बीमार बच्चों की देखभाल करने वाली माताएं हैं 'सशक्त नारी'

असाध्य रोग से पीड़ित बच्चे को यदि कोई मां जीवनभर देखभाल करती हो तो उससे बड़ी सशक्त नारी कौन हो सकती है.ऐसी मां सम्मान की असली हक़दार है. एक ख़ास आयोजन हुआ.   

New Update
Rajni-1

पीड़ित बच्चों की माताओं को सम्मानित करती हुई संस्थान फाउंडर डॉ रजनी भंडारी व अन्य -Image: Ravivar

थैलीसीमिया पीड़ितों की माताओं को मिला अनूठा सम्मान 

इंदौर में एक ख़ास आयोजन हुआ.इस आयोजन को खास सराहना मिली.
थैलेसीमिया एंड चाइल्ड वेलफेयर ग्रुप (Thalassemia and Child Welfare Group) आयोजक रहा.संस्थान की फाउंडर डॉ.रजनी भंडारी ने कहा -"एक बीमार बच्चे को पूरी ज़िंदगीभर संभालना और जरूरत होने पर हर महीने ब्लड चढ़वाना कोई सामान्य चुनौती नहीं.खास बात यह है इस लंबी प्रक्रिया के बीच ये मां उफ़ तक नहीं करती.क्या इससे अधिक महिला सशक्तिकरण का कोई दूसरा उदाहरण हो सकता है! इसीलिए ऐसी माताएं सबसे पहले सम्मान की हक़दार है।"
शहर के चाचा नेहरू हॉस्पिटल में आयोजित इस आयोजन में पीड़ित बच्चों की माताएं आमंत्रित की गई.    

माताओं को सम्मानित देख मासूम हुए अभिभूत 

इस आयोजन में शामिल पीड़ित बच्चे अपनी माताओं को सम्मानित होते देख अभिभूत हो गए.ग्रुप की प्रेरणा शेंद्रे ने बताया -"आयोजन में आए बच्चों को आसन भेंट करबिस्किट और चॉकलेट वितरित की.इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को खुशियां देना था.संस्थान लगातार ऐसे सकारात्मक आयोजन करता रहता है, जिससे जागरूकता बढ़ सके."

IMG_20260316_163403 (1)
पीड़ित बच्चों को उपहार देते संस्थान पदाधिकारी Image: Ravivar

आयोजन में अरविंद एवं दिलीप ने ख़ास व्यस्थाओं को जुटाया और सहयोग किया.   
डॉ रजनी भंडारी ने सभी माताओं को कई जानकारियां दी और कहा कि सभी अपने-अपने परिवार के सदस्यों का ब्लड टेस्ट करवाए.इस प्रक्रिया से हम बीमारी में संभल सकते हैं.

लाइब्रेरी से बच्चों को कर रहे जागरूक 

ऐसे थैलेसीमिया (Thalassemia) पीड़ित बच्चों को नियमित अस्पताल ब्लड चढ़वाने आना होता है.इस काम में काफी समय लगता है.बच्चे ऐसे समय परेशान होकर अपने अभिभावकों से मोबाइल मांगकर खेलने की ज़िद करते है.इस बदलाव के लिए संस्थान फाउंडर डॉ रजनी भंडारी और उनकी टीम ने पहल कर लाइब्रेरी तैयार करवाई जिससे बच्चे कम उम्र में मोबाइल से दूर रहें और पुस्तकों से ज्ञान अर्जित कर सकें.इन प्रयासों को देखकर देशभर में संस्थान को सराहना मिली है.   

thalassemia and child welfare group