<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ स्वच्छता]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/svcchtaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/svcchtaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 30 Jan 2024 00:00:39 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[SHG सुपर विमेन को राष्ट्रपति सम्मान ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-members-awarded-swachh-sujal-shakti-samman-by-president-murmu-565486</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg"><p dir="ltr">पानी के लिए सर पर मटके रख मीलों दूर जाना, लम्बी लाइनों में इंतज़ार और पानी की रोज़ यही मारा-मारी. ये 90 के दशक की मूवी का सीन नहीं पर आज भी कई ग्रामीण इलाकों की असलियत है. स्वास्थ्य, पर्यावरण, सफाई - सब पानी से जुड़ा हुआ है. पानी तक आसान पहुंच न होने की वजह से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्याओं को हल करने के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं ने मोर्चा संभाला. जागरूकता फैलाकर, समाज के लोगों को एक जुट लाकर और सरकार की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करवाने में अहम भूमिका निभाई. जल शक्ति मंत्रालय ने ऐसी महिलाओं के योगदान को सराहा जिन्होंने चुनौतियों से निडर होकर न केवल पानी की कमी को दूर करने के उपाय खोजे बल्कि वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छता पर जागरूकता फैलाई, बायोडिग्रेडेबल और गैर-बायोडिग्रेडेबल वेस्ट प्रबंधन करवा कर लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा भी की.   </p>
<p dir="ltr">भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023' जल, सैनिटेशन और स्वच्छता (वॉश) की 36 महिला चैंपियनों को पेश किया. विजेताओं से आग्रह किया कि वे अपनी सफलता और साहस की कहानियां अपने गावों और कस्बों तक लेकर जायें और पर्यावरण को बचाने वाली हर प्रेक्टिस को लागू करने के लिए प्रेरित करें. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक SHG ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लास्टिक वेस्ट से सजावट का सामान बनाया. इससे न केवल उन्हें कमाई का ज़रिया मिला, बल्कि प्लास्टिक वेस्ट को रीसायकल भी किया. ओडिशा के जाजपुर जिले में सुजानपुर ग्राम पंचायत की सरपंच बिष्णुप्रिया महकुद SHG की मदद से वेस्ट मैनेजमेंट की बेस्ट प्रेक्टिस को लागू करवा रही है. घरेलू और सामुदायिक स्तर पर कचरे को अलग करने और उसे सही तरह से फेंकने के बारे में जागरूक कर खाद भी बनवा रही है.</p>
<p dir="ltr"><img style="width: 387px; height: 258px;" src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/9eJAGE4Td1eD6bZYABMQ.jpg" alt="President Draupadi Murmu "></p>
<p dir="ltr"><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Google Images</span></em></p>
<p dir="ltr">SHG की मदद से 8,000 की आबादी वाले 4 गांवों- दुर्गापुर, हसनपुर, काशीपुर और सुजानपुर को खुले में शौच मुक्त (ODF) प्लस मॉडल बना दिया. आज न केवल घर बल्कि दुकानदार, संस्थान और स्कूल भी कचरे को अलग करके और बायोडिग्रेडेबल कचरे से खाद बनाकर आस-पास की जगहों को स्वच्छ रख रहे हैं. इन सभी गांवों में आज डेंगू, मलेरिया, पीलिया जैसी पानी से उपजी बीमारियां न के बराबर हैं.    </p>
<p dir="ltr">इसी तरह, जल जीवन मिशन के तहत देश भर के गांवों में महिला SHG द्वारा सराहनीय काम किया गया. कई सालों से जहां नल कनेक्शन नहीं हो पा रहे थे वहां आज समूह की महिलाओं ने हर घर में नल कनेक्शन करवा स्वच्छ पेयजल पहुंचाया. टैक्स कलेक्शन, पाइपलाइन  को सुधरवाने और जल प्रबंधन को मज़बूती से लागू करने का भी काम किया. </p>
<p dir="ltr">हर घर नल योजना की सफलता का श्रेय इन महिलाओं को भी जाता है जिन्होंने सरकार की मदद कर इस योजना को हर तबके के लोगों तक पहुंचाया और साबित किया कि ठान लो तो हर चुनौती का समाधान निकला जा सकता है.  </p>
<p dir="ltr"><img src="https://d2vbj8g7upsspg.cloudfront.net/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/usSCIcmX81AamiogtA5Q.jpg" alt="SHG mahila awarded at swachh sujal shakti Samman"></p>
<p><em><span style="font-size: 8pt;">Image Credits: Google Images</span></em></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Tue, 30 Jan 2024 00:00:39 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-women-members-awarded-swachh-sujal-shakti-samman-by-president-murmu-565486]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Cne5KYHPE5BWf6kpsd7m.jpg"/></item><item><title><![CDATA[प्रतियोगिता के ज़रिये 10 हज़ार किलो प्लास्टिक वेस्ट हुआ इकट्ठा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/waste-collection-competition-of-shgs-more-than-10000-kgs-of-plastic-garbage-collected</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg"><p>स्कूल,कॉलेज छोड़ने के बाद कहां किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलता है ! मणीपर (Manipur) के SHG को ये मौका मिला. मणिपुर के थौबल नगर परिषद (टीएमसी) ने एक प्रतियोगिता रखी जिसमें नगर के स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups)  ने भाग लिया. वेस्ट कलेक्शन प्रतियोगिता (Waste Collection Competition) को थौबल खुनौ स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट परिसर में आयोजित किया गया. कुल मिलाकर 24 एसएचजी ने प्रतियोगिता में भाग लिया जिससे कुल 10,880 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकट्ठा किया गया. लैनचेंबी एसएचजी ने कुल 1204.4 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया; सनालीमा एसएचजी ने 1150.8 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और 1107.7 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे के साथ तीसरा स्थान खुमानलेइमा एसएचजी को मिला.</p>
<p>थौबल डिप्टी कमिश्नर ए सुभाष ने थौबल में स्वच्छता बनाए रखने में थौबल नगर परिषद के साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि टीएमसी घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की पहल करके स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को तेज़ कर रही है. उन्होंने जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर अपना कचरा डंप करते हैं, उन्हें ऐसा न करने का आग्रह किया. स्वयं सहायता समूहों के ज़रिये महिलाएं अपना रोज़गार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं , और साथ ही समय-समय पर सरकार की योजनाओं को लागू करवाने में भी मदद कर रही हैं. नगर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए और कूड़ा खुले में न फेंकने के लिए जागरूकता फैला रही हैं. ये महिलाएं उसी समाज से आती हैं जहां योजनाएं लागू करना है, ऐसे में इन महिलाओं की भागीदारी से सरकार को उन लोगों तक पहुंचने में सहायता होती है जहां वो खुद नहीं पहुंच सकती. </p>
<p>सामाजिक समस्याओं का समाधान करने वाली इस तरह की प्रतियोगिताएं लोगों में जवाबदेही की भावना पैदा करेगी. वातावरण की स्वच्छता बनाये रखने के लिए जनता की सामूहिक भागीदारी ज़रूरी है, जिसके बिना स्वच्छ शहर का सपना पूरा नहीं हो सकता. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आगे आना इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Sat, 06 May 2023 13:07:15 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/waste-collection-competition-of-shgs-more-than-10000-kgs-of-plastic-garbage-collected]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg"/></item><item><title><![CDATA[प्रतियोगिता के ज़रिये 10 हज़ार किलो प्लास्टिक वेस्ट हुआ इकट्ठा ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/waste-collection-competition-of-shgs-more-than-10000-kgs-of-plastic-garbage-collected</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg"><p>स्कूल,कॉलेज छोड़ने के बाद कहां किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलता है ! मणीपर (Manipur) के SHG को ये मौका मिला. मणिपुर के थौबल नगर परिषद (टीएमसी) ने एक प्रतियोगिता रखी जिसमें नगर के स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups)  ने भाग लिया. वेस्ट कलेक्शन प्रतियोगिता (Waste Collection Competition) को थौबल खुनौ स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट परिसर में आयोजित किया गया. कुल मिलाकर 24 एसएचजी ने प्रतियोगिता में भाग लिया जिससे कुल 10,880 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकट्ठा किया गया. लैनचेंबी एसएचजी ने कुल 1204.4 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया; सनालीमा एसएचजी ने 1150.8 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और 1107.7 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे के साथ तीसरा स्थान खुमानलेइमा एसएचजी को मिला.</p>
<p>थौबल डिप्टी कमिश्नर ए सुभाष ने थौबल में स्वच्छता बनाए रखने में थौबल नगर परिषद के साथ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि टीएमसी घर-घर जाकर कूड़ा उठाने की पहल करके स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को तेज़ कर रही है. उन्होंने जो लोग सार्वजनिक स्थानों पर अपना कचरा डंप करते हैं, उन्हें ऐसा न करने का आग्रह किया. स्वयं सहायता समूहों के ज़रिये महिलाएं अपना रोज़गार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं , और साथ ही समय-समय पर सरकार की योजनाओं को लागू करवाने में भी मदद कर रही हैं. नगर में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए और कूड़ा खुले में न फेंकने के लिए जागरूकता फैला रही हैं. ये महिलाएं उसी समाज से आती हैं जहां योजनाएं लागू करना है, ऐसे में इन महिलाओं की भागीदारी से सरकार को उन लोगों तक पहुंचने में सहायता होती है जहां वो खुद नहीं पहुंच सकती. </p>
<p>सामाजिक समस्याओं का समाधान करने वाली इस तरह की प्रतियोगिताएं लोगों में जवाबदेही की भावना पैदा करेगी. वातावरण की स्वच्छता बनाये रखने के लिए जनता की सामूहिक भागीदारी ज़रूरी है, जिसके बिना स्वच्छ शहर का सपना पूरा नहीं हो सकता. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आगे आना इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगा. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Sat, 06 May 2023 13:07:15 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/waste-collection-competition-of-shgs-more-than-10000-kgs-of-plastic-garbage-collected]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/TxBScRKqraCMSofl05In.jpg"/></item></channel></rss>