<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ ट्रांसजेंडर]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/ttraansjenddr</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/ttraansjenddr" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Wed, 17 May 2023 17:34:31 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[नाम से पहचान... ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/photovideo/new-starbucks-ad-about-transgender-acceptance-receives-mixed-reviews</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/8yauLZQyE0qT3MtxzuOq.jpg"><p><iframe style="width: 907px; height: 509px;" src="https://www.youtube.com/embed/O-OwR9ZUnts" width="907" height="509" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p> इस बीच फेमस कॉफी हाउस कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) ने ऐसा एड रिलीस किया, जिससे सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी. स्टारबक्स ने '#ItStartsWithYourName' हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर इस एड के वीडियो को रिलीज किया था. स्टारबक्स इंडिया ने हैशटैग #ItStartsWithYourName के साथ ट्वीट किया और लिखा कि "आपका नाम परिभाषित करता है कि आप कौन हैं - चाहे वह अर्पित हो या अर्पिता. स्टारबक्स में, हम आपको प्यार करते हैं और स्वीकार करते हैं कि आप कौन हैं. क्योंकि खुद होने का मतलब हमारे लिए सब कुछ है." ये एड रिलीस होते ही वायरल होने लगा.  कुछ लोगों ने इसे प्रगतिशील बताया, तो कुछ ने कहा कि ये एड लिंग परिवर्तन को बढ़ावा देता है. एड के विरोध में ट्विटर पर #BoycottStarbucks ट्रेंड करने लगा. </p>
<p>इस विज्ञापन पर दर्शक तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. रिटायर्ड आईएएस स्टारबक्स इंडिया को लिखते है- आप यहां बिजनेस करने आए हैं या बकवास को प्रमोट करने? एक यूज़र ने कहा, "सिर्फ कॉफी बेचें, मुफ्त की सलाह नहीं " कई यूज़र ने भारत में हो रहे बदलाव को ख़ूबसूरती से एड के ज़रिये दर्शाने के लिए स्टारबक्स को सराहा. </p>
<p>ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के साथ बदलाव के लहर शुरू हुई. सरकार व गई सरकारी संगठन थर्ड जेंडर को न्याय, सम्मान, और समाज में समानता दिलाने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं. संविधान जाति, भाषा, धर्म के साथ-साथ लिंग के आधार पर भेद-भाव करने पर भी रोक लगाता है. समाज में ट्रांसजेंडर्स के प्रति नज़रिये को बदलने की ज़रुरत है. समान अधिकार के साथ, समाज में समानता की लड़ाई अभी जारी है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रविवार ब्यूरो </dc:creator><pubDate>Wed, 17 May 2023 17:34:31 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/photovideo/new-starbucks-ad-about-transgender-acceptance-receives-mixed-reviews]]></guid><category><![CDATA[वीडियो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/8yauLZQyE0qT3MtxzuOq.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/8yauLZQyE0qT3MtxzuOq.jpg"/></item><item><title><![CDATA[पद्मश्री - नटराज नर्तकी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/nataraj-narthiki-first-transgender-women-to-receive-padma-shri</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5w49yUPsfdK6K8Rup4ZP.png"><p dir="ltr">सड़कों पर लोग अक्सर देखकर हसतें है, और ना जाने कितने नामों से बुलाते है इन्हें. 'किन्नर' या फिर 'third gender' कहे जाने वाले लोगों को कितनी बातें सुननी पड़ती है. इन्होने खुद को लोगों के सामने साबित तो किया है, लेकिन फिर भी इन्हें वो इज़्ज़त नहीं मिलती जो मिलनी चाहिए. ऐसी ही कहानी है तमिलनाडु के मदुराई में जन्मी नर्तकी नटराज को बचपन में पता चला की वो ट्रांसजेंडर है. इसी बीच उनकी दोस्ती शक्ति से हो गई. शक्ति भी एक ट्रांसजेंडर थीं इसीलिए इन दोनों में खूब बनने लगी. लेकिन इन दोनों को लोगों के बहुत से तानें भी सुनने पड़ते. आख़िरकार एक दिन नर्तकी नटराज ने घर छोड़ दिया और घरवालों से दूर हो गई. घर छोड़ने के बाद दोनों के सामने जीवन गुजारने के लिए पैसों की किल्लत आयी और दोनों ने एक जगह छोटी सी नौकरी करनी शुरू कर दी.</p><p dir="ltr">नर्तकी नटराज (Narthaki Nataraj) कुछ अलग करना चाहती थीं लेकिन उनके पास डांस को छोड़कर कोई हुनर नहीं था. बचपन से उन्हें डांस में रूचि थी लेकिन कोई उन्हें सिखाने के लिए तैयार नहीं था. नर्तकी नटराज की तलाश 1984 में पूरी हुई जब उनकी मुलाक़ात तंजोर श्री केपी कटप्पा पिल्लई से हुई. पिल्लई ने उन्हें डांस सीखना शुरू किया और ये भी भरोसा दिलाया की एक दिन वो दुनिया में अपना नाम खुद के दम पर बनाएगी. आज वे दुनियाभर में नाम कामा रही है. देश-विदेश में लगातार उनके स्टेज शोज होते है. सरकार ने भी उन्हें सम्मान देने के लिए कक्षा 11वीं नर्तकी नटराज के जीवन पर एक चैप्टर शुरू किया. नर्तकी ने एक स्कूल भी खोला जिसमें बहुत सारे बच्चे डांस सीखने जातें हैं. सबसे बड़ी बात की यहाँ ट्रांसजेंडर वाले विद्यार्थियों को विशेष क्लासेस दी जातीं हैं.&nbsp;</p><p dir="ltr">नर्तकी को सरकार ने 2019 में 'पद्मश्री' से नवाजा. उस साल पहली बार एक ट्रांसजेंडर को यह सम्मान मिला. इन्होने अपनी आबादी का सर गर्व से ऊँचा कर दिया. नटराज नर्तकी की वजह से आज किन्नर देश में इज़्ज़त कामा रहे है और खुद को साबित भी कर रहे है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Tue, 16 May 2023 18:38:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/hum-bhi-hero/nataraj-narthiki-first-transgender-women-to-receive-padma-shri]]></guid><category><![CDATA[हम में है हीरो]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5w49yUPsfdK6K8Rup4ZP.png" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/5w49yUPsfdK6K8Rup4ZP.png"/></item><item><title><![CDATA[ट्रांसजेंडर भी अब ओबीसी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/aadhi-aabadi/transgenders-to-be-considered-as-obc</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GBsjajazoNJiXO9ydXuH.jpg"><p>थर्ड जेंडर मतलब घरों में शगुन हो ,शादी हो या कोई नई रस्म... घर के दरवाज़े पर ताली बजाते और नेग मांगते अलग अंदाज़ में गीत गाते हुए डांस करने वालों के लिए यही सोच है तो बदल लीजिए. अब समाज के साथ सरकारें भी इस ख़ास समाज के लिए ख़ास संजीदा है. समाज में बराबरी के अवसर देने के लिए चुनाव में हिस्सेदारी का जहां मौका दे रही वहीं मप्र सरकार ने कैबिनेट की मुहर लगाकर इस थर्ड जेंडर / ट्रांसजेंडर सदस्यों के लिए रोजगार के नए रस्ते खोल दिए. </p>
<p>थर्ड जेंडर या ट्रांसजेंडर को लेकर एक बड़ा तबका अब भी घरों में उनकी उपस्थिति को शगुन और अपशगुन में उलझा हुआ है. जबकि बायोलॉजिकल और हार्मोनल परेशानियों की वजह सबसे बड़ा कारण ये समाज है. मुख्य धारा में जोड़ने के लिए समाजसेवी और सरकारें नई पहल कर रही है. प्रदेश सरकार ने ट्रांसजेंडर को और अवसर देने के लिए पिछड़े वर्ग में दर्जा देने का निर्णय लिया है. सामान्य गणना में इस समय 30 हजार से ज्यादा ट्रांसजेडर प्रदेश में रहते हैं. </p>
<p>ट्रांस जेंडर के निजी जीवन और उनकी परेशानियों को लेकर कई एंगल पर रिसर्च किए गए. कुछ ऐसे उदाहरण भी सामने जाए हैं जहां समाज की पुरानी धारणाओं को ख़ारिज कर दिया. इसमें सागर की पूर्व महापौर गौर हो या देश की पहली ट्रांसजेंडर जज जोयोता मंडल, नाज़ जोशी हो या लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी हो,ये मिसाल हैं. इन्होंने सरकारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यदि अवसर और सम्मान मिले तो ट्रांसजेंडर हर क्षेत्र में ख़ास मुकाम हासिल कर सकते हैं.</p>
<p>सरकार ने ट्रांसजेंडर को पिछड़े वर्ग में शामिल कर दिया लेकिन इस समाज को इसका लाभ दिलाने के लिए समाजसेवी और अन्य वर्ग को आगे आना पड़ेगा. सरकार सरकारी नौकरियों में अवसर तो देगी लेकिन उनकी पढाई के लिए भी उनको प्रोत्साहित करना पड़ेगा. अभी भी एक बड़ा तबका ट्रांसजेंडर में गुरु परंपरा और सम्मेलनों के आयोजनों में ही अपना जीवन समेटे हुए है. सरकार की आरक्षण मुहर ट्रांसजेंडर को आरक्षण से कितना फायदा मिलता है. कितने आत्मनिर्भर बन पाते है. यह आने वाला वक़्त बताएगा.फ़िलहाल सरकार ने एक पहल जरूर की है. </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">विवेक वर्द्धन श्रीवास्तव </dc:creator><pubDate>Tue, 11 Apr 2023 17:20:22 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/aadhi-aabadi/transgenders-to-be-considered-as-obc]]></guid><category><![CDATA[आधी आबादी]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GBsjajazoNJiXO9ydXuH.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/GBsjajazoNJiXO9ydXuH.jpg"/></item></channel></rss>