Chandrapur में Ambuja Cements कर रहा SHGs की नींव मज़बूत

Lakhamapur में 180 परिवारों ने बकरी पालन को अपनाया है. पिछले तीन सालों में, बकरी पालन में महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल हुए हैं. परिवार अब प्रति वर्ष औसतन 50 से 60 हजार रुपये कमा रहे हैं, जो गांव के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

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विधि जैन
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Ambuja Cements empowering women SHGs by CSR in Chandrapur

Image - Ravivar Vichar

"देश तेज़ी से प्रगति की राह पर निकल जाता है जब देश के businesses एक होकर मदद करने की ठाने तो." इस बात को मैं ऐसे ही नहीं बोल रही हूं, बल्कि पिछले 10 सालों में हुए बदलाव को महसूस करने के बाद बोल रही हूं. 2013 में संशोधित हुए Company Act के तहत देश की उन्नति के लिए Corporate Social Responsibility (CSR) को लागू किया गया. जिसका नतीजा आज यह है कि बड़े businesses के साथ ही बेहतर शिक्षा और सुविधाएं प्राप्त कर Rural India के small businesses और startups भी आज economy में अपनी भागीदारी दर्ज करवा रहे हैं.

CSR में अपनी भागीदारी देने वाली कई businesses में से एक है Adani Group. पूरे देश में सैंकड़ों शहरों और गांवों को विकास की राह दिखाई है Adani Group ने. अपनी CSR activities से Education, Empowerment और Economy को boost दे रहा है Adani Group.

Infrastructure के साथ समाज को भी विकसित करता Adani Group

अपने वेंचर Ambuja Cements के ज़रिए महाराष्ट्र में स्थित Chandrapur में स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) और उनसे जुड़ी महिलाओं के लिए सशक्तिकरण पर Adani Group का काफ़ी ध्यान है. CSR Activities (Ambuja Cements CSR Activities) से देशभर में बढ़ते infrastructure के साथ ही living conditions को भी बेहतर बनाने का मकसद है. Adani Group ने Chandrapur जिले में स्थित Lakhamapur गांव को सामाजिक और आर्थिक रूप से बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया है, ख़ास तौर से महिला सशक्तिकरण (women empowerment) और sustainable livelihood पर ध्यान दिया गया है.

पिछले कुछ सालों में, women empowerment program के तहत, Ambuja Cements ने business और financial guidance के लिए कई seminars आयोजित किए हैं. Lakhamapur की महिलाओं ने उत्साह के साथ इन अवसरों को अपनाया है, जिससे किराने, कपड़े की दुकानों, beauty parlors और tailoring सहित कई प्रकार के businesses की स्थापना हुई.

SHGs को मिल रही sustainable business की training

Lakhamapur में Ambuja Cements द्वारा Self Help Groups (SHG) को training और मदद प्रदान करना शामिल है, जो एक sustainable business के लिए आवश्यक है. खास तौर पर, बकरी पालन के लिए उपयोग में आने वाली strategies को बदलने से कई success stories सामने आई. महिलाएं इसे local markets पर निर्भर एक sustainable business model के रूप में देख रहीं हैं.

बकरी पालन उद्यमों की सफलता का समर्थन करने के लिए, Ambuja Cements ने पशु स्वास्थ्य सेविका (PSS) के रूप में महिला स्वयंसेवकों की पहचान की और उन्हें प्रशिक्षित किया. महिला स्वास्थ्य स्वयंसेवक गांव में बकरियों को ज़रूरी health treatment देतीं हैं.

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Ambuja Cement empowering women in Chandrapur

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Sustainable business से परिवार कर रहे 60 हज़ार तक बचत

वर्तमान में, Lakhamapur में 180 परिवारों ने कृषि के अतिरिक्त व्यवसाय के रूप में बकरी पालन को अपनाया है. पिछले तीन सालों में, बकरी पालन में सक्रिय भागीदारी बढ़ी है, जिसमें महिलाओं के साथ पुरुष भी शामिल हैं. परिवार अब प्रति वर्ष औसतन 50 से 60 हजार रुपये कमा रहे हैं, जो गांव के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

अब इस समुदाय का लक्ष्य बकरी की बिक्री के लिए गांव के अंदर ही एक dedicated market बनाना है. इसके साथ ही, स्वस्थ पर्यावरण को बढ़ावा देने, बीमारियों को रोकने और मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है.

Lakhamapur की यह बदलावों से भरी यात्रा Ambuja Cements के development के इरादों को प्रोत्साहन देती है. यह लगातार उन समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए काम कर रही है जो sustainable livelihood और financial empowerment का समर्थन करते है.

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