<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ राष्ट्रीय सेवा संगम]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/raassttriiy-sevaa-sngm</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/raassttriiy-sevaa-sngm" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 11 Apr 2023 16:52:00 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[सेवा भारती संगम: आखरी दिन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/sewa-bharti-last-day</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lmJL4yZGZFkCNJr9qCe8.jpg"><p dir="ltr">आत्मनिर्भर भारत और चेतन समाज के संकल्प के साथ जयपुर के केशव विद्यापीठ में सेवा भर्ती का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेवा संगम सम्पन्न हुआ. यहां महिलाओं ने समूह के साथ सशक्तिकरण और स्वावलंबी बनने पर विचार किया. इन्हीं में से एक था इंदौर से आया स्वयं सहायता समूह वैभवश्री. सेवा संगम में आयोजित प्रदर्शनी में अपने समूह के उत्पाद लेकर आईं वैभवश्री समूह की प्रतिनिधि कविता वाघमरे गर्व से बताती हैं - "कभी तीन हजार रुपये की सामूहिक बचत से शुरू हुई यात्रा आज कम से कम 30 हजार प्रति माह के मुनाफे पर पहुंच चुकी है."  </p>
<p dir="ltr">सेवा भारती, इंदौर नगर प्रमुख कविता ने बताया-  "सेवा भारती के सहयोग से स्थानीय बहनों को सिलाई प्रशिक्षण के साथ अचार, पापड़, बड़ी, मुरब्बा, गुलदस्ते बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है. कुछ बहनें घर पर ही उत्पाद बनाकर वैभवश्री तक भेजती हैं. वैभवश्री ने दिपावली पर लगाई जाने वाली लाइट की लड़ियां भी बनाई है. आज समूह घरों में बैठी महिलाओं से 50 हजार से अधिक दीपावली की लाइटिंग वाली लड़ियां बनवा रहा है. कविता की आंखों में चमक आ जाती है, जब वे बताती हैं कि इंदौर में चीनी लाइट लड़ियां लगाना बंद ही हो गया है.</p>
<p dir="ltr">वैभवश्री में कुर्ता पायजामा, कपड़ों के थैले, लंगोट, झंडे सब सामान सालभर बिकता है. इसके अलावा राखियां, दीपावली की लड़ियों की भी सालभर बिक्री होती है. समूह की महिलाएं न केवल खुद के लिए बल्कि अपने से कमज़ोर का भी साथ दे रहीं है. कविता का कहना हैं- "हमें चाहे प्रशिक्षण हो या कच्चा माल सेवा भारती से हर समस्या का हल तुरंत मिलता है. यह सब लाकर बहने घर पर ही झंडे, बैग, कुर्ते, पायजामा आदि सिल कर तैयार करती हैं. कोरोना काल मे बहनों ने मास्क बनाकर भेजे." यह समूह तीन साल से चल रहा है, जिसमे 10 महिलाएं हैं. तीन साल पहले ये 10 महिलाएं 100 रुपये की सामूहिक बचत के साथ जुटी थीं. अब इनकी यह बचत 5000 रुपये महीना पहुंच गई है. आज ये इतनी आत्मनिर्भर हैं कि आपस में लोन भी दे देती हैं और बड़े बैंकों के मोटे ब्याज चुकाने से भी बच जाती हैं. आपसी सहयोग और कर्मठता की मिसाल देख कर क्षेत्र की और भी बहनें प्रेरित हुई है. </p>
<p dir="ltr">यह कहानी सिर्फ वैभव श्री समूह की ही नहीं बल्कि देश के ज़्यादातर SHGs की है, जिन्होंने बहुत कम पैसे जोड़कर आज बहुत बड़ा व्यवसाय खड़ा कर लिया है. वैभव श्री की कहानी सेऔर भी स्वयं सहायता समूहों को प्रेरणा लेनी चाहिए, क्यूंकि अगर यह महिलाएं बिना डरे अपनी ज़िंदगियाँ सवार सकतीं है तो, दूसरी महिलाएं क्यों नहीं.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 11 Apr 2023 16:52:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/sewa-bharti-last-day]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lmJL4yZGZFkCNJr9qCe8.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lmJL4yZGZFkCNJr9qCe8.jpg"/></item><item><title><![CDATA[जयपुर में राष्ट्रीय सेवा संगम का आयोजन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/rashtriya-sewa-sangam-2023</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/h1MAS2UfZW95LAFajvdi.jpg"><p dir="ltr">राष्ट्रीय सेवा भारती जयपुर में राष्ट्रीय सेवा संगम का आयोजन. इस महासंगम में सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम कर रहे 1000 से ज़्यादा स्वैच्छिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे. राष्ट्रीय सेवा भारती 20 साल से भी अधिक समय से सेवा क्षेत्र में काम कर रहा है. इस आयोजन का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन राव भागवत ने किया . इस कार्यक्रम का मिशन "स्वावलंबी भारत, समृद्ध भारत" है. </p>
<p dir="ltr">राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र सेवा प्रमुख शिवलहरी और सेवा संगम से जुड़े कैलाश शर्मा ने बताया- "सेवा भारती ने पिछले वर्ष 25,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया है. साथ ही दक्षता, स्वास्थ्य, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे क्षेत्रों में संगठन ने लगातार योगदान दिया. " सेवा भारती 'नर सेवा नारायण सेवा' के मिशन के साथ वंचित, अभावग्रस्त, उपेक्षित एवं पीड़ित लोगों की सेवा और सहयोग करती है.</p>
<p dir="ltr">देश के 117 जिलों में 12187 स्वयं सहायता समूह सेवा भारती से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 120000 सदस्य हैं. इन समूहों में 2451 समूह स्वावलंबन कार्यों में काम कर रहे हैं. देश के 55 जिलों में स्वयं सहायता समूह 'वैभवश्री रचना' से संचालित हो रहे हैं जिनमे 27494 सदस्य हैं.</p>
<p dir="ltr">सेवा भारती का एक लक्ष्य महिलाओं में कौशल विकास और आधुनिक प्रशिक्षण है, ताकि आत्मनिर्भर भारत कि सोच को साकार करने में महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके. शिवलहरी ने कहा- "जयपुर में होने जा रहा सेवा संगम में साकार होगा कि कैसे सेवा भार देश भर में महिलाओं को शिक्षित करने, प्रशिक्षण देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए समर्पित है." हाल ही में सेवा भारती ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए हैदराबाद में 'किशोरी विकास' जैसे कार्यक्रमों की प्रमुख पहल की है. सेवा भार कार्यकर्ताओं ने शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता पर भविष्य की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है और इस विषय से सम्बंधित पुस्तकें बाटीं.</p>
<p dir="ltr">राष्ट्रीय सेवा संगम के उद्घाटन भाषण में राष्ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन राव भागवत ने कहा - " हमें एकजुट होकर खड़े होने की जरूरत है,  अगर हमारे समाज में कोई पिछड़ रहा है तो यह हमारे लिए अच्छी बात नहीं है। सबको समान मानकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। कमजोर लोगों को ताकत देनी होगी।"</p>
<p dir="ltr">सेवा भारती के प्रमुख वक्ताओं ने राजस्थान के लिए रोजगार नीति के महत्व और आजीविका अवसर पैदा करने में इसकी प्रभावशीलता के बारे में बताया. सेवा भारती हमेशा संकट के समय समाज में सेवा करने के सक्रिय रहा है, और हमारे स्वयंसेवकों ने कोविड-महामारी के अशांत समय के दौरान चिकित्सा, भोजन आदि उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान की है. हम समाज के हर वर्ग के लोगों की भलाई के लिए कार्य कर रहे हैं. </p>
<p dir="ltr">कार्यक्रम में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, उद्यमी नरसीराम कुलारिया, संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश जोशी उपाख्या भैयाजी, सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर, स्वामी माधवानन्द विश्व शान्ति परिषद् के संस्थापक विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानन्द, विश्व जाग्रति मिशन के संस्थापक आचार्य सुधांशु महाराज, राजसमंद से संसद सदस्य दीया कुमारी और उद्यमी अशोक बागला उपस्थित है. सेवा भारती जैसी इतनी बड़ी संस्थान स्वयं सहायता समूहों कि महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी पहल कि शुरुआत कर चुकी है , जिससे समाज सशक्त बनेगा. देश भर कि बहुत सी ऐसी संस्थानें है जो SHG की महिलाओं के साथ काम कर रही है. देश भर में अगर इसी प्रकार महिलाएं सशक्त बनेंगी तो देश को बदलना बहुत आसान हो जाएगा. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 07 Apr 2023 18:19:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/rashtriya-sewa-sangam-2023]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/h1MAS2UfZW95LAFajvdi.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/h1MAS2UfZW95LAFajvdi.jpg"/></item></channel></rss>