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देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्कालय में समीक्षा करते हुए कमिश्नर डॉ.सुदाम खाड़े - Image :Ravivar
इंदौर के श्री अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में कई बदलाव देखने को मिलेंगे. कमिश्नर डॉ.सुदाम खाड़े ने बैठक लेकर साफ़ निर्देश दिए कि इस पुस्तकालय शैक्षणिक गतिविधियों का सक्रीय केंद्र बनाया जाए. केन्द्रीय पुस्तकालय एवं प्रीतमलाल दुआ सभागृह में चल रही विभिन्न गतिविधियों एवं विकास कार्यों की समीक्षा की.
स्टूडेंट्स के पुस्तकों का खजाना और सपने हों पूरे
केंद्रीय पुस्तकालय में अब स्टूडेंट्स के लिए पुस्तकों का खजाना हो, जरूरतमंद बच्चे यहां से निःशुल्क पुस्तकें ले सकें. डॉ.खाड़े ने कहा- "शासकीय श्री अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में एक ऐसा बुक बैंक बनाया जाए, जिसमें माध्यमिक कक्षाओं से लेकर हाई सेकेण्डरी कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए पुरानी पुस्तकों का संग्रह हो. इस बैंक योजना में छात्र अपनी पुरानी पुस्तकें जमा कर सकें और जिन्हें पुस्तकों की आवश्यकता होगी, यहां से नि:शुल्क प्राप्त कर सकें. कोई भी छात्र पुस्तकों के आभाव में अपने लक्ष्य से वंचित न रहे."
इस प्रकार बुक बैंक में स्कूली कक्षाओं में पढाई जाने वाली पुस्तकों का एक ऐसा संग्रह होगा, जिसका उपयोग जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के छात्र भी ले सकेंगे.
शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहेंगी जिससे लोक सेवा आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग तथा हर तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां करने वाले छात्र-छात्राएं लाभ उठा सकेंगे. प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिये विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान, संगोष्ठी, परिचर्चा आदि गतिविधियां प्रारम्भ करने की रूपरेखा बनाने पर भी चर्चा की गई. सभागृह में अन्य सुविधाएं उपलब्ध करने के निर्देश भी कमिश्नर डॉ.खाड़े ने दिए.
सभागृह के किराये में संशोधन, 4 घंटे के लिए भी होगा उपलब्ध
120 सीटिंग क्षमता वाले प्रीतमलाल दुआ सभागृह में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थाओं को 4 घंटे के लिए भी किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा. पुस्तकालय की क्षेत्रीय ग्रंथपाल एवं समिति सचिव हर्षिता डेविड ने बताया -" संशोधित दरों के अनुसार सभागृह का किराया 4 घंटे के लिए 3 हजार रुपये तय किया गया. इसी तरह सभागृह के 6 घंटे का किराया 6 हजार रुपये किया गया है, जो पूर्व में 9 हजार रूपये था. पूर्व में 8 घंटे का किराया 11 हजार रूपये था, जिसे संशोधित कर अब 9 हजार रुपये किया गया है. इसी प्रकार प्रीतमलाल दुआ सभागृह में स्थित कलावीधिका (प्रदर्शनी हॉल) में एकल प्रदर्शनी का किराया पूर्व में 5 हजार रूपये था, जिसे संशोधित कर अब 3 हजार रूपये प्रतिदिन किया गया है."
इस बैठक में पूर्व ग्रंथपाल जी.डी.अग्रवाल, सदस्य अनिल भंडारी, संस्कृतिकर्मी जयंत भिसे, सामाजिक कार्यकर्ता अतुल सेठ आदि मौजूद थे.
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