<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ उद्यमिता]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/udymitaa</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/udymitaa" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Wed, 19 Jul 2023 11:49:51 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[तमिलनाडु में ACC के साथ SHG बढ़ रहे आर्थिक विकास की ओर ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/acc-supporting-women-shgs-in-tamilnadu</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lIq6vK8WKtjQSvdAHWxF.jpg"><p>देश में चल रही <a href="https://ravivarvichar.in/khabar/widows-undergo-livelihood-training-to-receive-subsidised-loans-for-business-startups">स्वयं सहायता समूह</a> (Self Help Groups) की आर्थिक क्रान्ति (financial revolution) में&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/nazariya/csr-of-aditya-birla-group-work-towards-empowerment-of-rural-women">कंपनियां</a> भी महिलाओं का सहयोग करने के लिए आगे आ रही हैं.अडानी समूह (Adani Group) की सीमेंट और बिल्डिंग मटेरियल कंपनी एसीसी (ACC) ने महिलाओं को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाया है (ACC working for women empowerment). ACC नवक्कराई में&nbsp;<a href="https://ravivarvichar.in/khabar/start-up-joins-hands-with-shgs-to-market-vegetables-at-manachanallur-uzhavar-sandhai">स्वयं सहायता समूहों</a> (SHG) को बढ़ावा दे रहा है.अडानी फाउंडेशन (Adani Foundation) के ज़रिये, ACC ने इन SHG को अपनी आजीविका बढ़ाने और अपने परिवारों और समुदायों में योगदान देने के लिए कौशल, संसाधनों और अवसरों तक पहुंच को आसान बनाया है. महिला उद्यमियों को सशक्त बनाकर, एसीसी न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है बल्कि सामाजिक विकास (social development) और लैंगिक समानता (gender equality) को भी बढ़ावा दे रहा है.</p>
<h2>SHG माइक्रो इंटरप्राइजेज ने की अपने प्रोडक्ट्स की वाइड रेंज प्रस्तुत&nbsp;</h2>
<p>जिला प्रशासन और <a href="https://www.rprealtyplus.com/allied/acc-empowers-block-level-self-help-groups-in-tamil-nadu-111447.html">तमिलनाडु</a> (Tamilnadu) महिला परियोजना विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में, दो SHG माइक्रो इंटरप्राइजेज (SHG micro enterprises), 'मिरेकल' और 'श्री शिव शक्ति' ने अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की वाइड रेंज प्रस्तुत की. मिरेकल को 'कोल्ड प्रेस्ड ऑयल मेकिंग' उद्यम शुरू करने के लिए अडानी फाउंडेशन (Adani foundation trains SHG rural women) ने ट्रेनिंग और वित्तीय सहायता दी थी. उन्होंने नारियल तेल, मूंगफली तेल और तिल का तेल निकालने, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचने और 10 हज़ार रुपये से ज़्यादा मासिक आय अर्जित करने की कला में महारत हासिल की.</p>
<p>इसी तरह, मराप्पलम की महिलाओं के शिव शक्ति SHG ने अडानी फाउंडेशन के सहयोग से एक अत्याधुनिक 'बेकरी यूनिट' माइक्रो इंटरप्राइज की शुरुआत की. प्रशिक्षण से गुज़रने के बाद, उन्होंने कुकीज़, कप केक, ब्रेड और ब्राउनी सहित कई तरह के बेक किए गए प्रोडक्ट्स बनाये. उनके उत्पादों ने स्थानीय निवासियों के बीच लोकप्रियता हासिल की और 12 हज़ार रुपये कमाए.</p>
<h3>उद्यमिता को बढ़ावा देकर ACC बना रहा महिलाओं को सशक्त</h3>
<p>महिलाओं को सशक्त (women empowerment) बनाने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ACC के डेडिकेशन को दिखाता है. उनकी सफलता की कहानियां आर्थिक आज़ादी और सामुदायिक विकास के लिए उदाहरण बन रही हैं. ज़रूरी संसाधन, प्रशिक्षण और सहायता देकर, एसीसी ने इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवारों और समुदायों में अहम योगदान देने में सक्षम बनाया है.</p>
<p>इस तरह की पहल के ज़रिये, एसीसी और <a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/adani-foundation-trains-rural-people-run-milk-collection-center">अडानी&nbsp;फाउंडेशन</a><a href="https://ravivarvichar.in/kahaniyan/adani-foundation-trains-rural-people-run-milk-collection-center"></a> सामाजिक बदलाव ला रहे हैं, महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं (ACC working with rural women) और फाइनेंशियल इन्क्लूशन (financial inclusion) को बढ़ावा दे रहे हैं. महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने में ACC का काम दूसरे संगठनों के लिए एक उदाहरण बन रहा है और समान और समृद्ध समाज बनाने में योगदान दे रहा है.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 19 Jul 2023 11:49:51 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/acc-supporting-women-shgs-in-tamilnadu]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lIq6vK8WKtjQSvdAHWxF.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/lIq6vK8WKtjQSvdAHWxF.jpg"/></item><item><title><![CDATA[ग्रामीण महिलाओं के साथ 'आदित्य बिडला ग्रुप' ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/csr-of-aditya-birla-group-work-towards-empowerment-of-rural-women</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Oj7L05CrcekeU8M3kEv3.jpg"><p>स्वयं सहायता समूह महिलाओं के लिए एक दूसरे से जुड़ने और साथ मिलकर लाभ उठाने का एक कारगर तरीका है. SHG महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार के अलावा बड़े कॉर्पोरेट्स भी आगे आ रहे हैं. अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Corporate Social Responsibiity-CSR) गतिविधियों में ग्रामीण महिलाओं को शामिल कर रहे हैं. जानी- मानी बहुराष्ट्रीय कंपनी आदित्य बिडला ग्रुप (एबीजी) ने भी अपने CSR में इन महिलों को जगह दी. आदित्य बिडला ग्रुप (Aditya Birla Group -ABG) भारत के साथ थाईलैंड, दुबई, सिंगापुर, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन, अमरीका, ब्रिटेन समेत 25 देशों में काम कर रहा है.</p>
<p>आदित्य बिडला ग्रुप की सीएसआर पहल ने 45 हज़ार महिलाओं को सशक्त बनाया और उनके लिए एक स्थायी आजीविका का ज़रिया तैयार किया. महिलाएं आत्मनिर्भर हुई और अपना मार्ग खुद चुनने के काबिल बनी. सतत विकास हेतु महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें आजीविका से जुड़े कौशल सिखाना, बाजार से जुड़ाव, फंडिंग (funding) सहायता और दूसरे अवसरों से जोड़ने के लिए वित्तीय मुख्यधारा में लाना एबीजी की महिला सशक्तिकरण (women empowerment) पहलों का मूल है. </p>
<h2>उद्यमिता को बढ़ावा देना </h2>
<p>लैंगिक समानता (gender equality) और महिलाओं का सशक्तिकरण - संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों में से एक है, जो एबीजी की CSR परियोजनाओं का आधार है. इस लक्ष्य की दिशा में, एबीजी उद्यमिता और उद्यम विकास के लिए ग्रामीण भारत में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHG) के साथ काम करता है. एसएचजी सदस्यों को माइक्रो-उद्यमी बनाने के लिए सिलाई, खाद्य उत्पादन, कपड़ा बनाने, पशुधन पालन आदि जैसे कौशल के साथ सशक्त बनाया जाता है.</p>
<p>ABG की मेटल फ्लैगशिप कंपनी हिंडाल्को (Hindalco) ने इस क्षेत्र में बड़े कदम उठाए हैं. कंपनी वर्तमान में ओडिशा में 'सक्षम' और गुजरात में 'स्वावलंभ' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 24,860 महिलाओं सहित 2,000 एसएचजी के साथ काम करती है.</p>
<p><img src="https://img-cdn.thepublive.com/fit-in/580x348/filters:format(webp)/ravivar-vichar/media/media_files/ZE9trzDVIcOjV20GRXU4.jpg" alt="Aditya Birla Group CSR"></p>
<p><span style="font-size: 8pt;"><em>Image Credits: Aditya Birla Group </em></span></p>
<h2>सक्षम </h2>
<p>हिंडाल्को द्वारा 2015 में ओडिशा में शुरू की गई एक सीएसआर पहल, सक्षम कई उद्यमिता और आर्थिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों जैसे पोल्ट्री, मत्स्य पालन, सिलाई, मशरूम और सब्जी की खेती आदि शुरू करने में समर्थन करता है. 2020 में ओडिशा के संबलपुर जिले के नाइकपाड़ा गांव में एसएचजी की 26 महिला लाभार्थियों ने हल्दी की प्रोसेसिंग करके, हर एक ने 15,000 रुपये कमाए. परियोजना की सफलता ने सदस्यों को दूसरे मसालों की प्रोसेसिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया ह.  जिसके लिए एबीजी टीम मशीनरी की खरीद और मार्केटिंग में उनकी मदद कर रही है. सक्षम ने संबलपुर, ओडिशा के रेंगाली ब्लॉक में 5875 ग्रामीण परिवारों सहित 51 महिला एसएचजी को सशक्त बनाया है. इस उपलब्धि के लिए इसे 2020 में महिला सशक्तिकरण श्रेणी के तहत इंडिया सीएसआर अवार्ड से सम्मानित किया गया.</p>
<h2>रेशम से बुनी आजीविका</h2>
<p>छत्तीसगढ़ स्थित कोसल सोशल एंड लाइवलीहुड फाउंडेशन, हिंडाल्को द्वारा शुरू किया गया एक सामाजिक उद्यम है. ये राज्य के कोसा रेशम बुनकरों को उनके पारंपरिक हैंडलूम उत्पादों को बाज़ार तक ले जाने में सक्षम बनाता है. कोसा सिल्क से साड़ियों सहित कपड़ा बनाने की कला में महिलाओं को सलाह देने के लिए स्थापित, फाउंडेशन ने महामारी के बावजूद दिवाली और नए साल 2020-21 में सफलतापूर्वक 3 लाख रूपये कमाए. रायगढ़ जिले के गारे पाल्मा में स्थित उद्यम ने स्थानीय गांवों की लगभग 35 महिला रेशम रीलर्स बेहतरीन आजीविका का अवसर दिया. यह भी सुनिश्चित किया गया कि कोसा रेशम जैसे हेरिटेज हैंडलूम भारत की टेक्सटाइल परंपरा में जीवित रहें. </p>
<h2>सिले नए अवसर</h2>
<p>जब महामारी का प्रकोप हुआ, तो इसने जीवन और अर्थव्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया, जिसका सबसे बड़ा खामियाजा प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण परिवारों को भुगतना पड़ा. हालाँकि, इसने वंचित महिलाओं के लिए एक आर्थिक अवसर भी खोला. महामारी ने फेस मास्क और अन्य सुरक्षा उत्पादों की भारी मांग को जन्म दिया, जिससे महिलाओं के नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को इन उत्पादों को बनाने और बेचने के नए अवसर मिले. कंपनी वर्तमान में 390 एसएचजी के साथ काम करती है, जिसमें 5,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, जो मास्क, जूट बैग, यूनिफॉर्म  और सजावटी उत्पाद बनाते हैं. इस पहल ने महिलाओं को कमाने और महामारी के वित्तीय तनाव को कम करने में मदद की है.</p>
<p>अल्ट्राटेक, जो 840 एसएचजी के माध्यम से 8,000 ग्रामीण महिलाओं के बीच काम करती है, ने सदस्यों को कई तरह के डिटर्जेंट, मास्क और साबुन बनाने की ट्रेनिंग देने के लिए हिमाचल प्रदेश में एक महिला कौशल विकास केंद्र की शुरुआत की. इन वस्तुओं को बेचने से महिलाओं को महामारी के दौरान कमाई का ज़रिया मिला.</p>
<h2>कक्षा में वापसी </h2>
<p>CSR ने समूह की महिलाओं के सतत विकास के लिए वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता प्रशिक्षण पर भी निवेश किया गया. कंपनी की वित्तीय सेवा शाखा, आदित्य बिड़ला कैपिटल, ने एसएचजी के माध्यम से ग्रामीण कर्नाटक में 3,000 से ज़्यादा महिलाओं को वित्तीय साक्षरता में ट्रेनिंग  दी. इसी तरह का काम हिंडाल्को द्वारा भी किया जा रहा है.</p>
<h2>डिजिटल मदद </h2>
<p>अल्ट्राटेक ने आर्थिक रूप से वंचित परिवारों के लिए आजीविका उद्यमिता विकास कार्यक्रम की शुरुआत की. छत्तीसगढ़ में ग्राम-स्तरीय उद्यमिता कार्यक्रम महिला उद्यमियों को डिजिटल ग्राम प्रोजेक्ट से जोड़ रहा है, ताकि डिजिटल इंडिया में हो रहे बदलावों में ये महिलाएं पीछे न रह जायें. </p>
<p><em>महिलाओं को सशक्त बनाने से परिवारों, समुदायों और देश पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. देश में हो रहे बदलाव और प्रगति, देश की आधी आबादी से दूर नहीं रहना चाहिए. इसके लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप जैसे बड़े नाम यदि ग्रामीण परिवेश की महिलाओं का साथ देंगे, तो वे भी बेहतर ज़िन्दगी जीने का सपना पूरा कर पाएंगी और देश की प्रगति में योगदान दे सकेंगी.</em></p>
<p>(स्रोत: <a href="https://www.adityabirla.com/media/stories/empowering-women-for-sustainable-development">Aditya Birla Group)</a></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Thu, 18 May 2023 13:42:50 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/csr-of-aditya-birla-group-work-towards-empowerment-of-rural-women]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Oj7L05CrcekeU8M3kEv3.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/Oj7L05CrcekeU8M3kEv3.jpg"/></item></channel></rss>