<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ स्वच्छ भारत मिशन]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/svcch-bhaart-mishn</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/svcch-bhaart-mishn" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 26 Aug 2023 17:21:28 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[भ्रष्टाचार बन रहा SHG महिलाओं की सफलता की अड़चन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/sharminda/uttar-pradesh-need-to-probe-corruption-in-nrlm</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/3ewHGU6N5BbbPGwpAEur.jpg"><p>महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने व्यवसायों को शुरू कर प्रगति के रास्ते पर अग्रसर हो रहीं हैं. ग्रामीण इलाकों की अगर बात करें तो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए मिशंस की पूरी ज़िम्मेदारी भी एसएचजी महिलाओं ने उठाई. चाहे <strong>स्वछता मिशन </strong>हो या फिर गावों को <strong>डिजिटल मिशन</strong> (Digital Mission) से जोड़ना, SHG महिलाओं ने सारे काम बखूबी संभाले. लेकिन फिर भी महिलाओं को भ्रष्टाचार की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.</p>
<h2>स्वच्छ भारत मिशन के कामों को संभाल रहीं SHG महिलाएं&nbsp;</h2>
<p><strong>उत्तर प्रदेश</strong> (Uttar Pradesh) के <strong>रायबरेली</strong> (Raibareli) में भी स्वयं सहायता समूह की <strong>महिलाओं </strong>को<strong> रोजगार दिलाने</strong> और <strong>आर्थिक रूप से सशक्त</strong> बनाने के लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन विभाग को जिम्मेदारी दी. सरकार द्वारा शुरू किए गए&nbsp;<strong>स्वच्छ भारत मिशन</strong> (Swacch Bharat Mission) के अंतर्गत बने सामुदायिक शौचालय को संभालने का काम भी सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं को दिया गया.&nbsp;</p>
<p><img alt="shg" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/564x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/IBRkv3y8Qqq3wAjb5KFK.jpg" style="width: 564px;" class="center"></p>
<p class="center"><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits : Ruralvoice</span></em></p>
<h2>NRLM में हो रही लापरवाही&nbsp;</h2>
<p><a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/national-rural-livelihood-mission-changing-lives-of-shg-women">नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन</a> (NRLM) में चल रही लापरवाही के कारण ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़ा और दिन प्रतिदिन भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा हैं. इसके लिए भी सरकार ने एसएचजी महिलाओं को ड्रोन बनाने और उसका संचालन करने की जिम्मेदारी दी. <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/rajeevika-bringing-economic-empowerment-to-shg-women">मनरेगा</a>&nbsp;(MNREGA) के अंतर्गत हो रहे कामों को संभालने और <strong>आंगनबाड़ी का पोषाहार </strong>पिक अप और डिलीवरी करने का काम भी SHGs को मिला. &nbsp;</p>
<p>कई समूहों में काम कर रहीं महिलाओं को सही समय पर भुगतान नहीं मिला, तो कहीं उन्हें लोन ही नहीं दिया जा रहा. सरकार ने <strong>डिजिटल इंडिया</strong> (Digital India) के सपने को साकार करने के लिए समूह की महिलाओं को <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-will-make-and-operate-drone">बैंक सखी </a>(Bank Sakhi) बनाया, पर मानदेय के लिए उन्हें कई परेशानियों से जूझना पड़ा.</p>
<p><img alt="nrlm shg women" src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/390x0/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/3EPzlpE3RVdiIh3heOlz.jpg" style="width: 390px;" class="center"></p>
<p class="center"><span style="font-size: 8pt;">Image Credits : nrlm.gov.in</span></p>
<h3>मिशन के अधिकारी कर रहे मनमानी&nbsp;</h3>
<p><strong>Self Help Groups की महिलाएं</strong> जो <strong>बिजली सखी</strong> (Bijli Sakhi) का काम देख रहीं हैं. उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मिशन के अंतर्गत काम कर रहे जिला प्रबंधक या अधिकारी मनमाने तरीके से काम कर, मिशन में काम कर रही <strong>एसएचजी महिलाओं का शोषण </strong>कर रहें हैं.&nbsp;</p>
<p>सरकार को एसएचजी महिलाओं के हित में काम करने के लिए <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-ready-to-become-micro-agripreneurs-with-upsrlm">NRLM&nbsp;में हो रहें भ्रष्टाचार</a>&nbsp;को जड़ से खत्म करना होगा. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों पर नज़र रखनी होगी. तभी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं महिलाओं के जीवन में बदलाव ला पाएंगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">हेमा वाजपेयी</dc:creator><pubDate>Sat, 26 Aug 2023 17:21:28 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/sharminda/uttar-pradesh-need-to-probe-corruption-in-nrlm]]></guid><category><![CDATA[शर्मिन्दा]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/3ewHGU6N5BbbPGwpAEur.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/3ewHGU6N5BbbPGwpAEur.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सरकरी प्रयासों के साथ सशक्तिकरण के पथ पर ग्रामीण महिलाएं ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/government-schemes-for-rural-women-helping-them-progress</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg"><p>भारत सरकार (Indian Government) महिलाओं की सुरक्षा (women's safety) और सशक्तिकरण (women empowerment) को बढ़ावा देने लिए कई पहलों की शुरुआत कर रही है. इन पहलों के ज़रिये महिलाओं, खासकर ग्रामीण महिलाओं (rural women) के शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है. 73 वें संशोधन अधिनियम के तहत पंचायती राज संस्थानों (PRI) में 1/3 भागों की सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं. पीआरआई में 14.50 लाख से ज़्यादा महिला प्रतिनिधि हैं, जो कुल निर्वाचित प्रतिनिधियों का लगभग 46% हैं.</p>
<h2>सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं / कार्यक्रम लागू किए</h2>
<p>भारत सरकार ने महिलाओं के कल्याण और उनके सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं / कार्यक्रम लागू किए हैं (government schemes for rural women). राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत लगभग 9.00 करोड़ महिलाएं 83.5 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से जुड़ी हुई हैं, जिससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आज़ादी (financial freedom) हासिल करने में सक्षम बन रही हैं.</p>
<p>महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत तय किया गया कि नौकरियों में कम से कम एक तिहाई हिस्सेदारी महिलाओं की रहेगी. &nbsp;</p>
<h3>महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही सरकार&nbsp;</h3>
<p>इसके अलावा, अन्य योजनाएं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP), समग्र शिक्षा, बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना, स्वच्छ विद्यालय मिशन और स्वच्छ भारत मिशन महिलाओं को अवसरों तक पहुंचने में मदद करते हैं. स्किल इंडिया मिशन (skill India Mission) महिलाओं के रोजगार को बढ़ाने और आर्थिक आज़ादी हासिल करने के लिए प्रशिक्षण देता है.</p>
<p>मिशन पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी सेवाएं गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करा रहीं माताओं तक पहुंच रहा है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के ज़रिये महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है.&nbsp;</p>
<p>&lsquo;स्वच्छ भारत मिशन&rsquo; (Swachha Bharat Mission) के तहत 11.00 करोड़ से ज़्यादा शौचालयों का निर्माण, &lsquo;<a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/shgs-bringing-change-into-women-lives">उज्जवला योजना</a>&rsquo; (Ujjwala Yojana) के तहत गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली लगभग 9.58 करोड़ महिलाओं को क्लीन कुकिंग गैस कनेक्शन, और &lsquo;जल जीवन मिशन&rsquo; के तहत 19.46 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 12.59 करोड़ को नल जल संपर्क कनेक्शन देने से महिलाओं के जीवन में सुधार हुआ है. &lsquo;प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान&rsquo; (digital literacy) ने 6 करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षरता प्रदान करने का लक्ष्य रखा, जिसमें से PMGDISHA के अंतर्गत लाभार्थियों का 53% महिलाएं हैं.</p>
<p>महिला एवं बाल विकास मंत्रालय <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/odisha-govt-launches-mission-shakti-scooter-yojana-for-shg">&lsquo;मिशन शक्ति</a>&rsquo; (Mission Shakti) के ज़रिये<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/banks-fail-shg-loan-under-mission-shakti"> महिलाओं </a>&nbsp;की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए देशभर में समर्थन कर रहा है. सामर्थ्य योजना के तहत एक नया विभाग जोड़ा गया है, जिसमें महिलाओं के लिए शक्तिकरण हब शामिल है. ये हब केंद्रीय, राज्य / संघ के लेवल पर महिलाओं के लिए योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन, लिंकिंग और हैंड होल्डिंग कर रहा है. पूरे देश में ब्लॉक / ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च शिक्षा, करियर और व्यवसायिक परामर्श / प्रशिक्षण, फाइनेंशियल इन्क्लूशन, उद्यमिता, नेटवर्किंग, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता का समर्थन किया जा रहा है.</p>
<p>इन <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/with-the-right-funding-goa-shg-women-can-make-mid-day-meal-nutritious">योजनाओं</a> के ज़रिये महिलाएं न केवल सशक्त हो रहीं हैं बल्कि, देश के आर्थिक, सामाजिक, और राजनीतिक विकास में भी भागीदार बन रही हैं.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 26 Jul 2023 14:53:26 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/government-schemes-for-rural-women-helping-them-progress]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/MGInqmVBTYyUXPuspT2z.jpg"/></item><item><title><![CDATA[झारखंड कि रानी 'मिस्त्री' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/jharkhand-shg-rani-mistri-udaypura-ranchi</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4gRMiJJMkoJ92pl0oQ9y.jpg"><p dir="ltr">कौन कहता है की ईंट-कंक्रीट से जुड़े काम सिर्फ पुरुष ही कर पाते है? झारखंड की महिलाओं ने यह बात बहुत साल पहले ही गलत साबित कर दी, और साथ ही उन लोगों की सोच और मुँह पर ताला भी लगा दिया जो महिलाओं को किसी से काम समझते है. झारखण्ड में जब तक रानी मिस्त्रियों ने काम शुरू नहीं कर दिया तब तक लोग यही समझते थे कि ये सब काम तो आदमियों के है. लेकिन आज रांची कि वो रानियां जब काम करती है, तब उनके हाथों कि रफ़्तार देखकर सब दंग रह जाते है. जब तक कोई राज मिस्त्री या पुरुष मिस्त्री एक दिवार कि चिनाई करता है तक तब एक रानी मिस्त्री 2 दीवारों का काम ख़त्म कर देती है. </p>
<p dir="ltr">यह सिलसिला शुरू हुआ चार साल पहले जब उनके गांव उदयपुरा में कार्यरत स्वयं सहायता समूह को 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत सौ शौचालय बनाने का काम सौंपा गया. उम्मीद थी कि राज मिस्त्री मिल जाएंगे, लेकिन काम छोटा था तो कोई आदमी तैयार नहीं था. यह देखकर महिलाओं ने काम करने का बीड़ा उठा लिया. जिला प्रशासन की ओर से इन्हें प्रशिक्षण दिया गया, इसके बाद 20-25 महिलाओं ने मिलकर सारे शौचालयों का निर्माण कर दिया. काम करने के बाद जब इन महिलाओं को पैसे मिले तो इनके जोश में और बढ़ावा आया. बस फिर क्या था, वो दिन है और आज का दिन है, झारखंड में 50 हज़ार से ज़्यादा रानी मिस्त्री काम कर रहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी इनकी सफलता की कहानियां पहुंची और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए खूंटी जिले की कुछ रानी मिस्त्रियों वे भी इनका हौसला बढ़ा चुके हैं.</p>
<p dir="ltr"><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/OBhaX5uAcaRU3yn8nokn.jpg" alt="Sunita devi "></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Ram Nath Kovind facebook official page</em></span></p>
<p dir="ltr">इन्ही में से एक नाम है, सुनीता देवी. झारखंड के लातेहार जिले के उदयपुरा गांव की रहने वाली और अपने इलाके की मशहूर ‘रानी मिस्त्री’. वह वर्ष 2019 में भारत के राष्ट्रपति के हाथों भारत सरकार की ओर से कामकाजी महिलाओं को प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मान 'नारी शक्ति पुरस्कार' से नवाजी जा चुकी हैं. इन रानी मिस्त्रियों पर 'वल्र्ड बैंक' ने हाल में एक रिपोर्ट बनाई. हजारीबाग की ही एक रानी मिस्त्री निशात जहां कहती हैं, "महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं. जो पुरुष कर सकते हैं वो महिलाएं भी कर सकती हैं और कई बार तो पुरुषों से बेहतर कर सकती हैं. रेजा-मजदूर के रूप में महिलाएं पहले भी निर्माण कार्य में लंबे समय से काम करती आयी हैं. अब उन्हें रानी मिस्त्री के रूप में काम करने का मौका मिला है तो वे यहां भी अपना हुनर और काबिलियत दिखा रही हैं." सब लोगों ने यह मान रखा है कि महिलाएं निर्माण गतिविधियों में सहायकों की भूमिका ही निभाती है. लेकिन, झारखंड में महिला मजदूरों ने मिस्त्री के काम में पुरुषों के वर्चस्व को तोड़ दिया है. </p>
<p dir="ltr">झारखंड उन राज्यों में से एक है जिसे 'स्वच्छ भारत अभियान' की योजना बनाने और उसको लागू करने के लिए 'विश्व बैंक' की ओर से तकनीकी मदद मिली थी. इस तकनीकी मदद के हिस्से के रूप में विश्व बैंक ने टॉयलेट बनाने के लिए मिस्त्रियों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया था और उनमें से कई कार्यक्रमों में महिला मजदूरों ने भी हिस्सा लिया. कई रानी मिस्त्रियों के परिवार वाले इस काम को सीखने को लेकर उनके खिलाफ खड़े हो गए. पर संघर्ष कर इन रानी मिस्त्रियों ने अपना मुकाम पा ही लिया. झारखंड में यह बात साबित हो गयी कि महिलाएं किसी से भी कम नहीं है. सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि हर राज्य कि महिला इतनी ही सशक्त है कि वो कुछ भी आसानी से कर सकती है. बस चाहिए तो वो हौसला जो झारखंड महिलाओं ने दिखाया. अगर हर महिला बिना डरे काम करने लग गयी तो देश कि शिथि को बदलने में ज़रा भी वक़्त नहीं लगेगा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Mon, 24 Apr 2023 16:32:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/jharkhand-shg-rani-mistri-udaypura-ranchi]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4gRMiJJMkoJ92pl0oQ9y.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/4gRMiJJMkoJ92pl0oQ9y.jpg"/></item><item><title><![CDATA['स्वच्छता दूत' बन स्वच्छोत्सव 2023 में SHG ने लिया हिस्सा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-participate-as-swachhta-doots-in-swachhotsav2023</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg"><p><iframe style="width: 963px; height: 540px;" src="https://www.youtube.com/embed/zyDK9hKsrYs" width="963" height="540" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>स्वच्छ भारत मिशन ने शहरी और ग्रामीण भारत में स्वच्छता की अलख जगा दी. शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने 'स्टोरीज़ ऑफ़ चेंज' संग्रह का अनावरण किया और साथ ही स्वच्छता की अद्भुत ऑन-ग्राउंड सफलताएँ सामने लाये.  इस कार्यक्रम के लिए 300 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य आये और विभिन्न अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट )टेक्निक सीखें. यह SHG महिलाएं वह 'स्वच्छता दूत' बनी जिन्होंने भारत की सफाई में नयी सफलता दी खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में. शहरी भारत में करीब चार लाख महिलाएं सीधे स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुडी हुई हैं. स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से हमने न केवल इन महिलाओं को सम्मान मिला बल्कि आजीविका के ठोस अवसर भी प्राप्त हुए.  </p>
<p>स्वच्होत्सव 2023 में तेलंगना से आई शबाना बेगम ने अपने SHG श्री प्रसन्ना स्वयं सहायता समूह के बारें में बताया की कैसे वह भुवनेश्वर समेत भारत के अलग अलग हिस्सों में गए और स्वच्छता के मॉडल को समझा। उन्होंने समूह के साथ ड्राई रिसोर्स कलेक्शन सेंटर (डी आर सी सी ) की शुरुआत की। इसमें वह कचरा कलेक्शन, सेग्रिगेशन और उसका कम्पोस्ट बनाते है। इस तरह उनकी और समूह की आमदनी का जरिया भी बन गया है। शहरी कार्य मंत्रालय की इसमें महती भूमिका रही। शबाना आगे चाहती है की वह और भी नई चीज़ें सीखें और आगे बढ़े।  शबाना एक मुस्कराहट के साथ बताती है कि स्वच्होत्सव 2023 के लिए दिल्ली आना उनकी पहली हवाई यात्रा है। हरदीप सिंह पूरी ने ख़ुशी जताई और साथ ही SHG महिलाओं को एकता और समझ के लिए बधाई दी। पुरी ने साथ ही दिल्ली के महत्त्व को भी बताया।     </p>
<p>'स्वच्छोत्सव - 2023: कचरा मुक्त शहरों के लिए अलग अलग मंत्रालय साथ आये.  यूनाइटेड नेशन एनवायरमेंट प्रोग्राम ( यूएनईपी ) और यूएन हैबिटेट भी अंतरराष्ट्रीय जीरो वेस्ट 2023 का हिस्सा बने. महापौरों, आयुक्तों, मिशन निदेशकों, व्यापार और तकनीकी विशेषज्ञों, महिला और युवा प्रमुख स्वच्छता, तकनीकी संस्थानों, विकास भागीदारों सहित 350  से ज़्यादा प्रतिनिधि ने भाग लिया. इस स्वच्छता मिशन में शहरी क्षेत्रों में SHG महिलाएं भी अपनी सतत भागीदारी दे रही है. ओडिशा में मिशन शक्ति और वहाँ के हाउसिंग अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में एक गढ़बंधन हुआ जिसमे ओडिशा के 16,000 से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह (SHG) गीला और सूखा वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रहे है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 58,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ग्राम पंचायतों में बन रहे शौचालयों का जिम्मा सौपा गया है. और ये सिर्फ इन दो राज्यों की बात नहीं है. स्वयं सहायता समूह पुरे देश में जोरो शोरो से काम कर रहे है.   </p>
<p>आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (एमओएचयूए) - शहरी गरीब महिलाओं के समूहों को स्वयं सहायता समूहों में शामिल कर रहा है और ऐसे अवसर प्रदान कर रहा है जो उन्हें स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के लिए मदद देगा. 2017 में केंद्र ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) में योगदान के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को पुरुस्कार देने का भी फैसला किया था. भारत मिशन के निदेशकों और नगर निगम आयुक्तों ने हाल ही में कहा कि सरकार महिला स्वयं सहायता समूह को स्लम्स में जोड़ना चाहती है, ताकि इस पहल को पुरे प्रभाव से आगे बढ़ाया जा सके.शहरी क्षेत्रों के SHG स्वच्छता मिशन को कारगर और सफल बनाने की वर्कफोर्स बन सकते है.  विकास और विश्वास का अनूठा सम्बन्ध देश के स्वयं सहायता समूहों के पास मौजूद है. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 31 Mar 2023 18:02:29 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-participate-as-swachhta-doots-in-swachhotsav2023]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg"/></item><item><title><![CDATA[स्वच्छ भारत अभियान SHGs के साथ  बढ़ा एक और कदम आगे ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/swachh-utsav-2023-collaborated-with-urban-shg</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg"><p>प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वछता आंदोलन की शुरुआत की, तभी से पुरे भारत में साफ़ सफाई को लेकर जागरूकता आई. स्वच्छ भारत मिशन ने शहरी और ग्रामीण भारत में स्वच्छता की अलख जगा दी. लोगो की भागीदारी के साथ यह एक बड़ा जान आंदोलन बना.  पूरा भारत अपने शहरों, गाँव, सड़कों समेत हर जगह की सफाई में लग गया.  </p>
<p>शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने 'स्टोरीज़ ऑफ़ चेंज' संग्रह का अनावरण किया और साथ ही स्वच्छता की अद्भुत ऑन-ग्राउंड सफलताएँ सामने लाये.  इस कार्यक्रम के लिए 300 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य आये और विभिन्न अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट )<br>टेक्निक सीखें. यह SHG महिलाएं वह 'स्वच्छता दूत' बनी जिन्होंने भारत की सफाई में नयी सफलता दी खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में. शहरी भारत में करीब चार लाख महिलाएं सीधे स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुडी हुई हैं. स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से हमने न केवल इन महिलाओं को सम्मान मिला बल्कि आजीविका के ठोस अवसर भी प्राप्त हुए.  </p>
<p>स्वच्होत्सव 2023 में तेलंगना से आई शबाना बेगम ने अपने SHG श्री प्रसन्ना स्वयं सहायता समूह के बारें में बताया की कैसे वह भुवनेश्वर समेत भारत के अलग अलग हिस्सों में गए और स्वच्छता के मॉडल को समझा। उन्होंने समूह के साथ ड्राई रिसोर्स कलेक्शन सेंटर (डी आर सी सी ) की शुरुआत की। इसमें वह कचरा कलेक्शन, सेग्रिगेशन और उसका कम्पोस्ट बनाते है। इस तरह उनकी और समूह की आमदनी का जरिया भी बन गया है। शहरी कार्य मंत्रालय की इसमें महती भूमिका रही। शबाना आगे चाहती है की वह और भी नई चीज़ें सीखें और आगे बढ़े।  शबाना एक मुस्कराहट के साथ बताती है कि स्वच्होत्सव 2023 के लिए दिल्ली आना उनकी पहली हवाई यात्रा है। हरदीप सिंह पूरी ने ख़ुशी जताई और साथ ही SHG महिलाओं को एकता और समझ के लिए बधाई दी। पुरी ने साथ ही दिल्ली के महत्त्व को भी बताया।     </p>
<p>'स्वच्छोत्सव - 2023: कचरा मुक्त शहरों के लिए अलग अलग मंत्रालय साथ आये.  यूनाइटेड नेशन एनवायरमेंट प्रोग्राम ( यूएनईपी ) और यूएन हैबिटेट भी अंतरराष्ट्रीय जीरो वेस्ट 2023 का हिस्सा बने. महापौरों, आयुक्तों, मिशन निदेशकों, व्यापार और तकनीकी विशेषज्ञों, महिला और युवा प्रमुख स्वच्छता, तकनीकी संस्थानों, विकास भागीदारों सहित 350  से ज़्यादा प्रतिनिधि ने भाग लिया.  </p>
<p>आज शहरी भारत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बन गया है, इसी के साथ स्वाच भारत मिशन अर्बन (एसबीएम-यू ) के लक्ष्यों के रिज़ल्ट देखते हुए, दृढ़ संकल्प के साथ दूसरे चरण (एसबीएम-यू 2.0) की संभावनाएं कई गुना बढ़ गयी है. अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करना , भारत की प्रतिबद्धताओं का एक महत्वपूर्ण पहलू है. पिछले साल जून में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE) आंदोलन की शुरुआत की और सब से अपने जीवन में 'वेस्ट टू वेल्थ' और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणाओं को बुनकर 'प्रो-प्लैनेट पीपल' बनने का आग्रह किया. 2023-24 के बजट ने सूखे और गीले कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर अधिक ध्यान दिया.  </p>
<p>इस स्वच्छता मिशन में शहरी क्षेत्रों में SHG महिलाएं भी अपनी सतत भागीदारी दे रही है. ओडिशा में मिशन शक्ति और वहाँ के हाउसिंग अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में एक गढ़बंधन हुआ जिसमे ओडिशा के 16,000 से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह (SHG ) गीला और सूखा वेस्ट मैनेजमेंट पर काम कर रहे है. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 58,000 महिला स्वयं सहायता समूहों को ग्राम पंचायतों में बन रहे शौचालयों का जिम्मा सौपा गया है. और ये सिर्फ इन दो राज्यों की बात नहीं है. स्वयं सहायता समूह पुरे देश में जोरो शोरो से काम कर रहे है.   </p>
<p>आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (एमओएचयूए) - शहरी गरीब महिलाओं के समूहों को स्वयं सहायता समूहों में शामिल कर रहा है और ऐसे अवसर प्रदान कर रहा है जो उन्हें स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के लिए मदद देगा. 2017 में केंद्र ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) में योगदान के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को पुरुस्कार देने का भी फैसला किया था. भारत मिशन के निदेशकों और नगर निगम आयुक्तों ने हाल ही में कहा कि सरकार महिला स्वयं सहायता समूह को स्लम्स में जोड़ना चाहती है, ताकि इस पहल को पुरे प्रभाव से आगे बढ़ाया जा सके.</p>
<p> शहरी क्षेत्रों के SHG स्वच्छता मिशन को कारगर और सफल बनाने की वर्कफोर्स बन सकते है.  विकास और विश्वास का अनूठा सम्बन्ध देश के स्वयं सहायता समूहों के पास मौजूद है.  अर्बन पृष्ठभूमि को जिस कम्युनिटी जोड़ की ख़ास ज़रुरत है उसे SHG पूरा करते है.  यही ताक़त स्वछता मिशन की क्रांति को अपना बल देकर पूरा देश के लिए बहुत कुछ करने की क़ाबलियत रखते है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 30 Mar 2023 14:22:27 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/swachh-utsav-2023-collaborated-with-urban-shg]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/SmyREI3x3oqhAIT5MB4V.jpg"/></item><item><title><![CDATA[स्वच्छता का अलख जगा रही दीदियों को समर्पित नवरात्र ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/up-govt-felicitates-women-workers-this-navratri</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tSibbeSMiXvqpZ35NSCY.jpg"><p>चैत्र की इस नवरात्र को उत्तर प्रदेश में  इस बार खास अंदाज़ में मनाया जा रहा है. अपनी परवाह किए बगैर कस्बे से लेकर शहरों को स्वच्छ और ताज़ी आबो-हवा दने वाली दीदियों को समर्पित कर दिया. देवी के नौ ही रूपों और उनकी खासियत को आधुनिक तरीके से शेप दिया गया. इसी फ्रेम में सफाई दीदी को हर दिन नई उपाधि से नवाज़ा जाएगा. इस अभिनव प्रयोग को देशभर में सराहा जा रहा है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये नवरात्र उन देवियों को समर्पित कर दिया जो समाज में कई बार नज़र अंदाज़ कर दी जाती हैं. </p>
<p>गुड़ी पड़वा और मां दुर्गा के नौ रूपों को अलग -अलग कैटेगरी में लेकर राज्य स्तरीय पुरस्कार सफाई मित्र दीदी को दिए जाएंगे. नवरात्र के पहले दिन शैल पुत्री को माना जाता है. स्थानीय निकाय,स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) मिशन ने यह तय किया कि प्रदेश में स्वसहायता समूह की उन दीदी को इस सम्मान में शामिल करेंगे जो स्वच्छता के साथ अन्य लोगों को जागरूक कर रही हैं. इसी तरह नवरात्र का दूसरा दिन देवी ब्रह्मचारिणी के रूप में माना जाता है. इस रूप को ज्ञान,निष्ठा और ज्ञान का प्रतीक मानते हैं. इस दिन, उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने न केवल अपशिष्ट प्रबंधन बल्कि इसके माध्यम से कमाई का तरीका खोजा.</p>
<p><br>तीसरे दिन, क्षमा और शांति की देवी के रूप में जानी जाने वाली देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. इस दिन कचरा प्रबंधन में कार्यरत महिला उद्यमियों, जिन्होंने दूसरों के लिए रोजगार के अवसर बनाए उनको सम्मानित किया जाएगा. चौथे दिन देवी कुष्मांडा को समर्पित है,जिन्हें ब्रह्मांड का निर्माता माना जाता है. इस दिन सफाई मित्र (स्वच्छता कर्मचारी) को इसी तरह सम्मानित किया जाएगा. और पांचवे दिन प्यार और मातृत्व की देवी मानी जाने वाली देवी स्कंदमाता के रूप में  दूसरों को स्वच्छता में मास्टर ट्रेनर्स को सम्मानित किया जाएगा.</p>
<p>नवरात्र के छटवें दिन बुराई का नाश करने वाली देवी कात्यायनी के नाम से पूजा जाता है.  इस दिन स्वच्छता निश्चित करने के लिए अभिनव प्रथाओं के साथ सेवाएं देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा. सातवें दिन देवी कालरात्रि को समर्पित है, जिन्हें अंधकार और अज्ञान का नाश करने वाली स्वरूप में जाना जाता है. इस दिन खासतौर पर खाद बनाने और दूसरों को भी प्रोत्साहित करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा.</p>
<p>उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकायों की निदेशक और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) मिशन निदेशक नेहा शर्मा ने बताया-" समाज में सबसे गुमनाम होकर भी केवल अपने इलाके बल्कि प्रदेश को सवच्छ और सुंदर बनाने में अपने जीवन समर्पित कर चुकी है उन्हें मंडल ,जिला और राज्य स्तर पुरस्कृत किया जाएगा. शर्मा आगे बताती हैं -" इसका मकसद नवरात्र में उन असली देवियों को सम्मानित करना है ,जो समाज में मिसाल बन चुकी हैं.उन्होंने बताया नवरात्र के आठवें दिन देवी महागौरी के नाम पर मिशन उन महिलाओं को सम्मानित करेगा, जिन महिलाओं के प्रयासों से शहरी निकाय को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में मदद मिलती है. स्वच्छता के लिए सामुदायिक जागरूकता में शामिल दीदियों को नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन देवी सिद्धिदात्री (इच्छाओं को पूरा करने वाली) के नाम पर सम्मानित किया जाएगा.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 22 Mar 2023 16:48:53 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/up-govt-felicitates-women-workers-this-navratri]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tSibbeSMiXvqpZ35NSCY.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/tSibbeSMiXvqpZ35NSCY.jpg"/></item></channel></rss>