p dir="ltr">इन्हीं सब प्रयासों को देखते हुए उत्तराखंड के चमोली जिले में 'राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' के तहत भोज पत्र कैलिग्राफी प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को भोज पत्र के रचनात्मक प्रयोग का हुनर सिखाया जा रहा है. भोजपत्र पर कैलिग्राफी के में महिलाओं को इस पर बद्री धाम की आरती, बद्री विशाल के श्लोक, भोज पत्र की माला व अन्य कई तरह के चित्र बनाने की ट्रेनिग देकर किया जा रहा है. आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भोज पत्र की इन सुंदर कलाकृतियों को बद्रीनाथ में यात्रियों को उपलब्ध करवाया जाएगा. इससे महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी.  </p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/MxEgMxD6M85YDVqU9Bm2.jpeg" alt="bhojpatra SHG"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Uttarakhand News</em></span></p>
<p dir="ltr">चामोली गांव से स्वयं सहायता समूह जब अपनी पारंपरिक कला को यात्रियों के सामने रखेंगे तो बद्रीनाथ आने वाले हर व्यक्ति को यहां की संस्कृति के बारे में पता पड़ेगा. देश के हर शहर में ऐसा कुछ न कुछ ऐसा होता ही है जिससे उस जगह की संस्कृति झलकती हो. अगर हर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपनी संस्कृति को पर्यटकों तक पहुंचाने की ठान लें तो उनके लिए कमाई का एक बहुत अच्छा ज़रिया भी बन जाएगा और उनकी कला दुनिया तक भी पहुंचेगी. निःसंदेह भोज पत्र के रचनात्मक कार्य और इस पर कैलिग्राफी सृजन कला और आर्थिकी की आत्म निर्भरता के लिए महत्वपूर्ण अवसर है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Wed, 05 Apr 2023 16:13:35 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/uttarakhand-shg-learning-calligraphy-on-bhojpatra]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yIiaGMKpgS6Gv3oO8zpd.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yIiaGMKpgS6Gv3oO8zpd.jpg"/></item></channel></rss>