<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ स्वरोजगार]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/svrojgaar</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/svrojgaar" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Tue, 18 Jul 2023 15:08:22 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[5.39 लाख SHG महिलाएं 350 करोड़ रूपये के साथ बढ़ रहीं आर्थिक आज़ादी की ओर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/deputy-cm-keshav-prasad-maurya-provided-fund-of-rupees-5-lakh-39-thousand-to-women-self-help-groups</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BgnHGEj7fxG1r5DWfB5W.jpg"><h2>उपमुख्यमंत्री ने 49084 SHGs के 5.39 लाख सदस्यों को 350 करोड़ रुपये की धनराशि की इशू&nbsp;</h2>
<p>उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM of UP Keshav Prasad Maurya) ने<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/remembering-indian-female-diplomats-on-international-day-of-women-in-diplomacy-2023"> महिलाओं </a>&nbsp;की <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/financial-freedom-can-boost-women-empowerment">आर्थिक आज़ादी</a> (financial freedom) और फाइनेंशियल इन्क्लूशन (financial inclusion) को बढ़ावा देते हुए बड़ा फैसला लिया. उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के 53 जनपदों के 49084 स्वयं सहायता समूहों के 5.39 लाख सदस्यों को 350 करोड़ रुपये की धनराशि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (online platforms) के ज़रिये समूह के खातों में इशू की. इस धनराशि में से 19992 स्वयं सहायता समूह के 2.19 लाख परिवारों को रिवॉल्विंग फंड (revolving fund) के रूप में 30 करोड़ रूपये दिए गए. साथ ही, 29092 स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) के 3.20 लाख परिवारों को सामुदायिक निवेश निधि (<span class="Y2IQFc" lang="en">community investment fund</span>) के लिए 320 करोड़ रुपये दिए.&nbsp;</p>
<h2>स्किल क्षमता बढ़ाकर अपनी पहचान बनाने के लिए किया प्रेरित</h2>
<p>उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने स्वयं सहाय समूहों (SHG women) से जुड़ी दीदियों को उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी. उन्हें आजीविका अवसरों को बेहतर बनाने के लिए स्किल क्षमता (SHG Skill development) बढ़ाकर अपनी पहचान बनाने के लिए &nbsp;प्रेरित किया.</p>
<h3>मिशन निदेशक सी0 इन्दुमती ने कहा साल 2023 के अंत तक 1.18 करोड़ परिवारों को SHG से जोड़ने का है लक्ष्य&nbsp;</h3>
<p>राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (<span class="Y2IQFc" lang="en">State Rural Livelihood Mission</span>) के मिशन निदेशक सी0 इन्दुमती द्वारा सभी समूह सदस्यों को बताया गया कि साल 2023 के अंत तक राज्य में 1.18 करोड़ परिवारों को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेज़ी से काम किया जा रहा है. पंदित दीनदयाल अन्त्योदय योजना-<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/bank-sakhi">राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन</a> (DAY-NRLM) के महिला सशक्तिकरण (women empowerment) के लक्ष्य को पूरा करने के लिए <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/sabka-saath-sabka-vikas-leading-india-on-the-path-of-progress">प्रधानमंत्री</a> नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाएं स्वरोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास के ज़रिये आत्मनिर्भर बन रही हैं.</p>
<p>मिशन द्वारा स्वयं सहायता समूहों से ज़्यादा से ज़्यादा परिवारों को जोड़ा जा रहा है, जिससे परिवारों का सामाजिक और आर्थिक विकास हो, गरीबी हटे, और फाइनेंशियल इन्क्लूशन को बढ़ावा मिले.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Tue, 18 Jul 2023 15:08:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/deputy-cm-keshav-prasad-maurya-provided-fund-of-rupees-5-lakh-39-thousand-to-women-self-help-groups]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BgnHGEj7fxG1r5DWfB5W.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/BgnHGEj7fxG1r5DWfB5W.jpg"/></item><item><title><![CDATA[ट्रांसजेंडर्स को मिली SHG से नई राह ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/transgenders-form-shg-to-get-dignified-livelihood</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o9l1RFiJbYahAFDotrot.jpg"><p dir="ltr">अपनी रोज़मर्रा कि ज़िन्दगी और काम करने कि जगह महिलाओं के संघर्ष को कौन नहीं जानता.&nbsp; महिलाओं की मुश्किलें और संघर्षों के बारे में तो फिर भी हमें पता चलता रहता है.&nbsp; लेकिन समाज का एक ऐसा हिस्सा जिसकी चुनौतियां सबसे ज़्यादा हैं लेकिन उनके बारें में कहीं ज़िक्र नहीं होता. यह हैं थर्ड जेंडर, समाज में अपने अधिकारों और समान अवसर की लड़ाई के साथ रोज़गार तलाशना लगभग नामुमकिन सा काम हैं. अगर रोज़गार मिल भी जाए तो शोषण और उत्पीड़न की नई कहानी शुरू होती है. इन मुश्किलों के बीच स्वयं सहायता समूह, ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आशा की किरण बन के उभरे हैं. अपनों के बीच स्वाभिमान और प्रतिष्ठा के साथ काम करने का अवसर, हज़ारों स्वयं सहायता समूह (SHG) आज भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय को दे रहे हैं.&nbsp;&nbsp;</p><p dir="ltr">तेलंगाना के करीमनगर में नगरपालिका क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन मिशन (MEPMA) के तहत छह सदस्यों के साथ एक ट्रांसजेंडर स्वयं सहायता समूह बनाया. उनके पहचान पत्रों के अलावा बैंक खाते खुलवाकर पासबुक भी बनाये गए.&nbsp; ग्रुप बनने के बाद 32 और ट्रांसजेंडर्स ने अधिकारियों के पास अपना नाम दर्ज कराया. व्यावसायिक प्रशिक्षण के अलावा स्वरोजगार के लिए 50 हज़ार रुपयों का लोन भी दिया गया. आज बिहार में 10 लाख से भी ज़्यादा स्वयं सहायता समूह हैं. राज्य में SHG की सफलता को देखते हुए बिहार में रह रहे 40,000 से ज़्यादा ट्रांसजेंडर लोगों के लिए कौशल प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की. ये कदम उन्हें रोज़गार के अवसर देने और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लिया गया.&nbsp;</p><p dir="ltr">हाल ही में ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर में 20 हज़ार महिला और ट्रांसजेंडर स्वयं सहायता समूहों को साइकिल दी. ये महिलाएं और ट्रांसजेंडर्स आहार किचन संभाल रहे हैं, जल साथी बन वाटर मैनेजमेंट कर रहे हैं, और वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की देख रेख भी कर रहे हैं. इस मदद से इन्हें काम की आसानी होगी और कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़ेगी.&nbsp;</p><p dir="ltr">ओडिशा के कटक में बाढ़, खुले में शौच, पर्याप्त जगह की कमी और कम सीवर कवरेज जैसी कई चुनौतियां थी, जिन्होंने सुरक्षित स्वच्छता समाधानों की उपलब्धि को बाधित किया. कटक नगर निगम (सीएमसी) ने कचरे के उपचार के लिए एक सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसईटीपी) की शुरुआत की. ट्रांसजेंडरों को स्वयं सहायता समूह बनाकर इन्हे एसईटीपी की देखभाल का काम दिया गया जिसे वे बखूबी संभाल रहे हैं.&nbsp;&nbsp;&nbsp;</p><p dir="ltr">पॉन्डिचरी में शीतल ने अपने जैसे ट्रांसजेंडर्स के लिए सहोदरन कम्युनिटी ओरिएंटेड हेल्थ डेवलपमेंट की शुरुआत की. उन्होंने LGBTQ (एल जी बी टी क्यू ) समूहों के लिए काम किया और आगे चलकर राज्य में ट्रांसजेंडर फेडरेशन शुरू किया. आज, ट्रांसजेंडर फेडरेशन में 15 स्वयं सहायता समूह हैं, जो समुदाय में ट्रांसजेंडरों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए काम करते हैं. इन कमजोर समूहों को स्वास्थ्य और शिक्षा सम्बंधित मदद और परामर्श भी दिया जाता है.&nbsp;</p><p dir="ltr">ट्रांसजेंडर SHG सदस्यों के लिए अपने कौशल विकसित करने और रोज़गार के अवसरों तक पहुंचने के अवसर पैदा करने में सफल रहे हैं. कई समूहों ने सिलाई, ब्यूटी पार्लर और क्राफ्ट इकाइयां स्थापित की. SHG ने सदस्यों को आर्थिक आज़ादी हासिल करने में मदद की, जिससे उनके प्रति हो रहे भेदभाव और दुर्व्यवहार को कम करने में मदद मिली. SHG की जागरूकता फैलाकर कई और ट्रांसजेंडरों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करने की ज़रुरत है क्योकि आर्थिक आज़ादी उन्हें समाज में सामान दर्जा और बेहतर ज़िन्दगी पा लेने में मदद कर सकते हैं.&nbsp;</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Fri, 31 Mar 2023 12:46:45 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/transgenders-form-shg-to-get-dignified-livelihood]]></guid><category><![CDATA[आधी आबादी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o9l1RFiJbYahAFDotrot.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/o9l1RFiJbYahAFDotrot.jpg"/></item></channel></rss>