<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ विनी हार्लो]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/vinii-haarlo</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/vinii-haarlo" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Fri, 28 Apr 2023 15:31:00 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[नॉट योर बार्बी गर्ल ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/mettal-company-of-barbie-doll-launches-down-syndrome-barbies</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/I9K4tKLsXugSs4voTYyD.jpg"><p dir="ltr">वो सुन्दर सी गुड़िया जो लम्बी है, पतली है, गोरी है, लम्बे बाल है, बड़ी बड़ी आखें है, सुन्दर कपड़े पहनती है, यह सुनते ही सबसे पहला नाम जो दिमाग में आता है वो है 'बार्बी'. एक ऐसा नाम जो लड़कियों को अपने बचपन की याद दिलाता है. बचपन की कुछ बातें ऐसी होती है जिन्हें भूल पाना मुश्किल है और बार्बी के साथ खेलना उनमें से एक है. जाने अनजाने हर लड़की के लिए बार्बी, सुंदरता और परफेक्शन की वो मिसाल बन जाती है, जिसे पाने के लिए वो कुछ भी कर सकती है. बार्बी बनाने वाली कंपनी 'मैटल' को इस मटेरियलाइज़ेशन के लिए बहुत सारी कॉन्ट्रोवर्सीज का सामना करना पड़ा. 'मैटल' ने छोटी बच्चियों के दिमाग में यह बिठा दिया की सुंदरता का दूसरा नाम बार्बी है. यह एक खतरनाक परंपरा पड़ चुकीं थी. सुंदरता मतलब बार्बी , बार्बी मतलब परफेक्शन.  </p>
<p dir="ltr">सबने आवाज उठाई और 'मैटल' को अपनी विचारधारा बदलना पड़ी. मैटल ने अपने 'बार्बी टॉय प्रोडक्ट्स' में तब से बदलाव किये. पहले बार्बी सिर्फ गोर रंग में आया करतीं थी. कॉन्ट्रोवर्सीज के बाद उन्हें हर स्किन टोन में लाया जाने लगा. मैटल ने 1959 से अभी तक अपनी डॉल्स में बहुत से बदलाव किये है और हाल ही में उन्होंने डाइवर्सिटी की भावना को सबके सामने लाने के लिए 'डाउन सिंड्रोम बार्बी' लॉच की. मैटल लम्बे समय से अपने आलोचकों की नज़र में थी. उनका कहना था कि यह कंपनी असलियत से बिलकुल अलग डॉल्स बना रही है. कुछ समय पहले इस कंपनी ने हियरिंग ऐड, व्हीलचेयर, विटिल्गो और प्रोस्थेटिक लेग वाली डॉल्स भी लॉच करी. 'डाउन सिंड्रोम डॉल' को लॉन्च करने के पीछे 'मैटल' कंपनी का सबसे बड़ा उद्देश्य ही अपनी इमेज को बदलना है. सुंदरता मन में होती है इस बात को प्रुव करती ना जाने कितनी मॉडल्स है. </p>
<p dir="ltr">विटिल्गो को अपनी पहचान बना चुकीं 'विनी हार्लो', डाउन सिंड्रोम होने के बावजूद आगे बढ़ती 'एली जी', और प्रोस्थेटिक लेग के साथ अपने पैरो पर खड़ी 'लॉरेन वॉसर', इस बात का जीता जगता सबूत है कि सुंदरता और परफेक्शन बाहर से नहीं बल्कि मन से आता है. ये सारे नाम दुनिया भर में अपने काम और हिम्मत एक लिए जाने जाते है. सीख लेनी है तो इनसे लेनी चाहिए कि हार मानना किसी भी चीज़ का जवाब नहीं हो सकता. परेशानियां तो ज़िन्दगी का हिस्सा है, ये ना हो तो जीने का मज़ा ही नहीं आएगा. हर लड़की को यह समझना होगा की सुंदरता बाहरी नहीं अंदरूनी होनी चाहिए. अगर यह कला आपके पास है तो पूरी दुनिया आपके आगे झुकेगी ही.</p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">रिसिका जोशी</dc:creator><pubDate>Fri, 28 Apr 2023 15:31:00 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/mettal-company-of-barbie-doll-launches-down-syndrome-barbies]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/I9K4tKLsXugSs4voTYyD.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/I9K4tKLsXugSs4voTYyD.jpg"/></item></channel></rss>