<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ नीरा]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/niiraa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/niiraa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 20 Jun 2023 10:39:08 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[आजादी से पहले आजाद थी कमला सोहोनी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/google-doodle-featured-kamla-sohoni-the-first-indian-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KRPT41ljdG9gv7mabcas.png"><p dir="ltr"><span>विज्ञान, एक ऐसा सब्जेक्ट जिसे आज भी सबसे मुश्किल विषयों में से एक माना जाता है. हम भूल जाते है कि दुनिया भर के मीम्स, जोक्स, ख़बरों से घिरे रहने वाले इस सब्जेक्ट में इतनी रिसर्च और बढ़त के कारन ही आज हम इस जगह है. ऐसे बहुत से वैज्ञानिक और शोधकर्ता हुए  जिनके काम पूरी दुनिया में आज नाम कमा रहे है. गूगल ने भी एक ऐसी ही महिला जिनकी 112 वी जयंती थी अपने  गूगल डूडल पर शेयर किया. यह कोई आम महिला नहीं है, क्यूंकि इन्होने उस ज़माने में साइंस में पीएचडी कि थी, जब औरतों को सिर्फ घर और रसोई सँभालने का काम कराया जाता था.<strong> Google डूडल</strong> में कमला सोहोनी को फीचर किया गया. उनके <strong>ब्रांड 'नीरा'</strong> पर कंटीन्यूअस काम को दर्शाया गया इस डूडल में. यह ब्रांड ताड़ के पेड़ के नेक्टर से बने ड्रिंक का है जिसमें भारी मात्रा में विटामिन C पाया जाता है. </span></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Kamla Sohini" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/yFEotXiP8KdJwDiIOtB2.jpg"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: In marathi</em></span></p>
<p dir="ltr"><span><strong>कमला सोहनी</strong> उस समय के दौरान वैज्ञानिक क्षेत्र में पीएचडी हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला थीं. बाधाओं को तोड़कर और संदेह करने वालों को गलत साबित करके, डॉ सोहोनी ने न केवल <strong>बायोकेमिस्ट्री</strong> के अपने क्षेत्र में काम किया बल्कि भविष्य की भारतीय महिलाओं के लिए जेंडर बायस को दूर करने और अपने सपनों का पीछा करने के लिए एक रास्ता बनाने में मदद की. गूगल ने डूडल के जरिए भारतीय बायोकेमिस्ट डॉ कमला सोहोनी को उनके 112वें जन्मदिन पर श्रद्धांजलि दी है. </span></p>
<p dir="ltr"><span>Google डूडल ने <strong>भारतीय वैज्ञानिक कमला सोहोनी </strong>को उनके 112वें जन्मदिन पर एक रंगीन एनिमेटेड चित्रण के रूप में दिखाया है, जिसमें विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों को दर्शाने के लिए माइक्रोस्कोप, वैज्ञानिक स्लाइड और उनके आसपास के पौधों के चित्र हैं. कमला ने जिस तरह से उस वक़्त समाज कि बेड़ियां तोड़ी थी, आज की महिला भी कुछ इसी तरह अपने अस्तित्व को एस्टब्लिश करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. चाहे Self Help Group से जुड़ी महिलाएं हो या किसी कॉर्पोरेट फर्म में काम करने वाली महिला, वह किसी से कम नहीं है. हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर महिलाएं समाज में अपनी अलग जगह तैयार कर रही है. </span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 20 Jun 2023 10:39:08 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/google-doodle-featured-kamla-sohoni-the-first-indian-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KRPT41ljdG9gv7mabcas.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KRPT41ljdG9gv7mabcas.png"/></item><item><title><![CDATA[नीरा को किया नशे की ज़द से बाहर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/neera-to-be-used-in-sweets-and-health-drinks-in-bihar</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZTvHUBT3vMC0THJJfgDW.JPG"><p dir="ltr">मिठाई की मिठास अब और बढ़ने वाली है, क्योकि इस मिठाई से अब स्वयं सहायता समूह की दीदियों को रोज़गार मिलेगा. बिहार सरकार  शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करवा रही है. जिसके बाद नीरा रोज़गार का एक अच्छा ऑप्शन बना. ताड़ और खजूर के पेड़ से जो ताजा रस निकलता है, उसे नीरा कहते हैं. गया जीविका के डीपीएम आचार्य मम्मट ने बताया कि सरकार चाहती है कि जहां लोग पहले नीरा को नशे के रूप में इस्तेमाल करते थे अब हेल्थ ड्रिंक की तरह इस्तेमाल को बढ़वा देंगे. इसे पीने से पीलिया, पेट संबंधित रोग, डिहाइड्रेशन और डायबिटीज़ में राहत मिलेगी. </p>
<p dir="ltr">गया जिले ने इस वित्तीय वर्ष में 11 लाख लीटर से अधिक नीरा बनाने का गोल सेट किया. ग्रामीण क्षेत्रों में 40 से अधिक बिक्री केंद्रों पर नीरा को बेचने की योजना बनाई. मनेर प्रखंड में नीरा से एक से बढ़कर एक टेस्टी खान-पान बनाने का काम मीठी नीरधारा, शुद्ध जल और अमृत उत्पादक समूह की 120 दीदियां मिलकर कर रही हैं. ये नीरा से पेड़ा, लड्डू, तिलकुट सहित अनेक प्रकार की मिठाइयां बनाती हैं. मिठाइयों को पटना के 23 ब्लॉक में करीब 100 अस्थायी स्टालों पर बेचा जाता है. इन स्टॉल के गिनती 240 तक पहुंचाने की योजना है. दुकानों से ऑर्डर मिलना भी शुरू हो गए हैं. </p>
<p dir="ltr">बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) और तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) एमओयू पर साइन करेंगे. दोनों विश्वविद्यालयों के कृषि वैज्ञानिक मिलकर नीरा को हेल्थ ड्रिंक बनाने के लिए काम करेंगे. तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा ताड़ के पेड़ हैं जिसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर नीरा बनाने में किया जायेगा. गया जिले के बांके बाजार प्रखंड के विशुनपुर, बाबा धाम, सैफगंज और रौशनगंज में 4 जगहों पर नीरा बिक्री केंद्र शुरू किये गए, जिससे इन इलाकों में शराबबंदी लागू करने में सहयोग मिलेगा. ग्रामीण इलाके में बड़ी संख्या में लोग ताड़ी के उत्पादन से जुड़े हुए हैं, लेकिन उन्हें नीरा के फायदे की जानकारी देकर इसके उत्पादन से जोड़ा जा रहा है. नीरा से बनीं मिठाई और हेल्थ ड्रिंक न केवल शराबबंदी करने में मदद करेंगे पर स्वयं सहायता समूहों को भी रोज़गार का नया अवसर देंगे. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 05 Apr 2023 13:57:31 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/neera-to-be-used-in-sweets-and-health-drinks-in-bihar]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZTvHUBT3vMC0THJJfgDW.JPG" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZTvHUBT3vMC0THJJfgDW.JPG"/></item></channel></rss>