<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ नल कनेक्शन]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/nl-knekshn</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/nl-knekshn" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Thu, 23 Mar 2023 13:42:45 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[टेक्स सखियों ने बदली गांव की तस्वीर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-from-burhanpur-manages-water-tax</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/VYIyG0MV7ZvydkIObSva.jpeg"><p>जब दिक्क्तें हद से ज्यादा गुजर गई. किसी एक गांव नहीं बल्कि कई इलाकों में पानी की जंग छिड़ गई तब महिलाओं ने जगह जगह मोर्चा संभाला. पीने के पानी की जद्दोजहद में पूरा दिन ख़त्म हो जाने से परेशान महिलाओं का मिशन कामयाब हो गया. सरकार  की मंशा भी पूरी हो गई.कई गांव और पंचायतों में  ग्रामीण महिलाएं नए कलेवर में दिखाई दे रहीं हैं. जहां-जहां महिलाओं ने ये काम संभाला वहां-वहां न पानी की किल्ल्त न टाइम की बर्बादी. ये जाबांज महिलाएं हैं बुरहानपुर जिले की. स्वसहायता समूह की ये दीदियां अपने गांव में पीने के पानी की कमान संभाले हुए है. और इसकी ख़ास वजह "टेक्स सखी" बन कर जल कर की समय से वसूली करना.यहां की महिलाओं के काम का अंदाज़ राज्य और केंद्र सरकारों में चर्चा में बना हुआ है.यहां के नल जल व्यवस्था और कर वसूली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज़िक्र किया तो कोई समूह का दिल्ली में सम्मान हो रहा. </p>
<p>आखिर बुरहानपुर जिला और यहां के समूह की दीदियों ने क्या कमाल किया आइए उनसे ही सुनते हैं. दरियापुर गांव के जय श्री कृष्णा समूह की अध्यक्ष रीना पाटिल बताती है -" गांव में नल होते हुए भी पानी नसीब में न था. पंद्रह सौ नल कनेक्शन हैं. पंचायत कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए. जब हम ग्यारह दीदियों के समूह ने काम संभाला तो विरोध हुआ. हमने एक न सुनी. साढ़े तीन लाख रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया. मुझे जल शक्ति मंत्रालय ने दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया. अब गांव के पुरुष भी साथ देने लगे.       </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/tS0WTFo8bg3EyhXO1y4t.jpeg" alt="water tax sakhi"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>चपोरा के समूह की सदस्य जल टेक्स वसूलती हुई (Image Credits: Ravivar Vichar)</em></span></p>
<p>बहादरपुर गांव की प्रगति सहायता समूह की अध्यक्ष दीपिका सोनी कहती हैं-<em>" हमारे गांव में लगभग ढाई हजार नल कनेक्शन हैं. कई सालों से घरों में टाइम पर पानी मिला ही नहीं. पानी के लिए कभी खेत तो कभी इधर -उधर भटकते.  उधर अधिकतर महिलाएं खेतों में मजदूरी करती हैं. जो पानी की व्यवस्था जुटाने में मजदूरी पर नहीं जा पाती. पंचायत टेक्स वसूल नहीं कर पाई. प्रशासन ने हमें ये काम दिया." </em>इस गांव में अब रोज़ पानी मिलता है. और अब तक एक साल में पांच लाख की वसूली कर चुकीं हैं.इस समूह में दस दीदियां हैं.</p>
<p>दापोरा गांव में भी स्वर्णलता सहायता समूह ने भी पानी की व्यवस्था अपने जिम्मे लेकर जीवन को पटरी पर ले आईं. सचिव संगीता चौधरी  कहती हैं -" हमारे समूह में दस दीदियां हैं. कई गरीबी से जूझ रही थी. हमने साढ़े 23 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली की. हमें बीस प्रतिशत पैसा मिल गया. जो दीदियों के हिस्से में आया." इसी समूह की अध्यक्ष आशा महाजन बताती हैं -" मेरे पति छोड़ कर चले गए. खाने के लाले पड़ गए. पानी जुटाने में ही मजदूरी पर नहीं जा पाते. अब आजीविका मिशन ने किस्मत बदली." इस गांव में एक हजार नल कनेक्शन हैं. </p>
<p>इसी तरह गांव चापोरा ,दरियापुर और खातला में भी समूह की महिलाएं जल कर वसूली में रिकॉर्ड बना कर गांव को नई दिशा दी.चपोरा के रेणुका समूह की सचिव वैशाली संजय महाजन  कहती हैं -<em>" यहां सौलह सौ नल कनेक्शन हैं. पाइप ख़राब हो गए. गड्ढों में पाइप धंस गए. सब बदले.हाउस वाइफ थी. गांव के ने मज़ाक बनाया. पर मैंने ठान ली थी कि अब परेशानी सहन नहीं करेंगे.और  घर से निकल गए."</em> कुछ दीदियों में भारती पाटिल, गायत्री जैनकार ,गायत्री महाजन ने गड्ढे भरवा कर नई पाइप लाइन बिछवा दी.समूह ने दो लाख रुपए कि वसूली कर कमाई का जरिया बना लिया.</p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/rq9lhKC376uRdDfz82us.jpeg" alt="water tax sakhi"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>खातला के समूह की सदस्य भी वसूली करती हुई (Image Credits: Ravivar Vichar)</em></span></p>
<p>इसी तरह खातला गांव में 715 नल कनेक्शन और पांच हजार की आबादी के लोगों को भी भरपूर पीने का पानी मिल रहा है. कल्याणी समूह कि सचिव झवरा सईद कुरैशी कहती हैं -" हमने एक लाख 60 हजार रुपए जल कर में वसूले. पहले खेत और कुओं से पानी लेने दिनभर महिलाएं भटकती रहती थीं. अब जिंदगी रफ़्तार पकड़ रही है." </p>
<p>जिले की परियोजना प्रबंधक कृष्णा रावत कहती हैं -<em>" समूह ने बहुत मेहनत और हौसले से वसूली की. गांव में नल जल योजना को सार्थक कर दिया."  </em>ग्रामीण यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के कॉर्डिनेटर  राजेश  ठाकुर कहते हैं -<em>"जिले में 167 पंचायतों में एक-एक समूह को यह जल कर वसूली का काम सौंपा. इससे 254 गांवों को आने वाले दिनों में लाभ मिलेगा." </em><br>कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया - <em>"बुरहानपुर जिले की महिलाओं के समूह सदस्यों में आत्मविश्वास है. नया करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं. आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अलग -अलग ट्रेनिंग दिलवाई जा रही है. प्रधानमंत्री और जल मंत्रालय से मिले सम्मान की असली हक़दार समूह की मेहनती महिलाएं हीं हैं."</em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Thu, 23 Mar 2023 13:42:45 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-from-burhanpur-manages-water-tax]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/VYIyG0MV7ZvydkIObSva.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/VYIyG0MV7ZvydkIObSva.jpeg"/></item><item><title><![CDATA[SHG महिलाओं ने संभाली नल-जल योजना की कमान ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-supporting-nal-jal-yojana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qQtW8QvB83i6w7JDIobP.jpeg"><p><iframe style="width: 772px; height: 433px;" src="https://www.youtube.com/embed/BFv2KXuSRoQ" width="772" height="433" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 24 Feb 2023 19:10:30 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-supporting-nal-jal-yojana]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qQtW8QvB83i6w7JDIobP.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qQtW8QvB83i6w7JDIobP.jpeg"/></item><item><title><![CDATA[जब संभाली कमान.... ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-ensured-water-supply</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lljJ0FZBQlnYPh2gNQq2.jpeg"><p><br>"महिलाओं को न समझो बेकार......जीवन का यहीं है आधार." सुर्ख़ लाल साड़ियां पहन कर जब समूह की महिलाएं गांव की गलियों में नारे लगाती हैं तो उनका विश्वास और हिम्मत देखने वाली है. महिलाओं की ये हुंकार गांव से निकल कर भोपाल के सरकारी गलियारों तक गूंज रही है.  इन महिलाओं के जोश ने सबको पीछे छोड़ दिया. इन महिलाओं की आज अपने इलाके के साथ सारे प्रदेश में चर्चा हो रहीं है. ऐसा मैनेजमेंट ऐसा डिसिप्लिन कि यह SHG आज मिसाल है. ये कहानी है नीमच के गांव धनेरियाकलां की. महीने की पांच तारीख हो गयी, गांव की महिलाएं एक जैसी यूनिफॉर्म पहन कर आज फिर गलियों में निकलीं. हाथों में रसीद कट्टा और पूरा हिसाब. ये महिलाएं पूरे आत्मविश्वास से हर घर पर दस्तक दे रहीं हैं.</p>
<p>गांव वालों ने भी रूपये-पैसे से साथ दिया और फिर इन महिलाओं को पानी की प्यास बुझाने के लिए धन्यवाद दिया.  देखते ही देखते दो घंटे में लगभग चार हजार रुपए इक्कठे हो गए. इस तरह की मुहिम लगभग तीन दिन चली. स्वसहायता समूह की महिलाऐं खुद कम्यूटर पर पैसों का हिसाब किताब मिलाती हैं जब सदस्य बोली सब ओके. इतना सुनते ही वहां मौजूद महिलाओं के चहरे पर विजयी मुस्कान आ जाती है. अभी कुछ महीनों पहले लगभग साढ़े छह हजार की आबादी वाले इस गांव में पीने के पानी के लिए  महिलाऐं अक्सर जद्दोजहद करती थी. उनकी आधी ज़िंदगी का हिस्सा पानी की व्यवस्था करने बीत रहा था,ऊपर से खेत मजदूरी में पसीना बहाना. इस परेशानी से निजात पाने के लिए महिलाओं ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना गांव के पुरुषों ने कभी की ही नहीं थी. इन महिलाओ को कोशिशों से ही अब पूरे गांव की प्यास बुझा रही है.</p>
<p><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/kZoSxuAmp8eTFFKnbWq5.jpeg" alt="dhaneriyakala 5"></p>
<p><em>स्वसहायता समूह की सदस्य ग्रामीणों से टैक्स वसूलती हुई (Photo Credits: Ravivar vichar)</em></p>
<p>गांव की सरपंच देवकन्या कहती हैं-" साढ़े छह हज़ार से ज्यादा आबादी वाले इस गांव में  पानी की अच्छी टंकी है,12 सौ नल कनेक्शन के साथ पानी भी था. लेकिन गांव के पुरुष और पंचायत कर्मचारियों को गांव के ही लोग टाइम पर टैक्स और मैंटेनस का पैसा तक नहीं देते थे." इस कारण पानी की सप्लाई पूरी तरह चरमरा गई. कोई रास्ता  नहीं सूझ रहा था, फिर यह जवाबदारी बैठक कर दो स्वसहायता समूह श्रीराम सहायता समूह और बजरंगबली सहायता समूह को सौपीं. यह एक नया प्रयोग था.</p>
<p><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/nMnzPN5wnXZ8gn8xXJdf.jpeg" alt="dhaneriyakala 4"></p>
<p><em>धनेरियाकलां की महिलाएं तकनीकी व्यवस्था देखते हुए (Photo Credits: Ravivar vichar)</em></p>
<p><img style="width: 580px; height: 326px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/LYUD1AmTVMJjYFnrYxZA.jpeg" alt="dhaneriyakala"></p>
<p><em>टेक्नीशियन से वॉटर सप्लाई सिस्टम समझते हुए (Photo Credits: Ravivar vichar)</em></p>
<p>गांव के ही प्रेम सिंह  चुण्डावत कहते हैं - "टाइम पर पैसे इक्कठे नहीं होने से व्यवस्था बिगड़ रही थी. क्या बच्चे और क्या महिलाएं सभी परेशान थे. अब गांव के ही समूह की महिलाओं ने ये व्यवस्था संभाली ,उसके बाद कोई परेशानी नहीं आ रही हैं." समूह की जयश्री राठौर कहती हैं- "शुरुआत में बहुत बड़ी चुनौती थी. अब तक ये काम हमारे ही गांव के पुरुष करते थे. लेकिन पूरे आत्मविश्वास  से यह जवाबदारी ली. दोनों समूह में 11-11 महिला सदस्य हैं, राजस्व बढ़ा तो आत्मविश्वास भी बढ़ा." समूह की ही अंगूरबाला रेगर भी गर्व से बताती है -" सदस्यों  ने ठान लिया था कि गांव कि परेशानी दूर करनी है.अब कम्यूटर पर पूरा हिसाब रखते हैं जिससे पता चल जाता है कि किस परिवार का टेक्स बकाया है." मधु कंवर बहुत खुश है. वह कहती है -"हमने साबित कर दिया कि महिलाएं किसी काम में पीछे नहीं हैं. लगातार राजस्व कि बंपर वसूली हो रही है." जो वसूली बड़ी मुश्किल से सात-आठ हजार रुपए तक हो पाती थी,अब हर महीने 20 हजार रुपए तक हर महीने वसूली हो रही है. समूह कि सदस्य कहती हैं-" पहले केवल पानी सप्लाई कि व्यवस्था को ठीक किया. धीरे-धीरे टेक्निकल लोगों को बुला कर ट्रेनिंग भी ले ली. अब समूह को इस राजस्व वसूली का दस प्रतिशत राशि समूह को दी जाती है. बाकि राशि से बिजली का बिल और मैंटेनस भी टाइम पर हो रहा है. धनेरियाकलां में स्वसहायता समूह अब बुलंद भारत की बुलंद तस्वीर पेश कर रहा है. </p>
<p>'महिलाओं ने जब संभाली कमान<br>हर नल में पानी,बढ़ा स्वाभिमान'</p>
<p><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/qQtW8QvB83i6w7JDIobP.jpeg" alt="dhaneriyakala 1"></p>
<p><em>नल में पानी की धार देख चेहरे पर छलकी खुशी (Photo Credits: Ravivar vichar)</em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Fri, 24 Feb 2023 18:46:41 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shg-women-ensured-water-supply]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lljJ0FZBQlnYPh2gNQq2.jpeg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lljJ0FZBQlnYPh2gNQq2.jpeg"/></item></channel></rss>