<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ तेलंगाना]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/telngaanaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/telngaanaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Sat, 19 Aug 2023 12:55:40 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[बालिका सशक्तिकरण की राह पर बढ़ता तेलंगाना ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-stands-in-the-front-row-with-the-aim-of-girl-child-development</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Du8F9jdA8huTa2yEx5uT.jpg"><p dir="ltr"><span><strong><a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/housewifes-startup-seedbasket-selling-local-seeds-to-urban-gardeners" rel="dofollow">तेलंगाना</a> देश में महिला सशक्तिकरण</strong> की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में से एक है. तेलंगाना में देश की सबसे ज़्यादा काम करने वाली महिलाओं की पॉप्युलेशन रहती है. सरकार इन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में नए आयाम तय करने के लिए ऐसी परियोजनाएं और ट्रेनिंग कैम्प्स भी चलाती है, जिससे बचपन से ही उनकी बेटियां खुद को बढ़ाने के लिए हर रिसोर्स तो अपना पाए और इससे जुड़ी बातों को सीख सकें.</span><b></b></p>
<h2 dir="ltr"><span>तेलंगाना की महिलाएं दे रही बालिका सशक्तिकरण को महत्व</span></h2>
<p dir="ltr"><span><strong>तेलंगाना बालिका सशक्तिकरण</strong> के लिए एक इंडिकेटर के रूप में पूरे देश के सामने खड़ा है. <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-gives-priority-to-the-development-of-women-and-children" rel="dofollow"><strong>महिला संगठनों</strong></a> को काम करना और साथ ही गरीबी दूर करने के तरीकों को पूरे देश में सिखाया जा रहा है. <strong>स्वयं सहायता समूह</strong> (SHG) की कुछ महिलाएं अपने अनुभवों को पाठ के रूप में सीखा रहीं हैं. <strong>ओरुगल्लू महिला समाख्या</strong> सभी राज्यों में जाकर Self Help Group बना रही है.</span><b></b></p>
<h2 dir="ltr"><span>लद्दाख जाकर कही तड़का चाटी</span></h2>
<p dir="ltr"><span>हाल ही में इस <strong>समूह की महिलाएं लद्दाख गईं </strong>और उन्होंने वहां <strong>तेलंगाना तड़ाखा चाटी</strong> कहा. <strong>United Warangal</strong> <strong>जिले</strong> के <strong>वर्तमान Hanumakonda जिले</strong> के Dharmasagar Mandal में concept of cooperation को समझाया गया था. इसमें <strong>गीसुगोंडा, नेक्कोंडा, वर्धन्नापेट, नरसम्पेटा, धर्मसागर, वेलेरु, ऐनावोलु, थोर्रुरु, लिंगला गानापुर, रघुनाथपल्ली मंडल</strong> महासंघ शामिल हैं. उसके बाद, वारंगल, करीमनगर, आदिलाबाद और मेडक के संयुक्त जिलों की <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/rural-women-can-help-train-farmers-to-use-soil-health-checking-device" rel="dofollow">महिलाएं</a> भी सदस्य के रूप में शामिल हुईं.</span><b></b></p>
<p dir="ltr"><span>426 गांवों में कुल 10,494 <strong>महिला SHGs समितियां</strong> <strong>ओरुगल्लू महा समाख्या</strong> का हिस्सा बन गई हैं. इन सभी समितियों का गठन बच्चों की स्कूल फीस, किताबी खर्च और पारिवारिक कृषि निवेश के बोझ को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया है. मण्डल की प्रत्येक <strong>महिला स्वयं सहायता समिति</strong> की हर सप्ताह एक बैठक सुनिश्चित किये जाने का प्रावधान भी किया गया है. <a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/nurture-fields-save-food-wastage-by-sun-drying" rel="dofollow"><strong>सरकार तेलंगाना राज्य</strong></a> की महिला को देश में सबसे आगे बढ़ाने का सपना देख चुकी है, और उस राह पर तेज़ी से काम कर रहे है. बाकी राज्यों को भी महिलाओं को स्किल ट्रेनिंग देने की दिशा में आगे बढ़ते हुए उन्हें अपने राज्य की पहचान बनाना चाहिए.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 19 Aug 2023 12:55:40 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-stands-in-the-front-row-with-the-aim-of-girl-child-development]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Du8F9jdA8huTa2yEx5uT.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Du8F9jdA8huTa2yEx5uT.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में महिला सशक्तिकरण के नए आयाम ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-gives-priority-to-the-development-of-women-and-children</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg"><p dir="ltr"><span>तेलंगाना का आंध्र प्रदेश से 2014 में अलग होना राजनैतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से लिया गया एक बड़ा कदम था. विभाजन में बाद से प्रदेश में उन्नति का स्तर बढ़ा है, और यहाँ की सरकार भी प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए आए दिन नए प्रयास करती रहती है. <strong>भारत की सबसे ज़्यादा युवा जनसंख्या</strong> आज<strong> तेलंगाना राज्य</strong> में है. 2022 में लाई गयी <strong>नेशनल युथ पॉलिसी</strong> में केंद्र सरकार ने 2030 तक युवाओं के साथ देश की विकास की बात की गयी है. तेलंगाना का इस पॉलिसी में एक बहुत बड़ा रोल होगा. इसके साथ महिलाओं का विकास भी सरकार का एक अहम केंद्र है, जिस पर तेजी से काम हो रहा है. </span></p>
<p dir="ltr"><span>सिटी ऑफ़ पर्ल्स (हैदराबाद) में भी तेलंगाना सरकार ने महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए <strong>पूरक पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, रेफरल सेवाओं, सशक्तिकरण पहल और कल्याणकारी कार्यक्रमों</strong> के साथ कई <strong>आउटरीच कार्यक्रमों</strong> को लागू किया. पिछले दस सालों में महिलाओं और बच्चों के लिए लागू की जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों को उजागर करने के लिए <strong>तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस समारोह</strong> के मौके पर 'महिला संक्षेमा दिनोत्सवम' का आयोजन किया गया. <strong>तेलंगाना महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़</strong> ने 'किशोरामृतम', 'आरोग्य लक्ष्मी मसाले' और 'मसालों' के पैकेट लॉन्च किए. इस मौके पर महिला एवं बाल संस्थाओं की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया.</span></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Women and child development in Telangana " src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/9uYLLZAh9lWmLrrusor3.jpg"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits:Business Standards</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>बैंकों द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHG) को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में तीन गुना वृद्धि हुई है. SHG सदस्यों और समूह के ग्राम स्तर के संगठनों के वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करने के लिए एक <strong>मोबाइल अकाउंटिंग ऐप</strong> भी बनाया गया है. राज्य सरकार ने कल्याण लक्ष्मी के तहत 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की वित्तीय सहायता दी. घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, हमलों और दुर्घटनाओं की शिकार महिलाओं को तत्काल चिकित्सा देखभाल, न्याय और वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से <strong>वन स्टॉप सेंटर 'सखी' </strong>की स्थापना की. यह सखी केंद्र 24/7 काम करते हैं.</span></p>
<p dir="ltr"><span>सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्र में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छह साल से कम उम्र के बच्चों के लिए हर दिन एक पौष्टिक भोजन प्रदान करने के लिए<strong> आरोग्य लक्ष्मी योजना</strong> शुरू की. समय-समय पर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं की उपस्थिति और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के लिए <strong>आरोग्य लक्ष्मी ऐप</strong> बनाया गया है. सरकार ने विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन के लिए <strong>16 शी टैक्सियां</strong> भी शुरू कीं.</span></p>
<p dir="ltr"><span><img alt="Women Of Telangana becomes empowered " src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/TLFm0yZ3qTO9Gu9CgcBU.jpg"></span></p>
<p dir="ltr"><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: The Economic Times</em></span></p>
<p dir="ltr"><span>तेलंगाना सरकार की ओर से महिलाओं के लिए इतने प्रयास राज्य में उनके विकास को निश्चित करते है. Self Help Group से जुड़ी महिलाओं को भी सरकार बढ़ावा दे रही है. सिर्फ तेलंगाना ही नहीं बल्कि पुरे देश में महिला सशक्तिकरण एक बड़ी पहल है, और भारत की प्रगति में एक सराहनीय कदम साबित होगा.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 20 Jun 2023 13:28:10 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-gives-priority-to-the-development-of-women-and-children]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/DOJJvwxzZq58sBv30NRM.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में श्रीदेवी की शुगर फ्री डाइट ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/kahaniyan/tokala-sridevi-is-creating-sugar-free-millet-products-under-the-brand-samriddhi-in-telangana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/zArklEOerpoSbxldqNAs.jpg"><p dir="ltr">कहते है माँ के हाथ का खाना खाकर, कोई कभी बीमार नहीं पड़ता क्यूंकि उसमें स्वाद से साथ सेहत के गुण भी छुपे होते है. और जब एक माँ अपने गुण भरे खाद्य पदार्थों को लोगों तक पहुंचना शुरू कर दे, तो बात ही कुछ अलग होगी. बस इसी गुणकारी विरासत को आगे बढ़ाकर गरीब के परिवार में पोषण को पहुंचाने का फैसला किया है <strong>तेलंगाना के निजामाबाद की तोकला श्रीदेवी</strong> ने. इन्होंने अपनी माँ से सीखी हुई रेसिपीज़ जो<strong> millets से बनी है और शुगर फ्री भी</strong> है. तोकला श्रीदेवी के इस <strong>नुट्रिशन सप्लीमेंट</strong> (Nutrition Supplement) जो कि <strong>बाजरा, मक्का, और मोरिंगा</strong> की पत्तियों आदि का विशेष पोषण मिश्रण है.</p><p dir="ltr">एक entrepreneurship program के दौरान <strong>तेलंगाना स्टेट इनोवेशन सेल</strong> (TSIC) के एक अधिकारी ने उनकी बात सुनी और उसके उत्पाद से प्रभावित हुए. उन्होंने उसे मेंटरशिप और उद्योग से जुड़ने में मदद देने का वादा किया. TSIC सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग, <strong>तेलंगाना सरकार</strong> की एक पहल है. तेलंगाना में नवाचार की संस्कृति को तैयार करने और पोषण करने के लिए राज्य ने 2017 में <strong>TSIC की स्थापना</strong> की गई थी. तोकला श्रीदेवी ने शुरूआती समय में अपने क्षेत्र के फल-विक्रेताओं को पैकेट देना शुरू किये और उनसे इन्हें बाटने के लिए कहा.</p><p dir="ltr">उनके उत्पाद लोगों को बहुत पसंद आने लगे और इसके चलते इन उत्पादों पर एक वैज्ञानिक कि नज़र पड़ी. उसने अपने उत्पादों को और निखारा और '<strong>समृद्धि' ब्रांड</strong>' अस्तित्व में आया. उनके उत्पाद आज बड़े पैमाने पर बनाना शुरू हो चुके है. रेंज में रागी, ज्वार, उड़द दाल आदि से बने मिश्रण भी हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह सब चीनी मुक्त हैं. उनके सारे प्रोडक्ट्स उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और विशेष आहार की जरूरत वाले लोगों के लिए बेहतरीन है. तोकला श्रीदेवी बताती है- "<em>मैंने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित किया. मैं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का हिस्सा बनी और आज इन self help groups की कई महिला उद्यमियों को प्रशिक्षित कर रही हूं. मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है, बल्कि सबको पोषण भरे उत्पाद बनाकर खिलाना है.</em>” तोकला श्रीदेवी की यह विरासत पुरे देश में फैलाई जानी चाहिए, ताकि हर महिला और बच्चों को स्वस्थ रहने में आसानी हो.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 10 Jun 2023 17:14:19 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/kahaniyan/tokala-sridevi-is-creating-sugar-free-millet-products-under-the-brand-samriddhi-in-telangana]]></guid><category><![CDATA[कहानियां]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/zArklEOerpoSbxldqNAs.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/zArklEOerpoSbxldqNAs.jpg"/></item><item><title><![CDATA[सबसे युवा प्रदेश...तेलंगाना ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-are-one-of-the-building-blocks-behind-development-in-telangana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KpYBlJgMpkFw8v2JOw5M.jpg"><p><iframe style="width: 817px; height: 458px;" src="https://www.youtube.com/embed/YKAvatnvNEc" width="817" height="458" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>देश के 28 वे राज्य तेलंगाना की आंध्र प्रदेश से अलग होने की कहानी 1950 के दशक में ही शुरू हो गई थी. तेलंगाना राष्ट्रीय समिति ने तेलंगाना मूवमेंट को बढ़ावा दिया और आखिरकार आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2014 को 2 जून 2014 में पास किया गया.अस्तित्व में आने के बाद से तेलंगाना ने विकास पर लक्ष्य साधा हुआ है। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में तेलंगाना ने अपनी अलग पहचान बनाई है। तेलंगाना ने सिंचाई परियोजनाओं, औद्योगिक विकास और सूचना जैसे क्षेत्रों में काफी प्रगति की है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना को एक महिला कल्याण राज्य में बदलने की बात की।</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 02 Jun 2023 18:43:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/shg-women-are-one-of-the-building-blocks-behind-development-in-telangana]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KpYBlJgMpkFw8v2JOw5M.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/KpYBlJgMpkFw8v2JOw5M.jpg"/></item><item><title><![CDATA[अब एप करेगा स्वछता की निगरानी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/100-days-greater-sanitation-management-plan-in-telangana-initiation-of-my-ghmc-app</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Gpf9BkA8rymCZoPoYp7o.png"><p dir="ltr">तेलंगाना में <strong>ग्रेटर सैनिटेशन मैनेजमेंट </strong>100 दिन की योजना लागू कर रहा है. इस योजना में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से पहले घर-घर से कूड़ा उठाया जाता है और सड़कों पर लगे कचरे के ढेर हटा दिए जाते हैं. स्वच्छता प्रबंधन में मुख्य आयुक्त, अंचल आयुक्त, उप अंचल आयुक्त, सहायक चिकित्सा अधिकारी एवं सेनेटरी इंजीनियर <strong>My GHMC App</strong> के माध्यम से स्वच्छता की निगरानी कर रहे हैं. स्वच्छ ऑटो के साथ, 342 टिपर निकटतम निकासी केंद्र तक कचरे का परिवहन कर रहे हैं. यदि संबंधित वाहन समय पर कूड़े के ढेर नहीं हटाते हैं तो संबंधित सहायक चिकित्सा अधिकारी स्वच्छ ऑटो पर 500 रुपये का जुर्माना लगायेंगे. 200 और कचरे के ढेर को हटाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.</p>
<p dir="ltr">शहर में घरेलू कचरा संग्रहण के लिए वर्तमान में 4,351 स्वच्छ ऑटो काम कर रहे हैं. महीने में एक बार मंडलों या मंडलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वच्छ ऑटो कर्मचारियों के साथ बैठक करते हैं और स्वच्छता की समीक्षा करते हैं. <strong>ASCII टीम</strong> ने मैदानी स्तर पर शहर भर में फैले कचरे के ढेर का सर्वे किया और उन्हें गूगल मैप पर शामिल किया. उन्हें पांच समूहों में बांटा गया और 935 <strong>स्वच्छता सुपरवाइज़र</strong> (SFA) को निगरानी सौंपी गई. इस कार्य में साथ में स्वयं सहायता समूह (SHG) की 292 महिलाओं को काम पर रखा है. इसके अलावा, 30 सर्किलों के लिए एक-एक अधिकारी को ओएसडी के रूप में नियुक्त किया गया है और उनके माध्यम से सर्कल स्तर की रिपोर्ट की दैनिक समीक्षा केंद्रीय कार्यालय को की जाती है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 25 May 2023 12:52:15 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/100-days-greater-sanitation-management-plan-in-telangana-initiation-of-my-ghmc-app]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Gpf9BkA8rymCZoPoYp7o.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Gpf9BkA8rymCZoPoYp7o.png"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना फ़ूड कॉन्क्लेव का उदघाटन ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/inauguration-of-telangana-food-conclave-includes-more-than-58000-jobs</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qDxoHeCYY2fIcgXwebDl.jpg"><p dir="ltr">तेलंगाना में हाल ही में तेलंगाना 'फ़ूड कॉन्क्लेव 2023' का उदघाटन किया गया. इस कॉन्क्लेव में 7000 करोड़ से ज़्यादा के निवेश को देश  भर से आकर्षित किया. इस निवेश के बाद 58000 से ज़्यादा नौकरियां दी जा सकती है. तेलंगाना राज्य सरकार ने कहा- "यह सम्मेल खाद्य-कृषि समुदाय में सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली सभाओं में से एक है. उद्योग के भविष्य को आकार देने के लिए यह सम्मलेन एक बहुत बड़ा मंच साबित होगा."</p>
<p dir="ltr">उद्योग मंत्री के टी रामाराव ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा- "तेलंगाना में फ़ूड प्रोसेसिंग एक बहुत बड़ा कार्य क्षेत्र है और पिछले पांच वर्षों से राज्य ने खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए 7,000 करोड़ का यह निवेश एक बड़ा कदम है." रामा राव ने स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण (Food processing) को बढ़ाने के समाधान तैयार करने के लिए देशभर में स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को आमंत्रित करते हुए 'Innovation in Food Processing Grand Challenge' भी लॉन्च किया. फूड कॉन्क्लेव अब से एक वार्षिक कार्यक्रम होगा.</p>
<p dir="ltr">तेलंगाना सरकार Supply Chain Linkage पर भी काम कर रही हैं जहां राज्य में बनाए गए कृषि विस्तार प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू कर के उद्योग को राज्य के किसान महिलाओं और उनके परिवार से जोड़ा जाएगा. तेलंगाना में स्वयं सहायता समूह (SHG) भी उद्योग के साथ कृषि उपज को जुटाने बड़े पैमाने पर कार्य कर रहे है. तेलंगाना के Self Help Groups के लिए यह एक बहुत बड़ी पहल साबित होगी. महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाए जाएंगे. यह कदम महिला सशक्तिकरण में एक और कड़ी जोड़ेगा.</p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Sat, 13 May 2023 16:40:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/inauguration-of-telangana-food-conclave-includes-more-than-58000-jobs]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qDxoHeCYY2fIcgXwebDl.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/qDxoHeCYY2fIcgXwebDl.jpg"/></item><item><title><![CDATA[मिलेट यूज़ में तेलंगाना सबसे आगे ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-ahead-in-millet-use</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nezyL6tXs1mtBmFOmXaR.jpg"><p>देशभर में 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ मिलेट' (International Year of Millet) के तहत मिलेट से बने पकवानों को बढ़ावा दिया जा रहा है. बाजरा को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहलों की वजह से बाजरा थाली में वापिस लौट रहा है. तेलंगाना ने बाजरा की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि की है. पूरक पोषण के अलावा लक्षित आबादी समूहों के दैनिक आहार में बाजरा की खपत बढ़ी है. </p>
<p>नीति आयोग की रिपोर्ट ने बताय कि तेलंगाना में बाजरा के उत्पादन, प्रसंस्करण और खपत को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार और संगठनों ने कई पहलों की शुरुआत की, जिसकी वजह से बाजरा की खपत बड़ी और आईसीडीएस के तहत बच्चों को परोसे जाने वाले पौष्टिक भोजन  में बाजरा की मात्रा बढ़ी है. इससे लक्ष्य समूह में स्टंटिंग, वेस्टिंग, और एनीमिया को कम करने में योगदान मिला है. यह पहल 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों, उनकी माताओं और समुदाय के सदस्यों को कवर करती है. इसमें जिला प्रशासन, विकाराबाद (2017-19), आदिलाबाद (2019-20) और तकनीकी भागीदार WASSAN (वाटरशेड सपोर्ट सर्विसेज एंड एक्टिविटीज नेटवर्क) शामिल है. </p>
<p>आईसीडीएस (ICDS) में बाजरा की शुरुआत ने बड़े पैमाने पर खरीद को बढ़ाया है और इस तरह बाजरा के लिए बाजार में भारी मांग पैदा की है. उत्पादन, व्यापार, प्रसंस्करण आदि पर व्यापक रूप से असर पढ़ा और रोज़गार के अवसर बढ़ने लगे. इसने महिला एसएचजी,छोटे उद्यमियों, किसानों और ग्रामीण लघु उद्योगों की संख्या में वृद्धि हुई. कोमाराम भीम जिले के SHG समूह ने अपने ब्रांड के तहत बाजरा का प्रसंस्करण और पैकेजिंग का काम शुरू किया. आदिवासी महिलाओं के नेतृत्व वाले संयुक्त देयता समूहों (Joint Liability Groups) द्वारा मैनेज ITDA (एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना) क्षेत्रों में आठ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की गई, जिसके ज़रिये करीब 80 आदिवासी महिलाएं पोषण उद्यमी बन गई. </p>
<p>सरकार की मिलेट को बढ़ावा देने वाली पहल ने देशभर में ऐसी कई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपना रोज़गार शुरू करने में मदद की है. इन महिलाओं ने अपने रोज़गार के ज़रिये सरकार की मिलेट को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. राज्य सरकारों को इन महिलाओं को अपनी पहल में ज़्यादा से ज़्यादा शामिल करना चाहिए, ताकि SHG दीदियों को रोज़गार मिले और इन महिलाओं के ज़रिये इस पहल का फायदा हर तबके तक पहुंच सके.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Thu, 04 May 2023 11:42:59 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-ahead-in-millet-use]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nezyL6tXs1mtBmFOmXaR.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/nezyL6tXs1mtBmFOmXaR.jpg"/></item><item><title><![CDATA[750 करोड़ रुपयों के इंटरेस्ट फ्री लोन से SHG टेंशन फ्री ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-sanctioned-interest-free-loan-for-shg-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/a0wRwYBJv8xLUz5iT3t6.jpg"><p>माइक्रो क्रेडिट सिर्फ भारत में नहीं, पर पूरी दुनिया में कारगर साबित हो रहा है. भारत की बात करें तो स्वयं सहायता समूह पूरी तरह से माइक्रो क्रेडिट पर निर्भर हैं. रीपेमेंट रेट ज़्यादा होने और लोन लेकर देश की इकॉनमी में योगदान देने की वजह से सरकार माइक्रो क्रेडिट को बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 'वड्डी लेनी रनालु' (ब्याज मुक्त ऋण) योजना के लिए 750 करोड़ रुपये देने की घोषणा की.</p>
<p>नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास मंत्री केटी रामाराव ने कहा कि 750 करोड़ रुपये में से 250 करोड़ रुपये शहरी क्षेत्रों में एसएचजी के लिए जारी किए गए. शेष 500 करोड़ रुपये ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण में दिए जाएंगे. केटीआर ने कहा कि महिलाओं के समूह और उनके सदस्य समय पर लोन चूका देते हैं इसीलिए ये रीपेमेंट के मामले में राज्य में टॉप पोज़िशन पर आते हैं. राज्य भर में 18 लाख सदस्यों के साथ 1.77 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह हैं.</p>
<p>सरकार ने महिलाओं के उत्थान, उन्हें सशक्त बनाने और उनके रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लक्ष्य से ऐसी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत कर रही है. मुख्यमंत्री ने 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' के लिए सभी महिलाओं को बधाई दी और बताया कि कि तेलंगाना नौ साल के शासन में महिलाओं की उन्नति और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के ज़रिये महिला कल्याणकारी राज्य के रूप में उभर रहा है. </p>
<p>राज्य सरकार बालिकाओं के जन्म, स्वास्थ्य, सुरक्षा, कल्याण, शिक्षा, विवाह, विकास और सशक्तिकरण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू कर  रही है. ब्याज मुक्त ऋण से महिलाओं के सशक्तिकरण का लक्ष्य एक कदम पास आ जायेगा. अब वे पैसों की चिंता किये बिना अपना रोज़गार शुरू कर सकेंगी. जा वे आर्थिक रूप से मज़बूत होंगी, तब वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी और प्रदेश और देश के विकास में अपना योगदान दे सकेंगी. रविवार विचार का मानना है कि तेलंगाना की ये पहल दूसरे राज्यों में भी होनी चाहिए, ताकि स्वयं सहायता समूहों को और मज़बूती मिल सके और आर्थिक क्रांति की ये मुहीम देश की हर महिला को सशक्त बना सके. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 29 Apr 2023 13:36:08 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-government-sanctioned-interest-free-loan-for-shg-women]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/a0wRwYBJv8xLUz5iT3t6.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/a0wRwYBJv8xLUz5iT3t6.jpg"/></item><item><title><![CDATA[देश का सबसे बड़ा मछलीघर बनेगा तेलंगाना में ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/indias-largest-aquarium-to-be-built-in-telangana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"><p><iframe style="width: 409px; height: 727px;" title="Nation's 'Biggest Aquarium'  to be built in Telangana" src="https://www.youtube.com/embed/ZXB_fy33TaU" width="409" height="727" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>हैदराबाद के कोठवलगुडा के इको पार्क में देश का सबसे बड़ा एक्वेरियम और साथ ही एवियरी और बोर्डवॉक बनने का काम शुरू कर दिया गया है. हाल ही में ट्विटर पर किसी व्यक्ति ने सवाल किया- "क्या हैदराबाद कि झील के नीचे एक सुरंग मछलीघर बनाया जा सकता है?" इसके जवाब में तेलंगाना के आईटी मंत्री के टी रामाराव ने बताया- "इस पहल की शुरुआत पहले से ही की जा चुकी है और काम भी बहुत तेजी से चल रहा है. विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार जल्द ही चल रहे काम की तस्वीरें और विवरण सबके सामने रखेंगे." केटीआर ने अक्टूबर 2022 में उस्मान सागर में लैंडस्केप इको पार्क का उद्घाटन किया था. के टी रामाराव ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के अधिकारियों को राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्रों में और तेजी से विकास कार्य करने का निर्देश दिया है. HMDA के हिसाब से, कोठवलगुडा इको-पार्क में गज़बॉस और पेर्गोलस के अलावा, छह एकड़ का एवियरी, 2.5 किलोमीटर का बोर्डवॉक, एक एक्वेरियम, एक तितली उद्यान, एक संवेदी पार्क, एक ओपन-एयर थिएटर, वनस्पति,और भूनिर्माण शामिल हैं. चार स्थानों पर फूड कोर्ट के अलावा, HMDA ने भव्य लकड़ी के केबिन, कैंपिंग टेंट, एक इन्फिनिटी पूल और एक कॉन्फ्रेंस हॉल बनाने का भी सुझाव भी दिया गया है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">Rohan</dc:creator><pubDate>Thu, 20 Apr 2023 19:25:05 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/indias-largest-aquarium-to-be-built-in-telangana]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/kinVyd4O85Wu8PxksZhA.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना का कृषि एक्सपोर्ट पहुंचा 10 हज़ार करोड़ के पार ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-agriculture-exports-skyrocketed-by-40-percent-crosses-rs-10000-crore-mark</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/fJvFxOPjw61idmLtaKer.jpg"><p>तेलंगाना की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) का 21% कृषि क्षेत्र से आता है. तेलंगाना में कृषि क्षेत्र में वृद्धि प्रदेश की इकनॉमिक स्थिरता की ओर इशारा करती है. राज्य ने 2020 और 2022 के बीच कृषि एक्सपोर्ट में लगभग 40% की वृद्धि हुई. 2020-21 में एक्सपोर्ट की वैल्यू 6,337 करोड़ रुपये थी जो 2021-22 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक बढ़ गई. &nbsp;ये आंकड़े कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों को दर्शाते हैं.</p><p>केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना और महाराष्ट्र दो ऐसे राज्य हैं जिन्होंने कृषि निर्यात में काफ़ी बड़े पैमाने पर बढ़त दर्ज की. पिछले पांच वर्षों में, 2017-18 से 2021-22 तक, तेलंगाना में कृषि निर्यात 5,000 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 10,000 करोड़ रुपये हो गया. तेलंगाना ने कपास, मसाले, अनाज और मांस के एक्सपोर्ट में वृद्धि की, जिसका श्रेय नई तकनीक के उपयोग और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को जाता है. 2021-22 में कपास का कुल एक्सपोर्ट 3,055 करोड़ रुपये रहा, जबकि मसाले, चाय और कॉफी का एक्सपोर्ट 1,936 करोड़ रुपये हुआ. अनाज ने 1,480 करोड़ रुपये और मांस एक्सपोर्ट ने 268 करोड़ रुपये का योगदान दिया. 2019- 2021 के बीच, राज्य को 3,000 करोड़ रुपयों का एफडीआई मिला. तेलंगाना तिलहन की खेती को बढ़ावा देकर इसे एक्सपोर्ट करने का प्लान भी कर रहा है.&nbsp;</p><p>तकनीक के इस दौर में सफलता का रहस्य समय के साथ बदलने और नवाचार को अपनाने में छुपा है. &nbsp;भारत में आधी से ज़्यादा आबादी का रोज़गार खेती है. कृषि का एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए उपज को बढ़ाना होगा जिसके लिए तकनीक का सहारा लेना अनिवार्य हो जाता है. केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर किसानों की तकनीक तक पहुंच बढ़ानी होगी और उन्हें इसके उपयोग के बारे में जागरूक भी करना होगा.&nbsp;<br></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 14 Apr 2023 17:05:06 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/telangana-agriculture-exports-skyrocketed-by-40-percent-crosses-rs-10000-crore-mark]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/fJvFxOPjw61idmLtaKer.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/fJvFxOPjw61idmLtaKer.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में SHG बनाएंगे  ‘ANY TIME BAG’ ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/any-time-bag-in-telangana</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/P8zYaup0h0oIdrX8zT7s.jpg"><p dir="ltr"><iframe style="width: 681px; height: 382px;" src="https://www.youtube.com/embed/VD0eehjfa44" width="681" height="382" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p dir="ltr">पैसे का लेन- देन तबसे और भी आसान हो गया, जब से देश के हर कोने में ATM लगा दिए गए. लेकिन जिस ATM की बात इस कहानी में होने वाली है वो आपको अचंभे में डाल देगी. तेलगाना में नॉर्मल ATM के साथ हर जगह एक और प्रकार का ATM लगने की बात चल रही है. यह आपको पैसे नहीं देगा, लेकिन प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए सबसे जरूरी हथियार, एक कपड़े का थैला देगा. इस वेंडिंग मशीन में 10 रुपये डालकर या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करके 'कपड़े का बैग' प्राप्त किया जा सकता है. ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) ने 'सिंगल-यूज प्लास्टिक' के उपयोग पर बढ़ती चिंताओं को दूर करने और समुदाय में बदलाव लाने के लिए 'एनी टाइम बैग' (ATB) लगाए. आईडीपीएल फल बाजार में यह मशीन लगाई गयी और सबसे अच्छी बात यह है कि मशीन 'सौर ऊर्जा' यानि 'सोलर एनर्जी' से चलती है.</p>
<p dir="ltr">यह पहल देश की दो बड़ी समस्याओं को हल करनी की ताकत रहता है.  सिर्फ़ तेलंगाना ही नहीं, देश के हर राज्य को प्लास्टिक बैग्स को बंद करने की तरफ ठोस कदम उठाने पड़ेंगे. जैसा तेलंगाना की सरकार ने एक तीर से दो निशाने का सोचा है, अगर पूरा देश इस कार्य को करने की ठान ले तो बहुत बड़े पैमाने पर बदलाव निश्चित है. SHG की महिलाओं के लिए भी यह एक बहुत बाड़ी उम्मीद की किरण है, क्यूंकि कपड़े की बैग का इस्तेमाल पुरे देश में करने क लिए बहुत प्रयास चल रहे है. अगर यह काम देश के हर SHG को मिल जाए तो सारी महिलाओं की रोजगार और पैसे की समस्या हमेशा के लिए ख़त्म हो सकती है. </p>
<p> </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Tue, 11 Apr 2023 17:23:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/any-time-bag-in-telangana]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/P8zYaup0h0oIdrX8zT7s.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/P8zYaup0h0oIdrX8zT7s.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना में ANY TIME BAG SHG बनाएंगे ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/any-time-bag-initiative-in-telangana-will-help-in-decreasing-plastic-use</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/U0dUpGyH8cRJAYOmSliL.jpg"><p>पैसे का लेन- देन तबसे और भी आसान हो गया, जब से देश के हर कोने में ATM लगा दिए गए. लेकिन जिस ATM की बात इस कहानी में होने वाली है वो आपको अचंभे में डाल देगी. तेलगाना में नॉर्मल ATM के साथ हर जगह एक और प्रकार का ATM लगने की बात चल रही है. यह आपको पैसे नहीं देगा, लेकिन प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए सबसे जरूरी हथियार, एक कपड़े का थैला देगा. इस वेंडिंग मशीन में 10 रुपये डालकर या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करके 'कपड़े का बैग' प्राप्त किया जा सकता है. ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) ने 'सिंगल-यूज प्लास्टिक' के उपयोग पर बढ़ती चिंताओं को दूर करने और समुदाय में बदलाव लाने के लिए 'एनी टाइम बैग' (ATB) लगाए. आईडीपीएल फल बाजार में यह मशीन लगाई गयी और सबसे अच्छी बात यह है कि मशीन 'सौर ऊर्जा' यानि 'सोलर एनर्जी' से चलती है.</p>
<p>जीएचएमसी कुकटपल्ली जोनल कमिश्नर, वी ममता ने कहा- "वे शहर भर में कपड़े की थैलियां निकालने वाली मशीनें स्थापित करने के लिए क्षेत्रों की पहचान करने की प्रक्रिया में हैं, और बहुत जल्द ऐसी एक और मशीन जेएनटीयू रायथू बाजार के पास आएगी." जीएचएमसी ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत आईडीपीएल फल बाजार में कपड़ा वेंडिंग मशीन स्थापित की. </p>
<p>इस सबसे बड़ी और सार्थक पहल यह रही की नागरिक निकाय ने कपड़े के थैले बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ काम करने का फैसला किया . स्वयं सहायता समूहों को बैग सिलने के लिए ज़रूरी सामग्री प्रदान की गयी. जब यह महिलाएं बैग बनाने का काम कर देंगी तो उनसे यह बैग्स लेकर मशीनों में भर दिए जाएंगे ताकि आम जनता इनका प्रयोग कर सकें. यह एक बहुत अनोखी पहल है जिससे SHG की महिलाओं की हर सप्ताह 7,500 रुपये की कमाई हो सकती है. इस पहल की शुरुआत करने के पीछे दो मुख्य उद्देश्य है, पहला 'सिंगल यूज़ प्लास्टिक' को पूरी तरीके से बंद करना, दूसरा महिला स्वयं सहायता समूहों के बीच बेरोजगारी को कम करना.</p>
<p>यह पहल देश की दो बड़ी समस्याओं को हल करनी की ताकत रहता है.  सिर्फ़ तेलंगाना ही नहीं, देश के हर राज्य को प्लास्टिक बैग्स को बंद करने की तरफ ठोस कदम उठाने पड़ेंगे. जैसा तेलंगाना की सरकार ने एक तीर से दो निशाने का सोचा है, अगर पूरा देश इस कार्य को करने की ठान ले तो बहुत बड़े पैमाने पर बदलाव निश्चित है. SHG की महिलाओं के लिए भी यह एक बहुत बाड़ी उम्मीद की किरण है, क्यूंकि कपड़े की बैग का इस्तेमाल पुरे देश में करने क लिए बहुत प्रयास चल रहे है. अगर यह काम देश के हर SHG को मिल जाए तो सारी महिलाओं की रोजगार और पैसे की समस्या हमेशा के लिए ख़त्म हो सकती है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Mon, 10 Apr 2023 16:50:07 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/any-time-bag-initiative-in-telangana-will-help-in-decreasing-plastic-use]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/U0dUpGyH8cRJAYOmSliL.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/U0dUpGyH8cRJAYOmSliL.jpg"/></item><item><title><![CDATA[वित्त मंत्री हरीश राव के आदेश से मिला SHG को 217.61 करोड़ का रिफंड ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/shg-got-refund-of-rs-217-crore-on-harish-rao-instructions</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/j6VpQSmf1ogNx9DhKocL.jpg"><p>स्वयं सहायता समूह जिस रफ़्तार से देश की आर्थिक क्रान्ति में योगदान दे रहे हैं, उसे देखते हुए राज्य और केंद्र सरकार उनका साथ दे रही है. इस क्रान्ति को आगे बढ़ाने में तेलंगाना के वित्त मंत्री टी हरीश राव ने समूहों का साथ देते हुए एक अनोखी पहल की. जिसकी वजह से राज्य में दो लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके बैंक खातों में 217 करोड़ रुपये दिए गए. ये पैसे कोई सब्सिडी के या सहायता राशि के नहीं है. हरीश राव को जब पता चला कि बैंकों ने तय किये गए इंटरेस्ट से ज़्यादा इंटरेस्ट कलेक्ट किया है, तो उन्होंने ये फैसला लिया. </p>
<p>भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्देशों के अनुसार, बैंकों को ग्रामीण SHG के लिए 3 लाख रुपये तक के ऋण के लिए 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर लेनी होगी. 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए, बैंक अपने पहले वर्ष के MCLR या किसी अन्य बाहरी बेंचमार्क-आधारित उधार दर या 10 प्रतिशत प्रति वर्ष, जो भी कम हो, के बराबर ब्याज दर पर ऋण का विस्तार करेंगे. </p>
<p>हालांकि, वित्त मंत्री ने बैंकों द्वारा SHG से लिए गए ब्याज को रिव्यु किया और पाया कि इन निर्देशों का सही पालन नहीं किया गया है और तय किये गए ब्याज दर से अतिरिक्त ब्याज लिया गया है जिससे SHG को भारी नुकसान हुआ. राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (SLBC) की बैठक के दौरान, वित्त मंत्री टी हरीश राव ने बैंकरों को SHG के ऋण खातों को वेरीफाई कर अतिरिक्त वसूले गए ब्याज को वापस करने का आदेश दिया. कहे अनुसार, बैंकरों ने ब्याज दरों में बदलाव किया, जिसके बाद 2,03,535 SHG खातों में 217.61 करोड़ रुपये की वापसी हुई. इस राशि से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लाभ होगा. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Sat, 08 Apr 2023 17:21:38 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/shg-got-refund-of-rs-217-crore-on-harish-rao-instructions]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/j6VpQSmf1ogNx9DhKocL.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/j6VpQSmf1ogNx9DhKocL.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना का स्त्रीनिधि बना राज्यों के लिए आदर्श ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/telangana-stree-nidhi-initiative-becomes-an-ideal-for-indian-states</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg"><p><iframe style="width: 992px; height: 556px;" src="https://www.youtube.com/embed/Rj3PxDnj4MA" width="992" height="556" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p>तेलंगाना में एक सफल प्रयास 'स्त्रीनिधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड' के साथ हुआ. बैंकिंग क्षेत्र के क्रेडिट प्रवाह का साथ देने के लिए तेलंगाना सरकार और मंडल सांख्यों ने इस कोऑपरेटिव फेडरेशन कि शुरुआत करी. यह राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम के रूप में सामने आया. स्त्री निधि गरीबी उन्मूलन के लिए सोसाइटी फॉर एलिमिनेशन ऑफ़ रूरल पॉवर्टी (SERP) का हिस्सा है जो SHG सदस्यों को समय पर और कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है.इस स्कीम से SHG, अपने मोबाइल से ही क्रेडिट प्राप्त कर सकते है और वह भी कम ब्याज दरों पर. इस व्यवस्था के आने से अब ग्रामीण महिलाओं को अन्य जगह से उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती. स्त्रीनिधि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, डेयरी, और अन्य गतिविधियों में जरूरतों के हिसाब से ऋण की जरूरतों को पूरा करने के साथ यह लोन 48 घंटों में क्रेडिट करता है. ऐसा इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि क्रेडिट उपलब्धता 'एमएस और वीओ' (वॉलेंट्री ऑर्गेनाइज़ेशन) ग्रेडिंग से जुड़ी हुई है.  </p>
<p>स्त्रिनिधि से 1.59 लाख SHGs के 5.3 लाख सदस्यों ने मदद प्राप्त की है. स्त्रीनिधि कोओपरेटिव 2022 -23 वित्तीय वर्ष में 2710 करोड़ रुपये का लोन तेलंगाना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान कर रहा है. फेडरेशन ने हाल ही में आयोजित अपनी 10वीं आम सभा की बैठक में इस कदम को उठाने की बात की . बैठक के दौरान मंडला समाख्या के कार्यकाल को मौजूदा एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की मृत्यु के मामले में 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज बढ़ाने पर भी निर्णय लिया गया.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Fri, 07 Apr 2023 16:44:29 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/telangana-stree-nidhi-initiative-becomes-an-ideal-for-indian-states]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg"/></item><item><title><![CDATA[तेलंगाना स्त्री निधि अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/stree-nidhi-to-provide-2710-crore-loan-to-shgs</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg"><p>देश भर में बने स्वयं सहायता समूह, महिलाओं की आर्थिक आज़ादी के लिए भरसक प्रयास करते रहे है. अपने जैसी महिलाओं को उनकी परेशानियों से निकालने और समाज की कुप्रथाओं को ख़त्म करने के लिए ही इन समूहों को बनाया गया. थोड़े पैसे जमा करके जब ये महिलाएं अपनी परेशानियों से लड़ने के लिए मैदान में उतरती है, तब उनमें एक अलग तरह का जोश होता है. इस सफर में आगे इन स्वयं सहायता समूहों को राज्य की सरकार और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन मदद देना शुरू कर देते है.</p>
<p>तेलंगाना में भी एक ऐसा ही सफल प्रयास 'स्त्री निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड' के साथ हुआ. बैंकिंग क्षेत्र के क्रेडिट प्रवाह का साथ देने के लिए तेलंगाना सरकार और मंडल सांख्यों ने इस कोऑपरेटिव फेडरेशन कि शुरुआत करी. यह राज्य सरकार के प्रमुख कार्यक्रम के रूप में सामने आया. स्त्री निधि गरीबी उन्मूलन के लिए सोसाइटी फॉर एलिमिनेशन ऑफ़ रूरल पॉवर्टी (SERP) का हिस्सा है जो SHG सदस्यों को समय पर और कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है.</p>
<p>इस स्कीम से SHG, अपने मोबाइल से ही क्रेडिट प्राप्त कर सकते है और वह भी कम ब्याज दरों पर. इस व्यवस्था के आने से अब ग्रामीण महिलाओं को अन्य जगह से उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती. स्त्री निधि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, डेयरी, और अन्य गतिविधियों में जरूरतों के हिसाब से ऋण की जरूरतों को पूरा करने के साथ यह लोन 48 घंटों में क्रेडिट करता है. ऐसा इसलिए मुमकिन हो पाया क्योंकि क्रेडिट उपलब्धता 'एमएस और वीओ' (वॉलेंट्री ऑर्गेनाइज़ेशन) ग्रेडिंग से जुड़ी हुई है.  </p>
<p>स्त्रिनिधि से 1.59 लाख SHGs के 5.3 लाख सदस्यों ने मदद प्राप्त की है. स्त्री निधि कोओपरेटिव 2022 -23 वित्तीय वर्ष में 2710 करोड़ रुपये का लोन तेलंगाना में महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रदान कर रहा है. फेडरेशन ने हाल ही में आयोजित अपनी 10वीं आम सभा की बैठक में इस कदम को उठाने की बात की . बैठक के दौरान मंडला समाख्या के कार्यकाल को मौजूदा एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की मृत्यु के मामले में 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज बढ़ाने पर भी निर्णय लिया गया.</p>
<p>तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी इस कोओपरेटिव का पूरा साथ दिया और इसके द्वारा की जाने वाली सेवा और सहायताओं की बहुत सरहाना की. तेलंगाना के पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री ई दयाकर राव ने कहा - "तेलंगाना स्त्री निधि अब अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श है. स्त्री निधि के संचालन से प्रभावित होकर, राजस्थान सरकार इस कॉन्सेप्ट के कदमों कर चल रही है." इस कार्यक्रम में कर्मचारियों को उनके इनपुट और प्रदर्शन में निरंतरता के लिए मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया. </p>
<p>तेलंगाना में 'स्त्री निधि' के इस कदम से SHGs को अपनी और अपने जैसी महिलाओं की आर्थिक हालत सुधाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी. जिस तरह राजस्थान क सरकार ने भी इस कदम से प्रेरित होकर अपने राज्य में भी ऐसी कोओपरेटिव को शुरू करने की ठानी है, उसी तरह अगर पुरे देश की सरकार इस काम में लग जाए तो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अपनी ज़िन्दगी सुधारने में कोई परेशानी नहीं होगी.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Thu, 06 Apr 2023 14:12:07 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/stree-nidhi-to-provide-2710-crore-loan-to-shgs]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/9JavaGyXMPmb80QRJfhb.jpg"/></item></channel></rss>