अचंभा: दुनिया का सबसे छोटा बना दिया सोने का अफीम का डोड़ा!

एक स्वर्ण शिल्पी ने दुनिया का सबसे छोटा अफीम का डोड़ा बना दिया. वह भी सोने का डोडा. ये कलाकार सुर्ख़ियों में है.अफीम की खेती को महंगी खेती माना जाता है.

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Gold Doda

सोने से तैयार सबसे छोटा अफीम का डोडा -Image :Ravivar

मध्य प्रदेश के मालवा और सीमावर्ती राजस्थान इलाके में इन दिनों अफीम (Opium) की खेती की बहार है.फूल के बाद अब इसमें डोड़ा बन गए. इस बहार को देख नीमच जिले के जावद मुख्यालय के स्वर्ण शिल्पकार राजेश सोनी ने माइक्रो आर्ट के रूप में सोने से डोड़ा को गढ़ दिया. इस डोडे (Poppy Straw) का आकर इतना छोटा है कि लेंस से देखा जा सकता है.            

दो दिन की मेहनत से तैयार हुआ 5 एमएम सोने का अफीम डोडा 

लगभग 25 सालों से माइक्रो आर्ट (Micro Art) में महारत हासिल स्वर्ण शिल्पकार राजेश सोनी ने नायाब आकृति तैयार की.ये कृति उस समय तैयार की जब सोने का भाव रोज़ नए आसमान छू रहा है. 
राजेश सोनी बताते हैं- "इस समय मालवा की शान की खेती अफीम के पौधों में डोडे आ चुके हैं.मुझे लगा इसी कृति बनाई जाए. मैंने दो दिन अथक प्रयास कर 5 एमएम लंबाई का  (एक ग्राम सोने का 20 वां हिस्सा) सोने अफीम का डोडा तैयार किया. मेरा विश्वास है कि ये दुनिया का सबसे छोटी साइज़ का डोड़ा है.इसका वज़न महज 50 एमएम है. इसमें बाकायदा पत्तियां भी बनाई गई. मुझे ख़ुशी है इस कृति को मैं बना सका."
शिल्पकार सोनी इसके पहले भी अंगूठे के नाख़ून के बराबर ताजमहल बनाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं.साथ ही 5 एमएम सोने का 'वर्ल्ड कप' भी बनाने में वे सफल हुए. वे पिछले 25 साल से ऐसी कृतियां बनाने में जुटे हुए हैं.

डोडे से निकलती है अफीम, प्रतिष्ठित खेती में शुमार अफीम की खेती  

प्रदेश के मालवा क्षेत्र अंतर्गत रतलाम, मंदसौर और नीमच इलाके में अफीम की खेती होती है. इस इलाके में अफीम खेती को प्रतिष्ठित खेती के नज़रिए से देखा जाता है. अफीम के खूबसूरत फूलों के बीच ये डोडे तैयार होते है. किसान इन्हीं डोडे में चीरा लगाकर किसान अफीम निकालता है.

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अफीम के पौधों पर लगे खूबसूरत फूल और डोडे - Image :Ravivar 

शेष डोडे में अंदर पोस्ता दाना या खस खस के दाने तैयार होते जिसे निकाल लिया जाता है. ये पोस्ता दाना अलग से बेचा जाता है. केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग की निगरानी में अफीम की खेती होती है. ओपियम फैक्ट्री में इससे मेडिसिन तैयार की जाती है.
अफीम में नशे के तत्व पाए जाने के कारण इस खेती पर शासन की कड़ी निगरानी होती है.अफीम को खुले बाजार में बेचना अपराध की श्रेणी में माना जाता है.  

अफीम माइक्रो आर्ट