<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-evn-baal-vikaas-mntraaly</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/mhilaa-evn-baal-vikaas-mntraaly" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 25 Jun 2024 16:26:40 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[वेबिनार द्वारा महिला और बाल सुरक्षा पर नई कानूनी धाराओं की चर्चा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/ministry-of-women-and-child-development-conducts-webinar-on-recently-enacted-three-criminal-laws-4779366</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yqbAKtuG0t6LI7r4kTod.jpg"><p style="text-align: justify;">देश में महिला सुरक्षा आज एक बहुत बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसे हमारी देश की सरकार धीरे धीरे ही सही लेकिन समझ रही है. देश में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन अभी थोड़ी और कस्र बाकी है, जिसे हमारे प्रधानमंत्री और महिला और बाल कल्याण मंत्री एक साथ पूरा कर रहे है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल</h2>
<p style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) ने हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) और पंचायती राज मंत्रालय (एमओपीआर) के सहयोग से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. उन्होंने दो राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार लॉन्च किए हैं, जिनमें से पहला वेबिनार 21 जून को आयोजित किया गया.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तीन नए क़ानून</h2>
<p style="text-align: justify;">इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य हाल ही में अधिनियमित आपराधिक कानूनों <em>"भारतीय न्याय संहिता", "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता" और "भारतीय साक्ष्य अधिनियम"</em> के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करना था.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला और बाल सुरक्षा में वेबिनार का उद्देश्&zwj;य और महत्व</h2>
<p style="text-align: justify;">इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, कल्याण एवं संरक्षा से संबंधित नए कानूनों के प्रावधानों पर जागरूकता बढ़ाना है. इन वेबिनारों में महिलाओं एवं बच्चों के लिए नए कानूनों के सकारात्मक प्रभावों की गहराई से जांच की गई.</p>
<p style="text-align: justify;">पहले वेबिनार में एमडब्ल्यूसीडी, एमओपीआर और एमओआरडी के सचिवों द्वारा उद्घाटन भाषण दिया गया. इसके बाद पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी) के विशेषज्ञों ने नए कानूनों के प्रमुख प्रावधानों को रेखांकित करते हुए व्यापक सत्र आयोजित किए. एमडब्ल्यूसीडी के विशेषज्ञों ने महिलाओं और बच्चों के लिए इन कानूनों के प्रभाव को गहराई से समझाया.</p>
<p style="text-align: justify;">इस आयोजन में देश भर के लगभग 40 लाख हितधारकों की भारी भागीदारी देखी गई. इनमें पंचायती राज संस्थानों की निर्वाचित महिला प्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूह और एमडब्ल्यूसीडी, एमओआरडी और एमओपीआर के विविध हितधारक शामिल थे. यह दिखाता है कि देश भर में लोग इस महत्वपूर्ण पहल के प्रति कितने जागरूक और संवेदनशील हैं.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का अगला वेबिनार</h2>
<p style="text-align: justify;">इसी श्रृंखला में अगला वेबिनार अंग्रेजी में आज आयोजित किया जाएगा. इसका उद्देश्य समाज के व्यापक वर्गों में और अधिक प्रसार और जुड़ाव सुनिश्चित करना है. इन सुधारात्मक कानूनों को पारित करना भारत में महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने के प्रधानमंत्री के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है.</p>
<p style="text-align: justify;">यह वेबिनार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है. इसमें भाग लेने वाले लाखों लोगों ने इस पहल को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है. इस प्रकार की पहलें न केवल जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी मदद करती हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 25 Jun 2024 16:26:40 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/ministry-of-women-and-child-development-conducts-webinar-on-recently-enacted-three-criminal-laws-4779366]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yqbAKtuG0t6LI7r4kTod.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/yqbAKtuG0t6LI7r4kTod.jpg"/></item><item><title><![CDATA["संकल्प: महिला सशक्तिकरण केन्द्र" के 100 दिवसीय जागरूकता अभियान शुरु ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/ministry-of-women-and-child-development-launches-100-days-special-awareness-campaign-on-women-empowerment-4779253</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pjvf6eV1ifOLz2Y6yAER.jpg"><p style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में "संकल्प: महिला सशक्तिकरण केन्द्र - 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान का शुभारंभ" के तहत एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने की, साथ ही सचिव श्री अनिल मलिक भी मौजूद थे.</p>
<h2 style="text-align: justify;">संकल्प: महिला सशक्तिकरण केन्द्र : अभियान की शुरुआत</h2>
<p style="text-align: justify;">यह कार्यशाला महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित राष्ट्रव्यापी 100-दिवसीय जागरूकता अभियान की शुरुआत का प्रतीक है, जो 21 जून से 4 अक्टूबर 2024 तक चलेगा. इस अभियान का उद्देश्य देश भर में नामांकन अभियान और शैक्षिक सत्रों को शामिल करते हुए महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता और पहुंच को बढ़ाना है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के प्रमुख वक्ताओं के विचार</h2>
<p style="text-align: justify;">उद्घाटन के दौरान, राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पोषण अभियान, दीन दयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) जैसी विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने अभियान की शुरुआत की और राष्ट्रीय परिकल्&zwj;पना के अनुरूप महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.</p>
<h2 style="text-align: justify;">महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की&nbsp;कार्यशाला की गतिविधियां</h2>
<p style="text-align: justify;">एक दिवसीय कार्यशाला में संकल्प: एचईडब्&zwj;ल्&zwj;यू के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए कानूनी प्रावधानों, संचार रणनीतियों और परामर्श तकनीकों पर सत्र आयोजित किए गए, जो पूरे भारत में 693 जिलों में संचालित हैं. इन पहलों का उद्देश्य सेवाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी सुनिश्चित करना और विकास योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">संकल्प: महिला सशक्तिकरण केन्द्र :&nbsp;अभियान का उद्देश्य</h2>
<p style="text-align: justify;">इस 100-दिवसीय अभियान के माध्यम से मंत्रालय शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है. यह अभियान विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के जीवन में सुधार लाने के लिए समर्पित है.</p>
<p style="text-align: justify;">इस प्रकार, "संकल्प: महिला सशक्तिकरण केन्द्र" का यह अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए आवश्यक संसाधन और समर्थन प्रदान करेगा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 25 Jun 2024 15:33:04 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/ministry-of-women-and-child-development-launches-100-days-special-awareness-campaign-on-women-empowerment-4779253]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pjvf6eV1ifOLz2Y6yAER.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/pjvf6eV1ifOLz2Y6yAER.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सरकरी प्रयासों के साथ सशक्तिकरण के पथ पर ग्रामीण महिलाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/government-schemes-for-rural-women-helping-them-progress</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg"><p>भारत सरकार (Indian Government) महिलाओं की सुरक्षा (women's safety) और सशक्तिकरण (women empowerment) को बढ़ावा देने लिए कई पहलों की शुरुआत कर रही है. इन पहलों के ज़रिये महिलाओं, खासकर ग्रामीण महिलाओं (rural women) के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है. 73 वें संशोधन अधिनियम के तहत पंचायती राज संस्थानों (PRI) में 1/3 भागों की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. पीआरआई में 14.50 लाख से ज़्यादा महिला प्रतिनिधि हैं, जो कुल निर्वाचित प्रतिनिधियों का लगभग 46% हैं.</p>
<h2>सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं / कार्यक्रम लागू किए</h2>
<p>भारत सरकार ने महिलाओं के कल्याण और उनके सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं / कार्यक्रम लागू किए हैं (government schemes for rural women). राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत लगभग 9.00 करोड़ महिलाएं 83.5 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से जुड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आज़ादी (financial freedom) हासिल करने में सक्षम बन रही हैं.</p>
<p>महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत तय किया गया कि नौकरियों में कम से कम एक तिहाई हिस्सेदारी महिलाओं की रहेगी. &nbsp;</p>
<h3>महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही सरकार&nbsp;</h3>
<p>इसके अलावा, अन्य योजनाएं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP), समग्र शिक्षा, बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना, स्वच्छ विद्यालय मिशन और स्वच्छ भारत मिशन महिलाओं को अवसरों तक पहुंचने में मदद करते हैं. स्किल इंडिया मिशन (skill India Mission) महिलाओं के रोजगार को बढ़ाने और आर्थिक आज़ादी हासिल करने के लिए प्रशिक्षण देता है.</p>
<p>मिशन पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी सेवाएं गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रहीं माताओं तक पहुंच रहा है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के ज़रिये महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है.&nbsp;</p>
<p>&lsquo;स्वच्छ भारत मिशन&rsquo; (Swachha Bharat Mission) के तहत 11.00 करोड़ से ज़्यादा शौचालयों का निर्माण, &lsquo;<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shgs-bringing-change-into-women-lives">उज्जवला योजना</a>&rsquo; (Ujjwala Yojana) के तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली लगभग 9.58 करोड़ महिलाओं को क्लीन कुकिंग गैस कनेक्शन, और &lsquo;जल जीवन मिशन&rsquo; के तहत 19.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 12.59 करोड़ को नल जल संपर्क कनेक्शन देने से महिलाओं के जीवन में सुधार हुआ है. &lsquo;प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान&rsquo; (digital literacy) ने 6 करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने का लक्ष्य रखा, जिसमें से PMGDISHA के अंतर्गत लाभार्थियों का 53% महिलाएं हैं.</p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्रालय <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/odisha-govt-launches-mission-shakti-scooter-yojana-for-shg">&lsquo;मिशन शक्ति</a>&rsquo; (Mission Shakti) के ज़रिये<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/banks-fail-shg-loan-under-mission-shakti"> महिलाओं </a>&nbsp;की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए देशभर में समर्थन कर रहा है. सामर्थ्य योजना के तहत एक नया विभाग जोड़ा गया है, जिसमें महिलाओं के लिए शक्तिकरण हब शामिल है. ये हब केंद्रीय, राज्य / संघ के लेवल पर महिलाओं के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन, लिंकिंग और हैंड होल्डिंग कर रहा है. पूरे देश में ब्लॉक / ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा, करियर और व्यवसायिक परामर्श / प्रशिक्षण, फाइनेंशियल इन्क्लूशन, उद्यमिता, नेटवर्किंग, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता का समर्थन किया जा रहा है.</p>
<p>इन <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/with-the-right-funding-goa-shg-women-can-make-mid-day-meal-nutritious">योजनाओं</a> के ज़रिये महिलाएं न केवल सशक्त हो रहीं हैं बल्कि, देश के आर्थिक, सामाजिक, और राजनीतिक विकास में भी भागीदार बन रही हैं.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 26 Jul 2023 14:53:26 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/government-schemes-for-rural-women-helping-them-progress]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg"/></item><item><title><![CDATA[पोषण पखवाड़े में नुट्रिशन की ABCD ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/poshan-pakhwada-spreads-awareness-on-nutrition-and-health</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vluay1P9WP2DpyjX0sN5.jpg"><p dir="ltr">विश लिस्ट में सबसे ऊपर अच्छी सेहत और फिटनेस ही होती है खासकर कोविड के बाद.  जिसके लिए नुट्रिशन की सही समझ होना ज़रूरी है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पोषण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और हेल्थी ईटिंग हैबिट्स को बढ़ावा देने के लिए पोषण पखवाड़ा शुरू किया. जन आंदोलन और जन भागीदारी की मदद से इस लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है. पोषण पखवाड़े की थीम रखी गई 'सभी के लिए पोषण: स्वस्थ भारत की ओर एक साथ'. पोषण पखवाड़े का फोकस कुपोषण को दूर करने के लिए मिलेट्स यानी 'श्री अन्ना' को लोगों की पसंद बनाना है. इसके साथ ही इन 15 दिनों के दौरान स्वस्थ बालक स्पर्धा का सेलिब्रेशन और सक्षम आंगनवाड़ियों को बढ़ावा देना भी शामिल है. </p>
<p dir="ltr">इस दिशा में स्वयं सहायता समूह देशभर में लम्बे समय से काम कर रहे हैं. स्कूली बच्चों को मिड डे मील यानी मध्यान भोजन परोसने में SHG महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई है. महाराष्ट्र राज्य में स्कूली बच्चों के लिएमिड डे मील तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूहों की करीब 97,000 से अधिक महिलाओं को शामिल किया. कोलकाता में 84,000 स्कूलों के 1.2 करोड़ से अधिक छात्रों के मिड डे मील पकाने के लिए सामग्री खरीदने और पकने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को देने का फैसला लिया. आज कई राज्यों में ये समूह  मध्यान भोजन बना रहे हैं. साथ ही मिलेट्स को लोकप्रिय बनाने के लिए ये स्वयं सहायता समूह कहीं मिलेट कैफे शुरू कर रहे हैं तो कहीं मिलेट कूकीज बना रहे हैं. काशी के प्रसाद से लेकर आर्मी के राशन तक मिलेट पहुंच रहा है. </p>
<p dir="ltr">एक स्टडी ने बताया कि SHG सदस्यों ने स्वास्थ्य और पोषण पर चर्चा करते हुए प्रति माह लगभग 30 मिनट बिताए. इससे उन्हें पोषण और स्वास्थ्य सम्बंधित नई जानकारी मिली.  इस जानकारी कि वजह से वो अपने बच्चों और परिवार की बेहतर देखभाल कर पाई. समुदायों में पहुंच और पहचान होने की वजह से SHG महिलाएं आसानी से जागरूकता फैला पाती हैं. 'सभी के लिए पोषण: स्वस्थ भारत की ओर एक साथ' के गोल के लिए ये महिलाएं लगातार काम कर रही हैं.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Thu, 30 Mar 2023 12:49:29 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/poshan-pakhwada-spreads-awareness-on-nutrition-and-health]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vluay1P9WP2DpyjX0sN5.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vluay1P9WP2DpyjX0sN5.jpg"/></item></channel></rss>