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बिहार की सड़कों पर नारी शक्ति की नई पहचान, 6000 महिलाएं बनेंगी प्रोफेशनल ड्राइवर, नीतीश सरकार देगी ट्रेनिंग Photograph: (google)
पटना: बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की तैयारी चल रही है. इस योजना के तहत राज्य की 6,000 महिलाओं को पेशेवर ड्राइवर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा. अगले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि महिलाएं बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहन चलाने में दक्ष बन सकें. यह पहल केरल के सफल मॉडल से प्रेरित है और केंद्र सरकार के सहयोग से लागू की जाएगी. माना जा रहा है कि इससे परिवहन जैसे पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित होगी.
कई जिलों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र
महिला ड्राइवरों को प्रशिक्षित करने के लिए नालंदा, सुपौल, मोतिहारी और बांका जिलों में आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों के निर्माण और संचालन पर सरकार करीब 68 करोड़ रुपये खर्च करेगी. यहां महिलाओं को बस, ट्रक, टैक्सी, टेम्पो और दोपहिया वाहन चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, लक्ष्य यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं आत्मविश्वास के साथ पेशेवर ड्राइवर के रूप में काम कर सकें.
योजना का उद्देश्य
इस योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी बनाए जाएंगे. इन ट्रैकों पर प्रशिक्षुओं के ड्राइविंग कौशल और तकनीकी समझ की जांच की जाएगी. प्रशिक्षण और परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने पर महिलाओं को वैध ड्राइविंग लाइसेंस और प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा. हर साल लगभग 1,500 महिलाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि चार साल में कुल 6,000 प्रशिक्षित महिला ड्राइवर तैयार हो सकें.
महिलाओं के हाथ में स्टेयरिंग
प्रशिक्षण केंद्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगी माहौल सुनिश्चित किया जाएगा. यहां अधिकारी और प्रशिक्षक सभी महिलाएं होंगी. ड्राइविंग के साथ-साथ महिलाओं को ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, वाहन की देखरेख और आपात स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इसके अलावा उन्हें जीपीएस, डिजिटल टूल्स और आधुनिक वाहन तकनीक की जानकारी दी जाएगी. सरकार का मानना है कि यह योजना खास तौर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी और बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देगी.
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