<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ लाड़ली बहना योजना]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/laadddhlii-bhnaa-yojnaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/laadddhlii-bhnaa-yojnaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Fri, 16 Jun 2023 12:34:04 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[उत्तर प्रदेश का महिला सशक्तिकरण ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-got-vocational-training-in-prayagraj-uttar-pradesh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg"><p dir="ltr"><span>महिलाओं का सशक्तिकरण भारत सरकार का एक प्रार्थमिक मुद्दा बन चूका है. राज्य की सरकारें भी महिलाओं के लिए हर  समय नयी परियोजनाएं बनाती रहती है. <strong>मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना</strong> से लेकर <strong>महाराष्ट्र की लेक लाड़ली योजना</strong>, सबका केंद्र महिलाओं और लड़कियों का विकास है. इसके साथ ही महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs)से जोड़ना भी सरकार अपना लक्ष्य बना चुकी है. इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए <strong>केंद्र सरकार</strong> के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में 45 लाख महिलाओं को Self Help Group से जोड़कर <strong>वोकेशनल ट्रेनिंग</strong> दी जाएगी. </span></p>
<p dir="ltr"><span>इस क्रम में अकेले प्रयागराज में 78 हजार महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.<strong> राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन</strong> (NRLM) के SHG से जुड़कर महिलाओं ने अभी तक बेहतरीन काम किया जिसके कारण ग्रामीण इलाकों में परिवार की स्थिति बहुत सुधरी है. महिलाओं ने कमीशन से लाखों की आय भी अर्जित की. पिछले दिनों <strong>उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य</strong> ने इसका ऐलान मंच से किया था. 30 जून तक जिले में तीन लाख 18 हजार महिलाएं समूह से जुड़ जाएंगी. <strong>उत्तर प्रदेश की सरकार</strong> का यह कदम महिलाओं के जीवन को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी पहल साबित होगा. यूपी के साथ जिस तरह से देश में महिला सशक्तिकरण पर काम किया जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब भारत महिलाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ेगा. </span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 16 Jun 2023 12:34:04 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-got-vocational-training-in-prayagraj-uttar-pradesh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vjnzeLJv3tisk29SXL0n.jpg"/></item><item><title><![CDATA[खर्च से पहले फाइनेंशियल लिट्रेसी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/bhavishya-kharch-yojna-imparted-lessons-on-financial-literacy-to-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YgEBrH7L8boncMJwm249.jpg"><p>लाड़ली बहना योजना (Ladali Behna Yojana) में पात्र महिलाओं को हर महीने मिलने वाले एक हजार रुपए के लिए मप्र के देवास जिला प्रशासन की "भविष्य खर्च योजना" और प्रोजेक्ट सुखियों में है. गांव से जुड़ी इन महिलाओं को रुपयों का सही उपयोग करना सीखने के लिए खास तरह की ट्रेनिंग दी गई. इस पहल के बाद प्रशासन और जिला पंचायत के प्रयास को सराहा जा रहा है. आखिर कोई भी महिला हर महीने पैसों का सही उपयोग कैसे करे, इस मकसद से फाइनेंशियल मैनेजमेंट (Financial Management) गुरू सहित लगभग 200 महिलाओं ने हिस्सा लिया. इसमें आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूह (Self Help Group-SHG), आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता और वित्तीय सहायता अभियान से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए. यदि यह प्रयोग सफल रहा तो गांव की महिलाओं को जहां आर्थिक मजबूती मिलेगी वहीं यह प्रयोग पूरे प्रदेश में लागू किया जा सकता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी इस जिले के लिए खास रूचि दिखाई है. सोनकच्छ में महिलाओं से जुड़े आयोजन में वे ख़ासतौर हिस्सा ले रहे हैं.   </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/exS2x3903M7rRyfdr3C4.jpg" alt="financial literacy "></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>मास्टर ट्रेनर्स महिलाओं ने फैशियल ट्रेनिंग ली (फोटो क्रेडिट : रविवार विचार)</em></span></p>
<p>पात्र महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए उनके खाते में जमा होंगे. महिलाओं को इन रुपयों का सही उपयोग करते आए यह प्रयास किए जा रहे हैं. गांव-गांव पात्र महिलाओं को ढूंढ कर फॉर्म भरवाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ,आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़े पदाधिकारियों को ट्रेनिंग (training) देकर यही समझाया गया. फाइनेंशियल लिट्रेसी (Financial Literacy) की मास्टर ट्रेनर और कनाड़िया परी गांव की गंगा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता मालवीय कहती हैं- "<em>गांव की महिलाएं अपने पास के पैसे भी पति के मांगने पर दे देतीं हैं. कई बार पति यदि नशे के आदी हुए तो पैसा ही नहीं बचेगा.मैंने सभी मौजूद मास्टर ट्रेनर्स और दूसरों को  बताया कि पात्र महिलाओं को बताना है कि हर महीने मिलने वाले रुपए का वे खुद का हेल्थ बीमा,पति-परिवार का बीमा,फसल बीमा,मवेशियों का उपचार,अटल पेंशन योजना,बच्चों के स्कूल की फ़ीस, किताबें-कॉपियों की खरीदी में खर्च कर सकती है. यह भी बताया कि महिलाएं खुद पर कभी ध्यान नहीं देती. अच्छी हरी सब्जियां, पौष्टिक खाने पर खर्च करे जिससे वे खुद भी स्वस्थ रहे."</em></p>
<p>जिले के गांव-गांव महिलाओं को इस तरह की काउंसलिंग दी जा रही है. सोनकच्छ आजीविका मिशन ब्लॉक प्रबंधक वीरेंद्र ने बताया - " इस परिकलपना को जनपद सीईओ आईएएस टी प्रतीक राव ने तैयार किया. इसमें मास्टर ट्रेनर्स के अलावा खासतौर पर बैंक ऑफ़ इंडिया के आरसीटी डायरेक्टर आर.सेठी भी मौजूद थे." ट्रेनिंग के बाद सभी गांव में महिलाओं से संपर्क शुरू कर दिया है. इस प्रोजेक्ट को लेकर आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक शीला शुक्ला कहती हैं -" <em>हमने अपने समूहों की मदद और दूसरे विभागों की मदद से पात्र महिलाओं की सूची बना ली. उनको लाभ मिलने वाला है. गांव में महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन सिखाना चुनौतीपूर्ण था,जिसे हमने स्वीकार किया. हम इसमें सफल होंगे.</em>"</p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/fGvyx1RlRYM0rTAMEzdS.jpg" alt="financial literacy "></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>देवास के सोनकच्छ में मास्टर ट्रेनर्स महिलाओं ने फैशियल ट्रेनिंग ली (फोटो क्रेडिट : रविवार विचार)</em></span></p>
<p>ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश के सभी 52 जिले में देवास ऐसा पहला जिला है जहां लाड़ली बहना योजना की स्वीकृत हुई एक हजार राशि के उपयोग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं. इस पूरे अभियान पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता कहते हैं - " <em>यह पूरी योजना बहुत जरूरतमंद महिलाओं के लिए है. यही वजह प्रयास हैं कि महिलाएं इस राशि का सही उपयोग कर सके. खुद की हेल्थ के साथ बच्चे और परिवार पहली प्राथमिकता हो. मुझे ख़ुशी है कि पात्र महिलाएं इस योजना के फाइनेंशियल मैनेजमेंट को समझने लगी है.  इस परिकल्पना को पूरे जिले की पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा.</em>"</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Tue, 16 May 2023 18:06:57 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/bhavishya-kharch-yojna-imparted-lessons-on-financial-literacy-to-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YgEBrH7L8boncMJwm249.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/YgEBrH7L8boncMJwm249.jpg"/></item><item><title><![CDATA[आत्मनिर्भर बनकर सरकार को कर रही मदद ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-helping-others-to-get-benefit-of-ladli-behna-yojana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NRZFnSRlt1HBoEE6cSxk.jpg"><p>मजदूरी से बाहर निकल कर आत्मनिर्भर महिलाओं की ताकत का असर दिखने लगा है. प्रदेश के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अब बड़ी भूमिका में नज़र आ रहीं हैं. यहां तक कि सरकार इनकी ताकत को देखते हुए इनकी मदद ले रही है.पूरे प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ दिलाने के लिए समूह की सदस्य महिलाएं ही साथ दे रहीं हैं. सरकार खुद इसे प्रदेश की आर्थिक मजबूती और महिलाओं के स्वाभिमान के लिए अच्छा मान रही है.जिले में ही समूह की दस हजार महिलाओं ने मैदान संभाला और खुद की क्षमता को साबित कर दिया. हाल ही में उमरिया जिले में आयोजित कैंप में बड़ी संख्या में समूह की महिलाओं ने हिस्सा लिया और लाभ मिलने वाली महिलाओं को सहयोग किया. इस आयोजन में खुद कलेक्टर केडी त्रिपाठी और सीईओ इला तिवारी मौजूद रही.  </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/hZ2TeMVe4PwOubtuDbpA.jpg" alt=" Ladli Behna yojana "></p>
<p><em><span style="font-size: 8pt;">आयोजन में कई तरह की प्रतियोगिताएं का आयोजन हुआ (फोटो क्रेडिट- रविवार विचार)</span></em></p>
<p>उमरिया में आयोजित कैंप में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई आयोजन भी किए गए. इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता,सेक्टर सुपरवाइज़र,सहित आजीविका मिशन से जुड़े समूह की महिलाओं ने लाभार्थियों को फॉर्म भरवाए और योजना के बारे में समझाया. कार्यक्रम जिला अधिकारी भरत सिंह राजपूत ने बताया कि विभिन्न विभागों से जुड़ी लगभग 16 हजार महिलाओं ने भाग लिया. इसमें मेहंदी प्रतियोगिता सहित दूसरी गतिविधियां की गईं.इसमें महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार भी दिए गए. </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/U2dpCOryjk7fzR43PqNj.jpg" alt=" Ladli Behna yojana "></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>आयोजन में फूलों और मेंहदी आर्ट का प्रदर्शन भी हुआ (फोटो क्रेडिट- रविवार विचार)</em></span></p>
<p>जिले में लाड़ली बहना योजना के प्रचार-प्रसार के लिए और उसकी प्रक्रिया को समझने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने हर गांव तक घर-घर दस्तक दी. आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक प्रमोद शुक्ला कहते हैं -" जिले में समूह की लगभग दस हजार महिलाओं ने इस योजना में अपनी भूमिका निभाई. कई गांव में महिलाओं को इस योजना की सही जानकारी नहीं थी. उसको समझाने और फॉर्म भरवाने में ये महिलाएं ही आगे रहीं." मलिया गुढा गांव की समूह सदस्य राधा बाई कहती हैं -"हमें ख़ुशी है कि खुद अब आत्मनिर्भर हो गए और महिला साथियों कि मदद कर पा रहे." </p>
<blockquote>
<p><em>जिले में अब तक बड़ी संख्या में महिलाओं ने योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म भरे. सीईओ इला तिवारी कहती हैं -"स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने बहुत सकारात्मक काम किया.दूसरे विभाग की महिलाओं ने भी साथ दिया. स्थानीय बोली में वे इस योजना की प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभ को बहुत अच्छे से समझा सकीं. यही वजह अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सकेगा."</em></p>
</blockquote>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Tue, 25 Apr 2023 15:40:17 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-helping-others-to-get-benefit-of-ladli-behna-yojana]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NRZFnSRlt1HBoEE6cSxk.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/NRZFnSRlt1HBoEE6cSxk.jpg"/></item><item><title><![CDATA[MP में महिला वोटरों के पास है सत्ता की कमान ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/added-voters-in-2023-voters-list-has-female-dominance</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0eaXrhklr7n7F7kb9KTz.jpg"><p class="MsoNormal"><span lang="HI">मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गर्म है. मध्यप्रदेश में वोटरों की संख्या&nbsp;</span>5<span lang="HI">&nbsp;करोड़&nbsp;</span>39<span lang="HI">&nbsp;लाख&nbsp;</span>85<span lang="HI">&nbsp;हजार&nbsp;</span>876<span lang="HI">&nbsp;हो गई है. वोटर लिस्ट अपडेशन में&nbsp;</span>13<span lang="HI">&nbsp;लाख&nbsp;</span>39<span lang="HI">&nbsp;हजार नए मतदाता जुड़े है. ख़ास बात यह की इनमें महिला वोटर ज्यादा है. पुरुष के मुकाबले महिलाओं के&nbsp;</span>75<span lang="HI"> हजार से ज्यादा नाम जुड़े है. इसीलिए बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति में महिला वोटरों को लेकर खास प्लान दिखाई दे रहा है.</span></p><p class="MsoNormal"><span lang="HI">महिला वोटर्स को साधने के लिए भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है.&nbsp;</span>'<span lang="HI">लाड़ली बहना योजना</span>'&nbsp;<span lang="HI">लांच करना हो या फिर महिला दिवस के मौके पर महिला कर्मचारियों को&nbsp;</span>7<span lang="HI">&nbsp;दिन का अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश देने का ऐलान. ये घोषणाएं इस बात की तस्दीक करते हैं कि विधानसभा चुनाव&nbsp;</span>2023<span lang="HI">&nbsp;में बीजेपी का फोकस महिला वोटर्स पर सबसे ज्यादा है. सीएम शिवराज सिंह चौहान पिछले कुछ दिनों से महिला संबंधी मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं और एक के बाद एक घोषणाएं कर रहे हैं. सीएम शिवराज मिशन&nbsp;</span>2023<span lang="HI">&nbsp;के लिए महिला वोटर्स को साधने का प्लान बना रहा हैं. सीएम शिवराज महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म और बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा देने का प्रावधान पहले ही कर चुके हैं. सीएम शिवराज महिला सुरक्षा</span>,&nbsp;<span lang="HI">महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक रूप से मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं. राज्य में आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के स्व सहायता समूह से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर फोकस किया जा रहा है.&nbsp;</span></p><p class="MsoNormal"><span lang="HI">वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो एमपी कांग्रेस पहली बार विधानसभा चुनाव में महिलाओं के लिए अलग चुनावी घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) तैयार कर रही है. मेनिफेस्टो में महिलाओं को डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह देने</span>,&nbsp;<span lang="HI">पांच सौ रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने</span>,&nbsp;<span lang="HI">परिवार पर महंगाई का बोझ कम करने के लिए तीन सौ रुपए में तीन सौ यूनिट बिजली व स्वरोजगार के लिए घोषणाएं शामिल है. मई-जून में एक बड़ी महिला रैली में प्रियंका गांधी वाड्रा इस घोषणापत्र को जारी कर सकती है. गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस ने वर्ष&nbsp;</span>2018<span lang="HI">&nbsp;के चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कई प्रावधान रखे थे. इस बार महिलाओं के लिए अलग मेनिफेस्टो जारी करने का फैसला किया गया है. पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है. इसमें महिलाओं को स्वरोजगार हेतु ब्याज मुक्त ऋण</span>,&nbsp;<span lang="HI">रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति</span>,&nbsp;<span lang="HI">स्व-सहायता समूहों को शासकीय योजनाओं के अधिक से अधिक कार्य देना एवं अन्य प्रावधान किये जा रहे हैं.</span></p><p class="MsoNormal"><span lang="HI">मध्यप्रदेश की&nbsp;</span>230&nbsp;<span lang="HI">सदस्यीय विधानसभा मे&nbsp; डिंडोरी</span>,&nbsp;<span lang="HI">बिछिया</span>,&nbsp;<span lang="HI">निवास</span>,&nbsp;<span lang="HI">मंडला</span>,&nbsp;<span lang="HI">बैहर</span>,&nbsp;<span lang="HI">परसवाड़ा</span>,&nbsp;<span lang="HI">बालाघाट</span>,&nbsp;<span lang="HI">वारासिवनी</span>,&nbsp;<span lang="HI">बरघाट</span>,&nbsp;<span lang="HI">पानसेमल</span>,&nbsp;<span lang="HI">अलीराजपुर</span>,&nbsp;<span lang="HI">झाबुआ</span>,&nbsp;<span lang="HI">पेटलावद</span>,&nbsp;<span lang="HI">सरदारपुर</span>,&nbsp;<span lang="HI">कुक्षी</span>,&nbsp;<span lang="HI">थांदला निर्वाचन क्षेत्रों में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है. विधानसभा में वर्तमान में&nbsp;</span>21&nbsp;<span lang="HI">महिला विधायक हैं</span>,&nbsp;<span lang="HI">जिनमें भाजपा की&nbsp;</span>14,&nbsp;<span lang="HI">कांग्रेस की छह और बसपा की एक विधायक शामिल हैं. इस तरह दोनों ही पार्टियां अपना बहुमत पाने के लिए महिलाओं को प्राथमिकता दे रहीं है.&nbsp;&nbsp;</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Mon, 17 Apr 2023 14:46:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/added-voters-in-2023-voters-list-has-female-dominance]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0eaXrhklr7n7F7kb9KTz.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0eaXrhklr7n7F7kb9KTz.jpg"/></item><item><title><![CDATA[दीदियां कर रहीं भाभियों को सशक्त ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-shg-women-educate-housewives-on-ladli-behena-yojana-2023</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg"><p><iframe style="width: 984px; height: 552px;" src="https://www.youtube.com/embed/GfZxxNWPi2Y" width="984" height="552" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p> </p>
<p>बुरहानपुर में 'भाभी सप्ताह अभियान' प्रदेश में सुर्ख़ियों में है. लाड़ली बहना योजना को कारगर बनाने के लिए अलग -अलग प्रयोग किए जा रहे. जिले में सबसे अलग लाड़ली बहना की कमान स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाल ली.ये दीदियां ग्राम संगठन में पदाधिकारी हैं. अपने काम के अलावा ये दीदियां अपने ही गांव की दूसरी बहनों को आर्थिक मजबूती और सम्मान दिलवाने के खातिर मैदानों में उतर गई. जिला प्रशासन ने बाकायदा इस काम के लिए समूह की महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई.इस अभियान का नाम "भाभी भी बनेगी सशक्त सप्ताह" रखा गया. </p>
<p>प्रदेश में सबसे अलग इस नवाचार को लेकर आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक संतमती खलखो कहती हैं -" अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिले, इसके लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को मदद के लिए आगे लाया गया. कलेक्टर भव्या मित्तल खुद ने ट्रेनिंग देकर इन दीदियों को प्रोत्साहित किया. इस अभियान में 158 ग्राम संगठन की साढ़े पांच सौ से अधिक दीदियां पदाधिकारी इसमें सहयोग <br>आगे आकर रहीं हैं."</p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 29 Mar 2023 15:42:48 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/burhanpur-shg-women-educate-housewives-on-ladli-behena-yojana-2023]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9CI4Tc1yt200uDI5jTu4.jpg"/></item></channel></rss>