<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ धार]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/dhaar</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/dhaar" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Thu, 10 Aug 2023 15:50:04 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[गेंहू चने बेच कर बोए आर्थिक सशक्तिकरण के बीज़ ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/dhar-shg-women-empowering-themselves-through-grains</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NjrUXjzidmkAfUW3TxgB.PNG"><p dir="ltr"><span>यह कहानी उन महिलाओं की है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से दिखाया है कि जीवन के हर मोड़ में वो अड़चनों का सामना कर, अपने सपनों को हकीकत बना सकती है. <strong>प्रेम बाई (Prem Bai)</strong> के नेतृत्व में <strong>धार (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-enabling-womens-economic-independence-and-opportunities">Dhar</a>)</strong> जिले के ब्लॉक <strong>तिरला (Tirla) ग्राम अचाना (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-enabling-womens-economic-independence-and-opportunities">Achana</a>)</strong> में जनवरी 2022 में <strong>विशाल उत्पादक समूह (Vishal Utpadak Samuh)</strong> बनाया गया. जिसमें उद्योग सखी जीना भाठी को बनाया गया. स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने गेहूं और चने खरीद कर बेचने का काम शुरू किया. <strong>महिला SHGs</strong> ने शुरुआत में बयालीस क्विंटल <strong>गेंहू (<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/woman-grows-black-wheat-on-organic-farm-uplifts-village-women">Wheat</a>)</strong> और नौ क्विंटल <strong>चने (<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/woman-grows-black-wheat-on-organic-farm-uplifts-village-women">Gram</a>)</strong>&nbsp;खरीदे.&nbsp;&nbsp;</span></p>
<h2 dir="ltr"><span>गेंहू और चने की खरीदी पर मुनाफ़ा&nbsp;</span></h2>
<p dir="ltr"><span>जब उन्होंने गेंहू की खरीदी कर उसे बेचा तो उन्हें 2,100 रूपए का मुनाफ़ा हुआ. चने बेचकर भी उन्होंने 3 हज़ार रूपए का लाभ कमाया. जिससे समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ गया. आगे बढ़ते हुए, उन्होंने 150 क्विंटल आलू की खरीदी कर उसे बेचा. अपने सफल प्रयासों को देखकर उनमें और भी काम शुरू करने का प्रयास करने लगीं. समूह से जुड़कर महिलाएं आज अपने जीवन में तरक्की की तरफ बढ़ रहीं है.&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>Self Help Group (SHG) एक संगठित माध्यम है, जो महिलाओं के आपसी सहयोग, समन्वय और विश्वास की महत्वपूर्णता को दर्शाता है. महिलाओं में प्रेरणा, विचारों और अनुभवों का अदान-प्रदान होता है. समूह द्वारा महिलाएं अपने उद्यमिता और कौशल का उपयोग कर नए व्यवसाय के अवसर ढूढ़ आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही है. Self help group के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे के साथ सहयोग कर तरक्की की ओर बढ़ रहीं है.&nbsp;</span></p>
<h3 dir="ltr"><span>महिला SHGs हो रहीं सशक्त&nbsp;</span></h3>
<p dir="ltr"><span>विशाल उत्पादक समूह की यह कहानी हमे सशक्त महिला समुदाय की शक्ति को महसूस कराती है, जो अपने उद्यमिता, सामर्थ्य और संकल्प से नए रास्तों पर चल रहीं है. महिला SHG उद्योगिक कौशल को बढ़ावा देने के साथ उन्हें आत्मविश्वास, सहस और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संकल्प भी दिखाया है. इस समूह की महिलाएं एक दूसरे का समर्थन कर सामूहिक उत्पादन के जरिए समाज में सम्मान और पहचान बना रहीं है. SHGs महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें है.&nbsp;</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Thu, 10 Aug 2023 15:50:04 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/dhar-shg-women-empowering-themselves-through-grains]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NjrUXjzidmkAfUW3TxgB.PNG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NjrUXjzidmkAfUW3TxgB.PNG"/></item><item><title><![CDATA[प्रगति की ओर बढ़ती SHG महिलाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-enabling-womens-economic-independence-and-opportunities</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4hGLdnlJjBrXaXjTdAQu.jpg"><p dir="ltr"><span>सेल्फ हेल्प ग्रुप महिलाओं की समृद्धि, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने की दिशा का माध्यम है. SHG महिलाओं को रोजगार के अवसर दिलाने और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त कराने में मदद कर रहें है. आज self help group देश भर में, महिलाओं की ज़िन्दगी को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है. ऐसी ही एक कहानी है देवकन्या की.</span></p>
<h2 dir="ltr"><span>समूह के काम संभाल रहीं देवकन्या</span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>देवकन्या सोलंकी (Devkanya Solanki)</strong>, <strong>धार (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/ajeevika-wahan-empowering-rural-shg-women">Dhar</a>)</strong> जिले के <strong>नालछा (Nalcha)</strong> ब्लॉक में स्थित गांव <strong>चंदनखेड़ी</strong> <strong>(Chandankhede) </strong>की रहने वाली है. वह गांव में रहकर, एक साधारण सी महिला के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर ,अपने परिवार की देखभाल और घर के कामों में व्यस्त रहतीं थी. समूह से जुड़ने से पहले, उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह घर के खर्चों के लिए अपने पति पर ही निर्भर थी. मिशन के अधिकारीयों के समझाने के बाद वह <strong>वरदान मॉडल आजीविका संकुल स्तरीय संगठन (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shikha-became-self-reliant-by-joining-shgs">Livelihood Cluster Level Organization</a>)</strong> से जुड़ी. वर्ष 2015 से <strong>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/ajeevika-wahan-empowering-rural-shg-women">National Rural Livelihood Mission</a>)</strong> के अंतर्गत समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपने जीवन को सकारात्मक रूप से परिवर्तित किया.</span></p>
<h3 dir="ltr">देवकन्या ने खुद का समूह बनाया&nbsp;</h3>
<p dir="ltr"><span>समूह से जुड़ने के बाद देवकन्या, अन्य सदस्यों के साथ मिलकर समूह के कामों को समझने लगीं और फिर उन्होंने खुद का समूह, <strong>श्री पार्वती समूह (Shree Parvati Samuh)</strong> का गठन किया. समूह से जुड़ने के पहले कुछ वर्षों तक, वह केवल बचत ही जमा करती थी, बाद में उन्होंने समूह के लिए लेन-देन करना, समूह में सदस्यों का रिकॉर्ड बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक होने लगी.</span><span>&nbsp;</span></p>
<h3 dir="ltr">लोन की मदद से बनाया घर&nbsp;</h3>
<p dir="ltr"><span>अगर आज की बात की करें, तो समूह में महिलाओं को 8 लाख रूपए तक का <strong>CLF लोन (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shikha-became-self-reliant-by-joining-shgs">CLF Loan</a>)</strong> मिलता है, जिसे समय-समय पर चुकता किया जाता है. समूह की मदद से आज देवकन्या ने अपने कच्चे मकान को पक्का बनाने का काम शुरू किया और आज वह बनकर तैयार भी हो गया है. समूह से जुड़ने के बाद उनके रोजगार में भी सुधार आया. आज वह महीने के 15-20 हज़ार रूपए कमा रहीं है.&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>देवकन्या ने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की है. Self Help Group से जुड़ने के बाद, देवकन्या में जागरूकता और आत्मविश्वास आया है. आज वह मिशन के द्वारा आयोजित किये गए अलग-अलग ट्रेनिंग में बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लेती है. वह समूह व ग्राम संगठन में अध्यक्ष व सचिव के पद पर कार्य के साथ संकुल में सहसचिव के रूप में भी सेवा दे रहीं है.&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>देवकन्या ने समूह से जुड़ने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार अपने जीवन में&nbsp; प्रगति की ओर बढ़ती जा रहीं है. SHGs महिलाओं को एक सकारात्मक राश्ता दिखाते है, जो उन्हें स्वतंत्र, सम्मान और समृद्ध की&nbsp; ओर आगे बढ़ने में मदद करता है.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Thu, 10 Aug 2023 13:11:50 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-enabling-womens-economic-independence-and-opportunities]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4hGLdnlJjBrXaXjTdAQu.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4hGLdnlJjBrXaXjTdAQu.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सुरक्षा के दावों की उठी अर्थी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/sharminda/22-year-old-woman-killed-by-jilted-lover-in-dhar-accused-arrested-by-police</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FC8ahpel2EsvIDg2TTtF.jpg"><p>अभी इंदौर में एक महिला प्राचार्य की हत्या को दो महीने भी ठीक से न हुए. लोग इस घटना को भूल पाते इसके पहले धार में एक निर्दोष बेटी को सिरफिरे आशिक़ ने गोली से भून दिया. हौसले इतने बुलंद की जो पुलिस उसे गिरफ्तारी करने गई ,उस पर फायरिंग कर दी. धार के बसंत विहार कॉलोनी इलाके में बुधवार की सुबह  22 साल के दीपक राठौर ने संजय नगर की पूजा की गोली मार कर हत्या कर दी. सड़क पर बेसुध गिरी पूजा मालवीय ने वहीं दम तोड़ दिया. यह विडंबना है कि इस निर्दोष बेटी का खून उस इलाके की सड़क पर बिखरा जहां से कोर्ट की दूरी चंद क़दमों पर है और घटना के दिन ही वह न्याय की उम्मीद लिए फिर पहुंचने वाली थी.रात तक पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धरदबोचा. इस बीच आरोपी दीपक ने पुलिस पर फायरिंग की. यह घटना भी कुछ समय बाद भूला दी जाएगी, लेकिन काम के तलाश में अपनी तीन बेटियों के साथ रह रही उसकी मां और परिवार को ज़िंदगीभर यह ज़ख्म सालता रहेगा.   </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/q6bdYfxO8niF3C6Worsp.jpg" alt="puja "></p>
<p>पूजा </p>
<p>इस पूरी घटना ने समाज को जहां शर्मसार कर दिया वहीं पुलिसिया ढीली कार्रवाई और शिकायतों की अनदेखी पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए. इस घटना और इसके पीछे की कहानी को यदि हम गहराई से समझें तो परत दर परत लापरवाही के दस्तावेज खुल जाएंगे.इस घटना में और पिछले दिनों इंदौर में प्राचार्य विमुक्ता की आग लगाकर हत्या वाली घटना में कुछ समानता नज़र आती है.इन दोनों घटनाओं में पुलिस की कार्रवाई को हल्के में लेना फरियादी की जान पर किस तरह बन आती है वह साफतौर साबित होता है.बच्चियों की सुरक्षा और सूचना पर पुलिस की तत्काल कार्रवाई जैसे वादे और आदेश की इन घटनाओं ने धज्जियां उड़ा कर रख दी।    </p>
<p>इस घटना में दो साल पहले  2020 में मासूम पूजा ने आरोपी दीपक के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज की. यह रिपोर्ट उसके लिए दुश्मनी और मौत का कारण बन गई. गरीब परिवार की पूजा लोगों के घरों में काम कर परिवार के भरण पोषण में साथ दे रही थी. दो छोटी बहनें पायल और नीतू पेट्रोल पंप पर काम करती थी. इस रिपोर्ट के बाद से ही दीपक ने पूजा से दूरी बनाने की बजाय और ज्यादा परेशान करने लगा. यहां तक कि कोर्ट में ही पूजा को धमकाते हुए यह केस वापस लेने का दबाव बनता रहा. बावजूद पूजा और उसका परिवार इस भ्रम में भरोसा पाले बैठा था की पुलिस आरोपी दीपक को तगड़ा सबक सिखाएगी. एक परिचित से वकील की फ़ीस एक हजार रुपए उधार लेकर आ रही पूजा का  दीपक ने पीछा किया और मार डाला. बहन पायल भी डर कर निढाल होकर गिर पड़ी.  दबे कुचले समाज के ऐसे छेड़छाड़ के प्रकरणों में पुलिस की कार्रवाई और सजा में देरी का दुष्परिणाम पूजा की मौत है. आखिर पूजा ने जो हिम्मत एक सिरफिरे आशिक़ के खिलाफ दिखाई. समाज में गुमनाम होकर भी उसे सबक सिखाने के लिए आवाज़ उठाई उसे न्याय मिलने की जगह मौत दी गई. इसका जवाब अब न पुलिस के पास है और न समाज के पास न मानव अधिकार के लोगों के पास.</p>
<p>अब आइए इंदौर के कॉलेज ऑफ़ फॉर्मेसी की प्राचार्य विमुक्ता के केस की आपको याद दिलाते हैं. इस केस में भी सिरफिरे आरोपी आशुतोष की हरकतों को लेकर प्राचार्य और कॉलेज स्टाफ ने थाना सिमरोल में कई बार सूचना दी. रिपोर्ट लिखवाई. समय पर कोई न सख्ती न कार्रवाई. नतीजा बैखोफ आरोपी आशुतोष ने रैकी की. प्लान बनाया. और एक सॉफ्ट टार्गेटेड लेडी ऑफिसर को पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला दिया. एक होनहार प्रशासनिक अधिकारी और चित्रकार महिला की योग्यताएं भी साथ दफन हो गई. परिवार की रीढ़ टूट गई. मोमबत्तियां और श्रद्धांजलि आयोजनों के बाद बस अब आरोपी की पेशियां चल रहीं हैं. </p>
<p>इधर पूजा मालवीय के मामले में भी पुलिस कड़ी धाराओं का उपयोग कर समय पर आरोपी को सजा दिलवा देती तो पूजा आज हमारे बीच होती. दोनों प्रकरणों में पुलिस का महिलाओं की शिकायतों को हल्के में लेना परिवार को भरी पड़ गया.प्रशासन ने ताबड़तोड़ आरोपी के घर पर बुलडरोज़र चलवाए. उन्हें ढहा दिया. प्रशासन और पुलिस  इसे त्वरित कार्रवाई मानकर खुद की पीठ चाहे थपथपा ले,लेकिन पूजा के सपने बिखरे खून के साथ बिखर गए. परिवार और मां, बहनों की उम्मीदें पूजा की बंधी हुई अर्थी के साथ विदा हो गई. पूजा हम आपको न सुरक्षा दे सके न ही आरोपी को वक़्त पर सजा दिला सके.आखिर ये घटनाओं का सिलसिला कब रुकेगा !मनचलों और ऐसे आरोपियों में पुलिस का खौफ हम कब देख सकेंगे। पूजा हम शर्मिंदा हैं. </p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Thu, 27 Apr 2023 15:54:06 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/sharminda/22-year-old-woman-killed-by-jilted-lover-in-dhar-accused-arrested-by-police]]></guid><category><![CDATA[शर्मिन्दा]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FC8ahpel2EsvIDg2TTtF.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FC8ahpel2EsvIDg2TTtF.jpg"/></item><item><title><![CDATA[SHG की बाग़ प्रिंट साड़ी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-of-dhar-mp-manufacture-bagh-print-saris</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/eFQorHOcwGhCp0cRfrqW.jpg"><p><iframe style="width: 758px; height: 425px;" src="https://www.youtube.com/embed/HzAV511Anv0" width="758" height="425" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>धार जिले के बाग़ प्रिंट के नाम से प्रसिद्ध कपड़े को देश -विदेश में पहचान दिलाने वाली महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की नई सोच बना ली. बाग़ नगर में प्रिंट होने वाली प्रिंट बाग़ प्रिंट के नाम से पहचान बना चुकी है. विदेशों तक अपनी पहुंच और पसंद बन जाने वाली बाग प्रिंट का शुरुआती इतिहास के कोई ठोस प्रमाण तो नहीं हैं,लेकिन यहां के क्षेत्र की गुफाओं पर अंकित शैल चित्र लगभग एक हजार साल पुराने हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 19 Apr 2023 15:41:52 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-of-dhar-mp-manufacture-bagh-print-saris]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/eFQorHOcwGhCp0cRfrqW.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/eFQorHOcwGhCp0cRfrqW.jpg"/></item></channel></rss>