<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ केंद्र सरकार]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/kendr-srkaar</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/kendr-srkaar" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 19 Jan 2026 14:57:18 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[बिहार की सड़कों पर नारी शक्ति की नई पहचान, 6000 महिलाएं बनेंगी प्रोफेशनल ड्राइवर, नीतीश सरकार देगी ट्रेनिंग ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/women-news-india/women-drivers-in-bihar-nitish-kumar-government-to-train-6000-women-for-professional-driving-jobs-11012144</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/01/19/untitled-design-6-2026-01-19-14-51-46.png"><p>पटना: <a href="https://ravivarvichar.in/tags/bihaar">बिहार</a>&nbsp;में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी <a href="https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-to-get-benefit-from-lakhpati-didi-yojana-2023">योजना</a>&nbsp;की तैयारी चल रही है. इस योजना के तहत राज्य की 6,000 महिलाओं को पेशेवर ड्राइवर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा. अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि महिलाएं बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन चलाने में दक्ष बन सकें. यह पहल केरल के सफल मॉडल से प्रेरित है और&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/tags/kendr-srkaar">केंद्र सरकार</a> के सहयोग से लागू की जाएगी. माना जा रहा है कि इससे परिवहन जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित होगी.</p>
<h2>कई जिलों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र</h2>
<p data-start="1039" data-end="1484"><a href="https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-ddraaivron">महिला ड्राइवरों</a> को प्रशिक्षित करने के लिए नालंदा, सुपौल, मोतिहारी और बांका जिलों में आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों के निर्माण और संचालन पर सरकार करीब 68 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यहां महिलाओं को बस, ट्रक, टैक्सी, टेम्पो और दोपहिया वाहन चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं आत्मविश्वास के साथ पेशेवर ड्राइवर के रूप में काम कर सकें.</p>
<h2 data-start="1039" data-end="1484">योजना का उद्देश्य</h2>
<p>इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी बनाए जाएंगे. इन ट्रैकों पर प्रशिक्षुओं के ड्राइविंग कौशल और तकनीकी समझ की जांच की जाएगी. प्रशिक्षण और परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने पर महिलाओं को वैध ड्राइविंग लाइसेंस और प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा. हर साल लगभग 1,500 महिलाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि चार साल में कुल 6,000 प्रशिक्षित महिला ड्राइवर तैयार हो सकें.</p>
<h2>महिलाओं के हाथ में स्टेयरिंग</h2>
<p>प्रशिक्षण केंद्रों में <a href="https://ravivarvichar.in/photovideo/empowering-women-for-a-prosperous-society">महिलाओं</a>&nbsp;के लिए सुरक्षित और सहयोगी माहौल सुनिश्चित किया जाएगा. यहां अधिकारी और प्रशिक्षक सभी महिलाएं होंगी. ड्राइविंग के साथ-साथ महिलाओं को ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, वाहन की देखरेख और आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इसके अलावा उन्हें जीपीएस, डिजिटल टूल्स और आधुनिक वाहन तकनीक की जानकारी दी जाएगी. सरकार का मानना है कि यह योजना खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/tags/rojgaar">रोजगार</a>&nbsp;के नए रास्ते खोलेगी और बिहार में&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-sshktikrnn">महिला सशक्तिकरण</a> को नई मजबूती देगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">Rohan</dc:creator><pubDate>Mon, 19 Jan 2026 14:57:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/women-news-india/women-drivers-in-bihar-nitish-kumar-government-to-train-6000-women-for-professional-driving-jobs-11012144]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/01/19/untitled-design-6-2026-01-19-14-51-46.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/01/19/untitled-design-6-2026-01-19-14-51-46.png"/></item><item><title><![CDATA[समृद्ध, सशक्त और समान समाज के लिए महिलाओं को आगे लाना होगा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/empowering-women-for-a-prosperous-and-equal-society</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b4U43vSwUXacx41FTdWu.webp"><p><span>G20 की प्रेसिडेंसी मिलने के साथ ही भारत कई विषयों और विज़न के साथ अपने आप को विश्वपटल पर लाया है.<strong> महिला सशक्तिकरण (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/manju-shah-paving-a-new-path-from-pine-forests-to-empowerment">Women Empowerment</a>)</strong> उनमें प्रमुख मुद्दा रहा है. इसी को लेकर <strong>गुजरात (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/bareilly-women-shg-empowering-themselves-through-poultry-farming">Gujrat</a>)</strong> में हुई<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-g20-ministerial-conference-on-women-empowerment"> G20 Empower </a><strong>&nbsp;समिट</strong> में <strong>केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Union Minister Smriti Irani)</strong> शामिल हुई और वहां भारत और विश्व की महिलाओं के लिए <strong>गाइडिंग लाइट</strong> की तरह सामने आयी. वहां उन्होंने कहा - " भारत की <strong>G20 प्रेसिडेंसी (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-g20-ministerial-conference-on-women-empowerment">G20 Presidency</a>)</strong> में महिलाओं के बढ़ते योगदान से नई उम्मीद जगी है. आज महिलाएं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और समाजिक संरचना में पुरुषों के बराबर योगदान देने में सक्षम हो रही है."</span></p>
<h2>महिलाओं में आ रहा टेकटोनिक शिफ्ट</h2>
<p>साल 2023 में G20 EMPOWER की थीम रही &nbsp;<strong>' <a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/manju-shah-paving-a-new-path-from-pine-forests-to-empowerment">महिला सशक्तिकरण : समानता और अर्थव्यवस्था के लिए एक जीत</a>.'</strong> स्मृति ईरानी ने यहां पर आगे कहा - " महिलाओं में <strong>टेकटोनिक शिफ्ट </strong>आया है. जहां पहले वह दया के सहारे रहती थीं, आज वही पुरुषों के साथ मिलकर देश और समाज के लिए बढ़ चढ़कर योगदान दे रहीं है. " महिला बाल विकास और माइनॉरिटी अफेयर्स मंत्री <strong>(Minister Of Women And Child Development And Minority Affairs) स्मृति ईरानी</strong> ने बताया कि कैसे <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)</strong> ने भारत में G20 प्रेसिडेंसी के साथ महिलाओं के नेतृत्व एजेंडा को प्रमुख मंच पर लाये है.</p>
<p>महिलाओं को ग्रासरुट लेवल पर मैन्युफैक्चरिंग पार्ट के अर्थव्यवस्था में शामिल करने के लिए इंडस्ट्री और स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups, SHGs) साथ मिलकर काम करेंगे. इससे महिलाओं को <strong>मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री (Manufacturing Industry)</strong> में रोजगार मिलेगा. इस तरह की पहल को मौका मिला गुजरात में हो रही G20 EMPOWER समिट में . इन प्रयासों से महिला उद्यमियों में<strong> फाइनेंसियल रेवोल्यूशन (Financial Revolution) </strong>भी देखने को मिल रहा है, अगर हम लोन की बात करें तो 320 मिलियन <strong>लोन (Loan) </strong>के लाभार्थियों में से 70% महिलाएं है. <strong>केंद्र सरकार (Central Government)</strong> द्वारा शुरू की गई योजना <strong>' स्टैंड अप इंडिया ' (Stand Up India)</strong> में <strong>मीडियम SME (Medium SME)</strong> में 80% लाभार्थी महिलाएं है.</p>
<p>EMPOWER टीम के जरिए अनजानी महिलाओं की अनकहीं कहानियां आज भारत सरकार के नेतृत्व में एक नई दिशा और दशा की और बढ़ रही है. यह इस बात से साबित होता है की यदि श्रम सेक्टर में महिलाओं को पुरुषों के सामान जगह मिलती है, तो उनका GDP में योगदान का आंकड़ा लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर के आस पास होगा. एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकतम आय के साथ वृद्धि करने वाली महिलाएं, परिवार और स्थानीय समुदाय में पुरुषों की मुकाबले दोगुना ख़र्च करतीं है. इस तरह इकोनॉमिक रोटेशन के लिए महिलाओं की आवश्यकता को दरकिनार नहीं किया जा सकता.</p>
<p>महिला एम्पॉवरमेंट एजेंडा सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी सशक्तिकरण देता है. इसलिए समता, समानता और सशक्त भविष्य की ओर बढ़ने के लिए महिलाओं को प्राथमिकता देनी होगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Wed, 16 Aug 2023 17:37:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/empowering-women-for-a-prosperous-and-equal-society]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b4U43vSwUXacx41FTdWu.webp" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b4U43vSwUXacx41FTdWu.webp"/></item><item><title><![CDATA[उत्तर प्रदेश का महिला सशक्तिकरण ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-got-vocational-training-in-prayagraj-uttar-pradesh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg"><p dir="ltr"><span>महिलाओं का सशक्तिकरण भारत सरकार का एक प्रार्थमिक मुद्दा बन चूका है. राज्य की सरकारें भी महिलाओं के लिए हर  समय नयी परियोजनाएं बनाती रहती है. <strong>मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना</strong> से लेकर <strong>महाराष्ट्र की लेक लाड़ली योजना</strong>, सबका केंद्र महिलाओं और लड़कियों का विकास है. इसके साथ ही महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs)से जोड़ना भी सरकार अपना लक्ष्य बना चुकी है. इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए <strong>केंद्र सरकार</strong> के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में 45 लाख महिलाओं को Self Help Group से जोड़कर <strong>वोकेशनल ट्रेनिंग</strong> दी जाएगी. </span></p>
<p dir="ltr"><span>इस क्रम में अकेले प्रयागराज में 78 हजार महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.<strong> राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन</strong> (NRLM) के SHG से जुड़कर महिलाओं ने अभी तक बेहतरीन काम किया जिसके कारण ग्रामीण इलाकों में परिवार की स्थिति बहुत सुधरी है. महिलाओं ने कमीशन से लाखों की आय भी अर्जित की. पिछले दिनों <strong>उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य</strong> ने इसका ऐलान मंच से किया था. 30 जून तक जिले में तीन लाख 18 हजार महिलाएं समूह से जुड़ जाएंगी. <strong>उत्तर प्रदेश की सरकार</strong> का यह कदम महिलाओं के जीवन को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी पहल साबित होगा. यूपी के साथ जिस तरह से देश में महिला सशक्तिकरण पर काम किया जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब भारत महिलाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ेगा. </span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 16 Jun 2023 12:34:04 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-got-vocational-training-in-prayagraj-uttar-pradesh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg"/></item><item><title><![CDATA[महिलाओं का डिजिटल अवेयरनेस प्रोग्राम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-gets-an-digital-awareness-program-in-harinagar-bihar</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/iDhIahDRvDab2SCmKO1K.jpg"><p dir="ltr">देश की महिलाएं अपनी सशक्तिकरण की राह पर बहुत तेजी से बढ़ रही है. सरकार इन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर वक़्त प्रयास भी कर रही है. इसी कड़ी में विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरीनगर छीतूपुर में गुरुवार को <strong>NRLM योजना</strong> के तहत रखी गयी  स्वंय सहायता समूह (SHG) की <strong>बैकिंग क्रासपाँडेट</strong> (BC) सखी केंद्र पर आयोजित शिविर में ग्रामीणों को डिजीटल लेनदेन के लिए जानकारी देकर जागरूक किया. <strong>NRLM योजना </strong>के तहत ग्राम पंचायत में संचालित self help group की एक महिला को BC सखी चुनकर कर गांव में बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया है.  </p>
<p dir="ltr">SDO ISB दीपक रघुवंशी ने बताया - "<em>भारतीय रिजर्व बैंक केंद्र सरकार व राज्य सरकार मिलकर देश में धन को लाने व ले जाने में होने वाली समस्याओं को दूर करने व कराए जाने के लिए डिजिटल तकनीक का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे है.</em>" एडीओ आईएसबी दीपक रघुवंशी ने बताया- "<em>अब हमें धन लाने व ले जाने की कोई जरूरत नहीं है. बिना लिए ही हम अब एक मात्र कार्ड से ही कही से भी लेनदेन कर सकते हैं. डिजीटल लेनदेन करते समय अपना पिन नंबर किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करें.</em>" शिविर में प्रधानपति सुरेंद्र सिंह नायक, बीएमएम जय सिंह,नेहा सिंह,ममता राय, दीपक रघुवंशी व राष्ट्रीय स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्री मौजूद रही.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 01 Jun 2023 18:31:53 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-gets-an-digital-awareness-program-in-harinagar-bihar]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/iDhIahDRvDab2SCmKO1K.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/iDhIahDRvDab2SCmKO1K.jpg"/></item><item><title><![CDATA[गोवा में मत्स्य सम्पदा योजना के फ़ायदे ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/matsya-sampada-yojna-in-goa-is-helpful-for-shg-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/be8TTWV85Rgh8yP9ZVPO.jpg"><p dir="ltr">देश के सबसे बढ़िया हॉलिडे डेस्टिनेशंस में से एक गोवा की राजधानी पणजी, में हाल ही 'प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना' (PMMSY) के तहत राज्य की नदियों में चोनक और पोम्फ्रेट जैसी उच्च मूल्य वाली मछली उगाने वाले पिंजरे स्थापित किए गए. इस योजना से मछुआरों और मछली किसानों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. इन मछुआरों को सुरक्षा किट, नाव और जाल, जहाजों और खुद के लिए बीमा भी प्रदान किया गया. मत्स्य निदेशक शमीला मोंटेइरो बताया- "हम मछली किसानों को पांच साल के लिए जलाशय में एक क्षेत्र दे रहे हैं, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है, जहां वे मछली पालन कर सकते हैं."</p>
<p dir="ltr">2016-17 में स्थानीय युवाओं के बीच रोजगार पैदा करने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा एक पायलट परियोजना शुरू करने के बाद, गोवा में खुले समुद्र में पिंजरा पालन, जलाशय पिंजरे की संस्कृति और मैंग्रोव केकड़ा कलम संस्कृति को शुरू किया गया. वर्षों से, जबकि नीली क्रांति योजना के तहत खुले समुद्र में पिंजरों की स्थापना की जा रही थी, निजी पार्टियों या व्यक्तियों द्वारा परियोजना में व्यक्त की गई रुचि कछुआ गति से आगे बढ़ रही थी. स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इस परियोजना का लाभ उठाने में सक्षम बन रही है.</p>
<p dir="ltr">एक स्वयं सहायता समूह (SHG) ने 2020-21 में और दूसरे ने 2021-22 में इस परियोजना से जुड़े. इस साल तीन स्वयं सहायता समूहों ने इस परियोजना को अपनाया. PMMSY योजना के तहत, केंद्र सरकार ने 19.5 करोड़ रुपये इस योजना के लिए जारी किए. गोवा सरकार की तरह से मछुआरों के लिए उठाया गया यह कदम सराहनीय है. महिआएं जिनका परिवार मछली पालन से चल रहा है उनके लिए इस परियोजना में बहुत से फ़ायदे शामिल है. गोवा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए यह एक बड़ी पहल साबित होगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Mon, 08 May 2023 16:05:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/matsya-sampada-yojna-in-goa-is-helpful-for-shg-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/be8TTWV85Rgh8yP9ZVPO.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/be8TTWV85Rgh8yP9ZVPO.jpg"/></item><item><title><![CDATA[RBI में महिला गवर्नर का न होना, उनकी आर्थिक आज़ादी पर प्रश्न ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/no-women-governor-in-rbi-raises-question-on-their-financial-freedon</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/RNu2cKeMsAS7Z8GTsZtk.jpg"><p>सरकार, मीडिया, संस्थाएं - महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की बात हर जगह है. आज भारत में महिलाओं की स्थिति में सुधार होता भी नज़र आ रहा है. पर अभी इस मुहीम को कई और चुनौतियों को पार करना बाकी है. स्वयं सहायता समूहों की बदौलत आज महिलाएं अपने घरों से निकल खुद का रोज़गार शुरू तो कर पा रही हैं, लेकिन अभी उन्हें फाइनेंस की दुनिया में पकड़ जमाना बाकी है. वर्ल्ड इकनॉमिक फॉरम की एक रिपोर्ट ने बताया कि भारत की 100 बड़ी कंपनियों में सिर्फ 14% बोर्ड सीटें महिलाओं के पास हैं और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) लिस्टेड 500 कंपनियों में केवल 3.6% सीईओ महिलाएं हैं. </p>
<p>अगर बात, भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की करे, तो 1935 से आज तक 25 गवर्नरों में से एक भी गवर्नर महिला नहीं रही. बस, तीन महिला डिप्टी गवर्नर थीं. अभी तक 63 डिप्टी गवर्नर्स में से केवल तीन महिला डिप्टी गवर्नर रही जिनके नाम हैं - के जे उदेशी, श्यामला गोपीनाथ, और उषा थोराट. ऐतिहासिक रूप से, महिलाओं को भारत में नेतृत्व के पदों पर कम प्रतिनिधित्व दिया गया. नेतृत्व की भूमिकाओं में लैंगिक अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन प्रगति की रफ़्तार अभी भी धीमी है. आज भी उच्च शिक्षा तक पहुंच न होना, रूढ़िवादिता होना, और लैंगिक भेदभाव आर्थिक और सामाजिक प्रगति की चुनौतियां हैं. जिससे महिलाओं के RBI गवर्नर बनने के लिए आवश्यक अनुभव और योग्यता हासिल करने के अवसर कम हो जाते हैं.</p>
<p>पुरुष प्रधान समाज में पुरुषों को आम तौर पर प्राथमिक कमाने वाला और निर्णय लेने वाला माना गया . इन सामाजिक और सांस्कृतिक मानदंडों, परम्परों और अपेक्षाओं के वजह से महिलाओं के लिए फाइनेंस और बैंकिंग जैसी पुरुष-प्रधान जगहों में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा, RBI गवर्नर जैसी बड़ी पोज़िशन की मांगों को पूरा करने के लिए अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बैलेंस करना मुश्किल हो जाता है जिससे योग्य महिला उम्मीदवारों की लिस्ट छोटी हो जाती है. RBI गवर्नर की नियुक्ति भारत की केंद्र सरकार करती है. इसलिए, RBI के 88 वर्षों में महिला गवर्नर का न होना सरकार की प्राथमिकताओं और नीतियों पर प्रश्न चिन्ह लगता है. RBI गवर्नर की नियुक्ति कई मानदंडों पर आधारित है, जिसमें अनुभव, विशेषज्ञता और योग्यताएं शामिल हैं. मानदंडों की इस सूची में लिंग कारक नहीं होना चाहिए.</p>
<p>मैनेजीरियल पोसिशन्स पर महिलाओं की भागीदारी कम होने की वजह से जेंडर बैलेंस इंडेक्स 2022 में RBI की रैंकिंग पर भी असर डाला. प्रमुख प्रबंधकीय पदों पर कम महिला भागीदारी ने जेंडर 12 (जीबीआई) 2022 में आरबीआई की रैंकिंग को भी प्रभावित किया है, RBI को 159 में से 149 रैंक पर रखा गया. केवल चीन और कोरिया के केंद्रीय बैंकों को RBI के नीचे रखा.  </p>
<p>इन आंकड़ों  में बदलाव लाने के लिए मज़बूत कदम उठाने की ज़रुरत है. सरकारी नीतियों में बदलाव, कंपनियों के वर्कफोर्स और टॉप पोसिशन्स पर महिलाओं का आरक्षण, और सामाजिक बदलाव कुछ तरीके हो सकते हैं. सरकार, संस्था, समाज और परिवार को तेज़ी से प्रगति करती डिजिटल एज के हिसाब से अपने नज़रियों को बदलना होगा. 'बदलाव ही प्रकृति का नियम है.' सिर्फ एक कहावत नहीं, पर हमारे प्लान का हिस्सा और गोल भी होना चाहिए.   </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Tue, 04 Apr 2023 13:50:07 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/no-women-governor-in-rbi-raises-question-on-their-financial-freedon]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/RNu2cKeMsAS7Z8GTsZtk.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/RNu2cKeMsAS7Z8GTsZtk.jpg"/></item></channel></rss>