<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ रामायण]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/raamaaynn</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/raamaaynn" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Thu, 09 May 2024 16:10:37 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[Above Beauty: दक्षिण भारत की पावरहाउस actor Sai Pallavi ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/sai-pallavi-is-the-powerhouse-artist-of-the-south-indian-cinema-4549902</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/088yMcfCBQR4N38sHvhF.png"><p>साई पल्लवी (Sai Pallavi) का नाम दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक विशेष पहचान के साथ जुड़ा हुआ है. इन्होंने बिना किसी फिल्मी परिवार के संबंध के अपने लिए खुद एक अलग जगह बनाई है. साउथ फिल्म इंडस्ट्री (South Fim Industry (Tollywood &amp; Kollywood)) के अलावा बॉलीवुड (Bollywood) में भी&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/photovideo/lady-powerstar-sai-pallavi-breaks-beauty-standard">साई पल्लवी (Sai Pallavi)</a> की एक्टिंग के लोग कायल हैं. सोसाइटी द्वारा बनाए गए ब्यूटी स्टैंडर्ड्स (beauty standards) को तोड़कर, ग्लेमर की दुनिया में अपने नेचुरल लुक्स, एक्टिंग और डांसिंग से बहुत ही कम समय में जगह बनाने वाली actresses में से एक है साई पल्लवी (Sai Pallavi).</p>
<h2>Scrubs से Screen तक...</h2>
<p>साई पल्लवी (Sai Pallavi) की यात्रा फिल्मी पर्दे पर नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई थी. जॉर्जिया में अपनी मेडिसिन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने सभी को चौंकाते हुए डॉक्टरी का profession छोड़ दिया और अभिनय की दुनिया में कदम रखा. 2015 में मलयालम फिल्म "प्रेमम" (Premam) के साथ उनकी शुरुआत हुई, जो एक बड़ी हिट साबित हुई और साई को एक नेचुरल एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया.</p>
<p>इस फिल्म से अपना डेब्यू करते ही उन्हें फेम मिलना शुरू हो गया और वह रातों-रात एक सेलिब्रिटी बन गई. इस फिल्म के लिए साई पल्लवी (Sai Pallavi) को Best Actress Debut के लिए साउथ का Filmfare Award भी मिल चुका है. सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए Sai Pallavi अब <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/pretty-women-of-bollywood-preity-zinta-2409238">Bollywood</a> में भी कदम रखने जा रही हैं. नितीश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण (Ramayan by Nitish Tiwari) में <strong>मां सीता</strong> की भूमिका में दिखेंगी साई पल्लवी. उनके साथ <strong>श्री राम</strong> की भूमिका निभाते दिखेंगे रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor). फिल्म की शूटिंग के बीच सेट का एक फोटो भी हाल ही में वायरल हो रहा है जिसमें दोनों actors साथ नज़र आ रहे है. इस फोटो के सामने आने के बाद से ही fans मूवी के लिए और भी ज़्यादा बेसब्र है.</p>
<h2>रम जाती है किरदारों में</h2>
<p>साई पल्लवी (Sai Pallavi) की खासियत उनके किरदारों के प्रति समर्पण है. वह फिल्म चुनते वक़्त उसकी कहानी और किरदार को बेहद महत्व देती हैं. वह अधिकतर ग्लैमर की जगह सार्थक चरित्रों को प्राथमिकता देती हैं. उनकी इस commitment का परिणाम "फिदा" (तेलुगु), "मारी 2" (तमिल) और "एनजीके" (तमिल) जैसी फिल्मों में देखने को मिलता है, जिनके लिए उन्होनें खूब प्रशंसा बटोरी है.</p>
<p>साई अब तक करीब 15 फिल्मों में नज़र आ चुकी है, जिनमें से लगभग हर फिल्म सुपरहिट रही है. साई की एक्टिंग और डांसिंग को हर फिल्म में एक अलग लेवल पर देखा गया. कुछ ही फिल्मों में काम करने के बाद, आज उन्होंने अपनी पहचान एक बड़ी स्टार के रूप में बना ली है. वे अपने खुले मिज़ाज और बेबाक ढंग से अपने विचार रखने के लिए भी जानी जाती है. उनका मानना है कि हिंसा विवाद को हल करने का सही तरीका नहीं हो सकता. &nbsp;</p>
<h2>माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय को देखकर सीखा dance</h2>
<p>साई पल्लवी (Sai Pallavi) एक्ट्रेस होने के साथ बेहद अच्छी डांसर भी है. उन्होंने कभी भी डांस सीखने के लिए कोई professional training नहीं ली, लेकिन उनका dance देखकर कभी ऐसा नहीं लगता. एक इंटरव्यू में उन्होनें बताया कि वह टीवी पर <a href="https://ravivarvichar.in/photovideo/bollywood-actresses-dressed-as-barbie">माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय</a> को देख कर ही वह dance सीखीं हैं. वह एक डांस रियलिटी शो में भी contestant के तौर पर आ चुकी हैं.</p>
<p>उनकी एक्टिंग और डांस के अलावा, एक और बात काफी फेमस है पल्लवी के बारे में. ऐसा माना जाता है कि बिना मेकअप के फिल्म की शूटिंग हो ही नहीं सकती. पर पल्लवी ने इस नियम को चैलेंज किया और वे अपनी ज़्यादातर फिल्मों में बिना मेकअप के दिखाई देती है. कई फैंस को उन्हें इस बेबाक अंदाज़ के लिए बेहद पसंद किया.</p>
<p>सोशल मीडिया पर भी उनके बिना मेकअप (without makeup) वाले फोटोज और वीडियोज वायरल होते रहते हैं. नैचुरल ब्यूटी को पसंद करने वाली साई पल्ल्वी ने दो करोड़ का फेयरनेस क्रीम का एड करने से माना कर दिया था. साई का मानना है कि हर &nbsp;रंग ख़ूबसूरत है और नैचुरल ही बेहतर है.</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/one-of-the-leading-actresses-of-south-film-industry-amala-akkineni">South film industry की लीडिंग एक्ट्रेस- Amala Akkineni</a></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विधि जैन</dc:creator><pubDate>Thu, 09 May 2024 16:10:37 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/sai-pallavi-is-the-powerhouse-artist-of-the-south-indian-cinema-4549902]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/088yMcfCBQR4N38sHvhF.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/088yMcfCBQR4N38sHvhF.png"/></item><item><title><![CDATA[हुनर हिम्मत का हासिल...शेफाली ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/shefali-shah-being-the-lady-boss-and-one-of-the-best-actress-bollywood-ever-got</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Q5E8hBOjJ7sDUrP0oJ4h.jpg"><h2><span>द परफेक्शनिस्ट- शेफाली शाह</span></h2>
<p dir="ltr"><span>भारत के इतिहास के सबसे काळा दिनों में से एक था, दिल्ली का निभाया केस. कई फिल्में बनी, कई सीरीज सामने आई, लेकिन एक पोट्रेयल जिसका नाम हर इंसान की ज़बान पर रहता है वो है दिल्ली क्राइम का एक परफेक्ट क्रिएशन सीरीज़ की लिस्ट में इस शो का नाम हमेशा रहेगा. कारण बहुत से थे, जाहिर सी बात है. लेकिन इस सीरीज़ में की जान थी उसकी <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/political-women-potrayal-in-bolloywood-is-not-strong-and-dependent-on-the-male-dominated">लीड कैरेक्टर</a><strong> शेफाली शाह AKA वर्तिका चतुर्वेदी</strong>.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Shefali Shah Delhi Crime" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/541x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/bdN74VlvHqvWS3dsm2Uw.jpg" style="width: 541px;" class="center"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: First Post</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>एक परफ़ेक्शन की मिसाल और अपने हर रोल में जान डाल देती है यह एक्ट्रेस. इतने यूनीक रोल्स और क्रिएटिव रोल्स किये है शेफाली ने, की उन्हें अगर परफेक्शनिस्ट भी कहा जाए, तो गलत नहीं होगा. 29 सालों से <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/female-characters-of-guru-dutt">बॉलीवुड</a> को अपनी क्रिएटिविटी और परफेक्शन से भर रही है <strong>शेफाली शाह</strong>.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Shefali Shah doing Bharatnatyam dance" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/415x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/s0Zl9lwyn1SoiVDNK1Vy.jpg" style="width: 415px;" class="center"></span></p>
<p dir="ltr"><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Stars Unfolded</span></em></p>
<p dir="ltr"><span>एक सिंपल सी मिडिल क्लास फॅमिली में जन्मी शेफाली ने अपने हर टैलेंट को निखारा है. डांस हो नयी भाषाएँ हो या पढ़ाई हो, शेफाली ने किसी भी फील्ड को छोड़ा नहीं. <strong>भरतनाट्यम की कलाकार,</strong> एक सिंगर, एक आर्टिस्ट- तो बेसिकली शेफाली एक परफेक्शनिस्ट हुई. अपनी करियर की शुरुआत उन्होंने <a href="https://ravivarvichar.in/atram-shatram/a-very-happy-birthday-to-sushma-seth-for-her-amazingly-played-and-iconic-characters" rel="dofollow">थिएटर</a> से की, और ज़्यादा समय उसी में बिताया.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="shefali shah rangeela" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/524x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/KSoXOxDSCCKExUEZZmQy.jpg" class="center" style="width: 524px;"></span></p>
<p dir="ltr"><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Her Zindagi</span></em></p>
<p dir="ltr"><span>शेफाली शाह ने थिएटर करने के बाद टीवी में साल 1993 में ही कदम रख दिया था. उन्होंने '<strong>बनेगी अपनी बात</strong>' से छोटे पर्दे पर डेब्यू किया था. फिर 'आरोहण', 'पतझड़', 'कभी कभी', 'सी हॉक्स', 'राहें', 'रामायण' जैसे सीरियल्स किए. उन्होंने 1995 में आई फिल्म 'रंगीला' से उन्होंने डेब्यू किया. इसमें उन्होंने <strong>माला मल्होत्रा</strong> का रोल निभाया था, जो कि बहुत छोटा था. फिर <strong>1998 में शेफाली शाह</strong> ने राम गोपाल वर्मा की <strong>थ्रिलर फिल्म 'सत्या' </strong>में मनोज बाजपेयी की पत्नी का रोल निभाया. इनके किरादर की जमकर तारीफ हुई. उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस के लिए स्क्रीन अवॉर्ड भी मिला था. उन्होंने <strong>1999 में गुजराती फिल्म Dariya Chhoru </strong>की. इसे <strong>विपुल शाह</strong> ने बनाई थी. शेफाली को इसके लिए <strong><a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/vogue-arabia-did-a-mesmerizing-photoshoot-with-rekha-for-the-cover-page" rel="dofollow">बेस्ट एक्ट्रेस</a> का अवॉर्ड</strong> भी मिला था.</span><b></b></p>
<h3 dir="ltr"><span>शेफाली की बेस्ट फिल्म्स </span></h3>
<p dir="ltr"><span>शेफाली शाह ने बॉलीवुड की कई फिल्में जिनमें उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें आज भी सरहाया जाता है.  इसमें '<strong>मोहब्बतें', 'मॉनसून वेडिंग', 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम', 'गांधी माय फादर', 'ब्लैक एंड व्हाइट', 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक', 'लक्ष्मी', 'दिल धड़कने दो', 'ब्रदर्स', 'कमांडो 1', 'डार्लिंग्स' </strong>शामिल हैं. इन मूवीज में निभाए किरदारों के लिए एक्ट्रेस को काफी अवॉर्ड्स भी मिले.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Shefali Shah Jalsa" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/543x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Iw8FCPLtwnhCkCcLBcjq.jpg" class="center" style="width: 543px;"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Zee News</span></p>
<p dir="ltr"><span>शेफाली शाह को <strong>फिल्म 'जलसा' जो कि <a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/atita-vergese-becomes-the-first-skateboarder-to-reach-international-platforms-from-india">ओटीटी प्लेटफॉर्म</a></strong> पर रिलीज हुई थी. उसमें इन्हें <strong>इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में बेस्ट ऐक्ट्रेस अवॉर्ड</strong> से सम्मानित किया गया. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा- "<em>कुछ साल पहले आप ये सोच भी नहीं सकते थे कि एक ऐसी ऐक्ट्रेस, जो कैरक्टर रोल करती थी, 40 की उम्र पार करने के बाद भी लीड रोल करेगी. लोग इस पर यकीन ही नहीं कर पाते! लेकिन ये मेरे साथ हुआ और मैं बहुत खुश हूं कि मैं इस बदलाव का हिस्सा हूं.</em>"</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Shefali Shah New Movie" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/526x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/nNDV1s8oWTn1m5Yq8EsW.jpg" style="width: 526px;" class="center"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Outlook India</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>शेफाली ने <strong>पिंकविला</strong> के साथ इंटरव्यू में कहा है कि- "<em>मैं फिल्म्स वो ही सलेक्ट करती हूँ जिनकी स्क्रिप्ट पढ़ते वक़्त मुझे ख़ुशी मिलती है और दिल को अच्छा लगता है.</em>" और पुरे भारत के सामने है कि शेफाली की सिलेक्शन कितनी परफेक्ट होती है. कहते है स्क्रिप्ट से क्रिएशन की नव्ज़ समझी जा सकती है, और शेफाली शाह उस नव्ज़ को पकड़ने में मास्टर है.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 15 Jul 2023 15:42:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/shefali-shah-being-the-lady-boss-and-one-of-the-best-actress-bollywood-ever-got]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Q5E8hBOjJ7sDUrP0oJ4h.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Q5E8hBOjJ7sDUrP0oJ4h.jpg"/></item><item><title><![CDATA[गीता प्रेस के 100 साल: कोविड के बाद रिकॉर्ड बिक्री ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/100-years-of-geeta-press-who-sell-religious-books</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vrnIxX1Vln00lqNuGH0z.jpg"><p>लगातार हर क्षेत्र में बढ़ती महंगाई और चीज़ों के बढ़ते दाम के बाद भी आपको अभी भी केवल 2 रुपए में सबसे चर्चित हनुमान चालीसा और केवल एक रुपए में गीता का सार पढ़ने के लिए साहित्य उपलब्ध हो जाएगा. यह आज नहीं बल्कि पिछले सौ सालों से चली आ रही एक धार्मिक सेवा है ,जिसका सदुपयोग धार्मिक आस्थाओं में रखने और पुस्तकें पढ़ने वाले कर रहे हैं. यह साहित्य इतना सस्ता उपलब्ध करवा पाना बड़ी चुनौती है.लेकिन पूरे देश में केवल यह काम गीता प्रेस,गोरखपुर कर रही जो जिसका नाम सबकी ज़ुबान पर है. सौ साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर प्रेस को बधाई दी.इस समय पूरे देश में 21 अधिकृत प्रतिष्ठान और 50 रेलवे स्टॉल लगे हुए हैं.यहां तक कि नेपाल में भी गीता प्रेस की शॉप उपलब्ध है.      </p>
<p><img style="width: 580px; height: 259px;" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/76Jz5apfchL6ncx47hDa.jpg" alt="sales of religious books increased after covid19"> </p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>गीता प्रेस गोरखपुर की इंदौर की शॉप पर रखीं धार्मिक पुस्तकें (फोटो क्रेडिट : रविवार विचार) </em></span></p>
<p>समय के साथ इस काम का जिम्मा ट्रस्ट ने संभाला. लगभग आठ साल पहले कुछ षड्यंत्र के तहत इस प्रेस और कर्मचारियों के मेहनताना विवाद को बढ़ा-चढ़ा कर मिडिया में लाया गया. इस प्रेस के बंद होने की आशंका जताई गई.जो गलत साबित हुई. कई लोगों ने इस प्रेस को बचाने के लिए करोड़ों रुपए की सहायता की पहल की, लेकिन ट्रस्ट ने अभी तक एक रुपए का चंदा या सहयोग राशि नहीं ली. वर्तमान में आकंड़ों के अनुसार कोरोना काल के बाद धार्मिक पुस्तकें ख़ास कर गीता, रामचरित मानस, शिव पुराण और भागवत जैसी पुस्तकों की बिक्री में दोगुना इजाफा हुआ. कोरोना में लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी अपने प्रियजनों को खोने के दुःख ने लोगों को अध्यात्म की ओर सोचने पर विवश कर दिया. उस दौरान चर्चित रामायण सीरियल का प्रसारण और हाल ही कुछ सालों में धार्मिक कथाओं के आयोजनों, धर्म के प्रचार का भी असर यह हुआ कि धार्मिक पुस्तकों की रिकॉर्ड बिक्री हुई. </p>
<p>गीता प्रेस गोरखपुर की स्थापना और प्रकाशन का इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है. साल 1923 में जयदयाल  गोयन्दका और हनुमान प्रसाद ने एक प्रकाशक से गीता को छपवाया. उन्होंने देखा कि प्रकाशन के बाद कई जगह वर्तिनी और दूसरी गलतियां थी. जयदयाल और हनुमान प्रसाद पोद्दार ने तय किया कि इसे खुद अच्छे से प्रकाशित करनी होगी. और इसी सोच के साथ गोरखपुर में दस रुपए महीने के एक कमरे को किराए पर लेकर गीता को प्रकाशित की. और इस तरह गीता प्रेस की नींव रख दी गई. धीरे-धीरे धार्मिक सेवा की सोच लेकर लागत मूल्य से भी काम दाम पर पाठकों और श्रद्धालुओं को पुस्तकें उपलब्ध करवाना शुरू कर दी. इस टीम में साथी रामसुख दास महाराज भी जुड़े. इन विद्वानों की टिका को लोग बड़े रोचक ढंग से पढ़ते हैं. </p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/fWOxAKpD9cEnztWntFQx.jpg" alt="sales of religious books increased after covid19"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>शॉप पर खरीदारी करती भाविका पारखे (फोटो क्रेडिट : रविवार विचार) </em></span></p>
<p>इंदौर के गीता प्रेस प्रतिष्ठान के प्रबंधक गुलशन शर्मा कहते हैं - " इस समय साढ़े 23 सौ से ज्यादा अलग-अलग भाषाओं में धार्मिक पुस्तकें प्रकाशित की जा रहीं हैं. इनमें रामचरित मानस,गीता, शिव पुराण जैसी पुस्तकें छाप रहीं हैं. कल्याण पत्रिका भी इसी प्रेस की देन है. प्रदेश में ही सालाना कारोबार साढ़े तीन करोड़ से बढ़ कर लगभग 7 करोड़ तक पहुंच गया.साथ ही पूरे देश में यह कारोबार लगभग 110 करोड़ रुपए तक हुआ. मैं खुद इस प्रतिष्ठान पर 22 सालों से सेवाएं दे रहा हूं. मेरे साथ महेश लोधी और संतोष पाटिल सहयोगी भी हैं. " </p>
<p>इस अध्यात्म की बढ़ती प्रवृति का असर सबसे ज्यादा युवाओं पर भी पड़ा. प्रबंधक गुलशन शर्मा आगे बताते हैं -" आजकल युवा पीढ़ी भी पुस्तकों को बड़ी रूचि से खरीद कर पढ़ रहीं हैं." इंदौर की भाविका पारखे आधुनिक विचारों की समर्थक है. वे एक निजी कंपनी में जॉब करतीं हैं. बावजूद भाविका कहती हैं -" मैं आधुनिक विचारों के साथ अध्यात्म में रुझान रखती हूं. भारतीय सभ्यता और संस्कृति बेहद खूबसूरत है.हमारे पौराणिक इतिहास में श्रीराम हों या श्रीकृष्ण, चरित्र हमें जीने की राह दिखाते हैं. "</p>
<p>लगातार पेपर के दाम बढ़ने के बाद भी इस प्रेस से प्रकाशित पुस्तकें जैसे रामायण आज भी केवल साढ़े आठ सौ रुपए में उपलब्ध हो जाती है. जिसकी बाहर कीमत अनुमानित ढाई हजार होगी. प्रतिष्ठान पर पहुंचे युवा रेनु रेगी कहते हैं - "व्यक्ति कितना भी आधुनिक हो जाए, लेकिन हम अपनी संस्कृति से अलग नहीं हो सकते. मेरे परिवार में सभी लोग भी धार्मिक पुस्तकों को पढ़ना पसंद करते हैं. गीता प्रेस कारोबार नहीं बल्कि धार्मिक संस्कृति को बचाने में लगी है."</p>
<p>साल 1923 यानि हिन्दू कैलेण्डर अनुसार वैशाख शुक्ल त्रियोदशी संवत 1980 में इसकी शुरुआत हुई. पिछले साल पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आयोजन में शामिल हुए और सचित्र रामचरित  मानस के नए संस्करण का विमोचन किया था. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Thu, 04 May 2023 17:19:06 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/100-years-of-geeta-press-who-sell-religious-books]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vrnIxX1Vln00lqNuGH0z.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/vrnIxX1Vln00lqNuGH0z.jpg"/></item><item><title><![CDATA[भक्त हनुमान के हाथ चांदी के शिवलिंग ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/okhleshwar-hanuman-temple-got-guiness-world-records</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DNX1ZS96xtcDMOcILXj0.jpg"><p dir="ltr">शक्ति के प्रतीक हनुमान के चरणों में बैठकर भक्तजन कोई एक या दो साल से नहीं बल्कि लगातार 48 सालों से अखंड रामायण पाठ कर रहे हैं. इस मंदिर का अपना पौराणिक इतिहास है. यहां सालों से हो रहे अखंड रामायण की प्रस्तुति को लंदन गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल कर लिया. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के जंगल क्षेत्र में बसे काटकूट गांव का यह अखिलेश्वर (ओखलेश्वर) मंदिर अपने आप में अनूठा और चमत्कारी है. यहां हर 27 दिन में चोलावतरण किया जाता है.   </p>
<blockquote>
<p dir="ltr">यहां पर विराजित हनुमान मूर्ति की भी खासियत है, जिसमें भक्त हनुमान को खड़ी मुद्रा और हाथ में चांदी के शिवलिंग लिए दिखाया गया है. इन विशेषताओं की वजह से ही इस मंदिर में हमेशा भक्तों का तांता लगा रहता है. यहां के पुजारी पंडित सुभाष पुरोहित कहते हैं -"दो मई 1976 में यहां अखंड रामायण की शुरुआत की. ऐसी की कल्पना नहीं थी इस अखंड रामायण में भक्त जुड़ते चले जाएंगे. यहां चौबीसों घंटे रामायण पाठ और धुन चलती है. यह प्रभु हनुमान का ही चमत्कार है कि अड़तालीस सालों से यहां यह क्रम चल रहा है.और लंदन वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया."</p>
</blockquote>
<p dir="ltr">त्रेता युग की मान्यता है कि कैलाश पर्वत से शिवलिंग लेकर लौटते हुए श्री हनुमान कुछ देर यहीं ठहरे थे. वे पहुंचते इसके पहले रामेश्वरम में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग की स्थापना कर दी. तमिलनाडू के धनुषकोटि के एक मंदिर में यह शिवलिंग स्थापित है, जिसे अतः के साथ पूजा जाता है. विद्वानों का कहना है कि नर्मदा पुराण में इस प्रसंग का ज़िक्र है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Fri, 07 Apr 2023 14:14:25 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/okhleshwar-hanuman-temple-got-guiness-world-records]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DNX1ZS96xtcDMOcILXj0.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DNX1ZS96xtcDMOcILXj0.jpg"/></item></channel></rss>