<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ गेहूं]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/gehuun</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/gehuun" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 19 Aug 2023 17:55:39 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखा कर SHG ने किया शर्मिंदा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/sharminda/shg-women-involved-in-a-fraud-of-57-lakhs-in-the-purchase-of-wheat</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BN3sd2ySz45N3ceRi9NZ.jpg"><h1><strong>व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखा कर एसएचजी ने किया शर्मिंदा &nbsp;</strong></h1>
<p>इन दिनों घरेलु और बेरोजगार महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र की सरकार पूरी ताकत झोंक रही. राज्यों के मुख्य मंत्री से लगाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों के प्रमुख अंश में महिला और <strong>स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) </strong>की तारीफ में कशीदे कसे जा रहे. सरकारों ने महिलाओं और उनके समूह को बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में अवसर दिए. ऐसे में <strong>मध्यप्रदेश (MP)</strong> के <strong>सतना (Satna)</strong> में <strong>समूह (SHG)</strong> की महिलाओं ने शर्मसार कर दिया.&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/sharminda/fatehbad-finance-company-field-staff-did-fraud-with-shg-women"> समूह </a>की महिलाओं ने भरोसा इतना तोड़ा पुलिस में प्रकरण और फिर गिरफ्तारी तक की नौबत आ गई. यह पूरा मामला<strong> गेहूं (Wheat) </strong>की <a href="https://ravivarvichar.in/sharminda/seoni-shg-women-struggles-to-get-ccl-amount">सरकारी</a><strong>&nbsp;खरीदी</strong> <strong>(Purchasing)</strong>और लाखों रुपए के <a href="https://ravivarvichar.in/sharminda/government-failure-on-success-of-women-project">फर्जी</a>&nbsp;<strong>भुगतान</strong> का है.</p>
<h2><strong>गेहूं ख़रीदा नहीं फर्जी भुगतान 57 लाख का !</strong></h2>
<p>इस मामले को यूं समझिए.<strong> सतना</strong> <strong>(Satna) </strong>जिले के<strong> रामनगर</strong> तहसील में <strong>अरगट</strong> गांव में <strong>लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह (Self Help Group)</strong> <strong>सुलखमा</strong> को <strong>गेहूं खरीदी</strong> का 2023-24 में शासन ने काम दिया. रिकॉर्ड के अनुसार समूह ने 8981.50 क्विंटल गेहूं खरीदी &nbsp;की इंट्री उपार्जन पोर्टल पर कर उसे रेडी टू ट्रांसपोर्ट कर दिया. लेकिन 2681.50 क्विंटल गेहूं की खरीदी तो वास्तव में हुई नहीं. &nbsp;समूह ने बिना गेहूं की बोरियां केंद्र पहुंचे रजिस्टर में दर्ज कर लिए. फर्जी तरीके से कागज़ों में दर्ज इस एक्स्ट्रा 2681.50 क्विंटल यानी 5363 बोरी गेहूं की खरीदी को 15 किसानों के नाम पर दिखा दिया. पहली नज़र में शासन को 56 लाख 98 हजार 187 रुपए की चपत लगाई. समूह ने यह पैसा 10 किसानों के खाते में डाल भी दिए.15 लोगों पर <strong>धोखाधड़ी</strong> <strong>(Scam) </strong>सहित दूसरी धाराओं में प्रकरण दर्ज किया. इसमें 14 महिलाएं भी शामिल है.11 लोग गिरफ्तार कर लिए.<br>&nbsp; &nbsp;<br><strong></strong></p>
<h3><strong>लालच में फंसी महिलाएं !</strong></h3>
<p>इस पूरे मामले में एक बाहरी कम्यूटर ऑपरेटर की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही. इसके अलावा इतने बड़े घपले में शामिल <a href="https://ravivarvichar.in/sharminda/rajasthan-shg-women-face-fraud-of-more-than-8-lakh-by-their-field-manager">समूह</a>&nbsp;<strong>(SHG) </strong>की <strong>अध्यक्ष</strong> <strong>आशा यादव</strong>,<strong>सचिव फुलझरिया </strong>सहित एक दूसरी ऑपरेटर को भी आरोपी बनाया. सवाल यह है घरेलु महिलाओं को इतने बड़े लालच में किसने फंसाया ? महिलाओं को फर्जी किसानों के नाम किसने दिए ? क्या सिर्फ एक बाहरी ऑपरेटर की इतनी बड़े गबन करने की हिम्मत हुई ! या इस पूरे खरीदी केंद्र को कहीं और से राजनीतिक हस्तक्षेप से चलाया जा रहा था. और यदि किसी भी परिस्थिति में समूह की महिलाओं ने फर्जी दस्तावेजों पर साइन किए. या लाखों की एक्स्ट्रा कमाई देख नीयत बिगड़ गई, इन आरोपी महिलाओं ने उन समूह के अवसर और रास्ते भी बंद कर दिए जो पूरी ईमानदारी से अपने को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मेहनत कर रही. ऐसी मेहनती महिलाएं और उनके लिए बेहतर सोचने वाला समाज शर्मिंदा है.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Sat, 19 Aug 2023 17:55:39 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/sharminda/shg-women-involved-in-a-fraud-of-57-lakhs-in-the-purchase-of-wheat]]></guid><category><![CDATA[शर्मिन्दा]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BN3sd2ySz45N3ceRi9NZ.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BN3sd2ySz45N3ceRi9NZ.jpg"/></item><item><title><![CDATA[गेहूं की बाली से SHGs में होगी हरियाली ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-earn-their-living-through-wheat</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/A4dt6bqbb5ctd9SaqhVU.JPG"><p>थाली में जब तक रोटी न हो, खाना अधूरा लगता है. रोटी तो भारत के हर घर का एक अहम हिस्सा है जिसकी जगह कभी कोई और खाना ले ही नहीं सकता.1.6 करोड़ किसानों के लिए भी गेहूं उनकी ज़िन्दगी का में खुशियां लाने का एक ज़रूरी हिस्सा है. भारत गेहूं उत्पाद का 2 सबसे बड़ा देश है और यहाँ के 50% से ज़्यादा परिवार हर दिन गेहूं से बानी कोई न कोई चीज़ कहते ही है. 2019-20 फसल वर्ष के दौरान भारत में लगभग 16.5 मिलियन किसान गेहूं की खेती में लगे हुए थे. देख के समझ आ ही जाएगा की गेहूं कमाई का एक बहुत बड़ा साधान बन सकता है.</p>
<p>और इस बार भारत की कई SHG महिलाओं ने भी गेहूं की बाली में उनका जीवन सुधारने की उम्मीद देखी है. सहकारी समिति के साथ महिला स्वयं सहायता समूह गेहूं खरीदी के काम में दिलचस्पी दिखा रही हैं. इस साल 42 समूहों ने अपने प्रस्ताव जिला पंचायत के माध्यम से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कार्यालय को भेजे हैं. इसी प्रकार अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए फाॅर्मर्स प्रोडयूसर कंपनी (एफपीओ) ने ज्यादा संख्या में आवेदन दिए हैं. अब इनमें किसे मौका मिलता है, यह आने वाले दिनों में देखने को मिल ही जाएगा. सहकारी समिति के साथ स्वयं सहायता समूह चार अप्रेल से गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू कर देंगे.</p>
<p>जिले में गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर जो खरीदी होती है, उसमें आमतौर पर सहकारी समितियां भागीदारी करती हैं. इन खरीदारों में स्वयं सहायता समूहों की संख्या काफी काम होती है.लेकिन इन बार इनकी ओर से ज्यादा संख्या में प्रस्ताव भेजे गए हैं. जबलपुर जिले में 82 केंद्र बनाए गए हैं और 48 केंद्र और बनने बाकी हैं. ध्यान देने की बात यह हैं की इन केंद्रों में से ज़्यादातर केंद्रे इस बार स्वयंसहायता समूहों को मिल सकते है. फिलहाल के लिए  सभी के प्रस्तावों को जिला विपणन संघ और खाद्य कार्यालय की ओर से मुख्यालय भेजा गया है.</p>
<p>जबलपुर जिले में इस बार पांच लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है. 51 हजार से ज्यादा किसानों ने अपने गेहूं की उपज की बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. शुरुआत में सहकारी समितियां गेहूंखरीदेंगी और इसके बाद महिला स्व-सहायता समूह एवं एफपीओ को कुछ केंद्र मिलेंगे. हालांकि जिले में एफपीओ की संख्या एक या दो से ज़्यादा नहीं हैं और इसीलिए ज़्यादातर खरीदी में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं ही सामने आएंगी. अभी 82 केंद्र निर्धारित किए जा चुकें हैं और बाकियों का चयन मुख्यालय से जल्दी ही करा जाएगा. महिला SHG के लिए ये कदम बहुत बड़ा साबित होगा और उम्मीद हैं की आने वाले वर्षों में गेहूं खरीदी में स्वयं सहायता समूह और बड़े पैमाने पर सामने आएँगे.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 04 Apr 2023 13:24:44 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-earn-their-living-through-wheat]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/A4dt6bqbb5ctd9SaqhVU.JPG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/A4dt6bqbb5ctd9SaqhVU.JPG"/></item></channel></rss>