<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ महिला स्वयं सहायता समूह (SHG)]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-svyn-shaaytaa-smuuh-shg</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/mhilaa-svyn-shaaytaa-smuuh-shg" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Wed, 19 Apr 2023 12:12:22 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[राजनीति के मोहरे बने SHG ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/odisha-shgs-became-political-scapegoat</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/J5MV7oZi7dL8jnJUBoIP.jpg"><p>महिला सशक्तिकरण की दिशा में ख़ुदको साबित करने के लिए हर राज्य अपने स्वयं सहायता समूह की बढ़ती संख्या का सहारा लेते रहे हैं. ऐसा ही कुछ ओडिशा ने भी किया. ओडिशा सरकार ने खुद को महिला-शक्ति के एकमात्र संरक्षक के रूप में बाज़ार में उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत कई महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाकर उन्हें ऋण दिया गया. जब भी किसी मंच पर महिला सशक्तिकरण का विषय उठाया जाता है, तो सरकार अपनी पीठ थपथपाने का कोई मौका नहीं छोड़ती.</p><p>कई जगह ये SHG महिला सशक्तिकरण का साधन नहीं पर ठेकेदारों के हाथों बली का बकरा बनकर रह गए हैं. नबरंगपुर शहर में इच्छाबतिगुड़ा सिनेमा हॉल के पास एक शौचालय बनाने के लिए माँ ब्राह्मणीदेई स्वयं सहायता समूह को वर्क ऑर्डर दिया गया था. SHG के अध्यक्ष और सचिव को दिसंबर 2021 में 3 लाख रुपये का वर्क ऑर्डर मिला था. हालांकि, काम अभी भी अधूरा है और शौचालय कब पूरा होगा किसी को नहीं पता. बताया जा रहा है कि कांट्रेक्टर का कमीशन तय न होने की वजह से काम लटका हुआ है. महिलाओं को निर्माण का अनुभव न होने की वजह से वे काम पूरा करने के लिए दूसरे ठेकेदारों को शामिल करती हैं, जिसकी वजह से काम पूरा होने में देरी होती है. कार्य सही ढंग से या समय पर न होने की स्थिति में, ठेकेदार तो बच निकलते हैं, पर समूह की महिलाएं हर हाल में काम पूरा करने पर मजबूर हो जाती हैं क्योंकि सरकार से वर्क ऑर्डर इन्हें मिला होता है.&nbsp;</p><p>स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न व्यावसायिक पहलों को शुरू करने के लिए मिलने वाली राशि को अन्य परियोजनाओं में लगाया जा रहा है.&nbsp;इसके अलावा ब्याज मुक्त ऋणों के उपयोग में कई अनियमितताओं और कमियों को भी देखा गया. महिलाओं द्वारा लोन के मिले पैसों का इस्तेमाल शादी और अन्य व्यक्तिगत ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है. कुछ SHG लोन के मिले पैसों को लोगों को उधार देकर &nbsp;ब्याज वसूल रहे हैं. कई महिला SHG ने आरोप लगाया कि बीजू जनता दल पार्टी ऋण और वर्क ऑर्डर प्रदान करने में भेदभाव कर रही है. पहचान और पहुंच के आधार पर लोन और वर्क ऑर्डर दिए जा रहे हैं. इसने कथित तौर पर कई स्वयं सहायता समूहों के बीच दरार पैदा कर दी और सरकार से SHG की दूरी बढ़ती जा रही है.</p><p>स्वयं सहायता समूह देशभर में आर्थिक क्रांति और महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की वजह बने हैं. इस तरह के भ्रष्टाचार से महिलाएं समूह छोड़ने पर मजबूर होंगी और नए सदस्य समूह से जुड़ने के लिए हतोत्साहित. महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने वाली इस क्रांति को भ्रष्टाचार से बचाये रखना होगा.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 19 Apr 2023 12:12:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/odisha-shgs-became-political-scapegoat]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/J5MV7oZi7dL8jnJUBoIP.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/J5MV7oZi7dL8jnJUBoIP.jpg"/></item><item><title><![CDATA[G20 सम्मलेन में SHG की 20-20 ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/women-from-urban-self-help-groups-showcased-their-creativity-in-g20-summit-in-tripura</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/crkDfijLyuxrzrKzyHrR.jpg"><p>G20 के ज़रिये भारत में ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को आगे आने का और अपनी लीडरशिप स्किल्स दिखाने का मौका मिल रहा है. अगरतला, त्रिपुरा में हुए विज्ञान सम्मेलन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. अगरतला के हपनिया इंटरनेशनल फेयर ग्राउंड में पहुंचे G20 प्रतिनिधियों ने हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, और महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले अलग-अलग स्टालों का दौरा किया. उन्होंने त्रिपुरा के प्रकृति को ध्यान में रखते हुए वहां की संस्कृति को संरक्षित करने के प्रयासों की सराहना की.  </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/iBwciX2dCCkl7bTrV1sc.jpg" alt="G20 Tripura"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: @SwachhBharatGov</em></span></p>
<p>भारत की अध्यक्षता में G20 के इस इवेंट में चीन, अर्जेंटीना, रूस, यूएसए, यूके, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, मोरक्को, तंजानिया और इथियोपिया सहित 13 G20 सदस्य देशों के लगभग 150 प्रतिनिधियों के अलावा कई वैज्ञानिकों और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने भाग लिया. दो दिवसीय विज्ञान-20 सम्मेलन का विषय 'हरित भविष्य के लिए स्वच्छ ऊर्जा' रहा. प्रतिनिधियों ने त्रिपुरा राज्य के विभिन्न स्वदेशी उत्पादों से सजी 46 स्टालों का आनंद लिया, जिसमें बांस की हैंडलूम और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाये लोकल हैंडीक्राफ्ट थे जो त्रिपुरा की सांस्कृतिक विरासत को ख़ूबसूरती से प्रदर्शित करते हैं. </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/uGbxh79MeMZAuibMZUQa.jpg" alt="G20 Tripura"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: @SwachhBharatGov</em></span></p>
<p>कृषि, बागवानी,और जैविक पैकेज्ड प्रोडक्ट्स भी डिस्प्ले किये गए. कारीगरों ने बताया कि इन उत्पादों को पारंपरिक रूप से कैसे बनाया जाता है. वहां मौजूद अधिकारियों और अतिथियों ने कारीगरों, उत्पादकों और स्थानीय उद्यमियों के साथ बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की. उन्होंने SHG महिलाओं से बात कर प्रदेश के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उनके प्रयासों की तारीफ कर उनका मनोबल बढ़ाया. अर्बन SHG की इन महिलाओं का G20 में अपने उत्पादों को प्रेजेंट करना बड़ी उपलब्धि रही.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 12 Apr 2023 15:01:43 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/women-from-urban-self-help-groups-showcased-their-creativity-in-g20-summit-in-tripura]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/crkDfijLyuxrzrKzyHrR.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/crkDfijLyuxrzrKzyHrR.jpg"/></item></channel></rss>