आंगनवाड़ी बौद्धिक,शारीरिक और भावनात्मक विकास का आंगन: मंत्री सुश्री भूरिया

आंगनवाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल की जगह नहीं बल्कि बौद्धिक,शारीरिक और भावनात्मक विकास का आंगन है. स्वास्थ्य,पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का केंद्र है.

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अभिभावकों और बच्चों को संबोधित करती हुईं मंत्री सुश्री भूरिया mage: Ravivar

प्रारंभिक शिक्षा की बुनियाद बन रहे केंद्र आंगनवाड़ी

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भोपाल के  नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रमांक 1061 में कहा -"मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी सिर्फ कोई घर या मैदान दिखावे के लिए नही बल्कि औपचारिक शिक्षा की शुरुआत से पहले की बुनियाद है जिसे तैयार किया जा रहा है.यहां बच्चों के जीवन के पोषण और शिक्षा दोनों का पूरा ध्यान रखा जाता है.आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता लगातार बेहतर हो रही है.बच्चों को खेल आधारित शिक्षा, पोषण और विकास के समंवित वातावरण में तैयार कर उन्हें विद्यालयीन शिक्षा के लिए सक्षम बनाया जा रहा है." 

निर्मला भूरिया ने आंगनवाड़ी से प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर विद्यालय में प्रवेश लेने जा रहे बच्चों को "विद्यारंभ" प्रमाणपत्रप्रदान कर सम्मानित किया.प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ आयोजित इस आयोजन के माध्यम से लगभग 10 लाख बच्चे आंगनवाड़ी से निकल कर अब  स्कूल में एडमिशंस ले रहे है.

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प्रमाण-पत्र वितरित करती हुईं मंत्री भूरिया एवं सचिव जीवी रश्मि Image: Ravivar

मंत्री भूरिया ने आगे कहा -"गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चे के जन्म और छह वर्ष की आयु तक उनके पोषण, स्वास्थ्य और समग्र विकास का ध्यान रखा जाता है.इसी उद्देश्य से प्रदेश में पोषण भी,पढ़ाई भीकार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, इससे बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है."

 कार्यकर्ताओं की भूमिका से मिशन हुआ सफल

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हैं.इसके बिना मिशन सफल नहीं हो सकता था.मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण के साथ कर रही हैं.उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि हर वर्ष लाखों बच्चे आंगनवाड़ी केन्द्रों से गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं.मंत्री सुश्री भूरिया ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका   की सराहना भी की.

 औपचारिक शिक्षा के अनौपचारिक शिक्षा जरूरी: रश्मि 

 महिला बाल विकास की सचिव जी वी रश्मि ने कहा- "यह प्रमाण पत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है.इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और सुखद अहसास हो.बच्चों की ग्रोथ के लिये पिता की भूमिका अति महत्वपूर्ण है.माता-पिता के संयुक्त प्रयासों से बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव रखी जाती है. राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है."

इस अवसर पर मंत्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित किए. कार्यक्रम में बच्चों के अभिभावक बबली शुकवारे और अमित करोसिया ने अपने बच्चों के आंगनवाड़ी में जाने से आए बदलाव के अनुभवों को सांझा भी किया. आयोजन में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए.

महिला एवं बाल विकास निर्मला भूरिया