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प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत, कौन थी पायलेट शांभवी पाठक? Photograph: (google)
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का पुणे के बारामती में विमान की लैंडिंग के दौरान एक हादसे में निधन हो गया. इस घटना में उनके पीएसओ, पायलट और क्रू मेंबर्स समेत कुल छह लोगों की जान चली गई। विमान के कॉकपिट क्रू में शामिल कैप्टन शांभवी पाठक भी इस हादसे में शामिल थीं. वह इस क्रैश हुए विमान की को-पायलट थीं और एक प्रशिक्षित एविएशन प्रोफेशनल के रूप में जानी जाती थीं.
ग्वालियर से शुरू हुआ एविएशन का सफर
लीयरजेट 45 की को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वायु सेना बाल भारती स्कूल, ग्वालियर से पूरी की. यहीं से उनके भीतर विमानन क्षेत्र के प्रति रुचि विकसित हुई. वर्ष 2018 में इंटरमीडिएट पूरा करने के बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया, जहाँ से उन्होंने एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई शुरू की. इसके बाद उन्होंने पायलट ट्रेनिंग के लिए न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में प्रवेश लिया.
न्यूज़ीलैंड से ली पायलट ट्रेनिंग
शांभवी पाठक ने न्यूज़ीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में कठोर और व्यावसायिक उड़ान प्रशिक्षण प्राप्त किया. 2018 से 2019 के बीच उन्होंने न्यूज़ीलैंड सिविल एविएशन अथॉरिटी (NZ CAA) और भारत के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के मानकों के अनुसार कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) हासिल किया. यह ट्रेनिंग उनके एविएशन करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है.
2022 में बनीं पूर्ण प्रशिक्षित पायलट
शांभवी पाठक ने मुंबई विश्वविद्यालय से वैमानिकी, विमानन और अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्नातक की डिग्री पूरी की, जिसे उन्होंने 2022 में हासिल किया. पायलट बनने के साथ ही वह भावी पायलटों को प्रशिक्षित करने के लिए भी समर्पित थीं. उन्होंने मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में सहायक उड़ान प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया और उनके पास उड़ान प्रशिक्षक रेटिंग (A) थी. इस भूमिका में उन्होंने कई छात्रों को उड़ान प्रशिक्षण दिया और अपने अनुभव को नए पायलटों के विकास में साझा किया.
कानपुर से जुड़ा पारिवारिक नाता
शांभवी पाठक का पारिवारिक नाता उत्तर प्रदेश के कानपुर से था, जहाँ उनका ननिहाल स्थित है. उनके परिवार में एक छोटा भाई वरुण और मां रोली शुक्ला पाठक शामिल हैं. वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली में रहता था. परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाए रखते हुए, शांभवी ने एविएशन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और पेशेवर पायलट के रूप में खुद को स्थापित किया
लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी से हुआ हादसा
बुधवार सुबह शांभवी पाठक, पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित कपूर के साथ दो सदस्यीय कॉकपिट क्रू का हिस्सा थीं. दिल्ली स्थित चार्टर कंपनी वीएसआर द्वारा संचालित यह विमान अजीत पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी विदित जाधव और सहायक पिंकी माली को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए ले जा रहा था. सुबह लगभग 8:45 बजे बारामती हवाई अड्डे पर लैडिंग के प्रयास के दौरान विमान में तकनीकी खराबी आई, जिससे वह रनवे से बाहर निकल गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे ने पूरे देश को शोक में डाल दिया.
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