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गेहूं उपार्जन के बाद बिल तैयार करते हुए बरखा झाला-Image :Ravivar
मध्य प्रदेश के लगभग हर ज़िले में बनाए गए वेयर हॉउस में उपार्जन में किसान सखियां और समूह की महिलाएं नज़र आ जाएंगी. स्वयं सहायता समूह की इन महिलाओं पर शासन और सरकार ने भरोसा किया. और ये महिलाएं इस भरोसे के दम पर काम कर रहीं है. पिछले कुछ समय से हज़ारों क्विंटल अनाज का उपार्जन कर रहीं हैं.
प्रदेश के ही देवास ज़िले के एक ब्लॉक की महिलाओं के काम और आत्मविश्वास की कहानी..
बारदानों पर मुहर लगाकर बनाई दोहरी पहचान
प्रदेश के देवास ज़िले के बागली ब्लॉक अंतर्गत गुनेरा का वेयर हॉउस भी इन दिनों चर्चित है. यहां के एक वेयर हॉउस में जहां भी नज़र आपकी जाएगी ट्रक सहित वाहनों की कतारों को कमांड करते हुए महिलाएं नज़र आएंगी.
यहां न कोई बहस है न कोई अनलोडिंग में विवाद..सब कुछ नियम से काम जारी है.
गांव गुनेरा की जय महालक्ष्मी एसएचजी समूह की अध्यक्ष बरखा धर्मेंद्र सिंह झाला कहती है- "शुरुआत में इतने बड़े काम को करने में घबराहट थी लेकिन ट्रेनिंग उपरांत कोई दिक्क्त नहीं आई. इस बार तो बारदानों को अनाज भरने के पहले भी प्रिंट या मार्का हमारे समूह की सदस्य ही लगा रही, इसका आर्थिक लाभ भी मिलेगा. यह हमारा समूह इस बार नए ढंग से कर रहा है. लगभग 40 हज़ार बरदान पर हम मार्का लगा चुके हैं."
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इस समूह की सदस्य अंतिम बाला सहित जहां बिल और काउंटिंग में साथ दे रही वहीं रिंकू झाला बारदानों पर मार्का लगा रही है.
बागली ब्लॉक अंतर्गत मिशन के असिस्टेंट ब्लॉक मैनेजर देवेंद्र चौहान बताते हैं-"ब्लॉक में समूह की महिलाएं उपार्जन कार्य सफलतापूर्वक कर रहीं हैं. हम लोग लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं."
बारदानों पर मुहर लगाकर ये महिलाएं अपनी दोहरी पहचान बना रहीं हैं.
समूह के दम पर 20 हज़ार क्विंटल गेहूं हुआ स्टोर!
इस सेंटर पर सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्यों के दम पर 20 हज़ार क्विंटल गेहूं का स्टोर किया जा चुका है. समूह का कहना है कि इस वेयर हॉउस में लगभग 28 हज़ार क्विंटल गेहूं का वे उपार्जन कर लेंगी.
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देवास ज़िले के ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला परियोजना प्रबंधक शीला शुक्ला बताती है-"जिले में कई एसएचजी समूह की सदस्य गेहूं उपार्जन का काम कर रहीं है. इस समूह बरखा झाला स्वयं पीडीएस शॉप भी संचालित करती है. समूह की महिलाओं को किसान सखी के रूप में भी प्रशिक्षण दिया जाता है."
देवास ज़िले में स्वयं सहायता समूह महिलाओं द्वारा गेहूं उपार्जन के साथ अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सीईओ जिला पंचायत आयएएस ज्योति शर्मा एवं कलेक्टर आयएएस ऋतुराज सिंह स्वयं समूह सदस्यों को प्रोत्साहित कर रहे हैं.
उपार्जन काम में समूह सदस्यों को लगभग 90 हज़ार रुपए की अतिरिक्त आय हो जाएगी.
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