<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ दक्षिण अफ्रीका]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/dkssinn-aphriikaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/dkssinn-aphriikaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 07 May 2024 17:50:38 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[दक्षिण अफ्रीकी महिला इंजीनियर सीखेंगी भारत में सोलर पैनल उत्पादन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/duniyadari/south-african-female-engineer-to-learn-solar-panel-production-in-india-4544641</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o5cQhuXcXi2HwylkUlnf.png"><p style="text-align: justify;">तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण&nbsp;(Technical and vocational education and training (TVET) में महिला भागीदारी को बढ़ाने के लिए लिम्पोपो (Limpopo), उत्तर पश्चिम (North West) और दक्षिण अफ्रीका के फ्री स्टेट प्रांतों (Free State provinces of South Africa) के विभिन्न TVET कॉलेजों&nbsp;(TVET Colleges) की 22 महिला इंजीनियर (Female Engineers) भारत में सौर पैनल विनिर्माण शिक्षण कार्यक्रम&nbsp;(solar panel manufacturing learning program) में हिस्सा ले रही रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/duniyadari/women-in-kenya-are-becoming-an-inspiration-for-men-4240588">Kenya में महिलाएं बन रहीं पुरुषों के लिए प्रेरणा!</a></p>
<h2 style="text-align: justify;">पहल का उद्देश्य महिला छात्रों को विशेष कौशल से लैस करना</h2>
<p style="text-align: justify;">ऊर्जा और जल क्षेत्र शिक्षा और प्रशिक्षण प्राधिकरण (Energy and Water Sector Education and Training Authority EWSETA) के सहयोग से दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की महिला और युवा मंत्री डॉ. नकोसाज़ाना दलामिनी जुमा (Nkosazana Dlamini-Zuma) के नेतृत्व में, इस पहल का उद्देश्य, इन 22 महिला छात्रों को सौर प्रौद्योगिकी में विशेष कौशल से लैस करना है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस कार्यक्रम की शुरुआत <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/brics-cci-we-2024-report-notes-women-participation-in-technology-and-entrepreneurship-from-brics-countries-4490544">BRICS</a> (Brazil, Russia, India, China, and South Africa) की 2023 दक्षिण अफ्रीका अध्यक्षता से हुई थी. यह ब्रिक्स महिला व्यापार (BRICS Women in Business) बैठक के निर्णायक प्रस्तावों में से एक के रूप में उभरा, जिसमें विशेष रूप से दक्षिण अफ्रीका के ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा संकट को देखते हुए, वहाँ महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">सौर पैनल निर्माण और स्थापना कार्यक्रम सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक व्यावहारिक अनुभव दोनों प्रदान करेगा, जिससे इन छात्राओं के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा.</p>
<h2 style="text-align: justify;">सरकारी संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं में Entrepreneurship को बढ़ावा</h2>
<p style="text-align: justify;">खनिज संसाधन और ऊर्जा विभाग (Department of Mineral Resources and Energy), EWSETA, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (Council for Scientific and Industrial Research CSIR), और राष्ट्रीय युवा विकास एजेंसी (National Youth Development Agency NYDA) द्वारा समर्थित, इस पहल का उद्देश्य न केवल कौशल प्रदान करना है बल्कि उद्यमशीलता को बढ़ावा देना भी है.</p>
<p style="text-align: justify;">दक्षिण अफ्रीका में सौर ऊर्जा क्षेत्र में आकर्षक व्यावसायिक उद्यमों की संभावना पर ज़ोर है. व्यापार, उद्योग और प्रतिस्पर्धा विभाग (Department of Trade, Industry and Competition) और लघु व्यवसाय विकास विभाग (Department of Small Business Development) जैसी सरकारी संस्थाओं के साथ सहयोग के माध्यम से इन छात्राओं के लिए दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में उद्यमशीलता (entrepreneurial) के अवसरों को तलाशा जाएगा.इस कार्यक्रम की मदद से महिला इंजीनियर नए ऊर्जा परिदृश्य में अपनी जगह बनाने के साथ, दक्षिण अफ्रीका के उज्जवल और टिकाऊ भविष्य में योगदान देने के लिए तैयार है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/duniyadari/nyeri-najuru-women-self-help-groups-awarded-in-bic-mama-ni-mwangaza-initiative-2025887">Nyeri, Najuru, Nairobi में SHG के साथ Women Empowerment की लहर</a></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">नंदिनी डोडिया</dc:creator><pubDate>Tue, 07 May 2024 17:50:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/duniyadari/south-african-female-engineer-to-learn-solar-panel-production-in-india-4544641]]></guid><category><![CDATA[दुनियादारी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o5cQhuXcXi2HwylkUlnf.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o5cQhuXcXi2HwylkUlnf.png"/></item><item><title><![CDATA[SA में SHG समूहों ने साथ आकर शुरू किया नया सिलसिला ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/duniyadari/shg-in-sa</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/1zyNjRqlL123LlY5FwRi.jpg"><p><br>दक्षिण अफ्रीका के पास वह सब कुछ रहा है जो किसी भी देश को चाहिए; प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विविधता. लेकिन यही खूबसूरती और समृद्धि पर जब वैश्विक शक्तियों की नज़र पड़ी तो अभिशाप बन गई. सदियों की गुलामी और अत्याचार ने यहां रंगभेद , लैंगिक भेदभाव,असमानता, बेरोज़गारी और गरीबी को जन्म दिया.  लेकिन इतिहास से साबित है कि दक्षिण अफ्रीकी लोगों ने परेशानियों को हराकर रास्ता निकाला और इसका सबसे बड़ा उदाहरण नेल्सन मंडेला रहे. जैसे नेल्सन मंडेला ने रंगभेद और उपनिवेशवाद से दक्षिण अफ्रीका को आज़ादी दिलाई वैसे ही लैंगिक भेदभाव के खिलाफ़ आज SHG लड़ रहे है.</p>
<p>दक्षिण अफ्रीका में लाखों ग्रामीण महिलाएं संसाधनों की कमी और जानकारियों से दूर, पुरुष प्रधान समाज में रहने को मजबूर हैं, जहां घर के भीतर उनके योगदान को महत्व नहीं मिलता. इसी समस्या को देखते हुए सिनामंडला फाउंडेशन ने लगभग 2 हज़ार गरीब और कमज़ोर महिलाओं को समूहों में संगठित किया. इन समूहों ने महिलाओं से रिसोर्स मैनेजमेंट, कमाई के ज़रियों के ऑप्शन, और अपना बिज़नेस शुरु करने के तरीकों पर बात की. उनमें आत्मविश्वास जगाकर अपने समुदाय के विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाया.</p>
<p>ज़िमेलेवथु फाउंडेशन ने दक्षिण अफ्रीका के क्वा-ज़ुलु नटाल प्रांत में 11 ग्रामीण समुदायों</p>
<p>के 4 हज़ार तीन सौ इकत्तर महिलाएं, युवा और पुरुषों के साथ स्वसहायता समूह तीन चरणों में शुरू किये. लक्ष्य था गरीब लोगों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना. पहले चरण में सदस्य जोड़े, उन्हें फाइनेंशियल लिट्रेसी की ट्रेनिंग दी और बचत शुरू करवाई. छोटा ग्रुप बनाकर रिटेल दुकान, खेती, मुर्गी पालन, फ़ूड प्रोसेसिंग, और क्राफ्ट बिज़नेस शुरू किये.  दूसरे चरण में लगभग 12 स्वसहायता समूहों ने मिलकर क्लस्टर स्तरीय संघ (सीएलए) बनाया. सीएलए ने मिलकर सामाजिक परियोजनाएं शुरू की.  इसमें बाल विकास केंद्र, मरीज़ की घर पर देखभाल,अनाथालय, युवाओं के लिए जीवन कौशल और कंप्यूटर लर्निंग सेंटर खोले. तीसरे चरण में 8 से अधिक सीएलए जिसमें 12 सौ से अधिक प्रतिभागियों ने मिलकर फेडरेशंस बनाये और बड़े पैमाने पर ऐसे रोज़गार शुरू किये जो सामाजिक समस्याओं को हल करें. डिटर्जेंट बनाने, बेकिंग, सिलाई, बकरी पालन, साज सजावट और केटरिंग के काम शुरू किये.</p>
<p>SHG 'मेंबर ऑफ द ईयर' अवार्ड की विजेता 35 वर्षीय बनेलिले शेज़ी ने 500 ZAR का लोन लेकर अपना होटल शुरू किया. लोग उनके सलाद, केक, चिप्स, कॉफी के साथ भोजन का भी लुत्फ़ ले रहे हैं. बाद में 600 ZAR फिर 1000 ZAR का लोन लेकर उन्होंने 2-प्लेट स्टोव,माइक्रोवेव, और चिप्स तलने की मशीन खरीदी. समय पर लोन चुकाने के साथ उन्होंने मुनाफ़ा भी कमाया. SHG ऑफ द ईयर अवार्ड का विजेता थूथुकानी SHG के 10 सदस्यों ने एक अनोखी पहल की. उन्होंने घर पर बीमार लोगों की मदद करने के लिए घर-घर जाकर देखभाल प्रोजेक्ट शुरू किया जिसके तहत समूह ने 124 कमज़ोर बच्चों की सहायता की, ज़रूरतमंद परिवारों को 81 फूड पार्सल डोनेट किए और 10 परिवारों को सोशल ग्रांट दिलवाई.</p>
<p><img style="width: 522px; height: 348px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/0B8sHdnaR8AGJNQvGQlZ.jpg" alt="africa"></p>
<p>(<em>Image Credits: Global Giving)</em></p>
<p>28 साल की बोनीसीवे हलेंग्वा पहले अपनी दादी की पेंशन पर निर्भर थी , SHG से जुड़कर उन्होंने 200 ZAR का लोन लिया और चिप्स का बिज़नेस शुरू किया. लोन चुकाने के बाद दोबारा लोन लेकर अपने बिज़नेस को बढ़ाया. चेहरे पर मुस्कान लिए कहती हैं - "मेरे घर की स्थिति अब बदल चुकी हैं इसके लिए मैं हमेशा SHG की शुक्रगुज़ार रहूंगी." SHG में बचत कर कई सदस्यों ने अपने घर बनाये, मरम्मत का काम किया, बच्चों को स्कूल यूंनीफॉर्म  दिलवाई, मेडिकल खर्चों का भुगतान किया और घर ज़रुरत का सामान भी ख़रीदा.</p>
<p>स्वसहायता समूहों ने महिलाओं को रोज़गार देकर आर्थिक आज़ादी दिलवाई और लैंगिक भेदभाव को कम करने की शुरुआत की। जब इन महिलाओं ने अपने परिवार का साथ दिया तो पुरुषों ने उनके योगदान को माना और उनकी अहमियत बढ़ी। धीरे-धीरे महिलाओं की उपस्थिति कई जगहों पर पुरुषों के साथ बराबरी में दिखना शुरू हुई। </p>
<p>दक्षिण अफ्रीका ने एक तीर से दो निशाने लगाते हुए गरीबी से बाहर निकलने के रास्ते खोजे और साथ ही सामाजिक दिक्कतों के हल निकाले. दुनियाभर में चल रहें स्वसहायता समूहों को दक्षिण अफ्रीका से सीखकर अपने इलाके में चल रहे समूहों को एक साथ लाने की कोशिश करनी चाहिए. रविवार विचार का भी प्रयास है कि वो एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन पाए जहां अलग-अलग SHG अपने विचार, योजनाएं ,और दिक्कतें एक दूसरे से बांटे और साथ मिलकर काम करें.</p>
<p><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/SDsVJ7DuqTHEklrpE8Pm.jpg" alt="africa"></p>
<p><em>(Image Credits: Global Giving)</em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 18 Feb 2023 18:42:41 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/duniyadari/shg-in-sa]]></guid><category><![CDATA[दुनियादारी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/1zyNjRqlL123LlY5FwRi.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/1zyNjRqlL123LlY5FwRi.jpg"/></item></channel></rss>