<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ छत्तीसगढ़ सरकार]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/chttiisgrh-srkaar</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/chttiisgrh-srkaar" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 30 May 2023 17:17:00 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[एसेंशियल ऑयल बना महकती जिंदगी का एसेंस ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-makin-essential-oil-in-chhattisgarh-and-creating-livelihoods</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vI3dyYnx7TlPbi1NThPC.jpg"><p dir="ltr">इन दिनों Essential Oils का cosmetic market में बहुत ज़्यादा उपयोग हो रहा है. शहरी महिलाएं इन Oils का इस्तेमाल लगभग हर तरीके से कर रही है. Cosmetic Industry भारत देश में बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है. ऐसे में किसान महिलाओं का इस industry से जुड़ना बहुत फयदेमंद साबित होगा. <strong>छत्तीसगढ़ के तिल्दा विकासखण्ड</strong> के ओटगन गांव का गौठान रायपुर जिले में जल्द ही नीलगिरी, खस, मैंथा और लेमनग्रास के तेल का स्थानीय उत्पादक बन जाएगा. इस गोठान में लगी प्रोसेसिंग यूनिट में महिलाओं ने काम शुरू कर दिया है. <strong>कामधेनु महिला स्वयं सहायता समूह</strong> (SHG) की सदस्यों ने इस यूनिट से अब तक 60 लीटर से अधिक तेल का उत्पादन भी कर लिया है. रायपुर के स्थानीय बाजार में इस औषधीय तेल को बेचकर SHG की महिलाओं को लगभग 50 हजार रूपये का फायदा हुआ है. </p>
<p dir="ltr">राज्य शासन ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए स्थापित इस ओटगन गौठान को अब औषधीय और सुगंधित पौधों के हब के रूप में विकसित कर रही है. ओटगन गांव की सचिव संकुतला नारंग ने बताया- "गांव के गौठान में सुगंधित पौधों से तेल निकालने की यूनिट लग जाने से महिलाओं में बड़ा उत्साह है. इस तेल को स्थानीय बाजार में औसतन आठ सौ रूपये लीटर के भाव से बेचकर <strong>self help group की महिलाएं</strong> अच्छी खासी आमदनी कर रही है."</p>
<p dir="ltr">ओटगन गौठान को 45 एकड़ के एरिया में ग्रामीण औद्योगिक हब के रूप में तैयार करने की योजना है. अभी इस गौठान में मुर्गी पालन, बकरी पालन, फूल की खेती, वर्मी कम्पोस्ट, मधुमक्खी पालन, गुलाल निर्माण, गोबर के दीये आदि बनाने का काम किया जा रहा है. गौठान में बने वर्मी और सुपर कम्पोस्ट को बेंचकर <strong>महिला SHGs</strong> को 2 लाख रूपये का फायदा हुआ है. वर्तमान में इस गौठान से जुड़े समूह की महिलाओं को लगभग साढ़े पांच हजार रूपये की औसतन मासिक आय हो रही है. महिला समूहों कीहर महीने की आय को साढ़े सात हजार रूपये तक बढ़ाने की योजना है. रायपुर के महिला SHGs इस रोजगार के साथ बहुत तेजी से आगे बढ़ेंगी क्यूंकि cosmetic industry हर दिन अपना market बढ़ा रही है. <strong>छत्तीसगढ़ सरकार</strong> की ओर से लिया गया यह कदम महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी साबित होगा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 30 May 2023 17:17:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-makin-essential-oil-in-chhattisgarh-and-creating-livelihoods]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vI3dyYnx7TlPbi1NThPC.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vI3dyYnx7TlPbi1NThPC.jpg"/></item><item><title><![CDATA[कोसा सिल्क से रोजगार ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-earning-and-creating-livelihood-by-sericulture-inchampa-chhattisgarh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/G1Hj4F74s7AvDYoWDp1x.jpg"><p dir="ltr">छत्तीसगढ़ के जांजगीर चम्पा जिले में महात्मा गाँधी जयंती के दिन रीपा योजना के तहत ग्रामीण औद्योगिक पार्क शुरू किये गए. छत्तीसगढ़ सरकार ने यह पार्क हर ब्लॉक में शुरू करने का निश्चय किया है. इस पार्क का मुख्य उद्देश्य गांव में चल रहे स्वरोजगार को बढ़ावा देना है, ताकि गांव की महिलाएँ अपने छोटे उद्योग शुरू करने के लिए प्रेरित हो. जांजगीर चम्पा की कलेक्टर, ऋचा प्रकाश चौधरी ने बताया- "फ़िलहाल जिले के हर विकासखंड के दो गोठानों में ग्रामीण औद्योगिक पार्क शुरू किया जाएगा. इनमें बलौदा विकासखंड से जर्वे और महुदा, नवागढ़ विकासखंड से पेंड्री और पचेड़ा, अकलतरा विकासखंड से तिलई और किरारी, पामगढ़ विकासखंड से मुलमुला और लोहर्सी, बम्हनीडीह विकासखंड से गोविंदा और अफरीद को चुना गया है."</p>
<p dir="ltr">जांजगीर जिले के नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पेंड्री में मल्टीएक्टिविटी गौठान का निर्माण किया गया है. इसमें SHG महिलाओं से कोसा साड़ी बुनने का कार्य 2022 से शुरू कराया गया. यह मल्टीएक्टिव गौठान 20 एकड़ में फैला हुआ है जहां सरस्वती महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएं सिल्क की धागे से साड़ियां बुन कर सफलता की कहानी गढ़ रहीं हैं. इस Self Help Group की महिलाएं कठोर परिश्रम कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए बेहतर स्वरोजगार की ओर बढ़ रही हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 19 May 2023 17:45:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-earning-and-creating-livelihood-by-sericulture-inchampa-chhattisgarh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/G1Hj4F74s7AvDYoWDp1x.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/G1Hj4F74s7AvDYoWDp1x.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सबसे बढ़िया, छत्तीसगढ़िया ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/new-dimensions-of-women-empowerment-in-chhattisgarh-india</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg"><p dir="ltr">महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) देश के आगे बढ़ने का पक्का रास्ता है. यह तय है कि जिस दिन हर महिला पूरी तरह से अपने पैरो पर खड़ी हो गयी उस दिन विकास निश्चित है. महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, और पारिवारिक मज़बूती उनका भविष्य उज्जवल करेगी. बस इसी सोच के साथ Chhattisgarh government ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके स्वावलंबन की नीति अपनाई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) की पहल पर महिलाओं की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के साथ उनकी सृजन क्षमता को स्थानीय संसाधनों के साथ जोड़ा गया है. महिलाओं की व्यक्तिगत, सामाजिक, और आर्थिक स्थिति से जुड़ा यह विषय उनके लिए विकास के नयी परिभाषा बनेगा. </p>
<p dir="ltr">नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी वर्ष 2020-21 की India Index Report के अनुसार Gender Equality में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर था. कुपोषण और एनीमिया से लड़ाई में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली. छत्तीसगढ़ में शुरू हुए 'मुख्यमंत्री सुपाषण अभियान' (Chief Minister's Goodwill Campaign) से अब तक 50 लाख महिलाएं एनीमिया मुक्त हो चुकी हैं. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों, किशोरों, गर्भवती तथा शिशुवती महिलाओं को IFA (Iron Folic Acid) सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है. छत्तीसगढ़ में महिलाओं की प्रगति के लिए अपनाई गई नीतियों के वजह से ही वनोपज के कारोबार से 50 हजार से ज़्यादा महिलाएं जुड़कर राज्य की आर्थिक उन्नति में अपना योगदान दे रहीं हैं. वहीं जिला खनिज न्यास निधि बोर्ड में ग्रामीण महिलाएं, ग्राम सभा सदस्यों के रूप में खुद के लिए नीतियां भी तैयार कर रही हैं. प्रदेश में करीब 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए गए, जहां महिलाओं को रोजगार और आय मिल रही है. महिलाओं को बैंकिंग प्रक्रिया से जोड़ने लगभग चार हजार बहनें बीसी सखी के रूप में चलते-फिरते बैंक के रूप में बैंकिंग सुविधाएं दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचा रही हैं. 'छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान' से करीब 27 लाख गरीब परिवारों की महिलाएं 02 लाख 54 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं. 'गोधन न्याय योजना' के तहत गांव-गांव में बनाए गए गौठानों में लगभग 45 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की है. बस्तर के आदिवासी जिले दंतेवाड़ा की डेनेक्स गारमेंट फैक्टरी में काम कर रही महिलाओं ने देश-विदेश में डेनेक्स ब्रांड को लोकप्रिय बनाया है. </p>
<p dir="ltr">महिला Self Help Groups को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से समूह द्वारा लिए गए पुराने 12 करोड़ रूपये के ऋण माफ कर दिये हैं. साथ ही ऋण वापस लौटने की सीमा को भी दो से चार गुना कर दिया. महिला कोष द्वारा दिए जाने वाले ऋण सीमा में भी दोगुनी वृद्धि की गई है. वर्ष 2023-24 में महिला कोष के लिए 25 करोड़ रूपए का वार्षिक बजट उपलब्ध कराया गया है. नई 'कौशल्या समृद्धि योजना' शुरू करने की योजना है, इसमें महिलाओं को व्यवसाय के लिए आसान शर्तों पर 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा. इसके लिए 25 करोड़ रूपए का बजट अतिरिक्त रूप से स्वीकृत किया है. छत्तीसगढ़ पुरे देश में एक मिसाल के रूप में आगे आया है. महिला सशक्तिकरण पर बिना रुके इतना काम करना सच में सराहनीय है. छत्तीसगढ़ सरकार से पुरे देश को सीखना चाहिए और महिला सशक्तिकरण के लिए  बिना रुके काम करना चाहिए.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 09 May 2023 11:55:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/new-dimensions-of-women-empowerment-in-chhattisgarh-india]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg"/></item></channel></rss>