<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ पद्म विभूषण]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/pdm-vibhuussnn</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/pdm-vibhuussnn" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 30 Apr 2024 12:25:38 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[सोनल मानसिंह: भारतीय नृत्य की अद्वितीय प्रतिभा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/sonal-mansingh-is-the-evergreen-talent-of-indian-classical-dance-4526095</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Z6oPUrXCeVMX9yjysUaW.png"><p style="text-align: justify;">भारत और नृत्य का संबंध अत्यंत प्राचीन और गहरा है. हमारी सांस्कृतिक परंपरा में नृत्य का एक विशेष स्थान है, यह हमारे त्योहारों, धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक उत्सवों का एक खास हिस्सा है. यह हमारे देश, यहां की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और मिथकों को संजोये हुए है और हमारी संस्कृति के सबसे सशक्त माध्यमों में से एक है.</p>
<p style="text-align: justify;">नृत्य जगत (Indian Classical Dance) में सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने इस कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. उनका नाम <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/india-sets-guinness-world-record-in-kathak-dance-at-khajuraho-with-1484-performers-4025103">भारतीय नृत्य कला</a> में तो मशहूर है ही, साथ ही विश्व स्तर पर भी उनकी प्रतिभा का लोहा माना जाता है. सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) की कहानी सिर्फ उनके नृत्य की बात नहीं करती है बल्कि उनके जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों की भी गवाही देती है.</p>
<h2 style="text-align: justify;">बचपन से ही नृत्य था लक्ष्य</h2>
<p style="text-align: justify;">सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) को बचपन से ही नृत्य में गहरी रुचि थी. महज़ 7 साल की उम्र में उन्होंने नृत्य कला को अपना लिया था. उन्होंने कथक और भरतनाट्यम में फॉर्मल ट्रेनिंग लेनी शुरू की. सोनल जल्द ही दोनों नृत्य शैलियों में अपनी गहरी समझ और कौशल के लिए जानी जाने लगीं. उनकी अदाएं और अंदाज़ लोगों का मन मोह लेते थे.</p>
<p style="text-align: justify;">वह बताती हैं कि कैसे जब उन्होंने नृत्य को अपना करियर चुना तो उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. उन्हें उनके परिवार से नृत्य के लिए हमेशा प्रोत्साहन मिला पर करियर के लिए घरवालों ने हमेशा उन्हें एक Lawyer की तरह देखा और नृत्य को केवल एक hobby या side interest के तौर पर.</p>
<p style="text-align: justify;">क्यूंकि सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) के दादा भी पेशे से एक वकील और भारत के पहले पांच गवर्नर्स में एक रहे हैं, उनके लिए अपने मन का करियर चुनना चुनौतीपूर्ण था, पर कहते है ना "जहां चाह वहां राह", उन्होंने उन चुनौतियों का डट कर सामना किया और शायद इसी का नतीजा है कि वह हर महिला के जीवन में चल रहे संघर्षों को भली भांति समझती हैं और मदद करतीं हैं.&nbsp;</p>
<h2 style="text-align: justify;">जब डॉक्टर ने कहा "नहीं कर सकेंगी नृत्य"</h2>
<p style="text-align: justify;">सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) को जीवन में कई लड़ाइयां लड़नी पड़ी हैं. उनके करियर के शुरुआती दौर में ही उन्हें एक ऐसे accident का सामना करना पड़ा जिससे रिकवरी लगभग नामुमकिन थी. डॉक्टर ने तो यह तक बोल दिया था कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने में भी दो साल तक लग जाएंगे पर वह नृत्य नहीं कर पाएंगी. लेकिन सोनल ने कभी हार नहीं मानी.</p>
<p style="text-align: justify;">मोंट्रियल के एक काइरोप्रेक्टर ने उनका फ्री में इलाज किया और बिना किसी सर्जरी के 11 महीनों में उन्हें नृत्य के मंच पर उतरने में मदद की. सोनल ने दिल्ली के Ashoka Palace में उस दिन अपनी पहली भरतनाट्यम परफॉरमेंस (Bharatnatyam Dance Performance) दी जो कि ढाई घंटे तक चली. उनकी इसी लगन और समर्पण ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई.</p>
<h2 style="text-align: justify;">राष्ट्रपति द्वारा नॉमिनेट हुईं राज्य सभा के लिए</h2>
<p style="text-align: justify;">सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) ने केवल नृत्य कला में ही नहीं, बल्कि समाज सेवा में भी अपनी एक विशेष पहचान बनाई है. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न पहल की हैं जिससे समाज में उनकी स्थिति में सुधार हो सके. उनकी यह कोशिशें उन्हें केवल एक कलाकार से ज्यादा, एक समाज सुधारक के रूप में स्थापित करती हैं.<br>उनकी इसी कड़ी लगन का फल था कि राष्ट्रपति ने उनका नाम राज्य सभा के लिए नॉमिनेट किया.</p>
<p style="text-align: justify;">सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) की कलात्मक यात्रा और समाज के प्रति उनकी सेवा को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है. उन्हें भारत सरकार द्वारा 'पद्म भूषण' (Padma Bhushan 1992) और 'पद्म विभूषण' (Padma Vibhushan 2003) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जो उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों का प्रमाण हैं.&nbsp;सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) को कला और समाज की तरफ दिए गए योगदान के लिए 2019 में भारत सरकार द्वारा Lifetime Achievement Award से भी सम्मानित किया गया है.</p>
<p><img alt="Sonal Mansingh receiving Padma Vibhushan from President APJ Abdul Kalam" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/600x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/l2zWqHS4ODVl4GPktbt8.jpg" style="width: 600px;" class="center"></p>
<p class="center"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits - Rediff</em></span></p>
<p style="text-align: justify;">सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) का जीवन और करियर युवा कलाकारों के लिए एक प्रेरणा है. उनकी कठिनाइयों और उपलब्धियों की कहानी इस बात की साक्षी है कि सच्ची लगन और समर्पण से कोई भी चुनौती पार की जा सकती है. सोनल मानसिंह (Sonal Mansingh) ने ना केवल <a href="https://ravivarvichar.in/photovideo/7000-kudumbashree-women-set-world-record-by-performing-mega-thiruvathira-dance-at-thrissur">भारतीय नृत्य कला</a> को विश्व मंच पर पहुंचाया है, बल्कि एक सामाजिक प्रेरक के रूप में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उनका जीवन हमें यह दर्शाता है कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की भावनाओं, संघर्षों और आकांक्षाओं का भी प्रतिबिंब है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विधि जैन</dc:creator><pubDate>Tue, 30 Apr 2024 12:25:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/sonal-mansingh-is-the-evergreen-talent-of-indian-classical-dance-4526095]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Z6oPUrXCeVMX9yjysUaW.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Z6oPUrXCeVMX9yjysUaW.png"/></item><item><title><![CDATA[महाश्वेता देवी : समाज का साहित्य लिखती मां ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/remembering-mahasweta-devi-the-feminist-icon-on-her-death-anniversary</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GDfdy8vkT1mvjAcCgq8e.jpg"><p>कुछ लोगों को आंदोलन करने के लिए मशालों की नहीं, सिर्फ कलम की ज़रुरत होती है. महाश्वेता देवी (<span>Mahasweta Devi</span>) भी भारतीय साहित्य (Indian literature) में ऐसे ही लेखकों की सूची में जगह बनाती हैं. बंगाली फिक्शन राइटर. सामाजिक कार्यकर्ता. आदिवासी समुदाय की आवाज़. फेमिनिस्ट. महाश्वेता देवी ने सभी टाइटल जिये (Fiction writer, voice of the subaltern, feminist Mahaswets Devi). उनके लेख में ज़मीनी हक़ीक़त दिखाई देती. पर्यावरण का शोषण, मेहनतकश गरीबों का संघर्ष, पश्चिम बंगाल और बिहार के भूमिहीन और छोटे किसानों, बंधुआ मज़दूरों की परेशानियां, पितृसत्ता से दबी <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/female-characters-of-guru-dutt">महिलाओं</a> की चुनौतियां उनके लेखों में जगह पाते.&nbsp;</p>
<h2>महाश्वेता देवी को किया गया पद्म विभूषण और बंग विभूषण से सम्मानित&nbsp;</h2>
<p>संहिचारी, मैरी ओरांव, रुदाली, छोटी मुंडा, दोपदी मेजेन जैसे कई ऐतिहासिक किरदारों की रचनाकार देवी ने बंगाली लेखन के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार, पत्रकारिता के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्म विभूषण और बंग विभूषण से सम्मानित किया गया. उनके उपन्यास 'हजार चुराशिर मां' में परिवारों पर राजनीतिक हिंसा को दिखाया गया, 'अरण्येर अधिकार' में उन्होंने जमींदारों और राज्य द्वारा शोषण और विस्थापन का सामना करने वाले आदिवासी समुदायों की दुर्दशा पर बात की.</p>
<h3>महिलाओं के सशक्तिकरण की लड़ाई की कहानियां लिखी</h3>
<p><a href="https://feminisminindia.com/2021/01/14/remembering-mahasweta-devi-the-social-activist-on-her-birth-anniversary/">महाश्वेता देवी</a> की लघु कहानी 'द्रौपदी' ने सुरक्षा बलों द्वारा यौन हिंसा और यातना का शिकार आदिवासी <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/leila-seth-the-mother-of-a-suitable-boys-writer-vikram-seth-accepted-his-sons-sexuality-of-being-a-gay-and-supported-him-throughout">महिलाओं</a> के दुखद अनुभवों को दर्शाया. 'चोट्टी मुंडा और उसका तीर' और 'बशाई टुडू' जैसी उनकी कहानियों ने उत्पीड़न और सामाजिक अन्याय के खिलाफ अपने लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले आदिवासी नेताओं की हिम्मत को दिखाया. कलेक्शन 'ब्रेस्ट स्टोरीज़' के ज़रिये, उन्होंने अलग-अलग परिवेश से आने वाली महिलाओं के <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/steven-spielberg-e-t-the-xtra-terrestrial-based-on-satyajit-ray-script-claims-shama-zaidi">सशक्तिकरण</a> की लड़ाई की कहानियां लिखी.</p>
<h3>लेख के ज़रिये महिलाओं और वंचित समुदायों के न्याय और समानता की वकालत की&nbsp;</h3>
<p>महाश्वेता देवी की साहित्यिक कला ने उन्हें <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/we-need-a-feminist-response-to-end-child-labour">फेमिनिस्ट</a> आइकॉन (feminist icon) बना दिया. उन्होंने निडरता से उन लोगों की आवाज़ बुलंद की, जिन्हें अक्सर अनसुना कर दिया जाता है. महिलाओं और वंचित समुदायों के न्याय और समानता की वकालत करने के लिए अपनी कलम का इस्तेमाल किया. उनकी साहित्यिक विरासत समाज को अपने अन्यायों पर विचार करने और इन्क्लूसिव और खुशहाल दुनिया बनाने के लिए प्रेरित करती है.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Fri, 28 Jul 2023 11:15:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/remembering-mahasweta-devi-the-feminist-icon-on-her-death-anniversary]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GDfdy8vkT1mvjAcCgq8e.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GDfdy8vkT1mvjAcCgq8e.jpg"/></item></channel></rss>