<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/raassttrpti-draupdii-murmuu</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/raassttrpti-draupdii-murmuu" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 30 Jan 2024 00:00:39 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[SHG सुपर विमेन को राष्ट्रपति सम्मान ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-members-awarded-swachh-sujal-shakti-samman-by-president-murmu-565486</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg"><p dir="ltr">पानी के लिए सर पर मटके रख मीलों दूर जाना, लम्बी लाइनों में इंतज़ार और पानी की रोज़ यही मारा-मारी. ये 90 के दशक की मूवी का सीन नहीं पर आज भी कई ग्रामीण इलाकों की असलियत है. स्वास्थ्य, पर्यावरण, सफाई - सब पानी से जुड़ा हुआ है. पानी तक आसान पहुंच न होने की वजह से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्याओं को हल करने के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं ने मोर्चा संभाला. जागरूकता फैलाकर, समाज के लोगों को एक जुट लाकर और सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई. जल शक्ति मंत्रालय ने ऐसी महिलाओं के योगदान को सराहा जिन्होंने चुनौतियों से निडर होकर न केवल पानी की कमी को दूर करने के उपाय खोजे बल्कि वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छता पर जागरूकता फैलाई, बायोडिग्रेडेबल और गैर-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट प्रबंधन करवा कर लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा भी की.   </p>
<p dir="ltr">भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023' जल, सैनिटेशन और स्वच्छता (वॉश) की 36 महिला चैंपियनों को पेश किया. विजेताओं से आग्रह किया कि वे अपनी सफलता और साहस की कहानियां अपने गावों और कस्बों तक लेकर जायें और पर्यावरण को बचाने वाली हर प्रेक्टिस को लागू करने के लिए प्रेरित करें. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक SHG ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लास्टिक वेस्ट से सजावट का सामान बनाया. इससे न केवल उन्हें कमाई का ज़रिया मिला, बल्कि प्लास्टिक वेस्ट को रीसायकल भी किया. ओडिशा के जाजपुर जिले में सुजानपुर ग्राम पंचायत की सरपंच बिष्णुप्रिया महकुद SHG की मदद से वेस्ट मैनेजमेंट की बेस्ट प्रेक्टिस को लागू करवा रही है. घरेलू और सामुदायिक स्तर पर कचरे को अलग करने और उसे सही तरह से फेंकने के बारे में जागरूक कर खाद भी बनवा रही है.</p>
<p dir="ltr"><img style="width: 387px; height: 258px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/9eJAGE4Td1eD6bZYABMQ.jpg" alt="President Draupadi Murmu "></p>
<p dir="ltr"><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Google Images</span></em></p>
<p dir="ltr">SHG की मदद से 8,000 की आबादी वाले 4 गांवों- दुर्गापुर, हसनपुर, काशीपुर और सुजानपुर को खुले में शौच मुक्त (ODF) प्लस मॉडल बना दिया. आज न केवल घर बल्कि दुकानदार, संस्थान और स्कूल भी कचरे को अलग करके और बायोडिग्रेडेबल कचरे से खाद बनाकर आस-पास की जगहों को स्वच्छ रख रहे हैं. इन सभी गांवों में आज डेंगू, मलेरिया, पीलिया जैसी पानी से उपजी बीमारियां न के बराबर हैं.    </p>
<p dir="ltr">इसी तरह, जल जीवन मिशन के तहत देश भर के गांवों में महिला SHG द्वारा सराहनीय काम किया गया. कई सालों से जहां नल कनेक्शन नहीं हो पा रहे थे वहां आज समूह की महिलाओं ने हर घर में नल कनेक्शन करवा स्वच्छ पेयजल पहुंचाया. टैक्स कलेक्शन, पाइपलाइन  को सुधरवाने और जल प्रबंधन को मज़बूती से लागू करने का भी काम किया. </p>
<p dir="ltr">हर घर नल योजना की सफलता का श्रेय इन महिलाओं को भी जाता है जिन्होंने सरकार की मदद कर इस योजना को हर तबके के लोगों तक पहुंचाया और साबित किया कि ठान लो तो हर चुनौती का समाधान निकला जा सकता है.  </p>
<p dir="ltr"><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/usSCIcmX81AamiogtA5Q.jpg" alt="SHG mahila awarded at swachh sujal shakti Samman"></p>
<p><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Google Images</span></em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Tue, 30 Jan 2024 00:00:39 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-members-awarded-swachh-sujal-shakti-samman-by-president-murmu-565486]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg"/></item><item><title><![CDATA[समृद्ध महिला से समृद्ध विश्व - प्रधानमंत्री मोदी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-g20-ministerial-conference-on-women-empowerment</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FdL0ALDN82eoZZGv0Bx6.jpg"><h2 dir="ltr"><span><strong>G20 में पीएम मोदी की महिला सशक्तिकरण पर बात&nbsp;</strong></span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>G20 मंत्रिमंडलीय सम्मलेन (G20 Ministerial Conference)</strong> की <strong><a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/financial-literacy-bringing-new-opportunities-to-shg-women">G20 Empower</a></strong></span>&nbsp;में <strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</strong> (<strong><a href="https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-attends-the-one-world-tb-summit">PM Narendra Modi</a></strong>) ने <strong>महिला सशक्तिकरण (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/sita-devi-rise-as-bihars-female-electrician">Women Empowerment</a>)</strong> को सम्बोधित किया. उन्होंने कहा कि जब महिलाओं में समृद्ध होगी तब ही देश में समृद्धि होगी. उन्होंने बताया की <strong>महिलाओं में आर्थिक सशक्तिकरण (Economic Empowerment)</strong> होने से हम विकास की ओर बढ़ेंगे, साथ ही शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच से वैश्विक प्रगति होगी. उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं का नेतृत्व, समावेशिता (Inclusiveness) को बढ़ावा देकर, उनकी आवाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करता है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण भारत की <strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu)</strong> है, जो जनजातीय समुदाय (Tribal Community) से होकर भी, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व और दुनिया की सबसे बड़ी सुरक्षा बल की प्रमुख कमांडर के रूप में काम कर रही हैं.&nbsp;</p>
<p dir="ltr"><span>लोकतंत्र में <strong>भारतीय संविधान (Indian Constitution)&nbsp;</strong> द्वारा महिलाओं सहित सभी नागरिकों को वोट देने (<strong>Right To Vote</strong>) और चुनाव लड़ने का सामान रूप से अधिकार दिया गया. महिलाएं आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिवर्तन में प्रमुख एजेंट के रूप में काम कर रहीं हैं. 1.4 मिलियन की आबादी में, भारत में ग्रामीण स्थानीय निकायों में 46% निर्वाचित प्रतिनिधि (<strong>Elected Representatives</strong>) महिलाएं हैं. भारत और वैश्विक स्तर पर महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे व्यापारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं.</span></p>
<p dir="ltr"><span>अगर सेल्फ हेल्प ग्रुप (<strong>Self Help Groups</strong>) की बात करें, तो महिलाओं को SHGs से जोड़ने का यह कदम महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में सामने आया. COVID के दौरान भी यह Self Help Groups और निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. मास्क और सैनिटाइजर का उत्पादन कर ,संक्रमण रोकने के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाई.</span></p>
<h3 dir="ltr"><span>महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई योजनाएं</span></h3>
<p dir="ltr"><span><strong>प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana)</strong>&nbsp;के तहत लगभग 70% महिलाओं के लोन एक्सेप्ट किये गए . इसी तरह &lsquo;स्टैंड उप इंडिया&rsquo; (Stand-Up India) के तहत 80% लाभार्थी महिलाएं है, जो <strong>ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स (Greenfield Projects)</strong> के लिए लोन ले रही हैं. <strong>प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (PM Ujjwala Yojana) </strong>के तहत महिलाओं को 10 करोड़ रसोई गैस कनेक्शन (LPG Connection) उपलब्ध कराये गए, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार आया. इसके साथ ही <strong>पीएम मोदी (<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shgs-bringing-change-into-women-lives">PM Modi</a>)</strong> ने बताया महिलाएं शासन, व्यापार, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और सशस्त्र बलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाई हैं.</span></p>
<p dir="ltr"><span>उन्होंने बताया कि भारत महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई उचाईयों को छू रहा हैं. महिला उद्यमी भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहीं हैं और '<strong>Tech Equality Platform</strong>' की शुरुआत से महिलाओं की डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा.&nbsp;</span></p>
<p dir="ltr"><span>भारत की G20 अध्यक्षता के तहत '<strong>महिला सशक्तिकरण</strong>' पर नया कार्य समूह स्थापित किया जा रहा हैं और हम सभी को समृद्धि, समानता और सामाजिक न्याय की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करना होगा. महिलाओं को बेहतर समाज और भारत को नई उचाईयों पर ले जाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी समस्यायों का समाधान मिलकर करना होगा, जिससे वह आगे बढ़कर नई उचाईयों को छू सके.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Thu, 03 Aug 2023 15:04:09 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/pm-modi-g20-ministerial-conference-on-women-empowerment]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FdL0ALDN82eoZZGv0Bx6.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/FdL0ALDN82eoZZGv0Bx6.jpg"/></item><item><title><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मू ने की ट्राइबल महिलाओं से बात ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/rashtrapati-talks-to-tribal-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0TIE8gwso3mv4jOR1y9J.jpg"><p dir="ltr">राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया. वह स्वतंत्रता के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति बनाने के साथ, शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति बनी. राष्ट्रपति, संथाल समुदाय से आती हैं. देश में भील और गोंड के बाद संथाल जनजाति की आबादी आदिवासियों में सबसे ज़्यादा है. उनके गृह राज्य ओडिशा, इससे लगे झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में शेड्यूल ट्राइब्स के लोगों की तादाद बहुत ज्यादा है. द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने का जश्न देश के 100 से ज्यादा आदिवासी बहुल जिलों और 1 लाख 30 हजार गांवों में मनाया गया. ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक सुदूर गांव से राष्ट्रपति भवन तक के सफर में उनकी प्राथमिकताओं में जनजातीय कल्याण सबसे महत्वपूर्ण था. वो आदिवासी समुदायों के सबसे पिछड़े व्यक्तियों तक पहुंची. </p>
<p dir="ltr">राष्ट्रपति मुर्मू आदिवासी समुदायों के लिए प्रेरणा होने के साथ उनके लिए बहुत कुछ कर भी रहीं है. जैसे अभी हाल ही में त्रिपुरा की अपनी यात्रा के दौरान, वह एक चाय बागान में काम करने वाली आदिवासी महिलाओं से मिलीं. राष्ट्रपति भवन के ऑफिशियल हैंडल ने बैठक के बाद ट्वीट किया- "मैं अगरतला में दुर्गाबाड़ी टी एस्टेट की महिला चाय श्रमिकों के साथ बातचीत करके प्रसन्नता हुई. वे राज्य की सामाजिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं. मैंने उनसे उनके बच्चों, विशेषकर लड़कियों की शिक्षा पर ध्यान देने का आग्रह किया." </p>
<p dir="ltr">इन बैठकों के बाद राष्ट्रपति कार्यालय से जारी ऑफिसियल रिलीज़ के अनुसार, मुर्मू ने लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़ और तेलंगाना के अपने दौरे पर पर्टिक्यूलरली वल्नरेबल ट्राइबल ग्रुप्स (पीवीटीजी) से भी मुलाकात की है. विशिष्टतः असुरक्षित जनजातीय समूह’ (Particularly Vulnerable Tribal Groups-PVTGs) को विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह भी कहा जाता है. पीवीटीजी भारत में फ़ैली जनजातियों के ऐसे समूह होते हैं जो जनजातियों से सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अत्यधिक संवेदनशील हैं. सरकार ने एक पीवीटीजी सूची तैयार की हैं जो लुप्तप्राय जनजातीय समूहों के जीवन स्तर को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की सोच से बनाई गई थी. जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 75 पीवीटीजी 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं. अधिकारियों ने कहा कि इन समुदायों में विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का स्तर कम है. राष्ट्रपति जनजातीय समुदाय के सदस्यों को स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा के लाभों और अपने बच्चों को स्कूल भेजने के महत्व के बारे में जागरूक भी करते हैं. इन पीवीटीजी पर भी राष्ट्रपति मुर्मू का विशेष ध्यान हैं. </p>
<p dir="ltr">राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान कुछ दिनों पहले फूलों के रंगों के साथ गाने और नाच से सराबोर था.  राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने निवास पर देश भर में स्वयं सहायता समूहों के साथ काम करने वाली सैकड़ों महिलाओं नेको बुलाया था. इनमें से अधिकांश महिलाएं जनजातीय पृष्ठभूमि से आती हैं, जिनमें महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, झारखंड, गुजरात, सिक्किम और राष्ट्रपति के गृह राज्य ओडिशा से पीवीटीजी शामिल हैं. मुर्मू प्रत्येक समूह से मिलने के लिए रुकीं और बात की. छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की एक विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय की महिलाओं ने जब उन्हें बीरन माला (बांस से बनी माला) भेंट की. मुर्मू ने महाराष्ट्र के भील समुदाय और छत्तीसगढ़ के पहाड़ी कोरवास समुदाय की महिलाओं से बात करने के लिए भी समय निकाला. राष्ट्रपति का ये लकदम हमारे देश की जनजातियों को आगे लाने का एक बहुत बड़ा कदम हैं. इन जनजातियों के पास बहुत कौशल हैं लेकिन इनके पास उतना साधान नहीं हैं. राष्ट्रपति मुर्मू के इस कदम से इन जातियों को अब साधान मिलने का भी प्रबंध हो गया हैं.  </p>
<p dir="ltr"> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 14 Apr 2023 18:27:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/rashtrapati-talks-to-tribal-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0TIE8gwso3mv4jOR1y9J.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/0TIE8gwso3mv4jOR1y9J.jpg"/></item><item><title><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मू ने कुदुंबश्री SHG की सफलता को सराहा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/president-draupadi-murmu-appreciates-kudumbashree-shgs-contribution-in-kerela</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg"><p dir="ltr"> </p>
<p dir="ltr"><iframe style="width: 1171px; height: 657px;" src="https://www.youtube.com/embed/K8PGyzKNwvE" width="1171" height="657" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p dir="ltr">25 साल के इस सफर में कुदुंबश्री ने महिला सशक्तिकरण के सिद्धांतों को लागू करवाया और उन्हें आर्थिक आज़ादी तक पहुंचने के लिए मंच दिया. कुदुंबश्री इकाइयों ने महिलाओं को अपना रोज़गार शुरू करने के लिए लोन, ट्रेनिंग और सहायता तक पहुंच प्रदान की. उन्होंने स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामुदायिक विकास पहलों पर भी काम किया.</p>
<p dir="ltr">कुदुंबश्री SHG की सिल्वर जुबली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहां, "मेरा मानना ​​है कि जब महिलाओं को किसी भी समाज में अहम भूमिका दी जाती है, तो इसका परिणाम उस समाज की बेहतरी होता है. केरल में, महिलाएं अधिक शिक्षित और सशक्त हुई हैं, जो कई मानव विकास सूचकांकों पर केरल के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है."  राष्ट्रपति ने केरेला के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को सराहा और बताया कि कोंस्टीटूएंट अस्सेम्ब्ली में 15 महिला सदस्यों में से तीन केरल से हैं. राष्ट्रपति मुर्मू ने 'कुदुंबश्री @ 25' और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए 'उन्नति' बुकलेट का उद्घाटन किया. </p>
<p dir="ltr">राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल के विकास में महिलाओं के योगदान को सराहा और कहां कि "नारी शक्ति के लिए आकाश ही सीमा है. " उन्होंने महिलाओं कि क्षमताओं पर धयान देते हुए उन्हें उद्यमकर्त्ता बनने में मदद करने के लिए कहा. </p>
<p dir="ltr">कुदुंबश्री SHG भारत में महिला सशक्तिकरण और गरीबी में कमी के लिए एक मॉडल बन गई है. आज, यह पूरे केरल में 44 लाख से ज़्यादा सदस्यों के साथ देश में सबसे बड़ा महिला स्वसहायता समूह आंदोलन है. कुदुंबश्री देशभर के SHG के लिए मिसाल है. </p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 17 Mar 2023 19:06:54 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/president-draupadi-murmu-appreciates-kudumbashree-shgs-contribution-in-kerela]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg"/></item><item><title><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मू ने केरल में कुदुंबश्री SHG की सफलता को सराहा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/president-draupadi-murmu-applauds-the-success-of-kudumbshree-shg-in-kerala</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg"><p dir="ltr">कुदुंबश्री मतलब "परिवार की समृद्धि". इस नाम में केरल की महिलाओं और उनके परिवारों की उम्मीद बसती है. कुदुंबश्री एक महिला स्वसहायता समूह (SHG) आंदोलन है जिसकी शुरुआत 1997 में केरल से हुई थी. महिला सशक्तिकरण तक पहुंचने के लिए गरीबी ख़त्म करने के उद्देश्य से केरल सरकार ने ये आंदोलन शुरू किया. कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को SHG से जोड़ने के लक्ष्य के साथ, केरल राज्य में गरीबी उन्मूलन परियोजना के रूप में कार्यक्रम शुरू हुआ. बाद में SHG को समुदाय-आधारित संगठन (CBO) में संगठित किया गया, जिन्हें 'कुदुम्बश्री इकाइयों' के रूप में जाना जाता है.</p>
<p dir="ltr">25 साल के इस सफर में कुदुंबश्री ने महिला सशक्तिकरण के सिद्धांतों को लागू करवाया और उन्हें आर्थिक आज़ादी तक पहुंचने के लिए मंच दिया. कुदुम्बश्री इकाइयों ने महिलाओं को अपना रोज़गार शुरू करने के लिए लोन, ट्रेनिंग और सहायता तक पहुंच प्रदान की. उन्होंने स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामुदायिक विकास पहलों पर भी काम किया.</p>
<p dir="ltr">कुदुंबश्री SHG की सिल्वर जुबली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहां, "मेरा मानना ​​है कि जब महिलाओं को किसी भी समाज में अहम भूमिका दी जाती है, तो इसका परिणाम उस समाज की बेहतरी होता है. केरल में, महिलाएं अधिक शिक्षित और सशक्त हुई हैं, जो कई मानव विकास सूचकांकों पर केरल के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है. "राष्ट्रपति ने केरेला के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को सराहा और 'कुदुंबश्री @ 25' और अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए 'उन्नति' बुकलेट का उद्घाटन किया. </p>
<p dir="ltr">राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने केरल के विकास में महिलाओं के योगदान को सराहा और कहा कि "नारी शक्ति के लिए आकाश ही सीमा है. " उन्होंने महिलाओं कि क्षमताओं पर धयान देते हुए उन्हें उद्यमकर्त्ता बनने में मदद करने के लिए कहा. </p>
<p dir="ltr">कुदुंबश्री SHG भारत में महिला सशक्तिकरण और गरीबी में कमी के लिए एक मॉडल बन गई है. आज, यह पूरे केरल में 44 लाख से ज़्यादा सदस्यों के साथ देश में सबसे बड़ा महिला स्वसहायता समूह आंदोलन है. कुदुंबश्री देशभर के SHG के लिए मिसाल है.</p>
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</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 17 Mar 2023 15:56:07 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/president-draupadi-murmu-applauds-the-success-of-kudumbshree-shg-in-kerala]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qgMgIpNAZGWyT1JiX6l4.jpg"/></item><item><title><![CDATA[महिला समूह को जन आंदोलन का रूप देना सराहनीय ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/president-murmu-addressed-shg-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg"><p dir="ltr">भोपाल का मोतीलाल नेहरू स्टेडियम. हज़ारों महिलाओं की भीड़ और सामने बैठी महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजयपाल मंगू भाई पटेल की निगाहें भी उसकी ओर. ऐसे में गुना जिले के गांव भरतपुर की अनीता पटेरिया जब मंच पर पहुंची तो एक हिम्मत का रंग उनके चेहरे पर नज़र आ रहा था. यह खुशग़वार रंग अनीता दीदी के चेहरे पर आया था SHG के कारण. इसकी प्रमाणिकता तब सिद्ध हुई जब उन्होंने बोला  की SHG ने मेरी जीवन की रंगत बदल दी.</p>
<p dir="ltr">सालों तक खुद को खेती मजदूरी में झोंका लेकिन फिर भी परिवार को पलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था. फिर अपने गाँव में महिला समूह की सदस्य बनी. सहयोग सामूहिक समूह के गठन में शामिल हुई यह सिरसी गांव का संगठन है. SHG में शामिल अनीता ने जब अपने जीवन की कठिनाइयों और बाद में मिली सफलता की कहानी सुनाई तो सभा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.उसने बताया कि वह खुद और उसके पति खेत में मजदूरी करती थे. हालात इतने मुश्किल थे कि घर चलाना तो मुश्किल था ही पर बच्चों को स्कूल भेजने की बजाए खेत में साथ ले जाती.पढ़ाने के लिए पैसा नहीं था.अपनी परेशानी को लेकर उसे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था.एक दिन उसे स्वसहायता समूह का पता चला.उसे रोजगार और कुछ कमाई की उम्मीद जगी. वह SHG समूह की सदस्य बनी. समूह को सरकार का साथ मिला और कमाई के कई रास्ते खुल गए.मंच से अनीता ने कहा-आजीविका मिशन योजना और SHG को धन्यवाद जिसकी वजह से मैं अपने पति को खेती के लिए ट्रैक्टर तक दिला सकी. </p>
<p dir="ltr">गुना जिले के गांव भरतपुर की सहयोग सामूहिक समूह,सिरसी ने सिलसिलेवार अपनी कहानी पूरे आत्मविश्वास से सुनाई.शुरू में हिचकिचाने  वाली अनीता को जैसे ही राष्ट्रपति,मुख्यमंत्री आदि ने शाबाशी दी वैसे ही बहुत गर्व से वह अपनी कहानी बताने लगी. SHG में शामिल होकर उसने पहले भैंस खरीदी. धीरे-धीरे उसका लोन चुकाया. अनीता की हिम्मत को मिशन ने और बढ़ाया. दूसरा लोन दिया और वह आटा चक्की ले आई.अभी तक गांव के लोग अभी तक दूसरे गांव में अनाज पिसाने में जाते थे. समूह की आय बढ़ी और उधर  गांव को नई सुविधा भी मिल गई. मेहनत को देखते हुए समूह को तीसरी बार फिर लोन दिया गया. लगातार सफलता और जिंदगी के बदलाव का असर हुआ.बच्चों को स्कूल अच्छे स्कूल भेजने लगी. </p>
<p dir="ltr">अनीता की सहज बातें और आत्मविश्वास देख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा-मध्यप्रदेश में महिला स्वसहायता समूह को जनांदोलन का रूप देना सराहनीय है. इसे कार्य रूप दिया जाना प्रशंसनीय है.महिलाओं के स्वभाव में है कि कम से कम संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करना जानती है.घरेलू कामकाज और देखरेख कर वह आधुनिक विकास के कार्यों में कंधा से कंधा मिला कर चल रही है.देश में समूहों में जितनी भागीदारी होगी उतना समाज और देश को लाभ होगा. मुर्मू बेहद खुश नजर आईं. उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल आने तक उन्होंने कई प्रोडक्ट के चित्र देखे.यह तो एक झलक है.चार लाख समूह और 42 लाख महिलाओं के लिए योजनाओं ने उन्हें पैरों पर खड़ा कर दिया. राज्यपाल पटेल ने स्वसहायता समूह को संरक्षण प्रोत्साहन सरकार दे रही है.समूहों को 4157 करोड़ का लोन अलग-अलग बैंकों से कराया.  समूह के उत्पादों की 535 करोड रुपए तक बिक्री हुई, जिसका सीधा लाभ समूह सदस्यों को मिला. मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि सरकार महिलाओं को ShG बनाने के लिए आगे बढ़ा रही है,जिससे घर में कमाई का जरिया बढ़े. सम्मान की जिंदगी जी सकें.</p>
<p dir="ltr"><img style="width: 487px; height: 348px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/Xb6nuKWhLzh2Nm1yPcdy.jpg" alt="murmu"></p>
<p dir="ltr"><em>Image Credits: Google Images</em></p>
<p dir="ltr">मुख्यमंत्री चौहान ने राष्ट्रपति मुर्मू को महिलाओं के लिए आदर्श बताया.उन्होंने भावुक तरीके से मुर्मू के जीवन के संघर्ष को बताया.चौहान ने बताया कि मुसीबतों के पहाड़ कई बार राष्ट्रपति पर टूटे. उन्हें विरासत में कुछ नहीं मिला.गरीब परिवार में जन्म लिया.पहले पति और फिर बेटे को खो देने का दर्द झेला.उन्हें प्रेरणा बताकर कहा कि महिलाएं पति के न होने पर टूट जाती हैं.जीवन खत्म सा मानती हैं.लेकिन राष्ट्रपति रुकी नहीं. पार्षद बनी,मंत्री बनी,राज्यपाल बनीं.उन्होंने महिलाओं के विकास के लिए हमेशा काम किया.मुख्यमंत्री ने स्टेडियम में मौजूद महिलाओं में जोश फूंकते हुए कहा महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा आदर्श हमारी राष्ट्रपति हैं.अब महिला सबला है.महिला जो चाहे वो कर सकती है.  कार्यक्रम में समूह सदस्यों का आत्मविश्वास देख राष्ट्रपति मुर्मू ने एक अन्य संगठन की अध्यक्ष फूलवती सिंह को भी अपनी सफलता की कहानी सुनाने का मौका दिया.उन्होंने बताया कि निर्भया संकुल संगठन में 35 गांव शामिल है.समूह में शामिल दीदियों को खेती,गणवेश,सिलाई,सेनेटाइजर,साबुन केसाथ में समूह में होने वाले खर्चे और कमाई का हिसाब-किताब रखने की ट्रेनिंग दी जा रही है.समूह साथियों ने ही मेहनत कर उन्हें जिला पंचायत सदस्य बना दिया. राष्ट्रपति मुर्मू के भाषण के बाद आयोजन स्थल पर पहुंची समूह महिलाओं में अलग उत्साह दिखाई दिया.उन्होंने कहा कि वे रोजगार और कमाई बढ़ाने के लिए और मेहनत करेंगे.हजारों की संख्या में पहुंची सदस्यों ने अब अपना आदर्श राष्ट्रपति को बताया.ये महिलाएं गांव में जाकर अन्य महिलाओं को प्रेरित करेंगी.</p>
<p dir="ltr"><iframe src="https://www.youtube.com/embed/hnSx_Scal4c?t=3479s" width="560" height="314" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p dir="ltr"><em>Image Credits: Google Images</em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 24 Feb 2023 15:35:18 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/president-murmu-addressed-shg-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TWWJAywCxeztIbLrVTbO.jpg"/></item></channel></rss>