झाबुआ SHG की ज़िद से खेतों तक पहुंचा पानी

झाबुआ की SHG महिलाओं ने ज़िद का असर यह हुआ कि खेतों तक पानी पहुंचा दिया.अब यह महिलाएं अपने खेतों में पानी पहुंचने से खुश हैं. लोन के सही उपयोग से आर्थिक स्थिति मजबूत हो गई.

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झाबुआ SHG की ज़िद से खेतों तक पहुंचा पानी

झाबुआ के भगोरा में SHG द्वारा ख़रीदे गए पाइप (Image:Ravivar Vichar)                      

MP के Jhabua जिले के कल्याणपुरा इलाके के छोटे से गांव भगोर में self help group की महिलाओं ने अपने खेतों के लिए सिंचाई के ऐसी व्यवस्था कर दी जिससे उनकी फसल लहलहा उठी. महिलाओं की मेहनत से परिवार की ज़िंदगी पटरी पर आ गई.       

खेतों तक पाइप बिछाकर SHG महिलाएं बनी मिसाल 

जिन खेतों में बरसों से पानी की किल्लत रही आज वही खेतों में आसानी से पानी पहुंच रहा. भगोर गांव की महिलाओं ने एकजुट होकर अपनी आय बढ़ाने की ठानी. 

गांव के लक्ष्मी आजीविका बचत समूह से जुड़ी संदु कुशाल बताती हैं-"हमारा परिवार शुरू से खेती से जुड़ा था.हमारे यहां सिंचाई का साधन नहीं होने से बारिश के पानी पर ही निर्भर थे. SHG से जुड़ने के बाद हम महिलाओं ने लोन लेकर पाइप खेतों तक बिछाने की सोचा. सदस्यों ने 1000 फिट लंबा पाइप ख़रीदा और तालाब से खेत तक पानी ले आए."

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झाबुआ जिले में अधिकारी समूह सदस्य से चर्चा करते हुए (Image:Ravivar Vichar)                      

इसी SHG से जुड़ी केशवी कैलाश बताती है-"समूह से जुड़ने के पहले मैं मजदूरी करती थी.मजदूरी के लिए गांव छोड़ कर भी जाना पड़ता था.अब खेत में पानी आने से दो बार की फसल के साथ हम लोग सब्जियां भी ऊगा रहे.हमारी कमाई बढ़ गई." इस इलाके में लगभग 40 बीघा जमीन में पानी से सिंचाईं हो रही.ये महिलाएं आसपास के खेतों में भी पानी की सुविधा देती हैं.   

मजदूरी छोड़ मजबूत बनी आदिवासी दीदियां  

भगोरा गांव की अधिकांश महिलाएं काम की तलाश में पलायन करने को मजबूर हो जाती. झाबुआ की ABM Pushpa Chauhan बताती हैं-"भगोरा गांव में गरीबी थी.यहां की मेहनती महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा. खेतों में पानी लगातार मिलने से मजदूरी छोड़ यही महिलाएं अब आर्थिक मजबूत बन रहीं."

महिलाओं ने सब्जी साथ में उगाकर अलग से कमाई का जरिया भी बना लिया. 

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                          झाबुआ के जो खेत सूखे थे वे अब हरे हो गए (Image:Ravivar Vichar)                   

Ajeevika Mission की Block Manager (BM) Tripti Bairagi कहती हैं-"यह गांव हमारे लिए चुनौती था.समूह की महिलाओं के पास खेत पर कुआं होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं था.हमने मिशन के Revolving Fund (RF) ,CIA और Bank से लगभग 3 लाख 15 हजार का लोन दिलवाया. समूह ने पाइप ख़रीदे और तालाब से खेतों और कुएं तक पानी पंहुचा दिया."

Jhabua Jila Panchayat (ZP) की CEO Rekha Rathore कहती हैं-"मुझे ख़ुशी है कि SHG से जुड़ने के बाद महिलाओं को मजदूरी के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा. गांव के खेतों में पानी पहुंचा कर SHG ने मिसाल कायम की."     

SHG self help group Ajeevika Mission revolving fund