<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ Human Trafficking]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/human-trafficking</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/human-trafficking" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 27 Apr 2024 16:24:55 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[Women Safety से जुड़ी इन Sarkari Schemes से हर औरत बन रही निडर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/web-story/the-government-of-india-has-started-many-schemes-for-women-safety-to-protect-women-and-prevent-violence-against-them-these-initiatives-is-to-provide-a-safe-and-respectful-environment-to-women-4521604</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rZ1gYBEPA712aR1MuMsX.jpg">]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 27 Apr 2024 16:24:55 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/web-story/the-government-of-india-has-started-many-schemes-for-women-safety-to-protect-women-and-prevent-violence-against-them-these-initiatives-is-to-provide-a-safe-and-respectful-environment-to-women-4521604]]></guid><category><![CDATA[वेब स्टोरी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rZ1gYBEPA712aR1MuMsX.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rZ1gYBEPA712aR1MuMsX.jpg"/></item><item><title><![CDATA[भारत सरकार की पहलों से महिला सुरक्षा को मिल रही नई दिशाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/women-safety-in-india-is-getting-new-directions-due-to-the-initiatives-of-the-government-of-india-4487845</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/br5jznzOuBFIZs2hIz9D.png"><p style="text-align: justify;">भारतीय समाज में महिलाओं की सुरक्षा (Women Safety in India) हमेशा से एक महत्वपूर्ण चिंतन का विषय रही है. पिछले कुछ दशकों में, भारत सरकार ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है और इस दिशा में कई सार्थक पहलें (Government Schemes for Women Safety) की हैं. ये पहलें विभिन्न आयामों में फैली हुई हैं, जैसे कि कानूनी सुधार, शिक्षा में बढ़ोतरी, सुरक्षा उपायों में सुधार और सामाजिक जागरूकता (social awareness) को बढ़ावा.</p>
<p style="text-align: justify;">महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए 'निर्भया फंड' की स्थापना, पुलिस की तेज़ प्रतिक्रिया के लिए 'वन स्टॉप सेंटर्स' और महिलाओं के लिए 181 और 112 जैसे हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत, इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम रहें हैं. इसके अलावा, शैक्षिक संस्थानों और कार्यस्थलों में sexual harassment के खिलाफ विस्तृत दिशा-निर्देश और सख्त कानून भी लागू किए गए हैं. इन पहलों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है जिसमें वे बिना किसी भय के अपनी पूरी क्षमता को प्राप्त कर सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/schemes-for-women-empowerment-in-india-4476547">भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं</a></p>
<h2 style="text-align: justify;">महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुख्य पहलें</h2>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>निर्भया फंड (Nirbhaya Fund):</strong> निर्भया फंड भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए 2013 में शुरू किया गया एक special fund है. इस फंड की शुरुआत दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया बलात्कार मामले के बाद हुई, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. इस घटना के बाद, महिला सुरक्षा को लेकर समाज में जागरूकता और कार्यवाही की मांग बढ़ गई. निर्भया फंड का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए विशेष परियोजनाओं और पहलों के लिए धनराशि प्रदान करना है.</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">इस फंड के तहत, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं शुरू की गई, जैसे कि सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट, &nbsp;महिला पुलिस वोलंटियर्स की भर्ती, 'सखी केंद्र' जो हिंसा की शिकार महिलाओं को कानूनी, मेडिकल और काउंसलिंग जैसी सहायता प्रदान करते हैं. निर्भया फंड का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को एक सुरक्षित और समर्थित वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे बिना किसी भय के अपने जीवन और करियर को आगे बढ़ा सकें.</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>महिला पुलिस वालंटियर्स (Women Police Volunteers):</strong> महिला पुलिस वालंटियर योजना भारत सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए चलाई गई एक पहल है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना और उनकी सहायता करना है. महिला पुलिस वालंटियर्स सामुदायिक स्तर पर काम करती हैं और पुलिस विभाग के साथ मिलकर महिलाओं को आवश्यक सहायता और सुरक्षा प्रदान करती हैं.&nbsp;</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">ये वालंटियर्स महिलाओं के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को सुनने और उन्हें सही मार्गदर्शन देने में मदद करती हैं. वे महिलाओं को कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी देती हैं और जरूरत पड़ने पर पुलिस तक उनकी बात पहुंचाती हैं. इस प्रकार, महिला पुलिस वालंटियर्स समाज में महिलाओं की सुरक्षा और समर्थन की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन जाती हैं, जिससे वे समाज में अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सकें.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/cabinet-approves-proposal-for-implementation-of-umbrella-scheme-on-safety-of-women-4168997">महिलाओं की सुरक्षा के लिए लागू की जा रही Umbrella Scheme</a></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>वन स्टॉप सेंटर स्कीम (One Stop Centre Scheme):</strong> वन स्टॉप सेंटर स्कीम, जिसे 'सखी' के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है. यह योजना 2015 में शुरू की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंसा का शिकार हुई महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करना है. इस स्कीम के तहत, देश भर में विभिन्न स्थानों पर 'वन स्टॉप सेंटर्स' (One Stop Centres) या सखी निवास (Sakhi Niwas) स्थापित किए गए हैं जहां पीड़ित महिलाएं एक ही जगह पर कई प्रकार की मदद प्राप्त कर सकती हैं.</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">इन केंद्रों में महिलाओं को कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, मेडिकल केयर, मनोवैज्ञानिक सहायता और आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. यह योजना महिलाओं को उनके संकट के समय में व्यापक समर्थन प्रदान करती है और उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देती है, साथ ही साथ उन्हें सुरक्षित और समर्थनात्मक वातावरण मुहैया कराती है.</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>181 महिला हेल्पलाइन (181 Women Helpline):</strong> 181 महिला हेल्पलाइन भारतीय महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आपातकालीन सेवा है जिसे विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया गया. यह हेल्पलाइन देशभर में उपलब्ध है और महिलाएं इसे किसी भी समय डायल कर सकती हैं यदि उन्हें हिंसा, उत्पीड़न या किसी अन्य प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो. इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को तुरंत पुलिस सहायता, मेडिकल सहायता या अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ना है.</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">181 हेल्पलाइन को सरकार द्वारा विशेष रूप से उन महिलाओं की मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अकेली हैं या घरेलू हिंसा या किसी अन्य प्रकार की आपात स्थिति का सामना कर रही हैं. इस सेवा के माध्यम से, महिलाएं तुरंत अपनी समस्याएं साझा कर सकती हैं और जरूरी मदद प्राप्त कर सकती हैं, जिससे उन्हें समय पर और प्रभावी ढंग से सहायता मिल सके.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/government-increasing-women-participation-women-led-development-and-women-empowerment-by-implementing-women-centric-schemes-in-india-2049502">भारत में इन schemes से बढ़ेगा हर profession में female participation</a></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>महिला शक्ति केंद्र (Mahila Shakti Kendra MSK):</strong> महिला शक्ति केंद्र भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई योजना है. इसका उद्देश्य महिलाओं को कानूनी, सामाजिक और आर्थिक मदद प्रदान करना है. महिला शक्ति केंद्र प्रत्येक जिले में स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सहायता प्राप्त कर सकती हैं.</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">इन केंद्रों में महिलाओं को परामर्श, कानूनी सहायता, और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है. साथ ही, यहां महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है. महिला शक्ति केंद्र द्वारा महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी कई पहलें की जाती हैं. ये केंद्र महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में भी मदद करते हैं, ताकि वे समाज में सम्मानपूर्वक और सुरक्षित रूप से जीवन यापन कर सकें.</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>उज्जवला स्कीम (<span>Ujjwala Yojana</span>):&nbsp;</strong>उज्जवला योजना भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण के लिए शुरू की गई एक ख़ास पहल है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य <strong>महिलाओं और बच्चों को तस्करी (human trafficking)</strong> और अन्य विषम परिस्थितियों से मुक्ति दिलाना है. उज्जवला स्कीम के तहत, पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, पुनर्वास, और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है.</li>
</ul>
<p style="padding-left: 40px; text-align: justify;">इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा रेस्क्यू और इमीडिएट शेल्टर होम्स प्रदान किए जाते हैं जहां पीड़ित महिलाओं और बच्चों को तुरंत सुरक्षित आश्रय मिल सके. साथ ही, उन्हें नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आवश्यक कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है. आज यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें समाज में एक सम्मानजनक स्थान प्रदान करने का एक माध्यम बन चुकी है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">सरकारी पहलें बनीं करोड़ों महिलाओं के लिए आशा की किरण</h2>
<p style="text-align: justify;">भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए शुरू की गई ये पहलें, आज महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्तिकरण पूर्ण माहौल सृजित कर रहीं हैं. इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है.</p>
<p style="text-align: justify;">भारत सरकार की ये पहलें देश में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में उभर रही हैं. इस प्रक्रिया में, सरकार ना केवल महिलाओं को अधिकार संपन्न बना रही है बल्कि उन्हें विपरीत परिस्थितियों से उबरने के लिए सक्षम भी बना रही है. ये पहलें महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उन्हें समाज में एक सक्रिय और सम्मानित भागीदार बनने का मौका भी दे रहीं हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/all-you-need-to-know-about-sukanya-samriddhi-yojana-2024-a-government-scheme-launched-by-pm-nagendra-modi-for-girl-child-4470670">Sukanya Samriddhi Yojana 2024 है हर बेटी का गर्व!</a></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विधि जैन</dc:creator><pubDate>Thu, 18 Apr 2024 10:30:39 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/women-safety-in-india-is-getting-new-directions-due-to-the-initiatives-of-the-government-of-india-4487845]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/br5jznzOuBFIZs2hIz9D.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/br5jznzOuBFIZs2hIz9D.png"/></item><item><title><![CDATA[मानव तस्करी की शिकार महिलाओं को मिले अधिकार ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/empowering-women-survivors-of-human-trafficking</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LSnv3LJ97pKhlZ1PNytW.jpg"><p>बिज़नेस की दुनिया में कई तरह की चीज़ों का व्यपार होता है. व्यापार 'चीज़ों' का होता है. अब, पहले वाक्य में 'चीज़ों' की जगह 'इंसानों' शब्द पढ़िए. क्योंकि, व्यापार जीते जागते 'इंसानों' का भी हो रहा है. मानव तस्करी पूंजीवाद की सबसे कड़वी सच्चाई है. पूंजीवाद मानव शरीर को, ख़ासकर सामाजिक रूप से कमज़ोर मानवों को इस्तेमाल करने योग्य, मुनाफा कमाने लायक, और व्यवसाय के सुनहरे अवसर के रूप में देखता है. ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) या मानव तस्कारी कहने को तो ग़ैरक़ानूनी है, लेकिन फिर भी यह हमारे समाज की गंभीर समस्या बनी हुई है.</p>
<p>राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (statistics of the National Crime Records Bureau) के 2021 के आंकड़ों के अनुसार, तस्करी किए गए 5,993 लोगों में से 65 % महिलाएं थीं. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) कार्यालय ने 2020 में मानव तस्करी पर अपनी वैश्विक रिपोर्ट (world report) में दर्ज किया कि विश्व स्तर पर दर्ज किए गए प्रत्येक 10 पीड़ितों में पांच वयस्क महिलाएं और दो काम उम्र की लड़कियां हैं. इस तरह के भारी भरकम आंकड़ों को देखते हुए, उन कारणों की जांच करना ज़रूरी हो जाता है जो महिलाओं को अवैध व्यापार की ओर धकेलते हैं. </p>
<p>ड्रग्स और हथियारों के बाद ह्यूमन ट्रैफिकिंग दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑर्गनाइज़्ड क्राइम (organised crime) है. अत्यधिक ग़रीबी, शिक्षा की कमी और कानून का ठीक से लागू न होना, मानव तस्करी का शिकार बनने की बड़ी वजहें बनता है. गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को अक्सर संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच की कमी से जूझना पड़ता है. जिसके कारण उन्हें गुलामी और बेरोजगारी की परिस्थितियों में धकेल दिया जाता है. जिसके बाद वे अपने लिए कोई भी निर्णय लेने के सक्षम नहीं बचतीं. इसके अलावा, विषम लिंगानुपात (skewed sex ratio), सांस्कृतिक मानदंड (cultural norms) और लिंग आधारित हिंसा (gender-based violence) महिलाओं की स्थिति कमज़ोर बनाती है. </p>
<p>आज हर प्लेटफार्म पर महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा हो रही है. सशक्तिकरण के एक या दो नहीं, अनेक पहलु हैं. सशक्तिकरण लक्ष्य होने से ज़्यादा एक प्रोसेस है- बहुआयामी प्रक्रिया (multi-dimensional process) है. एक ऐसी प्रक्रिया जो किसी महिला को अपने जीवन पर कंट्रोल देती है. अपने निर्णय खुद लेने की ताकत देती है. सशक्तिकरण की प्रक्रिया में कदम रखने से पहले उन सभी चुनौतियों को पहचानना होता है जो उन्हें पुरषों की तुलना में  सामना करती हैं. इस तरह, लैंगिक समानता महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में शुरू की गई नीतियों का एक अहम उद्देश्य बन जाती है. </p>
<p>भारत में, महिलाओं के सशक्तीकरण को पहली बार पांचवी पंचवर्षीय योजना (1974-79) में जगह दी गई जब नज़रिये को बदलते हुए विकास की परिभाषा में महिलाओं के विकास की बात को भी जोड़ा गया. महिलाओं के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना को 1976 में अपनाया गया. पहली बार योजना दस्तावेज में 'महिला और विकास' नाम से एक अध्याय शामिल किया. महिलाओं के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास पर ध्यान देने के लिए 1992 में राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना की गई. </p>
<p>तस्करी की शिकार महिलाओं को समाज में लौटने के लिए सहायता करना उनके पुनर्वास के लिए एक ज़रूरी उपकरण हो सकता है. तस्करी की शिकार महिलाओं का सशक्तिकरण उनके जीवन के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक क्षेत्रों के आस-पास घूमता नज़र आता हैं. सशक्तिकरण का सामाजिक पेहलु समाज में महिलाओं को भ्रांतियों से लड़ने में मदद करता है. शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण (educational and economic empowerment) उन्हें  रोज़गार देकर खुद के पैरों पर खड़ा होने के सक्षम बनाता है.  </p>
<p>सरकार ऐसी कई पहलें कर रही है जो महिलाओं को उनकी इच्छा और क्षमता के अनुसार अपना रास्ता खुद बनाने में ईंट का काम करती हैं.<br>उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से काफी मदद मिली है. आजीविका मिशन (Ajeevika Mission) से जुड़कर महिलाएं प्रशिक्षण हासिल कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं.</p>
<p>इसी कड़ी में, तस्करी की शिकार महिलाओं के सशक्तिकरण और पुनर्वास के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं. मानव तस्करी की शिकार महिलाओं को सुरक्षित स्थान देने के लिए, पश्चिम बंगाल में असमी केंद्र, उनकी मानसिक सेहत पर ध्यान देता है, और व्यावसायिक और कौशल-आधारित प्रशिक्षण देता है. देशभर में, सरकार ने हर उम्र की तस्करी से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सेवाएं देने के लिए NALSA (The National Legal Services Authority) विक्टिम्स ऑफ़ ट्रैफिकिंग एंड कमर्शियल सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन योजना (Victims of Trafficking and Commercial Sexual Exploitation), 2015 की शुरुआत की. 2016 में, महिला और बाल विकास मंत्रालय ने उज्ज्वला की शुरुआत की, जो तस्करी की रोकथाम और कमर्शियल यौन शोषण के लिए तस्करी के पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास के लिए एक व्यापक योजना है. तस्करी के खिलाफ इंडियन लीडरशिप फोरम (ILFAT) जैसे मंच तस्करी के खिलाफ चल रहे आंदोलन में पीड़ित महिलाओं की आवाज़ को बुलंद करने में मदद कर रही है. </p>
<p>ह्यूमन ट्रैफिकिंग के चंगुल से निकल आई महिलाओं को अपनी कहानी खुद लिखनी होगी और योजनों में कमियां बतानी होगी. नागरिक, सरकार, मीडिया, न्यायालय- सभी को मिलकर एक ऐसा समाज बनाने की ज़रुरत है जहां लोकतंत्र के लाभ से ये महिलाएं और बच्चे वंचित न हो.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 24 May 2023 15:18:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/empowering-women-survivors-of-human-trafficking]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LSnv3LJ97pKhlZ1PNytW.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LSnv3LJ97pKhlZ1PNytW.jpg"/></item></channel></rss>