अमृत मित्र योजना: MCC के 63 पार्क अब महिलाओं के SHGs के हाथों, रोजगार और हरियाली बढ़ेगी

मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन अमृत मित्र योजना के तहत 63 पार्क महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सौंपेगा. इससे पार्कों की देखभाल बेहतर होगी और महिलाओं को रोजगार मिलेगा.

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रिसिका जोशी
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अमृत मित्र योजना से MCC पार्कों में महिलाओं की पहल और स्वच्छता Photograph: (times of india)

मैसूर में 63 पार्क महिलाओं के SHGs को सौंपे जाएंगे – अमृत मित्र योजना

मैसूर: मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) जल्द ही शहर के 63 पार्कों की देखभाल महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सौंपने वाला है. यह कदम अमृत मित्र योजना के तहत उठाया गया है. नगर निगम ने इस संबंध में राज्य शहरी विकास विभाग को प्रस्ताव भी भेजा है. यह निर्णय पिछले दो महीनों में MCC द्वारा 10 पार्कों को छह प्रशिक्षित SHGs को सौंपने की सफलता के बाद लिया गया.

पायलट प्रोजेक्ट में सफलता

पहले 10 पार्कों का संचालन निम्नलिखित SHGs को सौंपा गया था.

  • सम्मति संघ, नायडू नगर.
  • श्रीलक्ष्मी सरस्वती संघ, राजीव गांधी नगर.
  • नूर SHG.
  • गुलमान SHG.
  • या हबीब SHG, अज़ीज़ साइट नगर.
  • अन्नपूर्णेश्वरी SHG, श्रीरामपुर.

इन SHGs ने हाइडर अली पार्क (वार्ड 9), शिवाजी पार्क (वार्ड 29), बांडे काल्लु पार्क, राजीव गांधी पार्क (वार्ड 34), मदुवाना पार्क (वार्ड 64) और अल-बदर मस्जिद के पीछे पार्क आदि की देखभाल शुरू कर दी है.

महिलाओं की भूमिका और जिम्मेदारियां

महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्यों को मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) द्वारा आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएँ पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ पार्कों की देखभाल कर रही हैं.

इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल हैं.

  • पार्क परिसर की स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखना.
  • पौधों और हरियाली के बीच उगने वाली अनावश्यक घास की नियमित सफाई.
  • जैविक कचरे को एकत्र कर उससे प्राकृतिक खाद (कम्पोस्ट) तैयार करना.
  • पौधों और पेड़ों को समय-समय पर पानी देना.
  • पार्क की नियमित निगरानी और सुव्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करना.

सभी कार्य MCC के होर्टिकल्चर विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार किए जाते हैं, जिससे पार्कों की सुंदरता, स्वच्छता और हरियाली लगातार बनी रहती है.

अमृत मित्र योजना से बदलेगी शहर की तस्वीर, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

अमृत मित्र योजना के तहत शहरी पार्कों और हरित क्षेत्रों की देखभाल महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सौंपी जाती है. इससे एक ओर शहर के पार्क साफ, सुरक्षित और हरे-भरे बने रहते हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को स्थायी रोजगार और आर्थिक मजबूती  मिलती है. इस योजना में महिलाएँ पार्कों की सफाई, पौधों की देखभाल और कचरे से खाद बनाने का काम करती हैं. केंद्र सरकार हर चयनित SHG को पार्क के रख-रखाव के लिए प्रतिवर्ष ₹10 लाख की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में देती है.

मैसूर में पार्कों की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था

मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) के अंतर्गत शहर में कुल 585 पार्क आते हैं. इनमें से 382 पार्कों की देखभाल सीधे MCC का उद्यान विभाग करता है, जबकि 22 पार्क कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा CSR फंड्स के तहत मेंटेन किए जा रहे हैं. इसके अलावा कई पार्क MCC की एडॉप्शन योजना के अंतर्गत संचालित हो रहे हैं. पार्क प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से MCC ने अब 63 अतिरिक्त पार्कों को महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सौंपने की योजना तैयार की है, जिससे पार्कों का रख-रखाव बेहतर होगा और महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

SHG के लिए पात्रता और मंजूरी प्रक्रिया

मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) के अनुसार, किसी भी महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को पार्कों की देखभाल के लिए चुना जाने से पहले कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं. SHG के पास कम से कम 3 साल का सक्रिय अनुभव, साफ-सुथरा वित्तीय रिकॉर्ड और सक्रिय तथा प्रशिक्षित सदस्य होना अनिवार्य है. MCC द्वारा चयनित SHGs का प्रस्ताव राज्य स्तर की इंटरनल कमिटी को भेजा जाता है. केंद्रीय सरकार से मंजूरी मिलने के बाद MCC, महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान करेगा और उन्हें जिम्मेदारी के साथ पार्कों की देखभाल सौंपेगा.

अधिकारियों की बातें: SHGs के पार्क प्रबंधन में सफलता

मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) के कमिश्नर सैयद असिफ तवनीर ने बताया कि पहले जो छह महिला स्वयं सहायता समूह (SHGs) पार्कों का संचालन कर रही थीं, उन्होंने शानदार काम किया है. इस सफलता को देखते हुए MCC ने 63 नए पार्कों को SHGs को सौंपने की सिफारिश की है. जल्द ही ये पार्क भी महिलाओं के नियंत्रण में आ जाएंगे, जिससे शहर की हरियाली और पार्कों की देखभाल और मजबूत होगी.

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