<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ प्रधानमंत्री मोदी]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/prdhaanmntrii-modii</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/prdhaanmntrii-modii" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Mon, 11 Mar 2024 17:42:36 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA["तीसरा कार्यकाल महिला सशक्तीकरण का नया अध्याय लिखेगा": PM Modi ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/my-third-term-will-write-a-new-chapter-in-rise-of-women-power-says-prime-minister-narendra-modi-4324432</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nln3C1GklAbzbLMZ8TS2.webp"><p style="text-align: justify;"><span>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मार्च 2024 को सशक्त नारी-विकसित भारत कार्यक्रम में भाग लिया. देश भर के 10 अलग-अलग जगहों से नमो ड्रोन दीदियों ने एक साथ ड्रोन उड़ान का प्रदर्शन वर्चुअल तौर पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष किया. इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने 1000 नमो ड्रोन दीदियों को ड्रोन भी सौंपे. नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी पहल, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है.</span></p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>नमो ड्रोन दीदी बनाएगा महिलाओं को सशक्त</span></h2>
<p style="text-align: justify;"><span>'नमो ड्रोन दीदी' कार्यक्रम से<strong> 15,000 स्वयं सहायता समूहों</strong> को जोड़े जाने का लक्ष्य है. इन समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे और सरकार का लक्ष्य 'नमो ड्रोन दीदी' के माध्यम से गांवों की महिलाओं को सम्मान का हकदार बनाना है. इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को ड्रोन पायलट बनने का प्रशिक्षण भी मिलेगा. स्वयं सहायता समूहों की इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम के जरिए ड्रोन कार्यक्रम इन्हें सशक्त बनाएगा. इस योजना से महिलाओं को आय के नए अवसर भी मिलेंगे. इस पहल का लक्ष्य 15,000 महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (SHG) को फसल की निगरानी, उर्वरक छिड़काव और बीज बोने जैसे कार्यों में सहायता के लिए कृषि ड्रोन से लैस करना है.</span><span></span><span></span></p>
<p style="text-align: justify;"><span>यह इभी पढ़े- <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/women-and-child-development-ministry-haas-initiated-poshan-pakhwada-2024-which-is-starting-from-today-till-23rd-march-2024-4318777">Poshan Pakhwada 2024 की शुरुआत</a></span></p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>DAY-NRLM बैंक लिंकेज की कामयाबी</span></h2>
<p style="text-align: justify;"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने उन लखपति दीदियों को भी सम्मानित किया, जिन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के सहयोग से लखपति बनने की सफलता हासिल की.बजट 2024-25 में लखपति दीदी का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का फैसला किया गया. आज नौ करोड़ महिलाओं के साथ 83 लाख एसएचजी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के साथ ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे है, &nbsp;उनकी सफलता ने लगभग एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनने में मदद की है.</span></p>
<p style="text-align: justify;"><span>यह भी पढ़े- <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/nrlm-and-patanjali-university-in-jammu-has-held-a-workshop-for-making-the-women-understand-about-the-lokos-app-and-work-towards-the-digitalization-of-self-help-groups-4265079">SHGs के लिए NRLM का LokOS app</a></span></p>
<p style="text-align: justify;"><span>पीएम मोदी ने प्रत्येक जिले में बैंकों द्वारा स्थापित बैंक लिंकेज शिविरों के माध्यम से रियायती ब्याज दरों पर स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को लगभग 8,000 करोड़ रुपये का बैंक ऋण भी वितरित किया. उन्होंने एसएचजी को पूंजीकरण सहायता निधि में लगभग 2,000 करोड़ रुपये भी वितरित किए. ये ऋण बैंकों की ओर से प्रत्&zwj;येक जिले में बनाए गए बैंक संपर्क शिविरों के माध्&zwj;यम से दिए जा रहे है.</span></p>
<h2 style="text-align: justify;"><span>ड्रोन दीदी कमाई के अवसर</span></h2>
<p style="text-align: justify;"><span>इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सशक्त नारी-विकसित भारत कार्यक्रम को महिला सशक्तिकरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बताया.&nbsp;</span></p>
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<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा, "<em>आज मुझे 1000 ड्रोन को दीदियों को सौंपने का अवसर मिला है. देशभर की एक करोड़ महिलाओं ने लखपति दीदी बन कर दिखाया है और अब यह देश के नौजवानों के लिए भी प्रेरणा बन गई है. गांव में रहने वाली महिला हर महीने 60 से 70 हजार रुपए कमा रही है. यह देखकर मेरा विश्वास अपने आप बढ़ जाता है.</em>"</p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;"><span>३ करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य</span></h2>
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<p style="text-align: justify;"><span>PM Modi ने कहा कि "<em>मैंने फैसला लिया है कि अब 3 करोड़ लखपति दीदी के आंकड़े को पार करना है. इसी उद्देश्य से आज 10 हजार करोड़ की राशि भी इन्हीं दीदियों के खाते में ट्रांसफर की गई है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा. </em></span><span><em>पहले की सरकारों ने आपकी ज़रूरतें और आपकी आगे बढ़ने पर कभी विचार नहीं किया. मैंने महसूस किया कि हमारी माता-बहनों को अगर थोड़ा सा सहारा मिल जाए तो वह फिर किसी के सहारे मोहताज नहीं रहती है. वह दूसरों का सहारा बन जाती है, यह एहसास मुझे तब हुआ जब मैने पहली बार लाल किले से महिलाओं की समस्याओं पर बात की थी. मैं पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने ग्रामीण महिलाओं के लिए शौचालय और सेनेटरी पैड का विषय उठाया था. मैं पहला प्रधानमंत्री हूं जिसने कहा था कि जब महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती हैं तो 400 सिगरेट के बराबर का धुंआ अंदर लेती है.</em>"</span></p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;"><span>PM Modi की योजनाएं</span></h2>
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<p style="text-align: justify;"><span>PM Modi ने कहा "<em>जब-जब मैने लाल किले से महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी परेशानियों का विषय उठाया तो कांग्रेस जैसी पार्टी ने मेरा मजाक उड़ाया. मोदी की संवेदनाएं और मोदी की योजनाएं जमीन से जुड़े अनुभवों से निकली है. &nbsp;आज पहली सांस से लेकर अंतिम सांस तक के लिए कोई ना कोई योजना लेकर मोदी अपनी माता बहनों के लिए हाजिर हो जाता है. गर्भ में बेटी की हत्या ना हो, इसलिए हमने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान (Beti Bachao Beti Padhao) शुरू किया. हर गर्भवती को 6000 रुपए की आर्थिक मदद दी. जन्म के बाद बेटी को पढ़ाई में दिक्कत ना हो, इसीलिए सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samruddhi Yojna) शुरू की. बड़ी होकर बेटी काम करना चाहे तो आज उसके पास मुद्रा योजना का इतना बड़ा साधन है. प्रेगनेंसी लीव को भी बढ़ाकर हमने 26 हफ्ते कर दिया ताकि बेटी के करियर पर कोई बात ना आए.</em>"</span></p>
</blockquote>
<h2 style="text-align: justify;"><span>देश के SHG अध्ययन का विषय</span></h2>
<blockquote>
<p style="text-align: justify;"><span>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा "<em>आने वाले वर्षों में देश में ड्रोन तकनीक का विस्तार होने जा रहा है. देश में 'नमो ड्रोन दीदीयों' के लिए अनगिनत रास्ते खुलने वाले है. पिछले 10 सालों में देश में स्वयं सहायता समूहों &nbsp;(SHGs) का जिस प्रकार विस्तार हुआ है, वह अध्ययन का विषय है. भारत में स्वयं सहायता समूहों (SHG) ने महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है</em>."</span></p>
</blockquote>
<p style="text-align: justify;"><span>कभी जबरदस्ती घरों तक ही सीमित थीं, अब राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही है </span></p>
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<p style="text-align: justify;"><span>पीएम मोदी ने कहा, "<em>मुझे विश्वास है कि नारी शक्ति 21वीं सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने में सक्षम है. अंतरिक्ष क्षेत्र, आईटी क्षेत्र और विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएं बार-बार उपलब्धियां हासिल कर रही है. दुनिया में सबसे ज्यादा महिला कमर्शियल पायलट भारत में है. आने वाले वर्षों में ड्रोन के उपयोग की अपार संभावनाएं होंगी. जो महिलाएं ड्रोन पायलट बन रही है, उनका भविष्य संभावनाओं से भरा होगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण, गांवों में रहने वाली महिलाएं अब शहरों में अपने उत्पाद बेचने में सक्षम है.</em>"</span></p>
<p style="text-align: justify;"><span>उन्होंने कहा, "<em>महिलाएं, जिनकी आकांक्षाएं कभी जबरदस्ती घरों तक ही सीमित थीं, अब राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, हमारा तीसरा कार्यकाल महिला सशक्तीकरण पर एक नया अध्याय लिखेगा.</em>"</span></p>
</blockquote>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">शिवरंजिनी देवांगन</dc:creator><pubDate>Mon, 11 Mar 2024 17:42:36 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/my-third-term-will-write-a-new-chapter-in-rise-of-women-power-says-prime-minister-narendra-modi-4324432]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nln3C1GklAbzbLMZ8TS2.webp" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nln3C1GklAbzbLMZ8TS2.webp"/></item><item><title><![CDATA[महिलाएं बाँध रहीं पर्यावरण संरक्षण की डोर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/jaunpur-shg-females-making-ecofriendly-rakhis-from-pine-leaves</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tuEBqpiw3q5dl77ZnhnR.jpg"><h2 dir="ltr"><span><strong>जौनपुर की SHG महिलाएं बना रहीं इकोफ्रेंडली राखियां</strong></span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>अगस्त का महिना</strong> आते ही त्योहारों और उमंग की लहर बढ़ जाती है हर व्यक्ति में. <strong>रक्षाबंधन</strong> हो या <strong>सावन</strong>, महिलाओं के लिए अगस्त का पूरा महिना कुछ ना कुछ ख़ुशी लेकर आता है. ऐसे ही कुछ महिलाओं ने अपने रक्षाबंधन को और <a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/lady-tarzan-jamuna-tudu-rescuing-forests-of-jharkhand-with-her-rescue-army" rel="dofollow"><strong>नेचर फ्रेंडली</strong></a> और खुशहाल बनाने के लिए नए प्रकार की राखी बनाना शुरू की है. <strong><a href="https://ravivarvichar.in/khabar/prayagraj-shg-women-are-making-moong-products-which-are-in-high-demand" rel="dofollow">उत्तरप्रदेश</a> के जौनपुर ब्लॉक के टिकरी गांव में राधा रानी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं चीड़ की पत्तियों से ईको फ्रेंडली राखियां बना रही हैं, जिन्हे ग्राहक काफी पसंद कर रहे है. जो ग्राहकों को काफी पसंद आ रही हैं.</strong></span></p>
<h2 dir="ltr"><span><strong>वन विभाग दे रहा महिलाओं को ट्रेनिंग&nbsp;</strong></span><b></b></h2>
<p dir="ltr"><span>जंगलों के दुश्मन माने जाने वाले चीड़ के पत्तों को एकत्र कर उसके इस्तेमाल से न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, बल्कि जंगल में आग का खतरा भी कम हो रहा है. इससे महिलाओं को आमदनी बढ़ाने का मौका भी मिल गया है. <strong><a href="https://ravivarvichar.in/khabar/gujarat-shg-women-making-cocopeat-from-coconut-waste-with-the-help-of-forest-department-and-mahakali-temple-trust" rel="dofollow">वन विभाग</a> की ओर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन </strong>के तहत महिलाओं को चीड़ की पत्तियों से <strong>राखी समेत अन्य सामान बनाने का प्रशिक्षण</strong> दिया गया जा रहा है.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span>सोनम देवी, जो कि एक राखी मेकर है, बताती हैं- "<em>राखी बनाने के लिए हम चीड़ की पत्तियों के साथ रेशम के धागे का उपयोग कर रहे हैं. इसमें प्लास्टिक या उससे जुड़ी किसी भी तरह की सामग्री नहीं लगाई जा रही है, इसलिए यह पूरी तरह ईको फ्रेंडली राखी है.</em>"</span><b></b></p>
<h2 dir="ltr"><span>चीड़ की पत्तियों से बनाती है कई उत्पाद</span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन</strong> के <strong>ब्लॉक मैनेजर दीपक बहुगुणा </strong>बताते हैं- "<em>प्रधानमंत्री मोदी के वोकल फॉर लोकल योजना को प्रोत्साहित करने की दिशा में इस योजना का संचालन किया जा रहा है. इसके साथ ही महिलाओं को लगातार पत्ती से आवश्यक सामग्री बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.</em>" रक्षाबंधन का त्योहार करीब होने के कारण इन दिनों महिलाएं राखियां बनाने में जुटी हैं. हालांकि अन्य दिनों में वे <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-from-himachal-pradesh-earns-by-making-handicraft-with-pine-leaves">चीड़ की पत्तियों</a><strong>&nbsp;से टोकरी, मोबाइल स्टैंड, पेन स्टैंड, गुलदान </strong>आदि भी बनाती हैं. यह महिलाएं राखियां बनाकर अपने लिए जीविका का स्त्रोत तैयार कर रहीं है. सरकार को इन महिलाओं के बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए और भी प्रयास करते रहने चाहिए. उत्तरप्रदेश के साथ बाकी प्रदेशों की महिलाओं को भी इस राखी के सीज़न में अपना बिज़नेस तैयार कर स्वावलंबी बनाने के तरफ कदम बढ़ाने चाहिए.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 10 Aug 2023 17:08:08 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/jaunpur-shg-females-making-ecofriendly-rakhis-from-pine-leaves]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tuEBqpiw3q5dl77ZnhnR.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tuEBqpiw3q5dl77ZnhnR.jpg"/></item><item><title><![CDATA[शहडोल में प्रधानमंत्री मोदी की खाट पंचायत ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/pm-narendra-modi-meets-shg-women-in-shahdol-mp</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg"><p><iframe width="754" height="423" src="https://www.youtube.com/embed/cRVa1nWe9F0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p><span>सिकल सेल बीमारी से निपटने की मुहिम को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहडोल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए. सिकल सेल एनीमिया एबॉलिशन मिशन लॉन्च करने के बाद पकरिया गांव में खाट पंचायत को संबोधित किया. आम के बागीचा में देसी अंदाज की इस चौपाल में प्रधानमंत्री, स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं, जनजातीय समुदाय के लोगों, लखपति दीदीयों, आदिवासियों, PESA समितियों के नेताओं और युवा फुटबॉल खिलाड़ियों से मिले.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sun, 09 Jul 2023 11:45:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/pm-narendra-modi-meets-shg-women-in-shahdol-mp]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/oymw3Tl7KEoZymkUvrEb.jpg"/></item><item><title><![CDATA[2025 तक 'टीबी फ्री इंडिया' का लिया संकल्प ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-attends-the-one-world-tb-summit</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AoKZ4GhVhjRKDWmIqeOP.jpg"><p dir="ltr">कुछ साल पहले तक टीबी का नाम सुनते ही लगता था मानों ज़िंदगी ख़त्म. अब मेडिकल साइंस की तरक्की की बदौलत आज हालात बेहतर है पर अभी भी हम भारत को टीबी मुक्त नहीं करा पाए. दुनिया के लगभग एक-चौथाई टीबी मरीज़ भारत में हैं जिनकी संख्या करीब 27 लाख है. गरीबी और कुपोषण टीबी के दो बड़े कारण हैं. आर्थिक रूप से कमज़ोर आबादी में यह बीमारी आम है. भारत सरकार ने टीबी से निपटने के लिए संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (RNTCP) और तपेदिक उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय सामरिक योजना (NSP) सहित कई पहलें शुरू की.</p><p dir="ltr">टीबी की जागरूकता फैलाने और मरीज़ों तक स्वस्थ्य सेवाओं पहुंचने में गैर सरकारी संस्थाओं और स्वसहायता समूह (SHG) ने बड़ा योगदान दिया. SHG सदस्यों को टीबी जागरूकता, मरीज़ का पता लगाने और उपचार के पालन को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रूप में NRLM ने ट्रेनिंग दी. इन महिलाओं ने घर-घर जाकर मरीज़ों को समय पर उपचार देने में मदद की. भारत में टीबी नियंत्रण को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है, जिसमें निदान और उपचार तक बेहतर पहुंच, टीबी के सामाजिक निर्धारकों को संबोधित करना और टीबी नियंत्रण प्रयासों में SHG जैसे समुदाय आधारित संगठनों को शामिल करना शामिल है.</p><p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/ixc412bT6H7LR0QCzSq1.jpg" alt="One world TB Summit" data-mce-src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/ixc412bT6H7LR0QCzSq1.jpg"></p><p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;" data-mce-style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Narendra Modi (Youtube Account)&nbsp;</em></span></p><p dir="ltr">टीबी पर पूर्ण विराम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व टुबरक्लोसिस दिवस पर 'वन वर्ल्ड टीबी समिट' को संबोधित किया. इस समिट में 30 से अधिक देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस समिट को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) और स्टॉप टीबी पार्टनरशिप ने काशी में आयोजित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने टीबी-मुक्त पंचायत की पहल को हरी झंडी दिखाई जिसमे गांव के प्रतिनिधि संकल्प लेंगे कि उनकी पंचायत में कोई टीबी का मरीज़ न हो. प्रधानमंत्री ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया. जबकि टीबी फ्री होने का ग्लोबल टारगेट 2030 है.&nbsp;</p><p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/2Qd3wzS90tuL9MctKAIc.JPG" alt="One World TB Summit" data-mce-src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/2Qd3wzS90tuL9MctKAIc.JPG"></p><p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;" data-mce-style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Narendra Modi (Youtube Account)&nbsp;</em></span></p><p dir="ltr">अभी तक 75 हज़ार मरीज़ों के बैंक खातों में 2 हज़ार करोड़&nbsp; रुपयों की सहायता पहुंच चुकी है. टीबी से लड़ने के लिए भारत ने मरीज़ों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा, लैब्स की संख्या बढ़ाई, नई ट्रीटमेंट प्रणाली बनाई जिसमे 6 की जगह 3 महीने का ट्रीटमेंट दिया जायेगा और हफ्ते में बस 1 बार दवा लेनी होगी और साथ ही निक्षय पोर्टल बनाया. टीबी के खिलाफ ऐसा मॉडल बनाने वाला भारत पहला देश बना. कर्नाटक और जम्मू कश्मीर को टीबी फ्री अवार्ड से सम्मानित किया गया. ये टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नया मॉडल है. पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि भारत हमेशा ग्लोबल गुड के लिए कमिटेड है और कहा, "Yes, we can end TB", " टीबी हारेगा, भारत जीतेगा"&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 24 Mar 2023 13:05:35 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-attends-the-one-world-tb-summit]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AoKZ4GhVhjRKDWmIqeOP.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/AoKZ4GhVhjRKDWmIqeOP.jpg"/></item><item><title><![CDATA[काशी विश्वनाथ का मिलेट से बना ‘श्री अन्न’ प्रसाद... ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-making-shri-anna-prasad-with-millets-at-kashi-vishwanath-mandir-varanasi</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZbpktqY3riiaRC8nOmNe.jpg"><div dir="auto">वाराणसी का अस्तित्व संसार में तब से है जब 'शहर' नाम तक नहीं था. संसार के सबसे प्राचीन शहरों में वाराणसी पहला रहा है. मां गंगा के तट पर स्थित इस शहर को आशीर्वाद मिला है बाबा भोलेनाथ का , जिसे हम सब काशी विश्वनाथ के रूप में पूजते है . द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा समाए श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करने हर कोई लालायित रहता है. हम सबके साथ आदि शंकराचार्य, सन्त एकनाथ, गोस्‍वामी तुलसीदास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर कोई काशी विश्वनाथ के दर्शन और प्रसाद की कामना रखता है. </div>
<div dir="auto"> </div>
<div dir="auto">भक्ति , महिमा , वैभव , आस्था , भव्यता , अध्यात्म,  विश्वास , सौहार्द का प्रतीक यह महातीर्थ आज अपने 'प्रसाद' के लिए सुर्ख़ियों में है. यहां भोलेनाथ को चढ़ाया जाने वाले महा प्रसाद की मान्यता सदियों से है जिसे आज पूरे मन , प्रेम और सात्विकता से SHG की महिलाएं बना रही हैं. पहले ये प्रसाद अलग-अलग जगहों से आया करता था, 2019 से ये ज़िम्मेदारी एक महिला स्वसहायता समूह को दे दी गई.  पहले कुछ किलो में बंटने वाला ये प्रसाद आज रोज़ाना 2 क्विंटल बंट रहा है और इसकी एक बड़ी वजह है काशी कॉरिडोर का निर्माण. प्रधानमंत्री मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट जब से हकीकत हुआ है , तब से श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच गई है.  काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के शिलान्यास के लोकार्पण के बाद से प्रसाद की मांग को पूरा करने के लिए, SHG महिलाएं शिफ्ट में काम करती हैं.  </div>
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<div dir="auto">पृथ्वी के अस्तित्व में आने के दौरान सूरज की पहली किरण काशी पर पड़ी थी. आज वही काशी महिलाओं के जीवन में उनकी आर्थिक आज़ादी का सपना सच कर उम्मीद की किरण बन गया है. इस में एक कदम आगे बढ़ते हुए इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट 2023 के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम में मोटे अनाज (मिलेट्स) से लड्डू का प्रसाद बनाया जायेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को G20 की अध्यक्षता मिलने के बाद से ही उन्होंने मिलेट क्रांति की तरफ कदम बढ़ाए और दुनिया का ध्यान इस सुपरफूड पर ले आए. उन्होंने मिलेट्स को 'श्रीअन्न' नाम देते हुए इसे अपनी थाली में शामिल करने की अपील की. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने बजट में इसे बढ़ावा देने के लिए अलग से प्रावधान किए. </div>
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<div dir="auto">बाजरा, गुड़, तिल, काजू, बादाम, शुद्ध घी और खोआ से श्रीअन्ना प्रसादम बनाया जायेगा. अभी प्रसाद के रूप में 100 व 200 ग्राम लड्डू के पैकेट बिक्री के लिए रखे जा रहे हैं. इसके बनने से लेकर पैकिंग तक की ज़िम्मेदारी SHG महिलाएं पूरी आस्था के साथ संभालती हैं. उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि उनका बनाया प्रसाद हर श्रद्धालु, चाहे वो आम आदमी हो या कोई जानीमानी हस्ती, सभी  ग्रहण करते हैं. काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री ने भी यही प्रसाद पूरी श्रद्धा से ग्रहण किया. </div>
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<div dir="auto">आस्था और महिला सशक्तिकरण के मेल का ये अनोखा दृश्य काशी विश्वनाथ में देखा गया. इस पहल से पोषण तत्वों से भरपूर मिलेट्स लोगों तक पहुंच रहा है और साथ ही महिलाओं के स्वसहायता समूहों को रोज़गार भी मिला. रविवार विचार का मानना है कि काशी विश्वनाथ की ये शुरुआत और धार्मिक स्थलों को भी अपनाना चाहिए ताकि महिलाओं की आर्थिक आज़ादी को बढ़ावा मिल सके.</div>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Tue, 07 Mar 2023 11:39:43 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-making-shri-anna-prasad-with-millets-at-kashi-vishwanath-mandir-varanasi]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZbpktqY3riiaRC8nOmNe.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ZbpktqY3riiaRC8nOmNe.jpg"/></item></channel></rss>