<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ कानपुर]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/kaanpur</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/kaanpur" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 05 Aug 2023 14:44:45 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[फाइलेरिया खत्म करने की मुहीम पर SHG महिलाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-contribution-in-battling-filaria</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pknfdal4fdEliSBlGtIU.jpg"><p dir="ltr"><span>आज के समय में स्वयं सहायता समूह (SHGs) सिर्फ रोजगार और लोन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को चिकित्सा और बीमारियों के बारे में भी अवगत करा रहे है. SHG महिलाएं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सक्रिय जागरूकता कार्यक्रमों में माध्यम से अपने समूह के सदस्यों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ्य रहने के लिए प्रेरित कर रहीं है.&nbsp;</span></p>
<h2 dir="ltr"><span>&nbsp;फाइलेरिया जागरूकता फैला रहीं SHG महिलाएं</span></h2>
<p dir="ltr"><span>ऐसे ही एक पहल <strong>कानपुर (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/sustainable-startups-in-india-phool-recycles-flower-waste-into-biodegradable-products">Kanpur</a>)&nbsp;</strong>के <strong>पतारा ब्लॉक (Block Patara)</strong> में <strong>सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/ajeevika-wahan-empowering-rural-shg-women">Center For Advocacy And Research</a>)&nbsp;</strong>संस्था द्वारा बनाए गए, <strong>फाइलेरिया पेशेंट नेटवर्क (Filaria Patient Network) </strong>के जरिए महिलाओं को <strong>फाइलेरिया (Filaria)</strong> के प्रति जागरूक किया जा रहा है. फाइलेरिया से पीड़ित महिलाएं, अपनी कहानियां सुनाकर, फाइलेरिया की दवा खाने के लिए अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रहीं है. 10 अगस्त से <strong>फाइलेरिया उन्मूलन प्रोग्राम (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/ajeevika-wahan-empowering-rural-shg-women">Filaria Eradication Programme</a>)&nbsp;</strong>के तहत <strong>सर्वजन दवा अभियान (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/ajeevika-wahan-empowering-rural-shg-women">Triple Drug Therapy</a>, IDA)</strong> शुरू किया जा रहा है, जिसमे लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जायेगी.</span></p>
<p dir="ltr"><span>हाल ही में, <strong>जहांगीराबाद (Jahangirabad)</strong> में SHGs महिलाओं को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां <strong>हनुमान</strong> <strong>फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट ग्रुप (Hanuman Filaria Patient Support Group)</strong> की सदस्य और फाइलेरिया पेशेंट यशोदा बताती है कि, उन्हें 15 साल से फाइलेरिया है. 15 साल पहले, उन्हें अचानक बुखार आई और उसके बाद उनके पैर लाल होकर सूज गए. उन्होंने एलोपैथी और आयुर्वेदिक दवाओं से उपचार करवाया, पर उन्हें कोई आराम नहीं हुआ, रोजमर्रा के काम करने में भी काफी परेशानी होती है. करीब 3 महीने पहले ही, वह सपोर्ट ग्रुप से जुड़कर, वहां बैठकों और प्रशिक्षण में भाग लेकर, अन्य महिलाओं को जागरूक कर रही है. अनजाने में ठीक समय पर दवाई का सेवन ना करने की वजह से वह बीमारी से पीड़ित रहीं. इसलिए वह चाहती है कि, महिलाएं जागरूक हो, फाइलेरियारोधी दवा का सेवन करें.&nbsp;&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>यह दवा <strong>10 अगस्त</strong> से घर-घर जाकर खिलाई जाएगी. साल में एक बार, लगातार पांच साल तक फैलारियारोधी दवाई खाकर, इस बीमारी से बचा जा सकता है. आईडीए अभियान के अंतर्गत <strong>आइवरमेक्टिन (Ivermectin)</strong>, <strong>डाईइथाइल कार्बमजीन (Diethylcarbamazine)</strong> और <strong>एल्बेंडाजोल (Albendazole)</strong> की दवाई खिलाई जाएगी. Self Help Groups से जुड़ी महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने में सक्रिय होने से न केवल खुद के लिए बल्कि अपने परिवार और समूह के अन्य सदस्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहीं है.&nbsp;</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Sat, 05 Aug 2023 14:44:45 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-contribution-in-battling-filaria]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pknfdal4fdEliSBlGtIU.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pknfdal4fdEliSBlGtIU.jpg"/></item><item><title><![CDATA[जनता की शक्ति का दुर्गा शक्ति को नमन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-durga-shakti-nagpal-who-worked-for-the-society</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png"><p><span>महिला एक ऐसा स्तम्भ, जो घर के साथ साथ समाज को संभालती है. इस तरह समाज की प्रगति में महिलाओं का बहुत अधिक योगदान है. जब महिला समाज के लिए काम करती है तो उनकी भागीदारी सबसे ज़्यादा होती है. ऐसे ही नारी शक्ति का एक उदाहरण है <strong>दुर्गा शक्ति नागपाल</strong> <strong>(Durga Shakti Nagpal)</strong> जिन्होंने समाज के हित में बिना किसी लालच के काम किया, पर कुछ लोगो को ये बात रास नहीं आयी. इस तरह दुर्गा शक्ति राजनीती का भी शिकार हुई, उन्हें निलंबित भी किया गया पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने समाज के लिए सच्चाई, ईमानदारी और नेकदिली से काम किया. जब उन पर मुश्किलों का तूफान उमड़ा, तब उन्हें जनता का साथ मिला, जिसके आगे पूरा सिस्टम ही हिल गया और उन्हें बहाल करना पड़ा.</span><br><br><span>दुर्गा शक्ति का जन्म छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर (Raipur) जिले में 25 जून 1985 को हुआ. उनके पिता <strong>इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस (Indian Statistical Service) </strong>में अधिकारी थे जहा उन्हें देश सेवा, ईमानदारी और पूरी निष्ठा से कार्य करने के लिए <strong>राष्ट्रपति द्वारा पदक से सम्म्मानित </strong>भी किया गया और उनके दादाजी पुलिस अधिकारी थे, जिनकी <strong>दिल्ली के सदर बाजार में 1954 में सेवा के दौरान हत्या कर दी गयी </strong>थी. दुर्गा शक्ति का जन्म एक ऐसे घर में हुआ जहाँ उन्हें देश सेवा, समाज के लिए ईमानदारी से काम करना और सच्चाई के पथ पर चलना सिखाया गया.</span><br><span class="im"><br><strong>UPSC (Union Public Service Commission)</strong> की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें <strong>पंजाब कैडर (Punjab Cadre)</strong> मिला और<strong> मोहाली (Mohali) </strong>में उनकी पोस्टिंग हुई, वहाँ उन्होंने <strong>भूमि घोटाले (Land Scam) </strong>को उजागर किया. <strong>ग्रेटर नॉएडा (Greater Noida)</strong> में पोस्टिंग के समय उन्होंने <strong>रेत माफिया</strong> के खिलाफ कार्यवाई की जहां उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ ऑपरेशन चला कर 15 लोगो को गिरफ्तार किया और साथ ही 24 डम्पर ट्रक और 300 ट्रॉलियां जब्त की.<br><br>वर्ष 2012  में दुर्गा शक्ति नागपाल की पोस्टिंग गौतम बुद्ध नगर में SDM के पद पर की गयी, वहां <strong>यमुना नदी से ग्रेवल माफिया (Gravel Mafia) द्वारा अवैध खनन</strong> किया जा रहा था और इसकी भनक दुर्गा शक्ति (Durga Shakti) को लगी, जहा उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए खुद की मौजूदगी में अचानक निरीक्षण किया और 30 ट्रको को जब्त कर लिया और अवैध खनन को जड़ से ही खत्म कर दिया.<br><br></span><span>ग्रेटर नॉएडा के ही एक गांव में  काम चल रहे मस्जिद निर्माण की दिवार गिराने के आरोप में राजनीतिक कारणों से दुर्गा शक्ति को निलंबित कर दिया गया. उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गयी जिसमे कहा गया की उन्हें दिवार गिराने का कोई हक़ नहीं था. उनके निलंबन का लोगो ने बड़े पैमाने में विरोध किया जिसमे <strong>किरण बेदी </strong>जैसे कई जानी मानी हस्तिया और नेता शामिल थे. लोगो का साथ और जनता के समर्थन की वजह से उनका निलंबन 22 सितंबर 2013 को रद्द कर दिया गया और अक्टूबर में कानपुर देहात में जॉइंट मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) के तौर पर नियुक्ति मिली.</span><br><span class="im"><br><strong>आईएएस (Indian Administrative Service) अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल (IAS Durga Shakti Nagpal)</strong> <strong>जेंडर एम्पॉवरमेंट (Gender Empowerment) </strong> का जीता जगता उदाहरण है. अपने नाम के अनुरूप ही इन्होंने समाज में में फैली बुराइयों जैसे ग्रेवल माफियों के गैरकानूनी कब्ज़े को खत्म किया, राजनीती का भी शिकार हुई, उन्हें निलंबित भी कर दिया गया पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. दुर्गा शक्ति ने समाज के लिए सच्चाई, ईमानदारी और नेकदिली से काम किया, जब उनपर मुश्किलों का तूफान उमड़ा तब उन्हें जनता का साथ मिला जिसके आगे पूरा सिस्टम ही हिल गया और उन्हें बहाल करना पड़ा. </span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Fri, 07 Jul 2023 11:36:34 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-durga-shakti-nagpal-who-worked-for-the-society]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png"/></item><item><title><![CDATA[जनता की शक्ति का दुर्गा शक्ति को नमन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-durga-shakti-nagpal-who-worked-for-the-society</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png"><p><span>महिला एक ऐसा स्तम्भ, जो घर के साथ साथ समाज को संभालती है. इस तरह समाज की प्रगति में महिलाओं का बहुत अधिक योगदान है. जब महिला समाज के लिए काम करती है तो उनकी भागीदारी सबसे ज़्यादा होती है. ऐसे ही नारी शक्ति का एक उदाहरण है <strong>दुर्गा शक्ति नागपाल</strong> <strong>(Durga Shakti Nagpal)</strong> जिन्होंने समाज के हित में बिना किसी लालच के काम किया, पर कुछ लोगो को ये बात रास नहीं आयी. इस तरह दुर्गा शक्ति राजनीती का भी शिकार हुई, उन्हें निलंबित भी किया गया पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने समाज के लिए सच्चाई, ईमानदारी और नेकदिली से काम किया. जब उन पर मुश्किलों का तूफान उमड़ा, तब उन्हें जनता का साथ मिला, जिसके आगे पूरा सिस्टम ही हिल गया और उन्हें बहाल करना पड़ा.</span><br><br><span>दुर्गा शक्ति का जन्म छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायपुर (Raipur) जिले में 25 जून 1985 को हुआ. उनके पिता <strong>इंडियन स्टैटिस्टिकल सर्विस (Indian Statistical Service) </strong>में अधिकारी थे जहा उन्हें देश सेवा, ईमानदारी और पूरी निष्ठा से कार्य करने के लिए <strong>राष्ट्रपति द्वारा पदक से सम्म्मानित </strong>भी किया गया और उनके दादाजी पुलिस अधिकारी थे, जिनकी <strong>दिल्ली के सदर बाजार में 1954 में सेवा के दौरान हत्या कर दी गयी </strong>थी. दुर्गा शक्ति का जन्म एक ऐसे घर में हुआ जहाँ उन्हें देश सेवा, समाज के लिए ईमानदारी से काम करना और सच्चाई के पथ पर चलना सिखाया गया.</span><br><span class="im"><br><strong>UPSC (Union Public Service Commission)</strong> की परीक्षा पास करने के बाद उन्हें <strong>पंजाब कैडर (Punjab Cadre)</strong> मिला और<strong> मोहाली (Mohali) </strong>में उनकी पोस्टिंग हुई, वहाँ उन्होंने <strong>भूमि घोटाले (Land Scam) </strong>को उजागर किया. <strong>ग्रेटर नॉएडा (Greater Noida)</strong> में पोस्टिंग के समय उन्होंने <strong>रेत माफिया</strong> के खिलाफ कार्यवाई की जहां उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ ऑपरेशन चला कर 15 लोगो को गिरफ्तार किया और साथ ही 24 डम्पर ट्रक और 300 ट्रॉलियां जब्त की.<br><br>वर्ष 2012  में दुर्गा शक्ति नागपाल की पोस्टिंग गौतम बुद्ध नगर में SDM के पद पर की गयी, वहां <strong>यमुना नदी से ग्रेवल माफिया (Gravel Mafia) द्वारा अवैध खनन</strong> किया जा रहा था और इसकी भनक दुर्गा शक्ति (Durga Shakti) को लगी, जहा उन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए खुद की मौजूदगी में अचानक निरीक्षण किया और 30 ट्रको को जब्त कर लिया और अवैध खनन को जड़ से ही खत्म कर दिया.<br><br></span><span>ग्रेटर नॉएडा के ही एक गांव में  काम चल रहे मस्जिद निर्माण की दिवार गिराने के आरोप में राजनीतिक कारणों से दुर्गा शक्ति को निलंबित कर दिया गया. उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गयी जिसमे कहा गया की उन्हें दिवार गिराने का कोई हक़ नहीं था. उनके निलंबन का लोगो ने बड़े पैमाने में विरोध किया जिसमे <strong>किरण बेदी </strong>जैसे कई जानी मानी हस्तिया और नेता शामिल थे. लोगो का साथ और जनता के समर्थन की वजह से उनका निलंबन 22 सितंबर 2013 को रद्द कर दिया गया और अक्टूबर में कानपुर देहात में जॉइंट मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) के तौर पर नियुक्ति मिली.</span><br><span class="im"><br><strong>आईएएस (Indian Administrative Service) अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल (IAS Durga Shakti Nagpal)</strong> <strong>जेंडर एम्पॉवरमेंट (Gender Empowerment) </strong> का जीता जगता उदाहरण है. अपने नाम के अनुरूप ही इन्होंने समाज में में फैली बुराइयों जैसे ग्रेवल माफियों के गैरकानूनी कब्ज़े को खत्म किया, राजनीती का भी शिकार हुई, उन्हें निलंबित भी कर दिया गया पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. दुर्गा शक्ति ने समाज के लिए सच्चाई, ईमानदारी और नेकदिली से काम किया, जब उनपर मुश्किलों का तूफान उमड़ा तब उन्हें जनता का साथ मिला जिसके आगे पूरा सिस्टम ही हिल गया और उन्हें बहाल करना पड़ा. </span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Fri, 07 Jul 2023 11:36:34 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-durga-shakti-nagpal-who-worked-for-the-society]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YZq8VHMmIusfNLvLsvzm.png"/></item></channel></rss>