<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ हैदराबाद]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/haidraabaad</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/haidraabaad" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 22 Jul 2024 14:05:34 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[हैदराबाद की पहली महिला क्यूरेटर- Praneesha Gorentla ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/praneesha-gorentla-is-the-first-women-curator-of-hyderabad-cricket-association-and-2nd-women-in-bcci-6593662</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9usoRMnCepsovp4WSXqm.jpg"><p style="text-align: justify;">Praneesha Gorentla&nbsp;ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के इतिहास में अपना नाम दर्ज किया है, जब वह <strong>पहली महिला क्यूरेटर</strong> बनीं. HCA के सचिव आर. देवराज ने उन्हें सहायक क्यूरेटर के रूप में आधिकारिक पत्र सौंपा.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">29 वर्षीय Praneesha Gorentla कहती हैं, "<em>यह मेरे करियर के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है क्योंकि मैं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की प्रमाणित क्यूरेटर बनना चाहती हूँ.</em>"</p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;">Praneesha Gorentla: क्रिकेट करियर की शुरुआत</h2>
<p style="text-align: justify;">Praneesha Gorentla ने अपने करियर की शुरुआत एक ऑलराउंडर के रूप में की थी और हैदराबाद सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व किया था.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">"<em>मैं एक ओपनिंग बैट्सवुमन और ओपनिंग बॉलर थी, लेकिन टखने की चोट ने मेरे क्रिकेट करियर को छोटा कर दिया,</em>" Praneesha Gorentla ने बताया.</p>
</blockquote>
<p style="text-align: justify;">एक अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में तमिलनाडु के खिलाफ 32 गेंदों में 52 रन बनाने का उनका रिकॉर्ड है.</p>
<p style="text-align: justify;">2017 में आई चोट ने उनके दिल को तोड़ दिया, लेकिन उनके खेल के प्रति जुनून को नहीं रोका.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">"<em>चोट के कारण मुझे खेल से ब्रेक लेना पड़ा. इस दौरान मेरे पिता (विन्सेंट विजय) का ट्रांसफर वारंगल हो गया. खेल से दूर होने के कारण, मैंने क्यूरेटर बनने में रुचि ली क्योंकि मुझे यह एक दिलचस्प विषय लगा. मुझे यह भी पता था कि बहुत कम महिलाएं इस क्षेत्र में आई हैं. मैंने ऑनलाइन जानकारी खोजनी शुरू की और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की वेबसाइट पर क्यूरेटर बनने के बारे में सीखा,</em>" Praneesha Gorentla ने बताया.</p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;">हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) की पहल</h2>
<p style="text-align: justify;">अपने पिता के प्रोत्साहन पर, Praneesha Gorentla ने करुनापुरम में जमीन लीज पर ली और वारंगल में एक टर्फ विकेट ग्राउंड शुरू किया.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">"<em>यह एक बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य था. वारंगल में बहुत कम टर्फ विकेट्स थे और मैं चाहती थी कि जिले के लड़के/लड़कियां हैदराबाद में टर्फ विकेट्स पर खेलने से पहले इन विकेट्स पर खेलें. शुरुआत में संघर्ष हुआ, लेकिन कोविड-19 ने मेरी योजनाओं को बुरी तरह प्रभावित किया और मुझे नुकसान भी हुआ,</em>" Praneesha Gorentla ने बताया.</p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;">हैदराबाद में वापसी</h2>
<p style="text-align: justify;">अपने माता-पिता के हैदराबाद में ट्रांसफर होने के बाद, Praneesha Gorentla ने इस साल HCA अधिकारियों से संपर्क किया और ग्राउंड स्टाफ का हिस्सा बनने की इच्छा जताई. उनकी क्यूरेटर बनने की लगन को देखकर पूर्व भारतीय कप्तान पूर्णिमा राउ और अर्चना ने HCA के अध्यक्ष जगन मोहन राव और देवराज को Praneesha&nbsp;का नाम प्रस्तावित किया. जनवरी में उन्हें टीम में शामिल किया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">Praneesha को अनुभवी क्यूरेटर वाई.एल. चंद्रशेखर के साथ काम करने का मौका मिला.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">"<em>मैं विकेट्स बनाने और आउटफील्ड के बारे में intricacies सीख रही हूं,</em>" Praneesha Gorentla ने बताया.</p>
</blockquote>
<p style="text-align: justify;">उनका पहला बड़ा अनुभव राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में भारत-इंग्लैंड पहले टेस्ट मैच के दौरान था. वह आईपीएल मैचों में भी प्रमुख रूप से देखी गईं.</p>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;">HCA के अध्यक्ष जगन मोहन राव ने कहा, "<em>Praneesha Gorentla में बहुत रुचि है और मुझे उनके मेहनत के प्रति उनके रवैये से बहुत खुशी है.</em>"</p>
</blockquote>
<p style="text-align: justify;">Praneesha ने अपनी मेहनत और समर्पण से महिला क्यूरेटर के क्षेत्र में नया मानदंड स्थापित किया है. उनके इस सफर ने न केवल उन्हें पहचान दिलाई है, बल्कि अनेक अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Mon, 22 Jul 2024 14:05:34 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/praneesha-gorentla-is-the-first-women-curator-of-hyderabad-cricket-association-and-2nd-women-in-bcci-6593662]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9usoRMnCepsovp4WSXqm.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9usoRMnCepsovp4WSXqm.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में महिला सशक्तिकरण के नए आयाम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-gives-priority-to-the-development-of-women-and-children</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg"><p dir="ltr"><span>तेलंगाना का आंध्र प्रदेश से 2014 में अलग होना राजनैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया एक बड़ा कदम था. विभाजन में बाद से प्रदेश में उन्नति का स्तर बढ़ा है, और यहाँ की सरकार भी प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए आए दिन नए प्रयास करती रहती है. <strong>भारत की सबसे ज़्यादा युवा जनसंख्या</strong> आज<strong> तेलंगाना राज्य</strong> में है. 2022 में लाई गयी <strong>नेशनल युथ पॉलिसी</strong> में केंद्र सरकार ने 2030 तक युवाओं के साथ देश की विकास की बात की गयी है. तेलंगाना का इस पॉलिसी में एक बहुत बड़ा रोल होगा. इसके साथ महिलाओं का विकास भी सरकार का एक अहम केंद्र है, जिस पर तेजी से काम हो रहा है. </span></p>
<p dir="ltr"><span>सिटी ऑफ़ पर्ल्स (हैदराबाद) में भी तेलंगाना सरकार ने महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए <strong>पूरक पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, रेफरल सेवाओं, सशक्तिकरण पहल और कल्याणकारी कार्यक्रमों</strong> के साथ कई <strong>आउटरीच कार्यक्रमों</strong> को लागू किया. पिछले दस सालों में महिलाओं और बच्चों के लिए लागू की जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों को उजागर करने के लिए <strong>तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस समारोह</strong> के मौके पर 'महिला संक्षेमा दिनोत्सवम' का आयोजन किया गया. <strong>तेलंगाना महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़</strong> ने 'किशोरामृतम', 'आरोग्य लक्ष्मी मसाले' और 'मसालों' के पैकेट लॉन्च किए. इस मौके पर महिला एवं बाल संस्थाओं की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया.</span></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Women and child development in Telangana " src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/9uYLLZAh9lWmLrrusor3.jpg"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits:Business Standards</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>बैंकों द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में तीन गुना वृद्धि हुई है. SHG सदस्यों और समूह के ग्राम स्तर के संगठनों के वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करने के लिए एक <strong>मोबाइल अकाउंटिंग ऐप</strong> भी बनाया गया है. राज्य सरकार ने कल्याण लक्ष्मी के तहत 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की वित्तीय सहायता दी. घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, हमलों और दुर्घटनाओं की शिकार महिलाओं को तत्काल चिकित्सा देखभाल, न्याय और वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से <strong>वन स्टॉप सेंटर 'सखी' </strong>की स्थापना की. यह सखी केंद्र 24/7 काम करते हैं.</span></p>
<p dir="ltr"><span>सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्र में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हर दिन एक पौष्टिक भोजन प्रदान करने के लिए<strong> आरोग्य लक्ष्मी योजना</strong> शुरू की. समय-समय पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की उपस्थिति और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के लिए <strong>आरोग्य लक्ष्मी ऐप</strong> बनाया गया है. सरकार ने विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन के लिए <strong>16 शी टैक्सियां</strong> भी शुरू कीं.</span></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Women Of Telangana becomes empowered " src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/TLFm0yZ3qTO9Gu9CgcBU.jpg"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: The Economic Times</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>तेलंगाना सरकार की ओर से महिलाओं के लिए इतने प्रयास राज्य में उनके विकास को निश्चित करते है. Self Help Group से जुड़ी महिलाओं को भी सरकार बढ़ावा दे रही है. सिर्फ तेलंगाना ही नहीं बल्कि पुरे देश में महिला सशक्तिकरण एक बड़ी पहल है, और भारत की प्रगति में एक सराहनीय कदम साबित होगा.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 20 Jun 2023 13:28:10 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-gives-priority-to-the-development-of-women-and-children]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg"/></item><item><title><![CDATA[वेस्ट-टू-एनर्जी से तेलंगाना में कमाई ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-will-establish-waste-to-energy-plants</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9eSTtx7diXR0qtWvR3KE.jpg"><p dir="ltr">देश में हर राज्य की सरकार यह प्रयास करती है कि अपने शहरों, गावों, और कस्बों को स्वच्छ और प्रदुषण मुक्त बना पाए. ऐसे बहुत से तरीके आज हमारे पास उपलब्ध है जिनका इस्तेमाल कर प्रदुषण पर नियंत्रण पाया जा रहा है. <strong>सॉलिड वेस्ट</strong> (Solid Waste) से घरों में इस्तेमाल की एनर्जी (Energy) बनाना भी एक ऐसा तरीका है, जिसका इस्तेमाल आज पुरे देश में तेजी से बढ़ रहा है. सरकारें प्रदेश को कचरा मुक्त बनाए के लिए इस method को इस्तेमाल करतीं है. <strong>तेलंगाना सरकार</strong> भी इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए अगले साल दिसंबर तक 101 मेगावाट बिजली पैदा के लिए <strong>हैदराबाद के विरासत डंपयार्ड जवाहरनगर</strong> में पांच और <strong>वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स</strong> (WTE plants) स्थापित करने का फैसला किया है.</p><p dir="ltr">फ़िलहाल , जो WTE Plant लगा हुआ है, वह 24 मेगावाट बिजली उत्पन्न करने में सक्षम है, जो लगभग 1,500 मीट्रिक टन RDF (रिफ्यूज डेराइव्ड फ्यूल) की प्रोसेसिंग करता है. <strong>तेलंगाना नगरपालिका प्रशासन विभाग</strong> ने जुलाई 2023 तक तैयार होने के लिए डिंडीगुल (15 मेगावाट) और जवाहरनगर चरण 2 (24 मेगावाट), प्यारानगर (15 मेगावाट), यचारम (12 मेगावाट) और बीबीनगर (11) में WTE plants के लिए योजना और लक्ष्य तय किया हैं. इसके साथ, लगभग 5,100 MT RDF, 15,000 MT ठोस कचरे के बराबर, हर दिन WTE के लिए उपयोग किया जाएगा. <strong>के टी रामाराव </strong>(KTR) ने <strong>विश्व पर्यावरण दिवस</strong> (5 जून) के अवसर पर <strong>एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया</strong> (ASCI) के साथ साझेदारी में राज्य सरकार की पहल <strong>रीथिंक, रिड्यूस, रीयूज एंड रीसायकल नॉलेज हब </strong>लॉन्च किया. रीथिंक एक IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) प्लेटफॉर्म है जो शहरों में <strong>RRR केंद्रों</strong> को रिसाइकिलर्स, MSME और स्टार्ट-अप से जोड़ता है.&nbsp;</p><p dir="ltr">इसका उद्देश्य <strong>वेस्ट मैनेजमेंट</strong> की साइकिल में तेजी लाना और कचरे को लैंडफिल और वाटर बॉडीज में जाने से रोकना है. KTR ने कहा- "<em>हैदराबाद में 206 ड्राई रिसोर्स कलेक्शन सेंटर (DRCCs) हैं, जिनमें से 87 का मैनेजमेंट महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा किया जाता है, जिससे हर साल लगभग 6.3 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त होता है.</em>" <strong>तेलंगाना के self help groups</strong> की महलाएं कचरा प्रबंधन में बहुत बड़ा रोल निभा रही है. सरकार की ओर से यह जो पहल की गयी है इसमें SHGs उनकी बहुत मददकर सकते है.&nbsp;<strong>महिला SHGs</strong> को ठोस कचरे को एनर्जी में बदलने का प्रशिक्षण देकर उन्हें इस कार्य में आगे बड़ा सकते है. महिलाओं और तेलंगाना सरकार, दोनों के लिए यह कदम बहुत अच्छा और मददगार साबित होगा.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 06 Jun 2023 17:06:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-will-establish-waste-to-energy-plants]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9eSTtx7diXR0qtWvR3KE.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9eSTtx7diXR0qtWvR3KE.jpg"/></item><item><title><![CDATA[टीटीडी के साथ मिलकर SHG महिलाएं कर रही फ्लावर आर्ट ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/tirumala-tirupati-devasthanam-ttd-doing-flower-art-with-shg-women-in-andhra-pradesh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GrnSMWPg6HRnLKdANq3r.jpg"><p dir="ltr">'तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम' (TTD) एक स्वतंत्र ट्रस्ट है जो तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर सहित आंध्र प्रदेश के मंदिरों कि देख रेख करता है. हर दिन मंदिरो से ना जाने कितना सूखे फूलों का प्रसाद निकलता है, जिसे 'स्वामी पुष्प प्रसादम' कहते है. इन्ही इस्तेमाल किये गए फूलों से अगरबत्तियां, 'तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम' (टीटीडी) ने स्मृति चिन्ह, दिव्य चित्र, पेपरवेट, कि चेन, टेबल कैलेंडर, पेंडेंट, और अन्य कलाकृतियां बनाना भी शुरू कर दिया है. उपयोग किए गए फूल भक्तों को प्रदान करने के लिए 'टीटीडी' का यही नेक कदम है. मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी और राज्य के अन्य मंत्रियों ने इन उत्पादों कि बहुत सराहना की है. टीटीडी और 'डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी' ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके तहत हिंदू देवी-देवताओं के चित्र बनाने सहित लोकप्रिय उत्पाद बनाने के लिए सूखे फूलों से उत्पाद बनाने की तकनीक प्रदान कि जाएगी जो भक्तों को बहुत आकर्षित करेगा.</p>
<p dir="ltr">इस मुहीम में जुड़ने स्वयं सहायता समूहों की 340 महिला कर्मचारियों के पहले बैच को 'सिट्रस रिसर्च स्टेशन' में उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया. अब तक, इन प्रशिक्षित महिलाओं ने A4 आकार के हजारों चित्र और अन्य कलाकृतियां बनाई हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये है. 'टीटीडी' ने एसएचजी महिलाओं को प्रशिक्षण देने के अलावा उपकरणों पर 88 लाख रुपये खर्च किए हैं. भक्तों को इन चित्रों और कलाकृतियों की बिक्री शुरू कर दी गयी है. तिरुमाला, तिरुपति स्थानीय मंदिरों, बैंगलोर, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और चेन्नई में टीटीडी सूचना केंद्रों पर कलाकृतियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं. </p>
<p dir="ltr">उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए 'टीटीडी' ने कलाकृतियों के निर्माण के लिए  'सिट्रस रिसर्च स्टेशन' में एक स्थाई शेड बनाने का फैसला किया है. आंध्र परदेश की सरकार और 'टीटीडी' की तरफ से उठाया गया यह कदम SHG महिलाओं की ज़िन्दगियों को बदल देगा. हर राज्य सरकार को आंध्र प्रदेश से यह समझना चाहिए. मंदिरो से निकलने वाले फूलों का प्रसाद भारी मात्रा में आता है. इस कदम से उनका बेकार जाना भी बच जाएगा और भक्तों के लिए यह एक बहुत नेक तौफा भी साबित होगा.  महिलाएं भी इस मुहीम से जुड़कर अपने परिवार को सशक्त बना पाएंगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Wed, 26 Apr 2023 18:25:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/tirumala-tirupati-devasthanam-ttd-doing-flower-art-with-shg-women-in-andhra-pradesh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GrnSMWPg6HRnLKdANq3r.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GrnSMWPg6HRnLKdANq3r.jpg"/></item><item><title><![CDATA[मर्दानियों के आगे झुका अपराध ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/indian-female-ips-officers</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yfgq847WprPcmHHsgcQe.jpg"><p dir="ltr">ताकत, हिम्मत, और, दृढ निश्चय, अगर साथ हो तो किसी भी काम को करने में कोई भी परेशानी नहीं आती. हां, यह बात सच है कि जीवन जीने के लिए हर मोड़ पर कोई न कोई बाधा खड़ी हो ही जाती है, लेकिन उनसे ऊपर बढ़ कर अपनी जीत का परचम लहराने का नाम ही ज़िन्दगी है. कहा जाता है कि भारत पितृसत्तात्मक विचारधारा का देश है. लेकिन इस तरह कि बातों को गलत साबित कर देती है वो महिलाएं जो आए दिन पुरुषों को पीछे छोड़कर नए मुकाम हासिल कर रही है. </p>
<p dir="ltr">एक फील्ड ऑफ़ वर्क है 'भारतीय सिविल सेवा' जिसमे हर साल ना जाने कितने परीक्षार्थी इस परीक्षा को देने के लिए बैठते है, और टॉप करने वाली ज़्यादातर महिलाएं ही होती है. 'किरण बेदी' वो नाम है जिन्होंने सब लोगों के मुँह पर ताले लगा दिए और भारत कि सबसे पहली महिला IPS बनी. वे हर उस लड़की के लिए इंस्पिरेशन है जो आज उस वर्दी कि शोभा बढ़ा रही है. ऐसे ही कुछ नामों का ज़िक्र यहाँ किया गया है, जिन्होंने कानून को मेंटेंन करना ही अपनी ज़िन्दगी का एक मात्र उद्देश्य बना लिया, और आज यह साबित कर रही है कि यह दुनिया सिर्फ पुरुषों कि नहीं है.</p>
<p dir="ltr">पहला नाम है, संजुक्ता पराशर. इन्होनें सिविल सेवा परीक्षा में 85वीं रैंक प्राप्त की. वे चाहती तो प्रशासनिक सेवाओं में आसानी से काम कर सकती थी, लेकिन उनका सपना था की वे आईपीएस बने और देश की सेवा कर सकें. इसीलिए उन्होंने बिना सोचे आईपीएस की सेवा को चुन लिया. असम में सोनितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने सीआरपीएफ़ जवानों की एक टीम का नेतृत्व किया, प्रभावी रूप से बोडो उग्रवादियों को मार गिराया, 64 गिरफ्तारियां कीं और केवल 15 महीनों में कई टन हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. उन्होंने भोपाल-उज्जैन ट्रेन विस्फ़ोट की भी जांच की. उन्हें नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड (NDFB) से कई मौत की धमकियाँ मिली हैं. लेकिन वो फिर भी इन सब को इग्नोर करते हुए अपना काम कर रही हैं. </p>
<p dir="ltr">अपराजिता राय, जो की सिक्किम की पहली फीमेल IPS अफसर है, ने अपने पिता को 8 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही खो दिया था. उनके पिता एक प्रभागीय वन अधिकारी थे. उस दौरान जब उन्होंने आम लोगों के लिए सरकारी अधिकारियों का बुरा रवैया देखा तभी उन्होंने ठान लिया की वे बड़ी होकर इस सिस्टम को बदलेंगी. उन्होंने सिक्किम की पहली गोरखा महिला आईपीएस अधिकारी बनकर अपने परिवार और महिलाओं का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. वे गर्व से बताती हैं, “मेरे पास आने वाले किसी भी व्यक्ति को उस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, जो आम तौर पर लोगों को सरकारी कार्यालयों में करना पड़ता है.”</p>
<p dir="ltr">मेरिन जोसेफ़ 25 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास करके केरल कैडर की सबसे कम उम्र की आईपीएस अधिकारी बनीं. 2012 में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद मेरिन आईपीएस में शामिल हुईं. मेरिन ने G20 देशों के लिए Y20 समिट में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया. मेरिन चर्चा में तब आई जब उन्होंने एक मीडिया प्रकाशन को उन्हें खूबसूरत महिलाओं की लिस्ट में शामिल किया. मेरिन में अपने फेसबुक पोस्ट में ऐसे लगूँ की सोच पर सवाल उठाए और इन लोगों को सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया जो महिलाओं को इस तरह ओब्जेक्टिफाई करतें है. उन्होंने अपने इस पोस्ट में ऐसे सोच रखने वाले लोगो के ऊपर बहुत से सवाल उठाए और उन्हें बदलने की भी सलाह दी. </p>
<p dir="ltr">शिमला की देखरेख करने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी, सौम्या सांबशिवन अपने काम के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी समर्पण के लिए सब लोगों की पसंदीदा भी. 2010 के आईपीएस बैच से पास आउट, उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में अपने कार्यकाल के दौरान हत्या के मामलों को सुलझाया और कुछ ड्रग माफ़ियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जो राज्य में सरे नागरिकों पर अपना रुतबा जमा रहे थे.</p>
<p dir="ltr">सोनिया नारंग अपने पिता ए.एन. नारंग से इंस्पायर थीं, जो पुलिस उपाधीक्षक के रूप में रिटायर हुए. सोनिया ने बचपन से सिर्फ एक ही सपना देखा वो था, उस खाकी वर्दी को पहनना. साल 2013 में सोनिआ नारंग पर ये आरोप लगाया गया कि उन्होंने माइनिंग घोटाले में 16,000 करोड़ का घोटाला किया है. इतना बड़ा आरोप लगा लेकिन फिर भी वे डरी नहीं क्यूंकि वे सच्ची थीं. उन्होंने मीडिया में बयान दिया और कहा- "मैं ऐसी जगह कभी असाइन ही नहीं हुई जहां अवैध माइनिंग हो रही हो. इसी कारण मेरा नाम इस घोटाले में आना संभव ही नहीं है." नारंग ने जबरन वसूली रैकेट का भी पर्दाफ़ाश किया, जो लोकायुक्त कार्यालय के भीतर काम करता था. उन्हें वर्तमान में चार साल की अवधि के लिए पुलिस अधीक्षक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रूप में नियुक्त किया गया था.</p>
<p dir="ltr">रुवेदा सलाम ने इतिहास तब रचा, जब वो कश्मीर की पहली आईपीएस अफ़सर बनीं. रुवेदा के पिता हमेशा से चाहते थे कि उनकी बेटी IPS अफसर बने. पिता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए वे जुट गयी और श्रीनगर से एमबीबीएस करने के बाद दो बार सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की. अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने आईपीएस कैडर प्राप्त कर लिया. उन्होंने हैदराबाद में अपना प्रशिक्षण प्राप्त किया और चेन्नई में सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्त हुईं. इस मुकाम को हासिल करने के बाद रूवेदा ने कई प्रेरक भाषण दिए और लड़कियों को जम्मू-कश्मीर में आईपीएस परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया. राजस्व सेवा का विकल्प चुनने के बाद आज वे जम्मू में इनकम टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर हैं.</p>
<p dir="ltr"> 2001 में अपने 150 साल के लंबे इतिहास में मुंबई के अपराध शाखा विभाग की प्रमुख बनने वाली पहली महिला, मीरा बोंवान्कर एक ताकतवर व्यक्तिव्य की महिला है. उन्होंने अबू सलेम के प्रत्यर्पण (एक्सट्रडीशन), जलगाँव सेक्स स्कैंडल, इकबाल मिर्ची प्रत्यर्पण मामले सहित कई सीरियस मामलों को सुलझाया है. अपने बेबाक़ रवैये के लिए प्रचलित, वो मर्दानी फ़िल्म के पीछे की प्रेरणा हैं. उन्होंने साल 2015 में याकूब मेमन की फांसी भी देखी, जिसे 1993 के मुंबई सीरियल धमाकों के लिए दोषी ठहराया गया था. मीरा को साल 1997 में पुलिस पदक और महानिदेशक के प्रतीक चिन्ह के साथ राष्ट्रपति पदक मिला. उनका दृढ़ विश्वास है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में बहुत अधिक धैर्यवान, सक्षम और साधन संपन्न हैं. मीरा हमेशा लड़कियों और महिलाओं को यह सन्देश देती रहती है कि वे अपने आत्मसम्मान को कभी न गिरने दे और खुद पर कभी शक न करें. </p>
<p dir="ltr">फतेहाबाद में पुलिस होने के साथ एक पेंटर की बेटी, संगीता कालिया को आईपीएस अधिकारी बनने की प्रेरणा एक्ट्रेस कविता चौधरी से मिली, जिन्होंने 90 के दशक की टीवी सीरीज़ ‘उड़ान’ में एक आईपीएस अधिकारी की भूमिका निभाई थी. अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन डिग्री के बाद, संगीता ने एक सहायक प्रोफ़ेसर के रूप में काम किया. जब वे IPS के रूप में कार्यरत थीं, तब हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज़ के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई थी. उन्हें मंत्री द्वारा बैठक कक्ष छोड़ने के लिए कहा गया. उन्होंने कुछ ऐसी चीज़ें करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उनका ट्रांसफर कर दिया गया. एक मंत्री के द्वारा दिखाई गयी क्रूरता और शक्ति के दुरुपयोग के खिलाफ़ खड़े होने के लिए उन्हें भारी समर्थन मिला.</p>
<p dir="ltr">साल 2016 की जुलाई में, सुभाषिनी शंकरन भारत की आज़ादी के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा सँभालने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं. 23 दिसंबर 2014 को नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ़ बोडोलैंड से अलग हुए समूह के उग्रवादियों ने सोनितपुर जिले में 30 आदिवासियों की हत्या कर दी थी. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सुभाषिनी और उनकी टीम 20 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गई. असम में तैनात रहते हुए सुबाशिनी पास के काजीरंगा से संचालित एक अवैध गिरोह का भंडाफोड़ भी कर चुकी है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 25 Apr 2023 13:25:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/indian-female-ips-officers]]></guid><category><![CDATA[हम में है हीरो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yfgq847WprPcmHHsgcQe.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yfgq847WprPcmHHsgcQe.jpg"/></item><item><title><![CDATA[देश का सबसे बड़ा मछलीघर बनेगा तेलंगाना में ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/indias-largest-aquarium-to-be-built-in-telangana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"><p><iframe style="width: 409px; height: 727px;" title="Nation's 'Biggest Aquarium'  to be built in Telangana" src="https://www.youtube.com/embed/ZXB_fy33TaU" width="409" height="727" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>हैदराबाद के कोठवलगुडा के इको पार्क में देश का सबसे बड़ा एक्वेरियम और साथ ही एवियरी और बोर्डवॉक बनने का काम शुरू कर दिया गया है. हाल ही में ट्विटर पर किसी व्यक्ति ने सवाल किया- "क्या हैदराबाद कि झील के नीचे एक सुरंग मछलीघर बनाया जा सकता है?" इसके जवाब में तेलंगाना के आईटी मंत्री के टी रामाराव ने बताया- "इस पहल की शुरुआत पहले से ही की जा चुकी है और काम भी बहुत तेजी से चल रहा है. विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार जल्द ही चल रहे काम की तस्वीरें और विवरण सबके सामने रखेंगे." केटीआर ने अक्टूबर 2022 में उस्मान सागर में लैंडस्केप इको पार्क का उद्घाटन किया था. के टी रामाराव ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के अधिकारियों को राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्रों में और तेजी से विकास कार्य करने का निर्देश दिया है. HMDA के हिसाब से, कोठवलगुडा इको-पार्क में गज़बॉस और पेर्गोलस के अलावा, छह एकड़ का एवियरी, 2.5 किलोमीटर का बोर्डवॉक, एक एक्वेरियम, एक तितली उद्यान, एक संवेदी पार्क, एक ओपन-एयर थिएटर, वनस्पति,और भूनिर्माण शामिल हैं. चार स्थानों पर फूड कोर्ट के अलावा, HMDA ने भव्य लकड़ी के केबिन, कैंपिंग टेंट, एक इन्फिनिटी पूल और एक कॉन्फ्रेंस हॉल बनाने का भी सुझाव भी दिया गया है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">Rohan</dc:creator><pubDate>Thu, 20 Apr 2023 19:25:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/indias-largest-aquarium-to-be-built-in-telangana]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में बनेगा सबसे बड़ा मछलीघर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/biggest-aquarium-in-telangana-india-ktr</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"><p dir="ltr">कोठवलगुडा में बनेगा भारत का सबसे बड़ा एक्वेरियम-</p>
<p dir="ltr"> हैदराबाद के कोठवलगुडा के इको पार्क में देश का सबसे बड़ा एक्वेरियम और साथ ही एवियरी और बोर्डवॉक बनने का काम शुरू कर दिया गया है. हाल ही में ट्विटर पर किसी व्यक्ति ने सवाल किया- "क्या हैदराबाद कि झील के नीचे एक सुरंग मछलीघर बनाया जा सकता है?" इसके जवाब में तेलंगाना के आईटी मंत्री के टी रामाराव ने बताया- "इस पहल की शुरुआत पहले से ही की जा चुकी है और काम भी बहुत तेजी से चल रहा है. विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार जल्द ही चल रहे काम की तस्वीरें और विवरण सबके सामने रखेंगे." केटीआर ने अक्टूबर 2022 में उस्मान सागर में लैंडस्केप इको पार्क का उद्घाटन किया था. </p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/ZS232LLJhJmZai8rgMqU.jpg" alt="eco park"></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Google Images</em></span></p>
<p dir="ltr">के टी रामाराव ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के अधिकारियों को राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्रों में और तेजी से विकास कार्य करने का निर्देश दिया है. HMDA के हिसाब से, कोठवलगुडा इको-पार्क में गज़बॉस और पेर्गोलस के अलावा, छह एकड़ का एवियरी, 2.5 किलोमीटर का बोर्डवॉक, एक एक्वेरियम, एक तितली उद्यान, एक संवेदी पार्क, एक ओपन-एयर थिएटर, वनस्पति,और भूनिर्माण शामिल हैं. चार स्थानों पर फूड कोर्ट के अलावा, HMDA ने भव्य लकड़ी के केबिन, कैंपिंग टेंट, एक इन्फिनिटी पूल और एक कॉन्फ्रेंस हॉल बनाने का भी सुझाव भी दिया गया है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 19 Apr 2023 12:52:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/biggest-aquarium-in-telangana-india-ktr]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"/></item><item><title><![CDATA[ट्रेंड भी टेस्ट भी क्लाउड किचन में... ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-start-cloud-kitchen-in-bengaluru-hyderabad-and-gurugram</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nAE0DZ0E0LrWZhgrG0N2.jpg"><p dir="ltr">कभी न कभी आपने ज़रूर सुना होगा ,"महिलाओं की जगह बस किचन में है. पर ज़रा सोचिये अगर ये महिलाएं अपने किचन को ही कमाई का ज़रिया बना लें ? फिर कौन ही रोक सकता है इन्हें ? जब बैंगलुरू, हैदराबाद, और गुरुग्राम के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साथ आईं तो शुरू हुआ क्लाउड किचन.  क्लाउड किचन एक ऐसा रेस्टोरेंट है जहां सिर्फ टेक अवे ऑर्डर ही लिए जाते हैं, मतलब आप वहां बैठकर नहीं खा सकते.  कोविड-19 लोकडाउन के बाद से ये क्लाउड किचन लोगों की सहूलियत और पसंद बन गए.  एचएसबीसी इंडिया और पीसीआई (पेमेंट कार्ड इंडस्ट्री) ने 3 शहरों में 1500 महिलाओं के साथ 30 क्लाउड किचन शुरू करने का फैसला लिया. </p>
<p dir="ltr">5 किचन के साथ इस पहल की शुरुआत हो चुकी है. इन पांचों रसोइयों का संचालन स्वयं सहायता समूह की 150 महिलाएं कर रही हैं. इस पहल से अर्बन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को रोज़गार मिलेगा. सोसाइटी के ट्रेंड को फॉलो करते हुए क्लाउड किचन लोगों को साफ़ और पौष्टिक पका हुआ भोजन आसानी से पहुचायेगा. इस शुरुआत से शहरों में गरीबी और बेरोज़गारी से जूझ रही महिलाओं को बिज़नेस ऑनर बनने का बेहतरीन मौका मिला. क्लाउड किचन का संचालन राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और तीनो राज्यों की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और नगर निगम की साझा देखरेख में होगा.  </p>
<p dir="ltr">रसोई की महिलाओं या 'दीदियों' को फ़ूड सर्विस के सभी पहलुओं पर ट्रेनिंग दी गई है. इस ट्रेनिंग में उन्हें  व्यवसाय विकास, फ़ूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सिस्टम मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, सुरक्षा, स्वच्छता, जैसी कई अहम बातें सिखाई गईं. दीदियों की ये रसोई साल भर स्वादिष्ट भोजन परोसेगी. ये क्लाउड किचन सीधे कॉरपोरेट क्लाइंट्स, पीजी और स्विगी और ज़ोमैटो जैसे फूड ऑर्डरिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिये भी खाना डिलीवर करेंगे.</p>
<p dir="ltr">क्लाउड किचन के लॉन्च पर पीसीआई इंडिया के सीईओ और कंट्री डायरेक्टर, इंद्रजीत चौधरी ने कहा, “इस पहल से SHG महिलाओं को ख़ुद का बिज़नेस शुरू करने का मौका मिलेगा. यह सामुदायिक स्तर पर रोजगार पैदा कर कॉम्पिटिटिव रेट पर पौष्टिक, स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराएगा."</p>
<p dir="ltr">ये दीदियां फ़ूड इंडस्ट्री के ट्रेंड को फॉलो कर खुद के पैरों पर खड़ी हो रही हैं. अर्बन SHG की इस पहल को बाकी शहरों को भी कॉपी करना चाहिए जिस से ज़्यादा से ज़्यादा शहरी महिलाओं को गरीबी के चंगुल से छूटने का मौका मिले.   </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Sun, 02 Apr 2023 13:45:37 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-start-cloud-kitchen-in-bengaluru-hyderabad-and-gurugram]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nAE0DZ0E0LrWZhgrG0N2.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nAE0DZ0E0LrWZhgrG0N2.jpg"/></item></channel></rss>