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भारतीय बैडमिंटन में एक नई सितारा उभर रही है - तन्वी पात्री. मात्र 13 साल की उम्र में, तन्वी ने चीन के चेंगदू में आयोजित Badminton Asia U-17 & U-15 Junior Championship के फाइनल में वियतनाम की गुयेन थी थू हुएन को हराकर Asian U-15 Champion का खिताब अपने नाम किया है. उनकी इस शानदार जीत ने भारतीय बैडमिंटन में नई उम्मीदें जगा दी हैं.
विमल कुमार का उत्साह
Prakash Padukone Badminton Academy (PPBA) के डायरेक्टर विमल कुमार ने तन्वी की तारीफ करते हुए कहा,
"तन्वी को देखकर मुझे छोटी सिंधु की याद आती है. इतनी कम उम्र में खेल को समझना और जीत हासिल करना एक अच्छा संकेत है इस बात का कि वह बहुत आगे जाने वाली हैं. उनके पास वो काबिलियत और जज़्बा है जो देश का नाम ऊंचा करेगा."
तन्वी पात्री की उपलब्धि
तन्वी पात्री ने इस टूर्नामेंट में एक भी गेम गंवाए बिना यह खिताब अपने नाम किया. इसी के साथ, वह Girls' Singles Title जीतने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं. फाइनल मुकाबले में तन्वी की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला गेम अपने नाम किया. उन्होंने शुरुआती गेम में 11-7 से पिछड़ने के बावजूद हौसला बनाए रखा और अंततः जीत हासिल की.
तन्वी की यात्रा
तन्वी पात्री के माता-पिता, रबीनारायण पात्री और शैलबाला पांडा, दोनों ही Software Professionals हैं और चीन में काम कर चुके हैं. चीन में रहते हुए ही तन्वी ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया. 2020 में Covid-19 के चलते उनका परिवार भारत वापस आ गया और 2022 में तन्वी ने PPBA में एडमिशन लिया. वहां उन्होंने अपने खेल को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
भविष्य की उम्मीदें
तन्वी के कोच का मानना है कि अगर वह इसी तरह अपने खेल को बेहतर बनाती रहीं, तो 2028 या 2032 के ओलंपिक में भारत के लिए मेडल ज़रूर ला सकती हैं. तन्वी की इस उपलब्धि से भारतीय बैडमिंटन को एक नई दिशा और प्रेरणा मिली है.