<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ महिला समूह]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-smuuh</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/mhilaa-smuuh" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 12 Aug 2023 13:41:34 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[बैंक ऑफ़ इंडिया SHG महिलाओं को बना रहा आत्मनिर्भर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/bank-of-india-helping-women-shgs-through-loan</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5WqDoU5RzGIKUlrnZpns.jpg"><p dir="ltr"><span><strong>बैंक ऑफ़ इंडिया (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/encouraging-digital-transactions-in-rural-communities">Bank Of India</a>) SHG महिला</strong> समूहों को लोन देकर महिलाओं की आर्थिक आज़ादी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. इस सरकारी बैंक का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को फाइनेंसियल सहायता देकर, उन्हें सशक्त बनाना है. बैंक शाखाओं के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में लोन की सुविधा दी जाती है. लोन में महिलाओं के पास <strong>व्यापार लोन (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/encouraging-digital-transactions-in-rural-communities">Business Loan</a>), हाउस लोन (<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/financial-literacy-and-inclusion-should-be-at-core-of-csr">House Loan</a>), माइक्रो लोन (Micro Loan)</strong> जैसे ऑप्शंस होते है. लोन (Loan) लेने के लिए महिला समूह (Women SHG) को आवेदन करना होता है, जिससे उन्हें व्यवसाय को शुरू करने के लिए फाइनेंसियल हेल्प मिल जाती है.</span></p>
<h2 dir="ltr"><span>छह लाख का लोन&nbsp;</span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>झारखण्ड (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/nabfins-changing-lives-of-shg-through-micro-finance">Jharkhand</a>)</strong> के <strong>मेदिनीनगर (Medininagar)</strong> में, बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने &ldquo;<strong>मेगा क्रेडिट कैंप&rdquo; (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/nabfins-changing-lives-of-shg-through-micro-finance">Mega Credit Camp</a>)&nbsp;</strong>लगाया गया. जिसका उद्देश्य सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (Self Help Groups) की महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. <strong>बैंक ने SHGs को छह-छह लाख रूपए का लोन दिया</strong>. कैंप में मुख्य अथिति पलामू (Palamu) के डीडीसी (DDC), मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त रवि आनंद ने उद्धघाटन किया. उन्होंने बैंक के पदाधिकारियों के साथ मिलकर SHG महिलाओं को चेक बांटा साथ ही स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया. कैंप में बैंक ऑफ़ इंडिया के डीजीएम (DGM) एनके दास भी मौजूद थे.&nbsp;&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>SHG महिलाएं <strong>सीएलएफ (<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/financial-literacy-and-inclusion-should-be-at-core-of-csr">CLF</a>) लोन</strong> की मदद से आसानी से व्यवसाय शुरू कर अपनी आर्थिक आज़ादी के साथ स्वावलंबना की क्षमता को बढ़ा रहीं है. SHGs महिलाओं को दिन ब दिन जागरूक और आत्मनिर्भर होने में मदद कर उन्हें तरक्की की ओर आगे बढ़ा रहें है.&nbsp;</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Sat, 12 Aug 2023 13:41:34 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/bank-of-india-helping-women-shgs-through-loan]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5WqDoU5RzGIKUlrnZpns.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5WqDoU5RzGIKUlrnZpns.jpg"/></item><item><title><![CDATA[महिला समूह को जन आंदोलन का रूप देना सराहनीय ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/president-murmu-addressed-shg-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg"><p dir="ltr">भोपाल का मोतीलाल नेहरू स्टेडियम. हज़ारों महिलाओं की भीड़ और सामने बैठी महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजयपाल मंगू भाई पटेल की निगाहें भी उसकी ओर. ऐसे में गुना जिले के गांव भरतपुर की अनीता पटेरिया जब मंच पर पहुंची तो एक हिम्मत का रंग उनके चेहरे पर नज़र आ रहा था. यह खुशग़वार रंग अनीता दीदी के चेहरे पर आया था SHG के कारण. इसकी प्रमाणिकता तब सिद्ध हुई जब उन्होंने बोला  की SHG ने मेरी जीवन की रंगत बदल दी.</p>
<p dir="ltr">सालों तक खुद को खेती मजदूरी में झोंका लेकिन फिर भी परिवार को पलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था. फिर अपने गाँव में महिला समूह की सदस्य बनी. सहयोग सामूहिक समूह के गठन में शामिल हुई यह सिरसी गांव का संगठन है. SHG में शामिल अनीता ने जब अपने जीवन की कठिनाइयों और बाद में मिली सफलता की कहानी सुनाई तो सभा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.उसने बताया कि वह खुद और उसके पति खेत में मजदूरी करती थे. हालात इतने मुश्किल थे कि घर चलाना तो मुश्किल था ही पर बच्चों को स्कूल भेजने की बजाए खेत में साथ ले जाती.पढ़ाने के लिए पैसा नहीं था.अपनी परेशानी को लेकर उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था.एक दिन उसे स्वसहायता समूह का पता चला.उसे रोजगार और कुछ कमाई की उम्मीद जगी. वह SHG समूह की सदस्य बनी. समूह को सरकार का साथ मिला और कमाई के कई रास्ते खुल गए.मंच से अनीता ने कहा-आजीविका मिशन योजना और SHG को धन्यवाद जिसकी वजह से मैं अपने पति को खेती के लिए ट्रैक्टर तक दिला सकी. </p>
<p dir="ltr">गुना जिले के गांव भरतपुर की सहयोग सामूहिक समूह,सिरसी ने सिलसिलेवार अपनी कहानी पूरे आत्मविश्वास से सुनाई.शुरू में हिचकिचाने  वाली अनीता को जैसे ही राष्ट्रपति,मुख्यमंत्री आदि ने शाबाशी दी वैसे ही बहुत गर्व से वह अपनी कहानी बताने लगी. SHG में शामिल होकर उसने पहले भैंस खरीदी. धीरे-धीरे उसका लोन चुकाया. अनीता की हिम्मत को मिशन ने और बढ़ाया. दूसरा लोन दिया और वह आटा चक्की ले आई.अभी तक गांव के लोग अभी तक दूसरे गांव में अनाज पिसाने में जाते थे. समूह की आय बढ़ी और उधर  गांव को नई सुविधा भी मिल गई. मेहनत को देखते हुए समूह को तीसरी बार फिर लोन दिया गया. लगातार सफलता और जिंदगी के बदलाव का असर हुआ.बच्चों को स्कूल अच्छे स्कूल भेजने लगी. </p>
<p dir="ltr">अनीता की सहज बातें और आत्मविश्वास देख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा-मध्यप्रदेश में महिला स्वसहायता समूह को जनांदोलन का रूप देना सराहनीय है. इसे कार्य रूप दिया जाना प्रशंसनीय है.महिलाओं के स्वभाव में है कि कम से कम संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करना जानती है.घरेलू कामकाज और देखरेख कर वह आधुनिक विकास के कार्यों में कंधा से कंधा मिला कर चल रही है.देश में समूहों में जितनी भागीदारी होगी उतना समाज और देश को लाभ होगा. मुर्मू बेहद खुश नजर आईं. उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल आने तक उन्होंने कई प्रोडक्ट के चित्र देखे.यह तो एक झलक है.चार लाख समूह और 42 लाख महिलाओं के लिए योजनाओं ने उन्हें पैरों पर खड़ा कर दिया. राज्यपाल पटेल ने स्वसहायता समूह को संरक्षण प्रोत्साहन सरकार दे रही है.समूहों को 4157 करोड़ का लोन अलग-अलग बैंकों से कराया.  समूह के उत्पादों की 535 करोड रुपए तक बिक्री हुई, जिसका सीधा लाभ समूह सदस्यों को मिला. मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि सरकार महिलाओं को ShG बनाने के लिए आगे बढ़ा रही है,जिससे घर में कमाई का जरिया बढ़े. सम्मान की जिंदगी जी सकें.</p>
<p dir="ltr"><img style="width: 487px; height: 348px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Xb6nuKWhLzh2Nm1yPcdy.jpg" alt="murmu"></p>
<p dir="ltr"><em>Image Credits: Google Images</em></p>
<p dir="ltr">मुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्रपति मुर्मू को महिलाओं के लिए आदर्श बताया.उन्होंने भावुक तरीके से मुर्मू के जीवन के संघर्ष को बताया.चौहान ने बताया कि मुसीबतों के पहाड़ कई बार राष्ट्रपति पर टूटे. उन्हें विरासत में कुछ नहीं मिला.गरीब परिवार में जन्म लिया.पहले पति और फिर बेटे को खो देने का दर्द झेला.उन्हें प्रेरणा बताकर कहा कि महिलाएं पति के न होने पर टूट जाती हैं.जीवन खत्म सा मानती हैं.लेकिन राष्ट्रपति रुकी नहीं. पार्षद बनी,मंत्री बनी,राज्यपाल बनीं.उन्होंने महिलाओं के विकास के लिए हमेशा काम किया.मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में मौजूद महिलाओं में जोश फूंकते हुए कहा महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आदर्श हमारी राष्ट्रपति हैं.अब महिला सबला है.महिला जो चाहे वो कर सकती है.  कार्यक्रम में समूह सदस्यों का आत्मविश्वास देख राष्ट्रपति मुर्मू ने एक अन्य संगठन की अध्यक्ष फूलवती सिंह को भी अपनी सफलता की कहानी सुनाने का मौका दिया.उन्होंने बताया कि निर्भया संकुल संगठन में 35 गांव शामिल है.समूह में शामिल दीदियों को खेती,गणवेश,सिलाई,सेनेटाइजर,साबुन केसाथ में समूह में होने वाले खर्चे और कमाई का हिसाब-किताब रखने की ट्रेनिंग दी जा रही है.समूह साथियों ने ही मेहनत कर उन्हें जिला पंचायत सदस्य बना दिया. राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण के बाद आयोजन स्थल पर पहुंची समूह महिलाओं में अलग उत्साह दिखाई दिया.उन्होंने कहा कि वे रोजगार और कमाई बढ़ाने के लिए और मेहनत करेंगे.हजारों की संख्या में पहुंची सदस्यों ने अब अपना आदर्श राष्ट्रपति को बताया.ये महिलाएं गांव में जाकर अन्य महिलाओं को प्रेरित करेंगी.</p>
<p dir="ltr"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/hnSx_Scal4c?t=3479s" width="560" height="314" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p dir="ltr"><em>Image Credits: Google Images</em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 24 Feb 2023 15:35:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/president-murmu-addressed-shg-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg"/></item><item><title><![CDATA[आरंभ से आज... SHG के साथ NABARD ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/nabard-supporting-shg</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/6uwPWfDEe6waipgrx61j.jpg"><p>2023 SHGs के लिए सबसे महत्वपूर्ण साल है. जहां 2023 के बजट में और G 20 के कोर एजेंडा में सरकार SHG के सशक्तिकरण पर ज़ोर दे रही है वही इस महिला आर्थिक आज़ादी की क्रांति को शुरू हुए 30 साल हो गए हैं. किसी भी सामाजिक और आर्थिक क्रांति के लिए 30 साल का वक़्त भले ही छोटा है लेकिन इन 30 सालों में 81 लाख SHGs देशभर में बनाए गए हैं जिनमें से 84% महिला सदस्य हैं. ग्रामीण विकास के उद्देश्य से शुरू हुआ ये सफर आज ग्रामीण अंचल की महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे कारगर माध्यम बन चूका है.</p>
<p>भारत में SHG को अनूठा स्वरूप मिला और यह मुहीम विश्व की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस प्रोग्राम के तौर पर पूरी दुनिया में छा गई. कैसे हुई इस सफर की शुरुआत ?  कैसे हासिल किया भारत ने यह मुकाम ? यह तो बहुत लंबी दास्तान हो जाएगी लेकिन SHG क्रांति को भारत में खड़ा करने में NABARD ne महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.  </p>
<p>1982 का वो साल जब 'नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट' उर्फ़ NABARD को स्थापित किया गया. NABARD  का उद्देश्य था ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति में बदलाव लाना. इस मिशन को मद्देनज़र रखते हुए वर्ष 1992 में NABARD ने 'सेल्फ हेल्प ग्रुप-बैंक लिंकेज प्रोग्राम' की शुरआत की. इस 'SHG - BPL' मॉडल का मुख्य लक्ष्य गांवों और कस्बों को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए SHGs को बैंको से जोड़ना है. </p>
<p>500 SHGs से शुरू हुआ यह सफ़र देखते ही देखते 81 लाख SHGs में तब्दील हो गया. जिसने देश के 10 लाख घरों को समर्थ और सक्षम बनाया. इस माइक्रोफाइनेंस प्रोजेक्ट की सफलता के पीछे का राज़ जानने के लिए कई सारे रिसर्च पेपर्स और थीसिस लिखे गए.  रिसर्च से पता चला की  'SHG - BPL' प्रोग्राम अपने 'कॉस्ट-इफेक्टिव मैकेनिज्म' के कारण आसानी से गरीब से गरीब तबके के लोगों तक आर्थिक सेवाएं उपलब्ध करवा पाता है. इतना ही नहीं माइक्रोफाइनेंस की दुनिया में आया यह बदलाव NABARD और अनेक संघठनो के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है.</p>
<p>कई NGOs ने 'सेल्फ हेल्प ग्रुप प्रमोटिंग इंस्टीटूशन' (SHPI) की भूमिका निभाते हुए SHGs को बैंको से जोड़ने में मदद की. NGOs की इस पहल से प्रेरित होकर NABARD ने भी 'सेल्फ हेल्प ग्रुप प्रमोटिंग इंस्टीटूशनस ' (SHPI) बनाना शुरू कर दिये.  SHPI से जुड़ने  के लिए  NABARD ने  ग्रामीण वित्तीय संस्थानों, फार्मर क्लब , इंडिविजुअल रूरल वालंटियर्स को 'प्रोत्साहन अनुदान सहायता' देना शुरू किया. SHGs के साथ मिलकर काम कर रहे बैंको को  100% पुनर्वृत्ति भी दी गयी. </p>
<p>स्वसहायता समूह बनाने के बाद SHG सदस्यों के लिए ट्रेनिंग वर्कशॉप्स, सेमिनार्स आयोजित किये गए. समूह की महिला सदस्यों को रोज़गार दिलवाने के लिए उन्हें नाबार्ड माइक्रो एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम और लाइवलीहुड - एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम्स से जोड़ा गया. SHGs में समय - समय पर  उभरने वाली मुश्किलों को सुलझाने के लिए नाबार्ड ने  ग्रुप सेविंग्स , जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप्स का गठन , केश क्रेडिट का सैंक्शन जैसे बदलाव जारी किये. </p>
<p>कोरोना काल में SHGs का काम रुके नहीं इसलिए 'इ-शक्ति ' प्लेटफार्म का भी गठन किया गया. वही SHGs ने भी मास्क्स और सांइटिज़ेर्स बनाकर NABARD के पिछले ३० सालों की मेहनत को सरकार और समाज के सामने प्रस्तुत किया. उस विषम काल में SHG और NABARD की महत्ता को देश दुनिया ने न केवल समझा बल्कि कोरोना काल के बाद SHG को प्रोत्साहित भी किया.</p>
<p>आज SHG को आगे बढ़ाने का श्रेय सरकार के साथ NABARD जैसे संस्थानों को जाता है. SHG क्रांति की रीड की हड्डी बैंक लिंकेज प्रोग्रम की शुरुआत जहां NABARD ने करी वहीं कैटालिटिक केपिटल फंड भी मुहैया कराएं. इस तरह महिला को देश , समाज  और घर पर भी स्थान दिलाने वाले SHG आंदोलन के प्रारंभ से लेकर आज प्रणेता के रूप में NABARD मौजूद है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 17 Feb 2023 16:38:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/nabard-supporting-shg]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/6uwPWfDEe6waipgrx61j.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/6uwPWfDEe6waipgrx61j.jpg"/></item></channel></rss>