<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ मन की बात]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/mn-kii-baat</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/mn-kii-baat" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 28 Aug 2023 12:06:45 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[उत्तराखंड SHGs भोजपत्र से बना रहे राखी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/uttarkhand-shgs-making-rakhis-with-bhojpatra</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nYoZ8WjDiKr7ajNua5Jv.jpeg"><p style="text-align: justify;"><strong>रक्षाबंधन</strong> (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/rakshabandhan-rakhi-empowering-shg-women">Rakshabandhan</a>) का त्योहार SHG महिलाओं की ज़िन्दगी में नई उमंग और उत्साह लाया है. सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाएं <strong>तरह-तरह की राखियां</strong> (homemade rakhi) बना कर <strong>आमदनी में बढ़ोतरी</strong> कर रही हैं. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली गांव की समूह से जुड़ी महिलाएं <strong>भोजपत्र</strong> (Bhojpatra) से राखी बना रही हैं. इन राखियों पर लिखी बदरीनाथ की आरती इन्हें अन्य राखियों से अलग बनाती है.&nbsp;</p>
<h2 style="text-align: justify;">भोजपत्र का महत्व&nbsp;</h2>
<p style="text-align: justify;"><strong>हिमालयी क्षेत्रों</strong> में <strong>पेड़ों की छाल</strong> से निकलने वाले भोजपत्र (Himalayan Birch) का <strong>धार्मिक ग्रंथों</strong> में बहुत महत्व बताया गया है. इसका इस्तेमाल <strong>धर्म और पवित्र ग्रंथों</strong> को लिखने के लिए कागज के तौर पर किया जाता था. अब इस भोजपत्र से बनी राखी रक्षाबंधन (<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-to-make-rakhi-from-cow-dung-this-rakshabandhan">Rakshabandhan 2023</a>) के त्योहार पर भाई की कलाई पर सजेगी.</p>
<p><img alt="handmade rakhi " src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/500x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/SNi8p4VD4BUMZDF2GkU9.png" class="center" style="width: 500px;"></p>
<p class="center"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits : The Channel 46</em></span></p>
<h3 style="text-align: justify;">SHG महिलाओं को कैलीग्राफी की मिली ट्रेनिंग&nbsp;</h3>
<p style="text-align: justify;"><strong>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन</strong> (<a href="https://ravivarvichar.in/sharminda/uttar-pradesh-need-to-probe-corruption-in-nrlm">NRLM</a>) के तहत बने SHGs की महिलाएं भोजपत्र से&nbsp;<strong>डिज़ाइनर राखियां</strong> (designer rakhi) बना रही हैं. भोजपत्र के <strong>पौराणिक और धार्मिक महत्व</strong> को देखते हुए जिला प्रशासन एसएचजी महिलाओं को <strong>भोजपत्र पर कैलीग्राफी </strong>करने <strong>की ट्रेनिंग</strong> दे रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/national-rural-livelihood-mission-changing-lives-of-shg-women">Self Help Groups</a> की महिलाओं ने<strong> भोजपत्र पर</strong> <strong>बदरीनाथ की आरती और श्लोक</strong> लिखे. कई तरह की <strong>चित्रकारी</strong> भी की. इन्हें अलग-अलग आउटलेट्स जैसे हिलांश आउटलेट के जरिए बेचकर अपनी आजीविका चला रहीं हैं.</p>
<p><img alt="rakhi 2023" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/500x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Rk60thxlgdR9L0y10rd1.jpg" class="center" style="width: 500px;"></p>
<p class="center"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits : Pixabay</em></span></p>
<h2 style="text-align: justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की भोजपत्र राखी की प्रशंसा</h2>
<p style="text-align: justify;">माणा और नीती घाटी की <strong>SHG महिलाओं</strong> ने <strong>भोजपत्र</strong> से बने <strong>प्रोडक्ट्स और स्मृति पत्र</strong> जिस पर बदरीनाथ की आरती लिखी हुई थी, <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> (PM Modi) को भेंट दी. उन्होंने अपने मन की बात (PM-Mann Ki Baat) एपिसोड में उसकी प्रसंशा करते हुए भोजपत्र की महत्वता को बताया. उससे बने उत्पादों के बारे में जानकारी भी दी. <strong>महिलाएं</strong> <strong>आर्थिक सशक्त</strong> होने के लिए समूह से जुड़कर नए-नए व्यवसाय शुरू कर उनमें सफलता भी पा रही हैं.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Mon, 28 Aug 2023 12:06:45 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/uttarkhand-shgs-making-rakhis-with-bhojpatra]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nYoZ8WjDiKr7ajNua5Jv.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nYoZ8WjDiKr7ajNua5Jv.jpeg"/></item><item><title><![CDATA[मन की बात में मीना सोशल हीरो ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-praised-meena-from-balaghat-in-mann-ki-baat-programme</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rFUYfUVlOg3ROCf6aw3W.jpg"><p><em>"किसी समय एक राइस मिल में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली आदिवासी महिलाओं को भी कोरोना काल ने प्रभावित किया. इन्होंने योग्यता स्वयं सहायता समूह बनाया. हिम्मत नहीं हारी. जीविका मिशन से लोन लिया.और मिल खुद चलाने का फैसला किया. जिस मिल में काम करती थी उसकी मालिक बन गई."</em> पीएम नरेंद्र मोदी की यह बात सुनते ही मीना की आंखों में चमक और चहरे पर खुशियां छा आई. मीना कहती है - <em>"जीवन की परेशानियों से जूझकर नए मुकाम खड़े किए और आज उसका परिणाम देश ने देखा. मुझे ख़ुशी है कि आदिवासी बहूल चिचगांव का नाम रोशन हो गया."</em> पीएम मोदी ने अपनी "मन की बात " में बालाघाट जिले के दूरस्थ इलाके चिचगांव की मीना रहंगडाले की मेहनत और स्वयं सहायता समूह की ताकत का ज़िक्र किया. इस ज़िक्र के बात से ही मीना सुर्ख़ियों में है. अब जिला प्रशासन भी मीना की मिसाल दूसरे समूह सदस्यों को देकर उन्हें भी प्रोत्साहित कर रहा है.  </p>
<blockquote>
<p>धान उत्पादन के लिए चर्चित बालाघाट जिले के चिचगांव की आदिवासी महिलाएं भी एक राइस मिल में काम करती थीं. कोरोना काल में हालत यह हुए कि राइस मिल बंद हो गई. दिहाड़ी मजदूरी करने वाली इन महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट हो गया. राइस मिल भी बिकने की नौबत आ गई. मीना रंहगडाले बताती है - <em>"हमने हिम्मत नहीं हारी.चौदह महिला सदस्यों ने योग्यता स्वयं सहायता समूह से कामकाज की शुरुआत की. थोड़ा थोड़ा पैसा इक्कठा किया. शुरू में कुछ लोन लिया.धीरे-धीरे राइस मिल हमने खुद चलाने का फैसला लिया. और अब हमने दो साल के अंदर तीस लाख का मुनाफा कमाया."</em></p>
</blockquote>
<p>समय के साथ समूह की दूसरी महिलाओं ने अपना अलग कारोबार भी शुरू कर दिया. संस्था की सचिव वर्षा ने जहां वेल्डिंग यूनिट डाल दी वहीं गीता बाई ने दूध का कामकाज भी शुरू किया. मीना आगे बताती है -<em>" मन की बात में हमारे समूह का नाम आने के बाद जिले के सभी बैंकों ने सहयोग देना शुरू कर दिया. हमने पांच लाख का लोन लिया. सभी किश्तें समय पर उतारते हैं. मुझे प्रशासन अलग-अलग आयोजनों में बुलाता है. यदि महिलाएं ठान ले तो वह आत्मनिर्भर बन सकती है." </em></p>
<p>चिचगांव में ही 22 समूह अलग-अलग कारोबार से जुड़े हैं. जिले के आजीविका मिशन के जिला परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश वेदुआ कहते हैं -"आदिवासी बहूल इस जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और स्वाभिमान की ज़िंदगी मिले,इस बात के लिए प्रशासन प्रयासरत हैं. चिचगांव की मीना की मेहनत पीएम की मन की बात में शामिल होने से जिले को नई पहचान मिली है." जिले में राइस मिल में कई गरीब किसान अपना धान लेकर आते हैं और पिसाई करा कर चावल अपने स्तर पर बेचते हैं. बालाघाट में इसके अलावा दूसरे उत्पाद भी अपनी पहचान बना चुके हैं. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Tue, 02 May 2023 15:49:24 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-praised-meena-from-balaghat-in-mann-ki-baat-programme]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rFUYfUVlOg3ROCf6aw3W.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/rFUYfUVlOg3ROCf6aw3W.jpg"/></item><item><title><![CDATA['मन की बात': नारी शक्ति की मिसाल बनी दीदियों ने सुना 100 वां एपिसोड ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-to-listened-100th-episode-of-mann-ki-baat</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/peA5OjscxGjDx9eqL5Vc.JPG"><p>अक्टूबर 2014 में शुरू हुए 'मन की बात' कार्यक्रम का 100 वां एपिसोड देशभर में देखा गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम का ये शतक ऐतिहासिक बन गया जब "मन की बात" की 100वीं कड़ी प्रसारित हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूहों की लगभग 70 लाख महिलाएं और मनरेगा के श्रमिक भाई शामिल हुए. यह लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम प्रधानमंत्री के प्रेरक और उत्साहवर्धक संदेशों के लिए जाना जाता है, जो लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भर देता है. 'मन की बात' पर अपने विचार और अनुभव साझा करने से लोग जुड़े और प्रेरित होते हैं. </p>
<p>मन की बात कार्यक्रम में सफलता पा चुके लोगों के सराहनीय प्रयासों को देश के साथ साझा किया जाता है. हर एपिसोड में ऐसे विशिष्ट लोगों की कहानियां बताई गई जिन्होंने जलवायु परिवर्तन, कृषि, कला, संस्कृति और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ अलग किया. 'मन की बात' ने समावेशी भागीदारी के माध्यम से बहुमूल्य जानकारी का प्रसार करने और राष्ट्रीय एकता और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाज के लिए नए विचार प्रस्तुत किए.</p>
<p>नारी शक्ति 'मन की बात' के अहम विषयों में से एक रहा है. पीएम मोदी महिला को एक शक्ति के रूप में देखते हैं. अपने संबोधन में, उन्होंने भारतीय महिलाओं को शक्ति, ज्ञान और सुरक्षा की अभिव्यक्ति बताया. पीएम सशक्त महिलाओं की संख्या को बढ़ते हुए देखना चाहते हैं. वह पृथ्वी को 'माँ' के रूप में देखते है और केमिकल वाले खाद और यूरिया उर्वरक के इस्तेमाल में कटौती कर धरती माँ को ठीक करना चाहते है. वह 'मां दुर्गा' को पूजते हुए, स्कंद पुराण से बताते है कि एक बेटी दस बेटों के बराबर होती है. उनका मानना ​​है कि भारतीय समाज में महिलाओं को 'शक्ति' का दर्जा दिया गया है, नारी शक्ति पूरे समाज को, और पूरे परिवार को एकता की धुरी पर बांधती है. वह इस बात पर ज़ोर देते हैं कि भारतीय परंपरा के अनुसार पुरुषों की पहचान उन महिलाओं से हैं जिनसे वे जुड़े हुए थे जैसे, यशोदा-नंदन, कौशल्या-नंदन, गांधारी-पुत्र. वह बेटियों को 'लक्ष्मी' के रूप में, और भाग्य और समृद्धि के पर्वायवाची के रूप में जानते है. </p>
<p>जिन लड़कियों और महिलाओं ने किसी भी क्षेत्र में प्रगति की है, उनका ज़िक्र 'मन की बात' में किया गया है. उन्होंने महिलाओं के प्रयासों जैसे स्वयं सहायता समूह बनाकर अपने समुदायों को ज़रूरी सेवाएं प्रदान करने को सराहा. लड़कियों की उपलब्धियों पर गर्व जताया. विदेशों में जन्मी महिलाएं जो दुनिया भर में भारतीय संस्कृति का प्रसार कर रही हैं, जैसे सिस्टर निबेदिता, जगत तारिणी और जदुरानी दासी. के कामों का भी ज़िक्र किया. 'मन की बात' सुनने वाली लड़कियों और महिलाओं को इन कहानियों से प्रेरणा मिलती है, वो ये समझती हैं कि महिलाएं चाहे तो हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Sun, 30 Apr 2023 12:15:37 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-to-listened-100th-episode-of-mann-ki-baat]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/peA5OjscxGjDx9eqL5Vc.JPG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/peA5OjscxGjDx9eqL5Vc.JPG"/></item><item><title><![CDATA[कमला बनी मिसाल ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/pm-modi-talks-about-odisha-shg-woman-kamala</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg"><p><iframe style="width: 1269px; height: 711px;" src="https://www.youtube.com/embed/hsE1L9QunMM" width="1269" height="711" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>ओडिशा के केंद्रपाड़ा  जिले की रहने वाली कमला मोहराना इन दिनों सुर्ख़ियों में है. क्लीन इण्डिया  मिशन में अब वह न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश में छा गई.कमला का ज़िक्र और उसका मिशन सारे मिडिया में ट्रेंड कर रहा है. वजह, कमला का नाम पीएम नरेंद्र मोदी की मन की बात में  लिया गया. मोदी ने उसे देश के स्वच्छता मिशन योगदान में महत्वपूर्ण बताया.कमला स्वसहायता समूह के जरिये वेस्ट मटेरियल से उपयोगी सामान बना रही है. कमला कहती है -" वह दूध के लिए उपयोग में लाये जा रहे प्लास्टिक के पाउच और दूसरी सामग्री से मोबाइल स्टैंड,बास्केट्स सहित कई उपयोगी आइटम बना रही है.इससे उसकी कमाई हो रही है. कमला प्लास्टिक सामान से दूसरे सामान बना रही है ,वहीं कपड़े की थैलियां उपयोग में लाने को  कहती है.</p>
<p>ओडिशा में कई स्वसहायता महिलाओं द्वारा चलाए जाए जा रहे हैं. सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, कमला ने अपने आस-पास को साफ रखने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रहीं हैं.वह अपने नवाचार विचारों के  लिए जानी जाती है. वह इसी वेस्ट सामान से  उपयोग में आने वाले कूड़ेदान बनाना और अपने जरूरतमंदों  घरों के लिए कम लागत वाले शौचालयों का निर्माण  में भी भूमिका निभाती है. </p>
<p>कमला के इस कमाल का फल यह मिला कि उन्हें  2018 में केंद्र सरकार से "नारी शक्ति पुरस्कार" सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं  उन्हें अपने स्वच्छता के महत्व  और अनुभव बताने के लिए और बढ़ावा देने के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बोलने के लिए भी बुलाया गया.</p>
<p>कमला  की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा का काम करती है जो एक स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान के प्रति उनका समर्पण और स्वच्छता की सेवाएं चर्चाओं में है. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Thu, 02 Mar 2023 17:18:49 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/pm-modi-talks-about-odisha-shg-woman-kamala]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg"/></item><item><title><![CDATA[कमला का  कमाल ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-talks-about-odisha-shg-women-kamala-in-mannkibaat</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg"><p>ओडिशा के केंद्रपाड़ा  जिले की रहने वाली कमला मोहराना इन दिनों सुर्ख़ियों में है. क्लीन इण्डिया  मिशन में अब वह न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश में छा गई.कमला का ज़िक्र और उसका मिशन सारे मिडिया में ट्रेंड कर रहा है. वजह, कमला का नाम पीएम नरेंद्र मोदी की मन की बात में  लिया गया. मोदी ने उसे देश के स्वच्छता मिशन योगदान में महत्वपूर्ण बताया.कमला स्वसहायता समूह के जरिये वेस्ट मटेरियल से उपयोगी सामान बना रही है. कमला कहती है -" वह दूध के लिए उपयोग में लाये जा रहे प्लास्टिक के पाउच और दूसरी सामग्री से मोबाइल  स्टैंड,बास्केट्स  सहित कई उपयोगी आइटम बना रही है.इससे उसकी कमाई हो रही है. <br>कमला प्लास्टिक सामान से दूसरे सामान बना रही है ,वहीं कपड़े की थैलियां उपयोग में लाने को  कहती है.</p>
<p>ओडिशा में कई स्वसहायता महिलाओं द्वारा चलाए जाए जा रहे हैं. सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, कमला ने अपने आस-पास को साफ रखने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित कर रहीं हैं.वह अपने नवाचार विचारों के  लिए जानी जाती है. वह इसी वेस्ट सामान से  उपयोग में आने वाले कूड़ेदान बनाना और अपने जरूरतमंदों  घरों के लिए कम लागत वाले शौचालयों का निर्माण  में भी भूमिका निभाती है. </p>
<p>कमला के इस कमाल का फल यह मिला कि उन्हें  2018 में केंद्र सरकार से "नारी शक्ति पुरस्कार" सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं  उन्हें अपने स्वच्छता के महत्व  और अनुभव बताने के लिए और बढ़ावा देने के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बोलने के लिए भी बुलाया गया.</p>
<p>कमला  की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा का काम करती है जो एक स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान के प्रति उनका समर्पण और स्वच्छता की सेवाएं चर्चाओं में है. </p>
<p><iframe src="https://www.youtube.com/embed/hsE1L9QunMM?feature=youtu" width="560" height="314" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Thu, 02 Mar 2023 17:16:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-talks-about-odisha-shg-women-kamala-in-mannkibaat]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FmYkzebAZWDwgMKB4Xi2.jpeg"/></item></channel></rss>