World Bicycle Day: स्वास्थ्य..संतुलन के साथ Cycle का बढ़ा Craze

एक फिर साइकल का नया दौर लौट आया.नई पीढ़ी को समझ आने लगा साइकल का सफर.सदियों पुरानी खोज में नया कलेवर दिखने लगा.विश्व के साथ भारत में भी कुछ सालों में साइकल का क्रेज़ फिर बढ़ा.स्वास्थ्य संतुलन और सरल जीवन हो गई साइकल. 

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World Bicycle Day  स्वास्थ्य..संतुलन

सामूहिक रूप से cycling में हिस्सा लेते cyclists(Image: Ravivar Vichar)         

world bicycle day पर साइकल चलाने वालों का उत्साह नज़र आया.लगभग 1761 से आज तक सायकल का यह सफर कई रूप में गुज़रा.बावजूद साइकल के दो पहिए और उस पर सवार की मस्ती वैसी ही है.इस ख़ास मौके पर साइकल के कुछ खास दीवानों से मिलते हैं.  

8 हज़ार cyclists में ढाई हज़ार से ज्यादा women चलाती साइकल 

इंदौर जैसे cleanest city में cycle का भी क्रेज़ बढ़ता जा रहा.पिछले कुछ सालों में indore में ही अनुमानित 8 हज़ार cyclist हैं.इसमें ढाई हज़ार से ज्यादा महिलाएं रोज़ cycling  करती हैं.  

इंदौर की फ़िज़ियोथेरेपिस्ट और Cyclist Dr.Dolly बताती हैं-"शौक तो साइकल का बचपन से ही था.अभी 2015 से नियमित एक घंटा या 21 किमी साइकल चलाती हूं.किसी ख़ास आयोजन पर सामूहिक होकर ज्यादा cycling करते हैं.cycling से हम स्वस्थ रहते हैं.हमारे knee,respiratory system ठीक रहता है.यह एक तरह से meditationभी है."

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cyclist rubina और dolly (Image: Ravivar Vichar)       

 

1Dr.Dolly अधिकम 200 किमी साइकल चला चुकीं हैं.अवकाश के दिन साथियों के साथ अधिक दूरी तक साइक्लिंग करते हैं. 

महिलाओं और लड़कियों में भी साइकल को लेकर अवेयरनेस बढ़ी.

indore city के फुटपाथों पर रखीं किराए पर साइकल 

इंदौर के AICTL ने साइकल को बढ़ावा देने और सुविधा के लिए शहर के फुटपाथों पर कई जगह साइकल रखी.आम नागरिक इसका उपयोग pay on rent आधार पर कर सकते हैं.

indore के ही CA Prem Dua कहते हैं-"cycling एक नशा है.बस शुरुआत में इसका चस्का लगना चाहिए.आजकल युवा अपनी हेल्थ पर ध्यान दे रहे.ख़ुशी है कि indore cycle association अयोजन करता है.यदि कोई व्यक्ति ठान ले तो इस cycling का मज़ा और health को मैंटेन कर सकता है.मैं मैराथन के बाद 2017 से cycling कर रहा."

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फुटपाथ पर रखी रेंटल साइकल्स (Image: Ravivar Vichar)                  

शहर के ही हर पेशे के लोग cycling कर रहे.Dr.Rubina Bohara, Dr.Sushma Khandelwal,Dr.Prof.Gunjan Shukla, Kavita Saxena,Taniya Chhabra, Aditi Gupta जैसे कई लोग सड़कों पर cycling करते हुए दिख जाएंगे.

एकलव्य पुरस्कार में लेडी साइक्लिस्ट तक शामिल

1761 के इतिहास में लकड़ी के पहिए की साइकल का ज़िक्र है.1860 में इसका अपग्रेड हुआ.वर्तमान में आधुनिक साइकल में कई तरह के गियर भी और बैटरी का उपयोग कर लिया गया.परंतु साइकल का असली रूप जस का तस है.यहां तक कि lady cyclist Swati Singh को उनकी उपलब्धि पर 2022  में Ekalavya Award मिल चुका है. 



            

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