<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ गोधन न्याय योजना]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/godhn-nyaay-yojnaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/godhn-nyaay-yojnaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 20 May 2023 15:33:18 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[गोधन से कमाया धन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/cm-baghel-will-release-rs-13-crore-57-lakh-to-the-beneficiaries-of-godhan-nyaya-yojana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AQbxHpEIMXqGlnktryeC.png"><p>छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार की गोधन न्याय योजना (Godhan Nyay Yojana) से छत्तीसगढ़ में कई वर्गाें को सहयोग मिल रहा है. इस योजना से 3 लाख 41 हजार 713 पशुपालकों को फायदा पहुंच रहा है. ख़ास बात ये है कि इनमें 46 % से ज़्यादा महिलाएं शामिल हैं. महिलाएं गोबर बेचकर आमदनी कमा रही हैं.  इस आय से वे अपने परिवार को सहारा दे रही हैं. कहीं उन्होंने गोबर बेचकर दो पहिया वाहन खरीद लिये, तो कहीं उन्होंने अपने परिवार के लिए मकान बना लिया. इस योजना से लाभ लेकर, महिलाओं ने अपने सपने पूरे किये और उनमें आत्मविश्वास जागा है. वे गौठानों में संचालित होने वाली गतिविधियों में भी काम कर रही हैं. प्रदेश में 10 हजार 426 गौठान स्वीकृत हैं, जिसमें से 10 हजार 206 गौठान बनाये जा चुके हैं. </p>
<p>मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel ) दुर्ग जिले के सांकरा पाटन में आयोजित होने वाले 'भरोसे के सम्मेलन' में गोधन न्याय योजना के लाभार्थियों को 13 करोड़ 57 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन ट्रांसफरकरेंगे. जिसमें गौठानों में खरीदे गए 1.98 लाख क्विंटल गोबर के लिये ग्रामीण पशुपालकों को 3.95 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 5.66 करोड़, और स्वयं सहायता समूहों को 3.96 करोड़ रूपए की राशि शामिल है जिससे इन्हें फायदा मिलेगा. गोधन न्याय योजना के तहत गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों और महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups-SHG) को पिछले महीने 445 करोड़ 14 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है.</p>
<p>इस योजना से उन ग्रामीणों को भी फायदा मिला है, जिनके पास खुदकी ज़मीन नहीं है. लगभग 2 लाख ऐसे परिवारों को भी गौठानों में गोबर की बिक्री करने और रोजगार हासिल करने के अवसर मिले हैं. गोधन न्याय योजना के तहत, गोबर से वर्मी कम्पोस्ट और सूपर कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ दूसरी सामग्री भी तैयार की जा रही है. </p>
<p>गौठान और गोधन न्याय योजना ने गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाये हैं. आज गौठान ग्रामीण अंचल में आजीविका के एक मजबूत ज़रिये के रूप में उभर रहे हैं. गोधन न्याय योजना के ज़रिये स्वावलंबी गौठानों की गिनती तेज़ी से बढ़ती जा रही है. स्वावलंबी गौठान अब अपनी स्वयं की जमा पूंजी से गोबर खरीदने के साथ-साथ गौठान की दूसरी ज़रूरतों को भी पूरा कर रहे हैं. राज्य में 5709 गौठान स्वावलंबी बन चुके हैं. गौठानों में गौमूत्र खरीद स्वयं सहायता समूह के महिलाएं उससे जैविक कीटनाशक और फसल को बढ़ाने वाला जीवामृत बनाकर बेच रही हैं. अब तक 74401 लीटर कीटनाशक और 31478 लीटर जीवामृत की बिक्री जो चुकी है, जिससे 48.50 लाख रूपए की कमाई हुई है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 20 May 2023 15:33:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/cm-baghel-will-release-rs-13-crore-57-lakh-to-the-beneficiaries-of-godhan-nyaya-yojana]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AQbxHpEIMXqGlnktryeC.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AQbxHpEIMXqGlnktryeC.png"/></item><item><title><![CDATA[सबसे बढ़िया, छत्तीसगढ़िया ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/new-dimensions-of-women-empowerment-in-chhattisgarh-india</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg"><p dir="ltr">महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) देश के आगे बढ़ने का पक्का रास्ता है. यह तय है कि जिस दिन हर महिला पूरी तरह से अपने पैरो पर खड़ी हो गयी उस दिन विकास निश्चित है. महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, और पारिवारिक मज़बूती उनका भविष्य उज्जवल करेगी. बस इसी सोच के साथ Chhattisgarh government ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उनके स्वावलंबन की नीति अपनाई है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) की पहल पर महिलाओं की रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के साथ उनकी सृजन क्षमता को स्थानीय संसाधनों के साथ जोड़ा गया है. महिलाओं की व्यक्तिगत, सामाजिक, और आर्थिक स्थिति से जुड़ा यह विषय उनके लिए विकास के नयी परिभाषा बनेगा. </p>
<p dir="ltr">नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी वर्ष 2020-21 की India Index Report के अनुसार Gender Equality में छत्तीसगढ़ पहले स्थान पर था. कुपोषण और एनीमिया से लड़ाई में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली. छत्तीसगढ़ में शुरू हुए 'मुख्यमंत्री सुपाषण अभियान' (Chief Minister's Goodwill Campaign) से अब तक 50 लाख महिलाएं एनीमिया मुक्त हो चुकी हैं. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों, किशोरों, गर्भवती तथा शिशुवती महिलाओं को IFA (Iron Folic Acid) सप्लीमेंट्स उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है. छत्तीसगढ़ में महिलाओं की प्रगति के लिए अपनाई गई नीतियों के वजह से ही वनोपज के कारोबार से 50 हजार से ज़्यादा महिलाएं जुड़कर राज्य की आर्थिक उन्नति में अपना योगदान दे रहीं हैं. वहीं जिला खनिज न्यास निधि बोर्ड में ग्रामीण महिलाएं, ग्राम सभा सदस्यों के रूप में खुद के लिए नीतियां भी तैयार कर रही हैं. प्रदेश में करीब 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क शुरू किए गए, जहां महिलाओं को रोजगार और आय मिल रही है. महिलाओं को बैंकिंग प्रक्रिया से जोड़ने लगभग चार हजार बहनें बीसी सखी के रूप में चलते-फिरते बैंक के रूप में बैंकिंग सुविधाएं दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचा रही हैं. 'छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान' से करीब 27 लाख गरीब परिवारों की महिलाएं 02 लाख 54 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं. 'गोधन न्याय योजना' के तहत गांव-गांव में बनाए गए गौठानों में लगभग 45 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की है. बस्तर के आदिवासी जिले दंतेवाड़ा की डेनेक्स गारमेंट फैक्टरी में काम कर रही महिलाओं ने देश-विदेश में डेनेक्स ब्रांड को लोकप्रिय बनाया है. </p>
<p dir="ltr">महिला Self Help Groups को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से समूह द्वारा लिए गए पुराने 12 करोड़ रूपये के ऋण माफ कर दिये हैं. साथ ही ऋण वापस लौटने की सीमा को भी दो से चार गुना कर दिया. महिला कोष द्वारा दिए जाने वाले ऋण सीमा में भी दोगुनी वृद्धि की गई है. वर्ष 2023-24 में महिला कोष के लिए 25 करोड़ रूपए का वार्षिक बजट उपलब्ध कराया गया है. नई 'कौशल्या समृद्धि योजना' शुरू करने की योजना है, इसमें महिलाओं को व्यवसाय के लिए आसान शर्तों पर 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा. इसके लिए 25 करोड़ रूपए का बजट अतिरिक्त रूप से स्वीकृत किया है. छत्तीसगढ़ पुरे देश में एक मिसाल के रूप में आगे आया है. महिला सशक्तिकरण पर बिना रुके इतना काम करना सच में सराहनीय है. छत्तीसगढ़ सरकार से पुरे देश को सीखना चाहिए और महिला सशक्तिकरण के लिए  बिना रुके काम करना चाहिए.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 09 May 2023 11:55:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/new-dimensions-of-women-empowerment-in-chhattisgarh-india]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/uRv1lkDE1PNKMSWuzDw4.jpg"/></item></channel></rss>