<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ कलेक्टर भव्या मित्तल]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/klekttr-bhvyaa-mittl</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/klekttr-bhvyaa-mittl" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Thu, 05 Mar 2026 17:04:16 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[गणगौर श्रृंगार के साथ हर्बल रंगों ने मोहा मन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/women-news-india/gangaur-decorations-and-herbal-colours-captivated-the-audience-the-stalls-set-up-by-shgs-in-khargone-mp-were-appreciated-by-everyone-including-the-visiting-mp-and-the-collector-11177830</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/03/05/khargon-nrlm-2026-03-05-16-42-28.jpg"><p>मध्य प्रदेश के <a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-have-become-successful-animal-husbandry-and-selling-milk-in-bulk-and-became-self-sufficient-in-kahrgone-mp-6129951">खरगोन</a> मुख्यालय पर स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार स्वदेशी आइटम्स के स्टॉल्स लगाए गए. इन सामग्री में तीज त्यौहार की रौनक दिखाई दी. साथ ही हेल्थ से जुड़े ऑर्गेनिक आइटम्स उपलब्ध कराकर SHG की सदस्यों ने अतिथियों का ध्यान अपनी और खींचा. इस मौके पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल खासतौर पर मौजूद रहे. साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष अनु बाई तंवर,नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी सहित कलेक्टर भव्या मित्तल, सीईओ जिला पंचायत भी मौजूद थे.</p>
<h2><br>20 से अधिक महिलाओं को दिया रोजगार&nbsp;</h2>
<p>खरगोन के कलेक्टर परिसर में आयोजित इस प्रदर्शनी में कई तरह के स्टॉल्स लगाए गए.<br>गोगावां ब्लॉक अंतर्गत ठिबगांव के राजलक्ष्मी <a href="https://ravivarvichar.in/tags/svyn-shaaytaa-smuuh">स्वयं सहायता समूह</a> की अध्यक्ष रेखा सावल्दे कहती है-"मुझे इस प्रदर्शनी में शामिल होने का मौका मिला.मुझे ख़ुशी है कि अपने समूह के कामों के माध्यम से 20 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार दे सकी.इस बार हम गणगौर माता के लिए साज श्रृंगार की सामग्री तैयार की. इसके अलावा समूह कई तरह के ड्रेस मटेरियल भी तैयार करता है."</p>
<figure class="image"><img alt="khargon-1 (2)" src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/580x348/filters:format(webp)/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/2026/03/05/khargon-1-2-2026-03-05-16-46-11.jpeg" style="width: 500px;" height="300">
<figcaption>स्वदेशी खाद्य सामान दिखती हुई समूह सदस्य -Image :Ravivar&nbsp;</figcaption>
</figure>
<p>इस मौके पर अन्य समूह ने भी अतिथियों को अपने प्रोडक्ट्स से अवगत करवाया.<br>भीकनगांव ब्लॉक के बमनाला से आए नर्मदा मैया सेल्फ हेल्प ग्रुप की अध्यक्ष ममता सावनेर कहती हैं-"हमारे स्वदेशी प्रोडक्ट्स को सभी ने सराहा. हमने ऑर्गेनिक शहद से लगाकर पापड़ और कई तरह की चटनियां और हैंडमेड चूड़ियां भी शामिल की." &nbsp; &nbsp; &nbsp;<br>प्रदर्शनी को लेकर यंग प्रोफेशनल सावन पाटीदार बताते हैं- "इस प्रदर्शनी में 10 से ज्यादा स्टॉल्स सजाए गए थे.इसमें तीज- त्यौहार को ध्यान में रखते हुए समूह सामान तैयार कर के लाए.हर्बल कलर्स से लगाकर खाद्य सामग्री शामिल की."</p>
<h2>स्वावलंबी होने से समाज में मिला सम्मान और स्वाभिमान: सांसद पटेल&nbsp;</h2>
<p>निमाड़ आदिवासी क्षेत्र में महिलाओं ने साबित कर दिया कि अवसर मिले तो वे स्वावलंबी हो सकती हैं. इसी से समाज में सम्मान और स्वाभिमान मिला.मुझे ख़ुशी है कि SHG की सदस्यों ने बेहतर प्रोडक्ट्स तैयार किए. सरकार self help group को हर संभव मदद कर रही है. यह बात खरगोन बड़वानी क्षेत्र के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल (Gajendra Singh Patel) ने कही.<br>पटेल ने इस अवसर पर स्टॉल्स पर मौजूद समूह सदस्यों से बात की और उनका हौसला बढ़ाया.</p>
<figure class="image"><img alt="IMG-20260305-WA0019" src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/580x348/filters:format(webp)/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/2026/03/05/img-20260305-wa0019-2026-03-05-16-51-00.jpg" style="width: 496px;" height="372">
<figcaption>स्टॉल्स पर खड़ीं सदस्य और अन्य -Image :Ravivar&nbsp;</figcaption>
</figure>
<p><a href="https://ravivarvichar.in/point-of-view/the-illusion-of-sab-chalta-hai-broke-ceo-became-strict-on-empowerment-srlm-ceo-harshika-singh-gave-a-strong-message-to-the-mission-officers-from-bhopal-through-google-meet-9782068">SRLM</a> के DPM रमाकांत पाटीदार कहते हैं- "स्वदेशी सामान तैयार करके समूह सदस्य ने बढ़-चढ़ कर प्रदर्शनी में हिस्सा लिया.हम लगातार हर समूह को प्रोत्साहित कर रहे. हमारे अतिथियों ने भी सराहा." &nbsp; &nbsp;<br>कलेक्टर भव्या मित्तल (Bhavya Mittal) ने कहा -"मुझे ख़ुशी है कि ज़िले की महिलाएं बहुत मेहनती हैं. SHG की महिलाओं ने बड़ी संख्या में अलग-अलग क्षेत्र में काम कर स्वदेशी प्रोडक्ट्स तैयार किए.खासकर&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-earning-their-livelihood-by-making-maheshwari-sarees">महेश्वरी साड़ी</a> निर्माण से लगाकर अन्य सामग्री भी बना रहीं हैं.हमारा प्रयास है समूह सदयों को समय समय पर नए कार्य की ट्रेनिंग सुविधा दी जाए." इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ मिलिंद कुमार नागदेवे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Thu, 05 Mar 2026 17:04:16 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/women-news-india/gangaur-decorations-and-herbal-colours-captivated-the-audience-the-stalls-set-up-by-shgs-in-khargone-mp-were-appreciated-by-everyone-including-the-visiting-mp-and-the-collector-11177830]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/03/05/khargon-nrlm-2026-03-05-16-42-28.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/2026/03/05/khargon-nrlm-2026-03-05-16-42-28.jpg"/></item><item><title><![CDATA[आज की 'अहिल्या बाई होल्कर' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-bhavya-mittal-fights-with-mafia-to-become-present-day-ahilyabai</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9vMpiDjsb1P83Hw6VGY2.jpg"><p>देश में &nbsp;मुग़ल कालीन हुकूमत और अंग्रेजों की गुलामी के पहले देश की कई रियासतों का दौर रहा. इस दौर में के राजा-महाराजा हुए. पर जिन्हें उंगलियों पर गिना जा सके ऐसे चर्चित और प्रजा में प्रिय कम ही हुए. खासकर महिला शासक. इनमें कुछ ऐसे शासक भी हुए जो अपने अंदाज़ और प्रजा के भले के लिए जीवन जीते रहे.उनमें से एक हैं मालवा प्रांत के होल्कर राजघराने की महिला शासक देवी अहिल्या बाई होल्कर. &nbsp;</p><p>केवल 29 साल में विधवा और अपने ससुर मल्हारराव की मौत के बाद राजपाट संभाला. अहिल्या बाई ने वो मुकाम हासिल किया जो आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है. उनके निर्णय और धैर्यता मिसाल बन गई. मालवा प्रांत &nbsp;में होल्कर राज की शासक अहिल्या बाई ने इंदौर के अलावा डेढ़ सौ किमी दूर नर्मदा किनारे महेश्वर को अपनी राजधानी बनाया. गिने-चुने राजाओं में अहिल्या बाई होल्कर के दौर को आज भी आदर्श काल माना जाता है.अहिल्या बाई ने चाहे पर्यावरण हो ,धार्मिक कामकाज या कोई जरूरतमंद की मदद करना जैसे फैसले किताबों में पढ़ाए जा रहें हैं.&nbsp;<br>&nbsp;<br>हर साल की तरह इस साल भी 31 मई को उनकी याद में जयंती मालवा और निमाड़ में गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा. उनके लिए गए निर्णय साल 1795 से अब तक 228 सालों बाद भी प्रासंगिक है. आजादी के 75 सालों में भी कई ऐसी महिला अधिकारी हुईं जिनकी कार्यशैली और अंदाज़ साबित करता है कि उनमें प्रशासनिक क्षमता किसी से कम नहीं है. इनके निर्णय आमजन को लाभ पहुंचा रहे हैं. गौरव सप्ताह और देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती को लेकर रविवार विचार ने ऐसे कुछ महिला प्रशासनिक अधिकारियों के विचार जाने. उनकी कार्यशैली को समझा. प्रशासनिक चुनौतियों और पारिवारिक जवाबदारियों के बीच ऐसी ही " आज की अहिल्या देवी होल्कर " (Devi Ahilya Bai Holkar) से मिलवाते हैं. जिनके निर्णय और काम का तरीका उन्हें चर्चा में रखता है.&nbsp;रविवार विचार इस साल यह गौरव दिवस ऐसी ही कई लेडी ऑफिसर के कामकाज को समर्पित करता है,जिनसे हम मिलवाते रहेंगे.&nbsp;</p><h2>जंगल के खातिर माफियों से जंग&nbsp;</h2><p>मप्र (Madhya Pradesh) के सबसे दूरस्थ महाराष्ट्र (Maharashtra) सीमा से लगे बुरहानपुर (Burhanpur) जिले के लिए शासन ने लेडी ऑफिसर आईएएस (IAS) भव्या मित्तल (Bhavya Mittal) को चुना. सतपुड़ा के घने जंगलों में माफियाओं का कब्ज़ा और कई आदिवासी इलाकों में पीने के पानी की जद्दोजहद जैसी चुनौतियों ने कलेक्टर (DM) का पदभार संभाला. कुछ माह में ही सैकड़ों हैक्टेयर इलाके में घने जंगलों का सफाया और लकड़ी माफियाओं के खौफ ने घुसना मुश्किल कर दिया. माफियाओं ने हमले इतने तेज़ किए कि वन विभाग के हाथ पैर फूल गए.आखिर हालात बिगड़ते देख डीएम भव्या मित्तल ने मोर्चा संभाला.</p><p>भव्या मित्तल बताती हैं - " लगातार धमकियों और माफियाओं के बढ़ते आतंक को सहन करना बर्दाश्त के बाहर हो गया.माफियाओं ने वन विभाग के कर्मचारियों, पुलिस के साथियों पर हमले शुरू कर दिए. बाहरी लोग वनवासियों को उकसाने लगे. जंगल की खूबसूरती खत्म सी होने लगी. मैंने खुद ने वहां डेरा डाला. घेराबंदी की. काफी समझाइश के बाद भी नहीं माने तो कई सख्त एक्शन लिए. कई सरकारी योजनाओं का लाभ देना बंद करवाया.कई को जिला बदर कर दिया. इस कदम पर मेरा बहुत विरोध हुआ. मैंने परवाह न की. पुलिस,वन और दूसरी सुरक्षा एजेंसी को निर्देश दिए. देखते ही देखते "ऑपरेशन खदेड़ना" शुरू किया. धीरे-धीरे हालात सामान्य हुए. जब लकड़ी माफियों को खदेड़ दिया. वनवासियों को प्रशासन की बात समझ आई. उनको वापस पीडीएस सहित दूसरी रोकी गई योजनाओं का लाभ देने लगे. यहां तक कि तालाब निर्माण और प्लांटेशन का काम भी उनको ही दे दिया. उनको आत्मनिर्भर बनाने में प्रशासन ने साथ दिया. वे अब खुश हैं. यह जंग सिर्फ पर्यावरण और जंगल बचने की थी."</p><p>भव्या मित्तल ने नल जल योजना (Nal Jal Yojna) में देश का पहला जिला बना कर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से अवार्ड लिया. बेमौसम तूफान और बारिश में केले की फसल उत्पादक किसानों के साथ सहानुभूति रख खेतों में पहुंच गई.&nbsp;<br><br>आजीविका मिशन योजना में हजारों महिलाओं को प्रोत्साहित किया और आत्मनिर्भर बना दिया. इसके पहले नीमच में पदस्थ रह कर कोरोना काल में खुद ने जान जोखिम में डाल कर कंटेनमेंट एरिया में लोगों की मदद की. नीमच जिले की भरबड़िया पंचायत को कुपोषण मुक्त बनाने में खास भूमिका निभा कर भी भव्या मित्तल दिल्ली तक सुर्ख़ियों में आई थी. भव्या मित्तल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में टॉप 50 में शामिल थीं. &nbsp;&nbsp;</p><p>कलेक्टर भव्या मित्तल का कहना है - "<em>अहिल्या बाई होल्कर समाज की आदर्श रहीं. परिवार में एक छोटी सी बेटी को भी उतना ही प्यार देना, पारिवारिक दायित्व निभाना और कड़े प्रशासनिक निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण हैं. इनमें तालमेल बैठाना ही समाज की सेवा है. मेरा मकसद समाज के जरूरतमंद लोगों को मदद करना है.बुरहानपुर को और हैरिटेज प्लेस और पॉवर हेंडलूम में अधिक पहचान दिलाने के प्रयास चल रहे हैं</em>."&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Mon, 29 May 2023 18:21:52 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/ias-bhavya-mittal-fights-with-mafia-to-become-present-day-ahilyabai]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9vMpiDjsb1P83Hw6VGY2.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9vMpiDjsb1P83Hw6VGY2.jpg"/></item><item><title><![CDATA[बुरहानपुर कलेक्टर को 'पीएम अवार्ड फॉर एक्सीलेंस' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-collector-bhavya-mittal-awarded-pm-award-for-excellence</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg"><p><iframe style="width: 776px; height: 435px;" src="https://www.youtube.com/embed/G6IJBKCYy08" width="776" height="435" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>मध्य प्रदेश का सबसे दूरस्थ समझे जाने वाला बुरहानपुर एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. हर घर जल पहुंचा कर परिवारों की प्यास बुझाने में सफल इस जिले की कलेक्टर भव्या मित्तल को सिविल सर्विस डे पर दिल्ली में  'प्रधानमंत्री अवार्ड फॉर एक्सीलेंस' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया. इस उपलब्धि के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जश्न मन रहीं हैं. जिले की लगभग 1700 महिलाओं ने अलग-अलग समूह में जुड़ कर यह कमाल कर दिखाया. नल जल योजना और जल जीवन मिशन के तहत यह सफलता मिली. आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक संतमति खलखो कहती हैं- "पिछले दस महीने में समूह की महिलाओं ने 80 लाख से अधिक रुपए का राजस्व कमा कर पंचायतों को सौंपा. कुल वसूली की बीस प्रतिशत राशि समूह सदस्यों को मिली. जहां गांव के हर घर में पानी पहुंचा वहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक लाभ भी हुआ."</p>
<p>इस जिले की पेयजल व्यवस्था और SHG महिलाओं का ज़िक्र पीएम नरेंद्र मोदी अपनी मन की बात कार्यक्रम में कर चुके हैं. "प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवार्ड" लेने के बाद कलेक्टर भव्या मित्तल कहती हैं- " इसका अवार्ड का श्रेय उन 'टेक्स सखी' ग्रामीण महिलाओं को जाता जिन्होंने हर मौसम चाहे कड़ी धूप हो,सर्दी हो या बारिश में वसूली की और पूरे गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया. यह मेरे और जिले के लिए गर्व की बात है." जिले में टेक्स सखी जहां बेहतर काम कर रहीं हैं वहीं कई समूह की महिलाएं दूसरे कामों से जुड़ कर भी आर्थिक रूप से मजबूत हुईं हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sun, 30 Apr 2023 14:00:37 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-collector-bhavya-mittal-awarded-pm-award-for-excellence]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg"/></item><item><title><![CDATA[हर घर पानी : कलेक्टर को पीएम अवार्ड फॉर एक्सीलेंस ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/burhanpur-collector-awarded-pm-excellence-award</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg"><p>मध्य प्रदेश का सबसे दूरस्थ समझे जाने वाला बुरहानपुर एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. सही प्रशासनिक प्रबंधन, समन्वय, और यहां की महिलाओं की कड़ी मेहनत ने जिले को एक और तमगा दिलवा दिया. हर घर जल पहुंचा कर परिवारों की प्यास बुझाने में सफल इस जिले की कलेक्टर भव्या मित्तल को सिविल सर्विस डे पर दिल्ली में  'प्रधानमंत्री अवार्ड फॉर एक्सीलेंस' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया.इस उपलब्धि के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जश्न मन रहीं हैं.<br>  <br>जिले की लगभग 1700 महिलाओं ने अलग-अलग समूह में जुड़ कर यह कमाल कर दिखाया. नल जल योजना और जल जीवन मिशन के तहत यह सफलता मिली. आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक संतमति खलखो कहती हैं- "पिछले दस महीने में समूह की महिलाओं ने 80 लाख से अधिक रुपए का राजस्व कमा कर पंचायतों को सौंपा. कुल वसूली की बीस प्रतिशत राशि समूह सदस्यों को मिली. जहां गांव के हर घर में पानी पहुंचा वहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक लाभ भी हुआ."</p>
<p>इसके पहले जिले के बुरहानपुर और खकनार ब्लॉक के कई ऐसे गांव थे जहां महिलाओं को पीने के पानी के लिए रातभर मशक्क्त करना पड़ती थी. पंचायत के कर्मचारी पूरा पैसा वसूल नहीं पाते जिससे नल-जल योजना ठप पड़ गई.अब इन्हीं महिलाओं में प्लंबर और टेक्नीशियन की ट्रेनिंग लेकर नया हूनर भी तैयार कर लिया.पिछले कुछ माह से सुर्ख़ियों में आए इस जिले की कलेक्टर भव्या मित्तल को यही वजह पीएम नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया.    </p>
<p>जिले में जल जीवन मिशन पर पूरी तरह मॉनिटरिंग की जा रही है. पीएचई विभाग के कोर्डिनेटर राजेश ठाकुर कहते हैं- " शुरू में यह काम बहुत चुनौतीपूर्ण था.167 पंचायतों के 254 गांवों में पेयजल वितरित किया जा रहा है.दरियापुर गांव के जयश्री कृष्णा समूह की अध्यक्ष रीना पाटिल कहती हैं- "हमारे गांव में पंद्रह सौ नल कनेक्शन हैं. पानी की व्यवस्था के बावजूद पूरा गांव परेशान था.हमने कमान संभाली और पेयजल व्यवस्था पटरी पर आ गई.ख़ुशी के जल शक्ति मंत्रालय ने दिल्ली में सम्मानित किया." बहादरपुर गांव के प्रगति स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष दीपिका सोनी हो या दापोरा गांव के स्वर्णलता स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष आशा महाजन,सचिव संगीता चौधरी सभी ने अपने-अपने इलाके में रिकॉर्ड वसूली की और योजना को साकार कर दिया.</p>
<p>बुरहानपुर जिले ने जल जीवन मिशन और नल-जल योजना को लेकर प्रदेश और देश में सुर्ख़ियों में है.इस अवार्ड के पहले पूर्व कलेक्टर प्रवीण सिंह को भी राष्ट्रपति अवार्ड मिल चुका है.इस जिले की पेयजल व्यवस्था और SHG महिलाओं का ज़िक्र पीएम नरेंद्र मोदी अपनी मन की बात कार्यक्रम में कर चुके हैं. "प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवार्ड" लेने के बाद कलेक्टर भव्या मित्तल कहती हैं- " इसका अवार्ड का श्रेय उन 'टेक्स सखी' ग्रामीण महिलाओं को जाता जिन्होंने हर मौसम चाहे कड़ी धूप हो,सर्दी हो या बारिश में वसूली की और पूरे गांव के हर घर तक पानी पहुंचाया. यह मेरे और जिले के लिए गर्व की बात है." जिले में टेक्स सखी जहां बेहतर काम कर रहीं हैं वहीं कई समूह की महिलाएं दूसरे कामों से जुड़ कर भी आर्थिक रूप से मजबूत हुईं हैं.</p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/toDLADXWJrCrkshGPkGt.JPG" alt="pm excellence"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>(रविवार विचार की स्टोरी क्लिप)</em></span></p>
<p><a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-from-burhanpur-manages-water-tax">https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-from-burhanpur-manages-water-tax</a> </p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Sat, 29 Apr 2023 18:07:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/burhanpur-collector-awarded-pm-excellence-award]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qc8598KaOHwgLZPk05x5.jpg"/></item><item><title><![CDATA[दीदियां कर रहीं भाभियों को सशक्त ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-shg-women-educate-housewives-on-ladli-behena-yojana-2023</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg"><p><iframe style="width: 984px; height: 552px;" src="https://www.youtube.com/embed/GfZxxNWPi2Y" width="984" height="552" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p> </p>
<p>बुरहानपुर में 'भाभी सप्ताह अभियान' प्रदेश में सुर्ख़ियों में है. लाड़ली बहना योजना को कारगर बनाने के लिए अलग -अलग प्रयोग किए जा रहे. जिले में सबसे अलग लाड़ली बहना की कमान स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाल ली.ये दीदियां ग्राम संगठन में पदाधिकारी हैं. अपने काम के अलावा ये दीदियां अपने ही गांव की दूसरी बहनों को आर्थिक मजबूती और सम्मान दिलवाने के खातिर मैदानों में उतर गई. जिला प्रशासन ने बाकायदा इस काम के लिए समूह की महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई.इस अभियान का नाम "भाभी भी बनेगी सशक्त सप्ताह" रखा गया. </p>
<p>प्रदेश में सबसे अलग इस नवाचार को लेकर आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक संतमती खलखो कहती हैं -" अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिले, इसके लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मदद के लिए आगे लाया गया. कलेक्टर भव्या मित्तल खुद ने ट्रेनिंग देकर इन दीदियों को प्रोत्साहित किया. इस अभियान में 158 ग्राम संगठन की साढ़े पांच सौ से अधिक दीदियां पदाधिकारी इसमें सहयोग <br>आगे आकर रहीं हैं."</p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 29 Mar 2023 15:42:48 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-shg-women-educate-housewives-on-ladli-behena-yojana-2023]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg"/></item><item><title><![CDATA[यहां रेशा रेशा है काम का.... ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-made-handicrafts-by-banana-fiber</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/gPAQ2NXwlmKrXcc6lyNO.jpeg"><p>खेतों में मजदूरी करते-करते बरसों गुजार देने वाली प्रियंका कुशवाह अब घर से कमान संभाल रही है. प्रियंका कहती है-"मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिन खेतों में केले तोड़ कर उसके तने काट कर सूखने के लिए फेंक देते थे,वही हमारे स्वाभिमान की ज़िन्दगी का हिस्सा हो जाएंगे. हम गांव  महिलाएं इन केले के तनों से निकाले गए रेशों से क्रॉफ्ट के आईटम बना रहे हैं. इन रेशों ने हमारी ज़िंदगी बदल दी. " बुरहानपुर जिले के जयसिंगपुरा की महिलाओं की मेहनत और हाथों का कमाल आज मिसाल बन गया. उनके हाथों से बनी सुंदर और नायब चीज़ें पर्यटकों को लुभा रही है. रेशे से तैयार प्रोडक्ट की पहचान दूर-दूर तक बन रही है. </p>
<p>दरअसल तीन साल पहले तक बुरहानपुर जिले के केले किसान फसल लेने के बाद अगली फसल लेने के लिए ये सूखे तने काट कर फेंक देते थे. इसका कोई उपयोग नहीं किया. सरकार की ' एक जिला एक उत्पाद ' योजना का लाभ ले कर शहर के युवक मेहुल श्रॉफ ने लोन लेकर  केले के तनों से रेशे निकालने की मशीन लगाई. इसी से महिला समूह के आत्मनिर्भर बनने के रस्ते खुल गए. जिले में केले की बंपर पैदावार के बाद यहां केले के पेड़ के तने आसानी से मिल जाते हैं. इन्हीं से रेशे निकाल सुखाए जाते हैं. </p>
<p>पुरातत्व और संस्कृति विभाग की तरफ से भेजे गए टेक्सटाइल विभाग से जुड़े ट्रेनर धर्मेंद्र पाटिल कहते हैं -"इन महिलाओं को समूह में ट्रेंड किया गया. केले के रेशे से इन महिलाओं को रस्सी ,देव सथल की सफाई उपयोगी झाड़ू ,बास्केट्स,केप सहित अन्य आइटम बनाना सिखाए. अब ये पूरी तरह ट्रेंड हैं. "आजीविका मिशन की परियोजना प्रबंधक कृष्णा रावत कहतीं हैं -" ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और मजदूरी से मुक्त करने में प्रशासन काफी हद तक सफल रहा. जो महिलाएं कारखाने में रेशा लेकर  वही काम करना नहीं चाहती ,उन्हें घर पर ही प्रोडक्ट बनाने की सुविधा दी गई. इसमें ग्रामीण महिलाओं के  अलावा नेपानगर की स्वसहायता समूह की शहरी रोजगार योजना अंतर्गत इस रोजगार से जोड़ा गया है. "फाइबर क्राफ्ट्स से लगभग शहरी और ग्रामीण इलाके की सौ से अधिक महिलाएं अलग-अलग तीस समूहों में जुड़ कर अब मजदूरी से दूर इस कारोबार से जुड़ आत्मनिर्भर हो गईं.     </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/glBzlfSTCNvaqXGpjBj7.jpeg" alt="SHG"></p>
<p>नेपानगर की सरला सचिन कहती हैं -" मैं बेरोजगार थी.इस बीच प्रशासन की मदद से मैंने रेशे से आईटम बनाना सीख लिया. अधिकारी हमें मार्केटिंग भी सीखा रहे हैं. मुझे ख़ुशी है कि अब खुद इन तैयार आइटम से पैसा कमा लेती हूं. " इस कारोबार से जुडी रंजना पंवार भी गर्व से बताती है - " घर कि जरूरतें पहले पूरी नहीं हो पाती थी. अब वह इस कला से पैसा कमा रहीं हैं. उनके ग्रुप में तीस महिलाएं हैं. " प्रियंका और उनके ही परिवार की नर्मदा बाई कहती हैं -"  हम लोग अब बास्केट्स ,केप,चटाई ,योग मेट आदि बना लेती है.इन्हें बाहर से आने वाले टूरिस्ट बहुत लेते हैं."</p>
<p>कलेक्टर भव्या मित्तल कहती हैं -" जिले में केले की पैदावार देश में खास जगह रखती है. किसान अभी तक केले के पेड़ और फसल लेने के बाद काट कर फेंक देते थे, लेकिन इसे रॉ मटेरियल बनाकर इससे फाइबर्स निकाल उनका उपयोग किया. इससे जिले की महिलाओं को नई पहचान मिली. टूरिज़्म डिपार्टमेंट से भी कोर्डिनेट किया गया है ,यह विभाग जिला टूरिज़्म काउंसिल को आर्थिक सपोर्ट भी कर रहा है. जिससे ये आईटम प्रदेश और राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भी और प्रभावी ढंग से शामिल किए जा सके. प्रयास किए जा रहें हैं कि इस वेस्ट मटेरियल से बनाए गए आकर्षक प्रोडक्ट को विदेशी धरती पर भी पहचान मिले. "     <br>        </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/fHAxccNmEuV9gDlZWP2J.jpeg" alt="SHG"></p>
<p>जिला प्रशासन और कलेक्टर भव्या मित्तल खुद इस प्रोडक्ट के लिए लगातार समूह कि महिलाओं को प्रोत्साहित कर ट्रेनिंग दिलवा रही हैं. जिला प्रशासन के सहयोग और महिलाओं के प्रयासों से अब तक शाहजहां के लाल ताजमहल और मुमताज सहित कई कहानियों को अपने इतिहास में समेटे बुरहानपुर शहर की मेहनती महिलाएं फाइबर्स क्रॉफ्ट निर्माता के रूप में नया इतिहास रच देगीं.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Thu, 23 Mar 2023 17:11:32 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-made-handicrafts-by-banana-fiber]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/gPAQ2NXwlmKrXcc6lyNO.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/gPAQ2NXwlmKrXcc6lyNO.jpeg"/></item></channel></rss>