<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ महिला विकास]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/mhilaa-vikaas</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/mhilaa-vikaas" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Wed, 01 Mar 2023 15:19:57 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[श्रीलंका की SHG मुहीम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/duniyadari/sri-lanka-empowering-women-through-shgs</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b3h3E0d6ktCW0hRUJ7UQ.jpg"><p dir="ltr">सिर्फ एक देश आगे नहीं बढ़ता या घटता.  एक बार में पूरा इलाका एक जैसे हालातों से गुज़रता है. चाहे मिडल ईस्ट हो..... साउथ अमेरिका हो.....  ईस्टर्न यूरोप हो....या साउथ ईस्ट एशिया. पूरा इलाका एक जैसी स्थिति में होता है. भारतीय उपमहाद्वीप का भी कुछ ऐसा हाल है. भारत ज़रूर आगे बढ़ गया लेकिन हमारे पड़ोसी देश भी क्या उसी रफ़्तार से आगे बढ़ रहें है ? जब भी समाज में महिलाओं के दर्जे पर प्रश्न उठता है , तो हम टटोलने लगते है हमारे पड़ोसी देशों में क्या हाल है? तो आज बात निकली महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की तो ध्यान श्रीलंका की ओर गया. श्रीलंका दक्षिण में हमारा पड़ोसी देश है. यह द्वीप राष्ट्र अपने विविध लैंडस्केप, हरे-भरे जंगलों, ख़ूबसूरत समुद्र तटों, प्राचीन शहरों और बौद्ध मंदिरों के लिए जाना जाता है. यह एक 3,000 वर्षों से अधिक पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है. </p>
<p dir="ltr">श्रीलंका में महिलाओं ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति की है, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियाँ हैं जिनका वे सामना करती हैं. श्रीलंका में उच्च महिला साक्षरता दर है और महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और रोज़गार के अवसरों तक पहुंच है. श्रीलंका 1960 में राज्य की महिला प्रमुख का चुनाव करने वाला दुनिया का पहला देश भी था. हालाँकि, अभी भी लिंग आधारित हिंसा, भेदभाव और महिलाओं के लिए असमान वेतन से संबंधित मुद्दे हैं. राजनीति और नेतृत्व के पदों पर भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम है. फिर भी, श्रीलंका में इन मुद्दों को हल करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं. </p>
<p dir="ltr">अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुसार, 2021 में श्रीलंका में महिलाओं के लिए श्रम बल की भागीदारी दर 36.4% रही. यह ध्यान देने योग्य है कि श्रीलंका में महिलाओं के लिए श्रम बल की भागीदारी दर हाल के वर्षों में बढ़ रही है, जो लैंगिक समानता और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाती है. अपने पैरों पर खड़े होने के सपने को पूरा करने में स्वसहायता समूह काफ़ी मदद कर रहे है.  SHG जिसे महिला मंडल भी कहा जाता है, उसके ज़रिये महिलाएं छोटे पैमाने पर, समूह बचत और ऋण खाता खोलने की शुरुआत करती हैं. SHG न केवल अपने सदस्यों को एक-दूसरे की वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि उन्हें वित्तीय प्रबंधन, टीम मैनेजमेंट और बात-चीत के अपने कौशल को सीखने और लागू करने में भी मदद करते हैं. श्रीलंका में SHG ने महिलाओं को संगठित करने और फाइनेंशियल लिट्रेसी की ज़रुरत को समझने में काफ़ी अच्छा काम किया है.  चलिए, ऐसे ही कुछ SHG के बारे में जानते है और सीखते है.  </p>
<p dir="ltr">सर्वोदय श्रमदान आंदोलन 15,000 से अधिक गांवों के नेटवर्क के साथ श्रीलंका में सबसे बड़े स्वसहायता समूहों में से एक है. समूह की स्थापना 1958 में हुई थी और इसने ग्रामीण समुदायों में सकारात्मक सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन लाने में मदद की. इसके सबसे सफ़ल कार्यक्रमों में से एक "ग्राम शक्ति" कार्यक्रम है, जिसने महिलाओं और वंचित समूहों को प्रशिक्षण, संसाधन और सहायता प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया है.</p>
<p dir="ltr">इसी तरह महिला विकास संघ का गठन 1981 में किया गया और श्रीलंका में महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह आय सृजन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान करता है. इसके सबसे सफल कार्यक्रमों में से एक "ग्राम सुवासरिया" कार्यक्रम है, जो ग्रामीण समुदायों को मोबाइल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है.</p>
<p dir="ltr">नवजीवन पुनर्वास केंद्र का गठन 1998 में मादक पदार्थों की लत से उबरने वाले व्यक्तियों को सहायता प्रदान करने के लिए किया गया था. केंद्र लोगों को समाज में फिर से जोड़ने में मदद करने के लिए परामर्श, व्यावसायिक प्रशिक्षण और अन्य सहायता सेवाएं प्रदान करता है. इसने हजारों लोगों को व्यसन से उबरने और उत्पादक जीवन जीने में मदद की है.</p>
<p dir="ltr">सरला डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना 1997 में गरीबी और सामाजिक मुद्दों से प्रभावित बच्चों और परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी. समूह कमजोर समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य सहायता सेवाएं प्रदान करता है. इसके "नेना गुना" कार्यक्रम ने विकलांग बच्चों को शिक्षा और अन्य सहायता सेवाएं प्रदान करके उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद की है.</p>
<p dir="ltr">श्रीलका के स्वसहायता समूहों ने मानों एक ऐसी मुहीम छेड़ दी जो दिन-ब-दिन उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार रहा है और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ जागरूकता बढ़ा रहा है.  ये SHG आगे चलकर महिलाओं की श्रम बल भागीदारी बढ़ाएगा और उनके बेहतर भविष्य का सपना पूरा कर सकेगा.  </p>
<p><strong id="docs-internal-guid-6d42436a-7fff-3df7-d34e-ba5068ac4836"><br><br></strong></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 01 Mar 2023 15:19:57 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/duniyadari/sri-lanka-empowering-women-through-shgs]]></guid><category><![CDATA[दुनियादारी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b3h3E0d6ktCW0hRUJ7UQ.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/b3h3E0d6ktCW0hRUJ7UQ.jpg"/></item></channel></rss>