<rss xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/" xmlns:geo="http://www.w3.org/2003/01/geo/wgs84_pos#" xmlns:georss="http://www.georss.org/georss" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" version="2.0"><channel xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><title><![CDATA[ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></title><link>https://ravivarvichar.in/tags/vitt-mntrii-nirmlaa-siitaarmnn</link><description/><atom:link href="https://ravivarvichar.in/rss/tags/vitt-mntrii-nirmlaa-siitaarmnn" rel="self"/><language>en-us</language><lastBuildDate>Wed, 03 May 2023 14:59:11 +0530</lastBuildDate><item><title><![CDATA[खुदका बैंक अकाउंट आर्थिक आज़ादी की पहली सीढ़ी ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/nazariya/women-need-to-have-their-seperate-bank-accounts-said-fm-nirmala-sitharaman</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ICS7otQMpM6bQnpPIXHo.jpg"><p>"अरे, अलग बैंक खाते (bank account) की क्या ज़रुरत है ?", "अपने हस्बैंड के साथ जॉइंट (joint account) अकाउंट खुलवालो", "मिलकर सेविंग्स कर लेना" महिलाओं को कुछ ऐसे तर्क देकर अपना अलग बैंक खाता खुलवाने से रोका जाता है. सेलेरी अकाउंट के बहाने नोकरीपेशी महिलाओं का अलग बैंक खाता खुल जाता है, लेकिन गृहणियों का अलग खाता होना ज़रूरी नहीं समझा जाता. भारत में महिलाएं 35% बैंक खातों की मालिक हैं, और कुल जमा राशि का सिर्फ 20% हिस्सा महिलाओं का है. ये आंकड़े भारतीय महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की स्थिति पर सवाल उठाते हैं. </p>
<p><em>"हम एक अलग बैंक खाता और पतियों या किसी और के साथ जॉइंट खाता नहीं रखने से कम महान नहीं हो जायेंगे."</em> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं की आर्थिक आज़ादी पर कहा. थिंकर्स फॉरम द्वारा बेंगलुरु में आयोजित एक इवेंट में सीतारमण ने महिलाओं को अपना अलग बैंक खाता खोलने के लिए प्रोत्साहित किया. फाइनेंशियल लिट्रेसी की कमी की वजह से महिलाएं अपना अलग खाता खोलने में संकोच करती हैं. उन्हें अपने पति या घर के किसी पुरुष के साथ जॉइंट खाता खोलना आसान लगता है क्योंकि बैंक की फॉर्मलिटीज से कई महिलाएं घबराती हैं. </p>
<p>जॉइंट खाता कई बार पति-पत्नी के बीच मन मुटाव की वजह बन जाते हैं. उससे बचने के लिए सेपरेट खाता होना ज़रूरी है. पति पर ज़्यादा क़र्ज़ होने की स्थिति में एक्सपर्ट्स जॉइंट खाता रखने की सलाह नहीं देते. अपने खर्चों और बचत का हिसाब महिलाएं सेपरेट खाते में बेहतर तरीके से कर सकती हैं. जॉइंट खातों के अपने फायदे हैं, लेकिन महिलाओं का अलग खाता उन्हें मज़बूती देता है, और भविष्य में आने वाली आपातकालीन स्थिति से निपटने में सहायता मिलती है.  </p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">मिस्बाह</dc:creator><pubDate>Wed, 03 May 2023 14:59:11 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/nazariya/women-need-to-have-their-seperate-bank-accounts-said-fm-nirmala-sitharaman]]></guid><category><![CDATA[नज़रिया]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ICS7otQMpM6bQnpPIXHo.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/ICS7otQMpM6bQnpPIXHo.jpg"/></item><item><title><![CDATA[समृद्धि से संघठन : स्वनिर्भरता के लिए थामे हर महिला का हाथ ]]></title><link>https://ravivarvichar.in/khabar/samrddhi-se-sanghathan-day-nrlm-giriraj-singh</link><description><![CDATA[<img src="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/M5tFlnie2mPEqM9wNux3.jpg"><p><span lang="HI">आया समय उठो तुम नारी</span><br><span lang="HI">युग निर्माण तुम्हें करना है</span>  <br><span lang="HI">आज़ादी की खुदी नींव में</span><br><span lang="HI">तुम्हें प्रगति पथ भरना है</span>  <br><span lang="HI">अपने को कमज़ोर न समझो</span>  <br><span lang="HI">जननी हो तुम सम्पूर्ण जगत की</span>  <br><span lang="HI">गौरव हो स्वयं सिद्ध हो शक्ति हो</span><br><span lang="HI">अपनी संस्कृति की आहट हो</span>  <br><span lang="HI">तुम्हें  नया इतिहास देश का</span>  <br><span lang="HI">अपने करकमलों से रचना है.....</span><br><br><span lang="HI">यह गीत जब नई दिल्ली के हाल में गूंजा तब ऐसा लगा जैसे यह सबसे बेहतर सम्मान है स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए.</span> <span lang="HI">मौका था समृद्धि से संघठन:स्वनिर्भरता की ओर साथ साथ</span>, <span lang="HI">थामे हर ग्रामीण महिला का हाथ अभियान की शुरुआत की. एक ऐसा अभियान जो भारत में आर्थिक आज़ादी के सबसे महत्वपूर्ण कदम </span>; <span lang="HI">स्वयं सहायता समूह को और मजबूत करेगा.</span>  <span lang="HI">ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय ने यह तय किया है की </span>30 <span lang="HI">सितम्बर </span>2023 <span lang="HI">तक भारत की </span>10 <span lang="HI">करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के जोड़ा जायेगा. इसी अभियान की शुरुआत नई दिल्ली में केबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह ने की.</span>  <br><br><span lang="HI">तिनका तिनका जोड़ कर आय डे-एनआरएलएम का आजीविका मिशन आज वट वृक्ष बन चुका है. महिलाओं का एक साथ आकर समूह बनाना उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाता है. एक अलग विश्वास </span>,<span lang="HI">साहस और हिम्मत देता है. इसी हिम्मत से हरियाणा के मेवात ज़िले के सुनारी गाँव की सुनीता ने दिखाई </span>, <span lang="HI">जब इस भरे हॉल में माइक सँभालते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की. जय माता दी स्वयं सहायता समूह से जुडी सुनीता अपने इलाके के उड़ान क्लस्टर में भूमिका निभाती है.</span>  <br><br><span lang="HI">समृद्धि से संघठन अभियान </span>, <span lang="HI">भारत की करोड़ों महिलाओं के एकजुटता के सपने को साकार करने जैसा है. वहां मौजूद दीदियों ने ख़ुशी और गर्व के साथ सभी अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया. यह सम्मान उन </span>9 <span lang="HI">करोड़ दीदियों की तरफ से था</span>,  <span lang="HI">जो आजीविका मिशन के साथ जुड़कर नयी राहें बना रहीं है.</span>  <br><br><span lang="HI">इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्मृति शरन ने आजीविका मिशन ग्रामीण भारत की महिलओं के जीवन में क्या बदलाव ला रहे है यह बतलाया. उन्होंने ग्राम संघठन (वीओ) और क्लस्टर लेवल फेडेरेशन (सीएलएफ) की तारीफ की. साथ ही बताया की कैसे </span>6 <span lang="HI">लाख </span>54 <span lang="HI">हज़ार करोड़ रुपये बैंक लिंकेज प्रोग्राम के तहत बाटें गए </span>, <span lang="HI">फिर भी एनपीए </span>2% <span lang="HI">से कम रहा.</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI">प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से </span>5 <span lang="HI">करोड़ </span>70 <span lang="HI">लाख </span>SHG <span lang="HI">महिलाओं को और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से </span>4 <span lang="HI">करोड़ </span>SHG <span lang="HI">महिलओं को जोड़ा गया. उन्होंने इस अभियान से </span>30 <span lang="HI">जून तक पूरी ताक़त से महिलाओं को जोड़ने की अपील की </span>, <span lang="HI">जिससे </span>30 <span lang="HI">सितम्बर तक </span>10 <span lang="HI">करोड़ दीदियों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा सके.</span>  <br><br><span lang="HI">ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव चरणजीत सिंह ने </span>SHG <span lang="HI">की तारीफ करते हुए इसे दुनिया का सबसे बड़ा अभियान बताया जिसकी</span> <span lang="HI">बात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ल्ड</span> <span lang="HI">बैंक </span>, <span lang="HI">आई एम एफ अमेरिका और अपने बजट में प्रमुखता से करी. उन्होंने आगे बताया की इंडियन बैंक एसोसिएशन ने भी </span>SHG <span lang="HI">के कम एनपीए की तारीफ की. साथ ही कैसे बैंकिंग कॉरेसपॉंडेंट (बीसी) दीदियों ने कोविड महामारी के दौरान </span>42000 <span lang="HI">करोड़ का लेनदेन भारत के कोने कोने में करने में मदद की. राज्य स्तर इस अभियान की मीटिंग करने पर भी उन्होंने ज़ोर दिया.</span>  <br><br><span lang="HI">ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव शैलेश कुमार सिंह ने इस अभियान की थीम एक लक्ष्य एक पहल को समझते हुए इसे समाज कल्याण और समाज की प्रगति में मील का पत्थर बताया. उन्होंने अधिकार विहीन समूह और समुदायों पर विशेष ध्यान देने की बात करी. यह विश्वास भी दिलाया की एनआरएलएम के प्रत्येक स्तम्भ को पूरा किया जायेगा. </span>SHG <span lang="HI">की ताक़त देखी भी है और इसे बढ़ाना भी है.</span>  <br><br><span lang="HI">अभियान के शुभारम्भ समारोह में </span>75 <span lang="HI">संकुल संघठनो (सीएलएफ) की कॉम्पेंडियम का भी विमोचन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया.</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI">उन्होंने अपने आप हो गर्व से भरा पाया </span><span lang="HI">और जब दीदियों को सुना तब उनकी पीड़ा को महसूस भी किया. उन्होंने मोदी सरकार की इस पहल को एक सामाजिक आर्थिक पहल बताया जिसमें नाबार्ड और बैंकों ने पूरी मदद करी. एमएसएमई और कृषि में जहां एनपीए </span>9<span lang="HI">.</span>8% <span lang="HI">से लेकर </span>23% <span lang="HI">है वहीं दीदियों ने इसे </span>1<span lang="HI">.</span>8% <span lang="HI">रखा है.</span> <span lang="HI">उन्होंने बताया की ऐसा इसलिए क्योंकि नीड बेस्ड फाइनेंस में एनपीए नहीं होता वह फेस बेस्ड फाइनेंस में होता है. उन्होंने अपील करी की अगर </span>SHG <span lang="HI">महिलाओं का एनपीए </span>1% <span lang="HI">तक हो जाए तो वो बैंक से इंसेंटिव दिलाने की कोशिश करेंगे. आज की स्टार्टअप की दुनिया के जैसे इनोवेटिव इनकम स्टार्टअप दीदियों के लिए भी शुरू होगा.</span>10 <span lang="HI">करोड़ दीदियों को लखपति बनाने के लक्ष्य से भारत का भी विकास होगा. बैंकों को हिदायत दी की वह भी </span>SHG <span lang="HI">लोन टाइमलाइन कम पास करें. साथ ही बड़ी बात यह बताई की दीनदयाल आजीविका योजना को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जोड़कर महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी.</span><span lang="HI"> </span><span lang="HI">यहीं है स्वयं</span> <span lang="HI">सहायता</span> <span lang="HI">समूह दीदियों की क्षमता और उनकी सक्सेस स्टोरी.</span></p>]]>
</description><dc:creator xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">Rohan</dc:creator><pubDate>Tue, 18 Apr 2023 19:03:40 +0530</pubDate><guid isPermaLink="true"><![CDATA[ https://ravivarvichar.in/khabar/samrddhi-se-sanghathan-day-nrlm-giriraj-singh]]></guid><category><![CDATA[ख़बर]]></category><media:content height="960" medium="image" url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/M5tFlnie2mPEqM9wNux3.jpg" width="1280"/><media:thumbnail url="https://img-cdn.publive.online/fit-in/1280x960/ravivar-vichar/media/media_files/M5tFlnie2mPEqM9wNux3.jpg"/></item></channel></rss>