<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ पेमा खांडू]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/pemaa-khaandduu</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/pemaa-khaandduu" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 13 Jun 2023 17:33:22 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[SHG महिलाओं के लिए इ-वाहन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/arunachal-pradesh-government-provides-e-vehicles-to-shg-women-for-wending-purposes</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LmHLpHT3e56RQLXxUzP7.jpg"><p dir="ltr">&nbsp;फॉसिल फ्यूल्स का इस्तेमाल जिस तरह से दुनिया में तेजी से बढ़ता रहा है, सरकार इसे नियंत्रण में लाने के लिए बहुत से कदम उठा रही है. समस्या इनके इस्तेमाल पर नियंत्रण ही नहीं, बल्कि, इनसे फैलने वाले प्रदुषण को खत्म करना भी है. भारत में प्रदुषण स्तर आए दिन बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यह एक बड़ी परेशानी बन चुकी है. एक मात्र इलाज है, इ-विहिकल्स (e-Vehicles). यह गाड़ियां बैटरी से चलती है, और बिलकुल भी प्रदुषण नहीं फैलाती. सरकार इ-विहिकल्स को बढ़ावा देने का पूरा प्रयास कर रही है. देश में इनका इस्तेमाल भी बढ़ता जा रहा है.</p><p dir="ltr">इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए, <strong>अरुणाचल प्रदेश सरकार</strong> ने फास्ट फूड और सब्जियों की बिक्री के लिए <strong>ई-वाहन</strong> चलाने का फैसला किया है.इन वाहनों को चलाने की ज़िम्मेदारी <strong>पंचायती राज विभाग</strong> के नोडल अधिकारी <strong>ओबांग मिंकी</strong> द्वारा <strong>नामसाई जिले</strong> के सबसे अच्छे प्रदर्शन वाले स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सौंपे गए. Self help group का चयन चोंगखाम, नामसाई के ASRLM BMMU के माध्यम से किया गया है. <strong>अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री</strong> पेमा खांडू ने अपने ट्विटर हैंडल से जिले को बधाई दी और कहा- "<em>मुझे खुशी है कि पंचायती राज विभाग ने नमसाई जिले के चोंगखम में अरुणाचल राज्य आजीविका मिशन कार्यक्रम के माध्यम से सबसे अच्छे प्रदर्शन वाले Self help groups को फास्ट फूड और सब्जी वेंडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ई-वाहन सौंपे हैं.</em>" SHG महिलाओं के लिए यह बहुत बड़ी पहल साबित होगी. महिलाएं इस कदम से स्वावलम्बी बनेंगी और अपनी ज़न्दगी को बेहतर करने की ओर बढ़ेंगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 13 Jun 2023 17:33:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/arunachal-pradesh-government-provides-e-vehicles-to-shg-women-for-wending-purposes]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LmHLpHT3e56RQLXxUzP7.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/LmHLpHT3e56RQLXxUzP7.jpg"/></item><item><title><![CDATA[कर्नल पोनुंग डोमिंग बनी बॉर्डर की 'रियल हीरो' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/ponung-doming-becomes-the-first-women-colonel-of-arunachal-pradesh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/do7UdVVesTTjMs7sRxet.jpg"><p dir="ltr">सरहद पर अपनी जान गावाने के लिए हमेशा तैयार रहते है वो, जो अपनी ज़िन्दगी देश के नाम कर चुके है. देश पर ज़िन्दगी न्यौछावर कर देने के सम्मान से बढ़कर और कुछ हो ही नहीं सकता. इसी गर्व को अपना बनाने के लिए <strong>पोनुंग डोमिंग</strong> <strong>अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला बन चुकीं है जो कर्नल (Colonel) की पोस्ट</strong> संभालेंगी. कर्नल डोमिंग, जो 'कॉर्प्स ऑफ़ इंजीनेजर्स' के साथ हैं, लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश में लेह सेक्टर के 'बॉर्डर रोड टास्क फाॅर्स' (BRTF) की कमान संभालेंगी. </p>
<p dir="ltr">पोनुंग डोमिंग अरुणाचली महिलाओं के लिए सच में एक प्रेरणा बन चुकीं है. इनका जन्म अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट में हुआ. उन्होंने इलाहाबाद में अपनी <strong>सर्विस सिलेक्शन बोर्ड एक्ज़ाम</strong> को टॉप किया और 2008 में भारतीय सेना में शामिल हुईं. 13 साल तक भारतीय सेना में सेवा करने के बाद, उन्होंने कॉन्गो में भारत की International United Nations Peacekeeping Force का एक ज़रूरी हिस्सा रहीं, और अब <strong>लेफ्टिनेंट कर्नल</strong> के रूप में नियुक्त होने वाली पहली अरुणाचल महिला हैं. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने ट्विटर पर खबर साझा की और लिखा- "<em>हम सभी के लिए एक यह गर्व का क्षण मेजर पोनुंग डोमिंग ने इतिहास रचा. वह अरुणाचल की पहली महिला (SIC) सेना अधिकारी हैं जिन्हें इस पद पर पदोन्नत किया गया है.</em> <em>इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं!</em>"</p>
<p dir="ltr">अपनी यात्रा और अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए, लेफ्टिनेंट कर्नल ने बताया- “<em>हमारे अरुणाचल प्रदेश के युवाओं को मई कहना चाहूंगी कि, बड़े सपने देखें और उन्हें हासिल करने का साहस रखें.</em>" पोनुंग डोमिंग ने आज पुरे देश की महिलाओं का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. उन्होंने साबित कर दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए महिला अगर ठान ले, तो उसके लिए  कुछ भी नामुमकिन नहीं है. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 02 Jun 2023 15:25:46 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/ponung-doming-becomes-the-first-women-colonel-of-arunachal-pradesh]]></guid><category><![CDATA[हम में है हीरो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/do7UdVVesTTjMs7sRxet.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/do7UdVVesTTjMs7sRxet.jpg"/></item><item><title><![CDATA[अरुणाचल के आंचल में आगे बढ़ते SHG ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/arunachal-shgs-take-the-lead-of-vibrant-village-programme</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg"><p dir="ltr"><iframe style="width: 1040px; height: 583px;" src="https://www.youtube.com/embed/wmc0-RWDyKw" width="1040" height="583" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p dir="ltr">भारत में सूरज की पहली किरण पड़ती है अरुणाचल प्रदेश में. भगवान परशुराम ने उगते सूरज की धरती को 'अरुणाचल' नाम दिया है. यहीं पर है भारत का पहला गाँव 'किबिथू'. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किबिथू में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की शुरुआत करी. भारत सरकार 2022 से 2026 तक 4,800 करोड़ रुपये के केंद्रीय एलोकेशन के साथ ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (वीवीपी) को मंजूरी दी है. जिसमें 2,500 करोड़ रुपये विशेष रूप से सड़क संपर्क के लिए दिए गए है. 'वाइब्रेंट विलेज योजना' में यह प्रावधान किया गया है कि नल से जल, बिजली, रसोई गैस, वित्तीय समावेश, डिजिटल और भौतिक संपर्क और रोजगार के अवसर दूर-दराज के सीमावर्ती गांवों में उपलब्ध होंगे.  </p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री अमित शाह ने अपने इस दौरे में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अरुणाचल प्रदेश की महिलाओं से बातचीत की. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने पारम्परिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई. इसका अवलोकन अमित शाह ने किया और साथ ही उनके बनाये उत्पादों और प्रयासों की सराहना करी. उन्होंने भाषण के पहले इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं के रोज़गार पर बात करी. साथ ही उन्होंने कहा की भारत के पहले गाँव में SHG प्रयास सराहनीय है.</p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री ने कहा- "पेमा खांडू जी के नेतृत्व में मैंने यहाँ 6600 स्वयं सदाहयता समूहों का काम देखा. इन SHG को तैयार करने के बाद 53,000 से ज़्यादा महिलाओं को रोजगार मिला." अमित शाह ने गांव की इन महिलाओं की उपलब्धि को देखकर ख़ुशी जताई और कहा- "यह बहुत बड़ी बात है उन महिलाओं के लिए, जो इन छोटे गाँव में रहकर सशक्त हो रही है. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इन महिलाओं को अपना हुनर और काबिलियत दिखाने के लिए मार्किट और रोजगार मिल रहा है. मैं इस उपलब्धि के लिए पेमा खांडू जी को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूँ."</p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री के शब्दों और पूर्वोत्तर राज्यों में SHG की प्रगति से यह साबित होता है की स्वयं सहायता समूह के दम पर आर्थिक और सामाजिक आज़ादी की लहर अब देश के हर कोने में पहुंच गयी है.  इसे एक आर्थिक क्रांति बनाने में ज़रुरत है तो बस सरकार के साथ की और प्रोत्साहन की. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 12 Apr 2023 12:03:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/arunachal-shgs-take-the-lead-of-vibrant-village-programme]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg"/></item><item><title><![CDATA[अरुणाचल के आंचल में SHG ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shgs-in-arunachal-creating-livelihoods</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg"><p dir="ltr">भारत में सूरज की पहली किरण पड़ती है अरुणाचल प्रदेश में. भगवान परशुराम ने उगते सूरज की धरती को 'अरुणाचल' नाम दिया है. यहीं पर है भारत का पहला गाँव 'किबिथू'. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किबिथू में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की शुरुआत करी. भारत सरकार 2022 से 2026 तक 4,800 करोड़ रुपये के केंद्रीय एलोकेशन के साथ ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (वीवीपी) को मंजूरी दी है. जिसमें 2,500 करोड़ रुपये विशेष रूप से सड़क संपर्क के लिए दिए गए है. 'वाइब्रेंट विलेज योजना' में यह प्रावधान किया गया है कि नल से जल, बिजली, रसोई गैस, वित्तीय समावेश, डिजिटल और भौतिक संपर्क और रोजगार के अवसर दूर-दराज के सीमावर्ती गांवों में उपलब्ध होंगे.  </p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री अमित शाह ने अपने इस दौरे में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अरुणाचल प्रदेश की महिलाओं से बातचीत की. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने पारम्परिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई. इसका अवलोकन अमित शाह ने किया और साथ ही उनके बनाये उत्पादों और प्रयासों की सराहना करी. उन्होंने भाषण के पहले इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिलाओं के रोज़गार पर बात करी. साथ ही उन्होंने कहा की भारत के पहले गाँव में SHG प्रयास सराहनीय है.</p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री ने कहा- "पेमा खांडू जी के नेतृत्व में मैंने यहाँ 6600 स्वयं सदाहयता समूहों का काम देखा. इन SHG को तैयार करने के बाद 53,000 से ज़्यादा महिलाओं को रोजगार मिला." अमित शाह ने गांव की इन महिलाओं की उपलब्धि को देखकर ख़ुशी जताई और कहा- "यह बहुत बड़ी बात है उन महिलाओं के लिए, जो इन छोटे गाँव में रहकर सशक्त हो रही है. स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इन महिलाओं को अपना हुनर और काबिलियत दिखाने के लिए मार्किट और रोजगार मिल रहा है. मैं इस उपलब्धि के लिए पेमा खांडू जी को दिल से धन्यवाद देना चाहता हूँ."</p>
<p dir="ltr">गृहमंत्री के शब्दों और पूर्वोत्तर राज्यों में SHG की प्रगति से यह साबित होता है की स्वयं सहायता समूह के दम पर आर्थिक और सामाजिक आज़ादी की लहर अब देश के हर कोने में पहुंच गयी है.  इसे एक आर्थिक क्रांति बनाने में ज़रुरत है तो बस सरकार के साथ की और प्रोत्साहन की. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 11 Apr 2023 16:06:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shgs-in-arunachal-creating-livelihoods]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/OEAG1lLGTg0uAPugzgT2.jpg"/></item></channel></rss>