<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ गोवा]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/govaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/govaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Thu, 18 May 2023 15:50:00 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[भविष्य की need बनेगी 'seaweed' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/gabriella-dcruz-the-seaweed-warrior-creating-awareness-about-the-importance-of-seaweed-with-her-company-the-good-ocean</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QfLT2IuRSr4ErSMnm9aT.jpg"><p dir="ltr">"चलो गोवा चलते है." कोई कह दे, तो मन ख़ुश हो जाता है. और हो भी क्यों ना ? इतनी सुन्दर जगह जो है! घूमने के लिए, मस्ती के लिए, आराम करने ले लिए, खाने पिने के लिए, चाहे जो करना हो, गोवा से बेहतर राज्य मिलना मुश्किल है. हर जगह सिर्फ चहल पहल और मौज. लेकिन हर वक़्त की मस्ती वाले समुद्र तट (Beach) और पार्टियों से दूर, गोवा में, एक शांत खाड़ी है जहां Zuari River और Arabian Sea मिलते हैं. बस समंदर के पानी की शांति और कुछ नहीं ! यहीं आपको अक्सर गोवा की Seaweed Warrior Gabriella D'cruz अपने मिशन पर तैनात मिल जाएंगी. Oxford University से biodiversity conservation में मास्टर्स कर चुकी गैब्रिएला डी'क्रूज़ को  "जीवन बदलने और Seaweed का उपयोग करके महासागरों को पुनर्जीवित करने" के लिए BBC Global Youth Campion Award भी मिल चूका है. </p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/qbOMGZNtKObQZLZ8hzsl.jpg" alt="Gabriella Dcruz"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Conde Nast Traveller India</em></span></p>
<p dir="ltr">गेब्रिएला के इस मिशन की शुरुआत तब हुई जब वे तमिलनाडु के एक छोटे से तटीय समुदाय का दौरा करने गयी थी. वह गांव अपनी आजीविका के लिए समुद्री शैवाल (Seaweed) पर निर्भर था. भारतीनगर (चेन्नई से 350 किमी) में, स्थानीय महिलाएं Seaweed इकट्ठा करने के लिए नेट बैग और रबर चप्पल के साथ दिन में लगभग सात से दस घंटे 30 फीट तक समुद्र में गोता लगाती हैं और इसे खाद्य और फार्मा कंपनियों को बेचतीं हैं. तब से ही, डिक्रूज ने द गुड ओशन को शुरू करने और भारत में 'खाद्य केंद्रित समुद्री शैवाल मूल्य श्रृंखला' (Edible Concentrated Seaweed Value Chain) के निर्माण में अपना सारा ध्यान दिया. डी'क्रूज़ का मानना ​​है कि यह सीवीड भारत के लिए अमूल्य खजाना साबित होंगे. </p>
<p dir="ltr">निशा डिसूजा द्वारा चलायी जाने वाली गोवा स्थित एक Conservation Consulting Company 'EcoNiche' (ईकोनीश) की मदद से डिक्रूज देश के पहले दो Indian Seaweed farms को स्थापित कर चुकी है- यानी ऐसे फार्म (Farm) जो Seaweed की स्थानीय किस्मों की खेती करते हैं. Seaweed भोजन के आधार हैं, समुद्र में अन्य प्रजातियों के लिए प्रजनन का आधार हैं,महत्वपूर्ण मात्रा में कार्बन को एब्सॉर्ब कर समुद्र के acidification को कम करते हैं और nutrient scrubber के रूप में काम करते हैं. जापान में टॉप क्वालिटी Seaweed का एक छोटा डिब्बा 12,960 yen  (8,500 रुपये प्रति पॉप) तक आता है. Global Beauty Industry ने भी अपने उच्च एंटीऑक्सिडेंट, अमीनो एसिड और विटामिन सी के लिए इसका बहुत मात्रा में उपयोग किया जाता है.</p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/jxMgkertouBKLe34pkVz.jpg" alt="Gabriella Dcruz"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Girl Power Goa</span>  </p>
<p dir="ltr">भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी. गेब्रिएला चाहती है की seaweed को संरक्षण मिले और इसकी लिए एक कानून भी बने. यहाँ, पोषक समुद्री पौधे का उपयोग मुख्य रूप से दवा उद्योग और खाद्य उत्पादों में, जिलेटिन के विकल्प के रूप में किया जाता है. गोवा में लगभग 145 किस्म के सीवीड पाए जाते है. एंटीऑक्सिडेंट और आयोडीन से भरपूर एक अत्यधिक पौष्टिक उत्पाद, समुद्री शैवाल भारत की बढ़ती कुपोषण समस्या से निपटने में मदद कर सकेगा. गेब्रिएला की कंपनी "The Good Ocean" देश में Seaweed को बढ़ावा देने के लिए  पुरे देश में बहुत प्रजाति कर रही है. देश की महिलाएं भी उनकी इस कार्य में बहुत मदद कर सकती है. ऐसी महिआलें जो समुद्री तात से अपनी आजीविका  बनती है, वे अगर गेब्रिएला डी-क्रूज़ के साथ मिलकर काम करें तो वे अपने जीवन को बहुत जल्द परिवर्तित कर सकेंगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 18 May 2023 15:50:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/gabriella-dcruz-the-seaweed-warrior-creating-awareness-about-the-importance-of-seaweed-with-her-company-the-good-ocean]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QfLT2IuRSr4ErSMnm9aT.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QfLT2IuRSr4ErSMnm9aT.jpg"/></item><item><title><![CDATA[G20 की तीसरी बैठक गोवा में ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/emphasis-of-women-empowerment-in-third-development-working-group-meeting-of-g20-held-in-goa</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QVSDFLx6OlrkMyWz3XUa.jpg"><p dir="ltr">हाल ही में G20 की तीसरी डेवलपमेंट वर्किंग ग्रुप की बैठक गोवा में पूरी हुई. इसमें “महिला और अर्थव्यवस्था: उभरते हुए क्षेत्र और काम का भविष्य” विषय पर ज़्यादा बातचीत की गयी. इस विकास कार्य समूह की बैठक का आयोजन G20 सचिवालय द्वारा Observer Research Foundation (ORF) के सहयोग से किया गया. यह कार्यक्रम ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ विषय पर एक आकर्षक और गंभीर उप-कार्यक्रम से शुरू हुआ. उप-कार्यक्रम की शुरुआत समीर सरन के उद्घाटन भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने न केवल महिलाओं के अधिक समावेश और सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया, बल्कि आने वाले दशकों में नए नेतृत्व पर भी बात की. इस बैठक के दौरान UN की former president Maria Fernanda Espinosa Garces ने कहा- "महिलाओं के विकास से जुड़े विकास नैरेटिव्ज़ का महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गहरा असर होता है."  </p>
<p dir="ltr">इस बैठक में 5 मुद्दों पर बात 5 हुई, जिनमें लैंगिक डिजिटल अंतर को समाप्त करना, Science, technology, engineering, and mathematics (STEM) क्षेत्रों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देना, Literacy Rate के अंतर को समाप्त करना, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना और राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी शामिल है. बजट 2023 ने महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया को भी काफी बढ़ावा दिया है. उदाहरण के लिए 'दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' ने ग्रामीण महिलाओं को 81 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHG) में संगठित करके उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. यह बैठक देश की महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ा कदम साबित होगी. Self help groups की महिलाओं के लिए यह अब आजीविका तैयार करना और भी आसान हो जाएगा . वे अपने जीवन को बिना परेशानियों के परवर्तित कर सकतीं हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Wed, 10 May 2023 16:12:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/emphasis-of-women-empowerment-in-third-development-working-group-meeting-of-g20-held-in-goa]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QVSDFLx6OlrkMyWz3XUa.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/QVSDFLx6OlrkMyWz3XUa.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सबके मन को भाया ‘काजू उत्सव’ ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/cashew-festival-goa-2023</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/d1rAc7ojGKJuVslj5SsP.jpg"><p><strong> </strong></p>
<p dir="ltr">गोवा में मनाया गया 'काजू उत्सव'- हाल ही में गोवा में काजू उत्सव मनाया गया. इस अवसर पर देश-दुनिया से आये पर्यटक और गोवा सरकार के अधिकारी भी मौजूद थे. दो दिवसीय 'काजू उत्सव गोवा 2023' का आयोजन गोवा फारेस्ट डेवेलोपमेंट कारपोरेशन (GFDC) द्वारा दयानंद बंदोदकर ग्राउंड कैंपल पणजी में किया गया.</p>
<p dir="ltr">इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने किया. उन्होंने कहा- "यह उत्सव महान ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा, और काजू उगाने वाले राज्य इस तरह के राज्य स्तरीय उत्सवों के आयोजन में गोवा के नक्शेकदम पर चलेंगे. काजू के लिए समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है. यह बढ़ी हुई दर पिछले सीजन की फसल के लिए दी जाएगी हम इस फल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएंगे." गोवा राज्य वन विकास निगम की अध्यक्ष देविया राणे ने कहा, "गोवा में काजू की बहुत मांग है. लेकिन कम पैदावार के कारण लगभग 40% मांग को पूरा नहीं किया जा पाता. इसलिए ज़्यादा ज़मीन काजू की खेती के तहत लाई जाएगी." उन्होंने इस उत्सव के सफल होने का सारा श्रेय ग्रामीण महिलाओं को दिया. पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे ने कहा, "हम पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए नए विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. हमारे पास ऐसी कई चीजें हैं, जिनका इस्तेमाल अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने और एक राज्य के रूप में विकसित करने के लिए किया जा सकता है." मुख्यमंत्री ने कहा- "काजू महोत्सव, जिसकी परिकल्पना आत्मनिर्भर भारत और स्वयंपूर्ण गोवा के आधार पर की गई थी, ने बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया. काजू और पर्यटन, काजू और संस्कृति जैसी कॉन्सेप्ट्स न केवल गोवा बल्कि पर्यटकों को भी आकर्षित करेंगी." उन्होंने कहा- "स्थानीय स्वयं सहायता समूहों द्वारा गोवा के उत्पादों की बिक्री के लिए कई स्टाल लगाए जिन्हें देख कर बहुत<strong> </strong>ख़ुशी मिली."</p>
<p dir="ltr">इस उत्सव में स्थानीय कारीगरों और SHG महिलाओं के हस्तशिल्प का प्रदर्शन भी किया गया. इस उत्सव में ना केवल डिस्टिलर्स बल्कि किसानों, रेस्टोरेंट, खुदरा विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण महिलाओं, और काजू प्रेमियों को एक साथ जोड़ दिया. स्टालों में कुछ दिलचस्प भोजन कॉम्बो, काजू के पेय और काजू आइसक्रीम भी थे जिनका सब लोगों ने आनंद उठाया. स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए यह एक बहुत बड़ा अवसर रहा, जहां वे अपनी कला और कौशल सबके सामने रख पाई. इस पहल से बहुत सी महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की तरफ एक कदम और बढ़ा रही है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Mon, 17 Apr 2023 12:28:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/cashew-festival-goa-2023]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/d1rAc7ojGKJuVslj5SsP.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/d1rAc7ojGKJuVslj5SsP.jpg"/></item></channel></rss>